पित्ताशय में पथरी: लक्षण और उपचार

Gallstone Pain

वर्तमान समय में हम सभी का रहन- सहन और खान- पान पहले की तुलना में काफी असंतुलित हो गया है। इस असंतुलन का हमें कभी- कभी गंभीर ख़ामियाज़ा भी भुगतना पड़ता है। अनियमित जीवनशैली की वजह से कई शारीरिक बीमारियाँ हो जाती है। इन बीमारियों का पता तब चलता है जब ये बीमारियाँ उभरती हैं और मेडिकल जांच होती है। इन्हीं गंभीर बीमारियों में से एक है-  पित्ताशय की पथरी (gall bladder stone in hindi)

पित्ताशय की पथरी वैसे तो किसी भी उम्र के इंसान को अपना शिकार बना सकती है लेकिन इस बीमारी से महिलाएं और बुजुर्ग सबसे अधिक पीड़ित होते हैं। पित्ताशय की पथरी बीमारी की गंभीरता इसी बात से समझ सकते हैं कि इसके कारण दर्द, सूजन, संक्रमण तो होता ही है साथ ही, कैंसर जैसी घातक बीमारी होने की भी संभावना बनी रहती है।

पित्त की थैली में पथरी का पता तब चलता है जब यह दर्द देनी शुरु कर देती है। उचित समय पर पित्त की पथरी का उपचार जरूरी है, वरना यह अधिक घातक हो सकता है और कैंसर रोग भी बन सकता है। Pitte ki pathri के प्रारंभिक चरण में ही इलाज करने से राहत मिल जाती है। इस लेख में आइए जानते हैं Pitte ki pathri क्या होती है? पित्त रोग के लक्षण क्या हैं? पित्त की थैली में पथरी का इलाज क्या है और पित्त की पथरी के घरेलू उपाय क्या हैं?

पित्ताशय की पथरी क्या है?- Gallbladder stone in Hindi

पित्त की पथरी गंभीर शारीरिक बीमारी है। Pitte ki pathri को इंग्लिश में Gallbladder Stone कहते हैं। पित्ताशय हमारे शरीर का एक छोटा सा अंग है जो लीवर के ठीक पीछे होता है। पित्त हरे रंग का एक तरल पदार्थ होता है जो लीवर में बनकर लीवर से लगी हुई पित्त की थैली {गालब्लैडर (Gallbladder)} में इकट्ठा होता रहता है। पित्ताशय हमारे पाचन तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो लीवर और छोटी आँत के बीच पुल की तरह काम करता है। 

पित्त की थैली की पथरी गाल ब्लैडर स्टोन (Gallbladder Stone) के नाम से भी जानी जाती है।

पित्ताशय रोग के लक्षण- Symptoms of Gallbladder stone in hindi 

पित्त की पथरी का लक्षण कभी- कभी 1 या 2 साल दिखाई नही पड़ता है। लेकिन, कुछ समय बाद पेट में अचानक असहनीय दर्द होना शुरु हो जाता है। तब लोग डॉक्टर से जांच कराते है तो पता चलता है की पित्त की पथरी हुई है। इसके अतिरिक्त भी कई ऐसे लक्षण हैं जिनसे पित्त की पथरी को पहचाना जा सकता है: जैसे- 

  • पेट के  दाहिनी तरफ के ऊपरी भाग में अचानक असहनीय दर्द शुरु हो जाना
  • पेट में कई घंटों तक दर्द बने रहना
  • पीलिया होना- पित्त की पथरी होने की स्थिति में शरीर की त्वचा या आंखों का पीला होना भी एक महत्त्वपूर्ण लक्षण है। पीलिया और / या मिट्टी के रंग का मल (लैट्रिन) होने पर कोलेडोकीलिथियेसिस (Choledochilithiasis) या यहां तक कि गॉलस्टोन पैन्क्रियेटाइटिस (Gallstone pancreatitis) होने की संभावना हो सकती
  • भूख न लगना- पित्त की पथरी होने पर पेट अपने आप भरा- भरा महसूस होने लगता है और भूख कम लगती है या नहीं भी लगती है
  • कमजोरी होना
  • पेट फूलने की समस्या बनी रहना
  • उल्टी या मितली आना
  • बदहजमी होना
  • खट्टापन महसूस होना

ध्यान देने वाली बात यह है कि पित्त की पथरी बीमारी में यहां बताए गए सभी कारणों के साथ ही बुखार भी आता है। जब भी ऊपर बताए गए किसी भी एक लक्षण के साथ बुखार महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। डॉक्टर से अभी सलाह लेने के लिए क्लिक करें

पित्ताशय की पथरी होने का कारण – Causes of Gallbladder Stone in Hindi

पित्त की पथरी (Gallbladder Stone) होने के कारणों की बात करें तो कई कारण हैं जिनकी जिनके वजह से पित्त की पथरी होती है। इन कारणों में शामिल है:

  • अनियमित जीवनशैली
  • असंतुलित खान-पान
  • अधिक मोटापा
  • वंश परम्परागत
  • महिलाओं में गर्भवती महिलाओं व गर्भ निरोधक गोली का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं को पित्त की पथरी होने का खतरा ज्यादा रहता है
  • तेजी से वज़न कम करने पर भी पित्त की पथरी होने का खतरा बना रहता है
  • उम्र का भी पड़ता है फर्क: 45 से अधिक उम्र वालों में इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है
  • अधिक जंक फूड खाने से भी पित्त की पथरी होने का खतरा बना रहता है

गॉल ब्लैडर स्टोन (Gallbladder stone) का पता चलते ही उपचार कराना बेहतर होता है, नहीं तो यह कैंसर में भी बदल सकती है। अच्छी बात यह है की गॉल ब्लैडर स्टोन लाइलाज नहीं है। पित्त की थैली में पथरी का इलाज उपलब्ध है। 

ध्यान रखने वाली बात यह है की पित्त की थैली में पथरी का इलाज समय पर नहीं कराया गया तो फिर एक मात्र इलाज “Pathri Ka Operation” ही बचता है। पित्त की पथरी का उपचार सही तरीके से करने के लिए आइए समझते हैं की पित्त की थैली में पथरी का इलाज कैसे हो सकता है?

पित्ताशय की पथरी का इलाज- Gall Bladder Stone Treatment In Hindi

पित्त की पथरी लाइलाज नहीं है बल्कि, पित्त की पथरी का उपचार कई विधियों से हो सकता है। इन विधियों में शामिल है:

  • पित्त की पथरी का घरेलू उपचार- Home Remedies for Gallbladder stone in Hindi
  • पथरी का आयुर्वेदिक उपचार- Gall bladder stone ayurvedic treatment In Hindi,
  • पथरी का होम्योपैथिक इलाज- Homeopathy treatment for gallbladder stone In Hindi
  • पित्त की पथरी का एलोपैथिक उपचार- Allopathic treatment of gallstones in Hindi
  • पथरी का आपरेशन- Operation for Gallbladder

पित्त की पथरी के 10 घरेलू उपचार- Top 10 home remedies for gallstones in hindi

जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक हो जाती है और पित्त नमक की कमी हो जाती है तब Pitte ki pathri बहुत पीड़ादायक हो जाती है। ज्यादातर डॉक्टर इलाज के नाम पर केवल आपरेशन की बात करते हैं। लेकिन, पित्त की पथरी का घरेलू उपचार से भी संभव है। यदि आप भी इस समस्या से ग्रस्त है तो फिर आपरेशन का विकल्प चुनने से पहले पित्त की पथरी को घरेलू उपचार (Home Remedies for Gallbladder Stone in Hindi) से इसे दूर करने की कोशिश करें। आइए जानते हैं की पित्त की पथरी का घरेलू उपचार क्या है और यह कैसे होता है:

पित्त की पथरी के लिए नाशपाती है रामबाण उपचार- Pear is a panacea for gallstones

Pear

नाशपाती में भरपूर मात्रा में पेक्टिन (pectin) पाया जाता है। पित्त की पथरी होने पर नाशपाती का रस बहुत फ़ायदेमंद होता है। नाशपाती में मौजूद पेक्टिन हानिकारक कोलेस्ट्रॉल (cholesterol) को कम करता है और पित्त की थैली में पथरी के खतरे को कम कर सकता है।

नाशपाती के उपयोग की बात करें तो नाशपाती के रस को गर्म पानी में शहद के साथ मिलाए। अच्छी तरह मिलाने के बाद इस जूस को गरमा-गर्म दिन में कम से कम 3 बार पीना चाहिए।

पित्त की पथरी होने पर करना चाहिए पिपरमिंट का उपयोग- Use of peppermint in case of gallstones 

Peppermint Oil

पिपरमिंट (Peppermint) का उपयोग अधिकतर लोग सिर्फ पान में समझते हैं लेकिन, यह पित्ताशय की पथरी होने बेहतरीन उपचारों में से एक है। पिपरमिंट में टेरीपेन नामक प्राकृतिक औषधि होती है। पिपरमिंट में मौजूद औषधीय गुणों से पित्त की पथरी नर्म हो जाती है और राहत मिलती है।

पिपरमिंट का उपयोग कैसे करें? इस सवाल का उत्तर है- एक बर्तन में एक गिलास पानी उबलने के लिए आंच पर रखे और उबलते हुए पानी में पिपरमिंट की पत्तियां डाल दें। अब गैस को बंद करके थोड़े देर के जिस बर्तन में पिपरमिंट उबला हो उसे ढक्कन से ढक देना होता है।

5 मिनट बाद चाय की छननी से छान कर एक गिलास में लेकर दिन में कम से कम 2 बार पीना चाहिए। अगर स्वाद में कड़वी लगे तो अपने स्वादानुसार इसमें शहद मिलाया जा सकता  है। 

पित्ताशय की पथरी में नींबू का प्रयोग है बेहतरीन दवा – Use of lemon in gallstones is the best medicine

Use of lemon in gallstones is the best medicine

नींबू के रस में विटामिन-सी भरपूर मात्रा में होता है। विटामिन-सी से पित्त की थैली में पथरी की समस्या का समाधान होता है। पित्त की पथरी होने के दौरान हर रोज कम से कम 4 बार नींबू पानी पीना चाहिए। 

पित्त की पथरी के लिए सेब का जूस है बहुत कारगर दवा – Apple juice is a very effective medicine for gallstones

Apple juice

सेब बहुत ही पौष्टिक फल होता है। अगर किसी को पथरी की समस्या है तो उसे रोजाना कम से कम 4 सेब का सेवन करना चाहिए संभव हो तो सेब का जूस पीना चाहिए। इससे पथरी नर्म होगी और मल (लैट्रिन) के रास्ते आसानी से बाहर निकल जाएगी। पथरी का रोगी चाहें तो चुकंदर के साथ भी सेब के जूस का सेवन कर सकता है। 

पित्ताशय की पथरी के इलाज में हल्दी की है अहम भूमिका- Turmeric has an important role in the treatment of gallstones

Turmeric

अधिकतर लोग हल्दी का उपयोग केवल खाना बनाने के लिए ही जानते हैं लेकिन आपको पता होना चाहिए की हल्दी एंटी-ऑक्सीडेंट (Anti-oxidant) और एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory) गुणों से परिपूर्ण होती है। हल्दी एक बेहतरीन आयुर्वेदिक औषधि है।

हल्दी के नियमित सेवन से पित्त की पथरी का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है, क्योंकि हल्दी पित्त की घुलन शीलता को बढ़ाने में मदद कर सकती है और पित्त की पथरी को होने के खतरों को रोकती है। हल्दी के उपयोग करने की विधि की बात करें तो रोज कम से कम एक बार शहद में हल्दी मिलाकर खाने से  पित्त की पथरी से भी राहत मिलती है।

पित्ताशय की पथरी का घरेलू उपचार है क्रैनबेरी जूस – Cranberry juice is a home remedy for gallstones in hindi

Cranberry juice

क्रैनबेरी जूस (Cranberry juice) में भरपूर मात्रा में पाचन युक्त फाइबर (Fiber) पाया जाता है जो आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) के लेवल (Level) को कम करता है और आपके कोलेस्ट्रॉल की वजह से होने वाली पथरी से राहत दिलाता है| इसके अलावा इसके रस में पाया जाने वाला एंटी-ऑक्सीडेंट (Antioxidant) पित्ताशय और लीवर के लिए स्वास्थ्यप्रद होता है और स्वास्थ्य को निखारने में मदद करता है| पित्ताशय की पथरी का इलाज के लिए आप क्रैनबेरी का सादा जूस नियमित मारता में पीयें| इसके अलावा भी यह जूस आपके स्वास्थ्य को कई तरह के लाभ प्रदान करता है|

नारियल का तेल है पित्ताशय की पथरी के लिए सबसे अच्छा घरेलू नुस्खा – Coconut oil is the best home remedy for gallstones

Coconut oil

3 चम्मच नारियल के तेल को हल्का गरम करें और उसमें एक चौथाई भाग सेब का रस, और आधा चम्मच नींबू का रस मिलाकर रोगी को इसका सेवन कराएं| इससे आपके लीवर और गालब्लैडर (Gallbladder) में कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol), फैट्स (Fats) जैसे कारक के संचय को रोका जा सकता है और धीरे-धीरे आपके पित्ताशय की पथरी घुल जाती है|

पित्ताशय की पथरी के घरेलू इलाज के लिए भरपूर मात्रा में पानी पीयें – Drink plenty of water for home remedies for gallstones in hindi

Drink plenty of water for home remedies for gallstones in hindi

पानी हमारे शरीर से कई तरह के विषाक्त पदार्थ को बाहर निकालने में मदद करता है| यह पथरी को आसानी से घोल सकता है| कई लोगों को पथरी की समस्या पानी कम पीने की वजह से होती है| इसलिए, एक बेहतर स्वास्थ्य के लिए और पथरी को घोलने के लिए आप दिन में कम से कम 5 से 6 लीटर पानी जरूर पीयें|

पित्त की पथरी के लिए हर्बल चाय का सेवन है एक घरेलू विधि – Herbal tea is a homely method to treat gallstones

Herbal Tea

ग्रीन टी की दो चम्मच पत्तियों को पानी में डालें और उसमें एक नीबू निचोड़ दें और घोल को उबालें| जब चाय तैयार हो जाए तब आप इसे गुनगुना होने के बाद पी सकते हैं| इसके अलावा आप चुस्की लेकर भी इसका सेवन कर सकते हैं| इसमें एंटीऑक्सीडेंट (Antioxidant) और एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory) गुण होते हैं जिससे पथरी की वजह से दर्द और सूजन कम होता है और धीरे-धीरे पथरी घुल भी जाती है|

ब्लैक कॉफ़ी करेगी पथरी का रामबाण घरेलू इलाज – Black coffee will be home remedy for stones in hindi

Black coffee

कई रिसर्च (Research) में यह बात सामने आई है कि ब्लैक कॉफ़ी पीने से किसी भी तरह के पथरी का इलाज किया जा सकता है| कॉफ़ी में भरपूर मात्रा में पाया जाने वाला कैफीन (Caffeine) ब्लैडर (Bladder) के संकुचन को बढ़ाता है जिससे पथरी धीरे-धीरे बाहर निकल जाती है| इसलिए पथरी ठीक करने के लिए आप ब्लैक कॉफ़ी का भरपूर सेवन कर सकते हैं|

पित्ताशय की पथरी के इलाज के लिए भोजन होना चाहिए विटामिन सी युक्त 

विटामिन-सी पित्त की पथरी को रोकने के लिए काफी प्रभावशाली उपाय है। विटामिन-सी की कमी से भी पित्त की पथरी की समस्या हो सकती है। इस स्थिति में सही मात्रा में विटामिन-सी के सेवन से ब्लैडर स्टोन (bladder stone) होने का खतरा अपने-आप ही कम हो जाता है।

विटामिन-सी की कमी दूर करने के लिए दवा ली जा सकती है। दवा के अलावा विटामिन-सी युक्त फल जैसे – अमरूद, कीवी, पपीता व आम का सेवन करके भी विटामिन सी की भरपाई किया जा सकता है।

सब्जियों में बात करें तो हरी सब्जियों का सेवन से भी विटामिन सी का खुराक पूरा हो सकता है। इन सबसे न सिर्फ विटामिन-सी आपके शरीर तक पहुँचेगा, बल्कि कई अन्य पोषक तत्व भी मिलेंगे।

पित्ताशय की पथरी के आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और एलोपैथी इलाज – Ayurvedic, homeopathic and allopathy treatment of gallstones in hindi

Ayurvedic, homeopathic and allopathy treatment

पित्ताशय की पथरी को ठीक करने के लिए कई तरह के जड़ी बूटियों का मिश्रण का भी प्रयोग किया जाता है| इसलिए, आयुर्वेदिक ढंग से इलाज कराने लिए आपको आयुर्वेदिक डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए| आयुर्वेद में इसका इलाज पित्त कफ हारा चिकित्सा (Pitta Kapha Hara Chikitsa) और गुलमा चिकित्सा (Gulma Chikitsa)

या फिर आप किसी पंसारी के यहां जाकर इसकी दवाएँ प्राप्त कर सकते हैं| आयुर्वेदिक दवा जड़ी बूटियों के मिश्रण से बनती हैं|

ठीक इसी तरह पित्ताशय की पथरी का होम्योपैथिक और एलोपैथिक इलाज में डॉक्टर कई किस्म की दवाएं देते हैं| अगर आप बिना डॉक्टर की सलाह के आप होम्योपैथिक या एलोपैथिक दवा का सेवन करते हैं तो यह आपके शरीर में कोई साइड-इफ़ेक्ट पैदा कर सकता है| इसलिए, उचित होगा कि अगर आप इनमें से किसी ढंग से अपने पित्ताशय की पथरी का इलाज कराना चाहते हैं तो इनके डॉक्टर या एक्सपर्ट से जरूर बात करें|

पथरी का आपरेशन- Operation for Gallbladder

ऊपर बताए गए इलाज और इलाज करने के ढंग को आज-माने के बाद भी अगर रोगी के शरीर से पथरी बाहर नहीं निकलती है तो डॉक्टर रोगी को पथरी का ऑपरेशन कराने की सलाह देते हैं| यह पथरी का स्थाई इलाज है, जिसके बाद यह पूरा तय होता है कि आपकी पथरी पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है|

अब तक आप समझ चुके होंगे की पित्ताशय की पथरी क्या है? और पित्त की पथरी के घरेलू उपाय क्या है (Pitt ka gharelu upchar)। यहां एक बात ध्यान देने वाली है की पित्त की पथरी को घरेलू उपचार से ठीक तो किया जा सकता है लेकिन, क्या आप जानते हैं कि Pitte ki pathri से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी भी हो सकती हैं?

कैंसर जैसी कठिन बीमारी से बचने के लिए बेहतर है पित्त की पथरी  को ही डॉक्टर से सलाह लेकर स्थाई रुप से ठीक कर लिया जाए।

बात की जाए पित्त की पथरी का स्थाई इलाज के लिए सबसे अच्छी अस्पताल की तो, ‘Pristyn Care’ एक बेहतर विकल्प है|

प्रिस्टिन केयर (Pristyn Care) से कराए पित्ताशय की पथरी का स्थाई इलाज

प्रिस्टिन केयर (Pristyn Care) के पास अनुभवी डॉक्टरों की टीम आपकी सेवा के लिए सदैव तत्पर रहती है। यहां पर इलाज के लिए एडमिशन से लेकर इलाज के बाद डिस्चार्ज तक की बेहतरीन सुविधा प्राप्त होती है। प्रिस्टिन केयर (Pristyn Care) द्वारा वर्तमान में कई शहरों में सेवा प्रदान की जा रही है। 

प्रिस्टिन केयर (Pristyn Care) से ही क्यों कराएं अपना इलाज?

प्रिस्टिन केयर (Pristyn Care) से पित्त की पथरी का इलाज कराने से कई फायदे हैं, जैसे: 

मरीज़ का ख्याल:- मरीज़ को अपने आप कुछ नही करना पड़ता है। प्रिस्टिन केयर (Pristyn Care) के कर्मचारी मरीज़ की पर्ची बनवाने से लेकर खाने का मैनेजमेंट तक सब काम करते हैं।

बेहतरीन इलाज:- प्रिस्टिन केयर (Pristyn Care) में बेहद उम्दा और अनुभवी डॉक्टरों की टीम कार्यरत है जो मरीज़ों को एक एहसास दिलाती है कि अब बीमारी दूर होने वाली है।

उच्च टेक्नोलॉजी का उपयोग:- प्रिस्टिन केयर (Pristyn Care) में उच्च टेक्नोलॉजी से बनी मशीनों से इलाज किया जाता है जिससे मरीज़ को दर्द का एहसास तक नही होता।

बेहतरीन सुविधा:- बेहतरीन सुविधाओं में शामिल है- एक दिन के अंदर डिस्चार्ज, कोई EMI कॉस्ट नही, आपरेशन के बाद निःशुल्क फालोअप और आपरेशन कराने वाले मरीज़ों के आने और जाने के लिए निःशुल्क वाहन सुविधा।

अगर आप को या आपके किसी भी परिचित को ;पित्ताशय की पथरी की बीमारी है तो आप पित्त की पथरी के घरेलू उपाय कर सकते है। किसी भी तकलीफ़ की स्थिति में तुरंत प्रिस्टिन केयर (Pristyn Care) से संपर्क करें।

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