रिसर्च: क्या तनाव से बांझपन (Infertility) आता है?

क्या यह हो सकता है कि ‘इनफर्टिलिटी (Infertility)’ डिप्रेशन (Depression) का ही एक हिस्सा हो? जवाब थोड़ा कठिन है! क्योंकि, इसे अभी तक किसी भी साइंटिफिक लैब (Scientific Laboratory) में प्रमाणित नहीं किया गया है| लेकिन, बात यहाँ आकर नहीं थमती है| दरअसल, तनाव और इनफर्टिलिटी के बीच सम्बन्ध का पता लगाने के ख़ातिर लम्बे समय से कई मेडिकल कॉलेज में रिसर्च (Research) होते रहे हैं और ताज्जुब की बात यह है कि अलग-अलग रिसर्च अलग-अलग परिणाम साझा किए हैं| तनाव और इनफर्टिलिटी के बीच हमेशा बहस बनी रहती है|

अब बात आती है कि क्या सच में डिप्रेशन की वजह से इनफर्टिलिटी होती है? तो इसका जवाब दे पाना थोड़ा कठिन है क्योंकि, जितने भी रिजल्ट सामने लाए गए हैं उन्हें कुछ फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है तो वहीं, कुछ एक्सपर्ट्स ने इस बात को कबूल भी किया है|

तनाव और इनफर्टिलिटी से जुड़े दो रिसर्च सामने आये | एक पॉजिटिव रिसर्च है तो दूसरा नेगेटिव रिसर्च| आइये तनाव और इनफर्टिलिटी के बीच के सम्बन्ध को आसानी से समझते हैं|

एक नजर

  • तनाव की वजह अल्फा-एमाइलेज (Alpha-amylase) और ‘कोर्टिसोल (cortisole)’ नामक हॉरमोन (Hormone) होता है
  • अल्फा-एमाइलेज से गर्भधारण की प्रकिया 29 प्रति शत तक कम हो जाती है

तनाव और फर्टिलिटी में सामने आई पॉजिटिव रिजल्ट – Positive result on Depression and fertility after research in Hindi

मेडिकल कॉलेजों में किए गए कई रिसर्च यह प्रमाणित करते हैं कि इनफर्टिलिटी का एक कारण डिप्रेशन यानी तनाव भी है| इसका साक्ष्य (Evidence) यूके के एक मेडिकल कॉलेज में हुई रिसर्च के जरिये देखा जा सकता है| इस शोध में  उन महिलाओं को शामिल किया गया जो गर्भवती होने का प्रयास कर रही थीं| महिलाओं की संख्या 250 के करीब थी| शोध में शामिल सभी औरतें अपने छठवें पीरियड साइकिल में प्रेगनेंसी के लिए सोच रही थीं|

हर महिला के शरीर से उसके पीरियड्स के छठवें दिन का saliva sample लिया गया| Saliva sample में अल्फा-एमाइलेज और कोर्टिसोल की मात्रा का जांच किया गया| अल्फा-एमाइलेज और कोर्टिसोल हॉरमोन व्यक्ति के तनाव की सीमा तय करते हैं|

जांच के बाद जो परिणाम सामने आया वह चौंका देने वाला था| शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन महिलाओं में अल्फा-एमाइलेज की मात्रा ज्यादा थी उन्हें गर्भधारण करने में बड़ी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा था जबकि, ऐसी महिलाएं जिनमें कोर्टिसोल की मात्रा ज्यादा थी वे आसानी से प्रेग्नेंट हो गई थीं|

यह परिणाम यह बात पूरी तरह से स्पष्ट नहीं कर सका कि वाकई में इनफर्टिलिटी की वजह तनाव ही है| क्योंकि,अल्फा-एमाइलेज और कोर्टिसोल दोनों ही हॉरमोन ‘स्ट्रेस हॉरमोन (Stress hormone)’  कहलाते हैं| जबकि, परिणाम में एक के ज्यादा होने पर गर्भधारण में परेशानी होती है वही दूसरे का लेवल ज्यादा होने पर गर्भधारण करने में सरलता होती है|

दूसरी रिसर्च

Michigan और Texas में एक और रिसर्च की गई जिसमें यह पता करने की कोशिश की गई कि या अल्फा-एमाइलेज और कोर्टिसोल का सम्बन्ध गर्भधारण से है|

इस रिसर्च में कुल 400 महिलाओं को शामिल किया गया| सभी के Saliva samples का टेस्ट किया गया और पाया गया कि अल्फा-एमाइलेज गर्भधारण की प्रक्रिया को 29 प्रतिशत तक कम कर सकता है| जबकि कोर्टिसोल का गर्भधारण से कोई संबंध नहीं है|

इसके अलावा रिसर्च में यह भी दावा किया गया कि न सिर्फ इन हॉरमोन की वजह से प्रेगनेंसी में समस्या होती है बल्कि, आर्थिक, सामाजिक और भी कई तरह के तनाव भी गर्भधारण में अड़चन पैदा कर सकते हैं| ज्यादा तनाव लेने से आपके मासिक धर्म भी अनियमित हो सकते हैं जिससे गर्भधारण कर पाना बहुत मुश्किल हो जाता है|

तनाव और फर्टिलिटी में सामने आई नेगेटिव रिजल्ट – Negative result on Depression and fertility after research in Hindi

यूके में एक और रिसर्च की गई इस रिसर्च में कुल 340 महिलाओं को शामिल किया गया था| इस दौरान उनके शरीर में स्ट्रेस लेवल और उसकी वजह से होने वाले हर तरह के परिवर्तन को नोटिस (Notice) किया गया| इसके अलावा उनसे उनकी लाइफ से जुड़े कई तरह के सेंसिटिव (Sensitive) सवालों को भी पूछा गया| उनसे पूछा गया “क्या वे धूम्रपान करती हैं? महीने या सप्ताह में कितनी दफा सेक्स करती हैं? क्या वे चाय, कॉफ़ी आदि कैफ़ीन युक्त पदार्थों का सेवन करती हैं? अगर सेवन करती हैं तो कितनी मात्रा में करती हैं?” और रिपोर्ट में आए नतीजे के मुताबिक प्रेगनेंसी और स्ट्रेस में कोई भी संबंध नहीं पाया गया|

इसके अलावा इससे जुड़ा एक शोध और भी किया गया| इस शोध में  200 महिलाओं को शामिल किया गया| यह शोध आईवीएफ़ सक्सेस रेट (IVF Success Rate) और स्ट्रेस के बीच का संबंध से जुड़ा था| शोध का लक्ष्य तनाव युक्त महिलाओं में आईवीएफ का सक्सेस रेट जानना था| इस शोध में सभी महिलाएं अपनी फर्स्ट आईवीएफ साइकिल के लिए पूरी तरह से  तैयार थीं| उनसे उनकी लाइफस्टाइल से जुड़े कई प्रश्नों को पूछा गया| वे सभी महिलाएं जो IVF के सक्सेस (success) होने के पहले तक तनाव युक्त थी आईवीएफ फेलियर (IVF failure) से प्रभावित नहीं हुई थी।

शोध में आए परिणाम को देखने के बाद फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स ने कहा “तनाव का इलाज कराने से उचित यही होगा कि महिला के फर्टिलिटी का ट्रीटमेंट किया जाए|”

तनाव से पुरुषों को भी हो सकती हैं इनफर्टिलिटी – Men can also have infertility due to stress

तनाव और पुरुषों की फर्टिलिटी से जुड़े 57 से भी ज्यादा रिसर्च किये गये| जिसमें 30,0000 से भी ज्यादा पुरुषों को शामिल किया गया| शोध में सभी पुरुषों के स्पर्म सैंपल लिये गये और जांच के लिए उन्हें लैब भेजा गया| इस दौरान उनसे कई तरह के तनाव से जुड़े प्रश्न भी किए गए| 

शोध में पाया गया कि ऐसे पुरुष जो ज्यादा तनाव लेते थे उनमें स्पर्म की क्वालिटी और क्वांटिटी (quantity) दोनों ही प्रभावित थी| ऐसे पुरुषों का ‘स्पर्म काउंट (sperm count) नार्मल’ से बहुत कम था| इसके अलावा स्पर्म का स्ट्रक्चर (Structure) एब्नार्मल (Abnormal) था और स्पर्म मोलालिटी (sperm molality) बहुत कम थी| फर्टिलाइजेशन (Fertilization) में स्पर्म मोलालिटी और स्पर्म काउंट का बहुत बड़ा योगदान होता है| तनाव लेने से इन पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है और रिप्रोडक्शन (Reproduction) में भारी समस्या झेलनी पड़ती है|

निष्कर्ष – conclusion

इस बात में कोई संदेह नहीं है कि स्ट्रेस से इनफर्टिलिटी प्रभावित होती है लेकिन, अभी तक यह प्रमाणित नहीं किया गया है कि क्या वाकई में स्ट्रेस की वजह से फर्टिलिटी में दिक़्क़तों का सामना करना पड़ सकता है? हालाँकि, कई फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स यह भी मानते हैं कि स्ट्रेस की वजह से प्रेग्नेंट होने में ज्यादा समय लग सकता है|

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