आयुर्वेदिक बाम से घुटने का दर्द पूरी तरह ठीक होता है? सच या मिथ?
1 month ago
क्या कोई आयुर्वेदिक जड़ी‑बूटी या बाम है जिससे घुटनों का दर्द हमेशा के लिए ठीक हो जाएगा?
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आयुर्वेदिक तेल, जड़ी‑बूटियां या एलोपैथिक बाम लगाने से थोड़ा टाइम‑पास वाला आराम तो मिल सकता है, पर ये सब ऊपर‑ऊपर (टॉपिकल) इलाज है, अंदर की असली समस्या को नहीं ठीक करते। जैसे घर में कचरा हो और उसे कारपेट के नीचे छुपा दो दिखेगा नहीं, पर सड़ेगा ज़रूर; वैसे ही घुटने में कार्टिलेज घिस रहा हो, मसल्स कमजोर हों और आप बार‑बार सिर्फ तेल/बाम लगा कर दर्द दबाते रहें, तो घिसावट चालू रहती है और मसल्स और भी कमजोर होती जाती हैं।
घुटने का दर्द ज़्यादातर इसलिए होता है कि कार्टिलेज घिस रहा है और आसपास की मसल्स (खासकर VMO और क्वाड्रिसेप्स) इतनी कमजोर हैं कि पटेला सही ट्रैक पर नहीं चल पाता, घुटना चिपक‑चिपक कर के घिसता है और शरीर आपको दर्द के ज़रिए अलार्म देता है कि कुछ गलत हो रहा है आप अगर हर बार सिर्फ बाम/तेल से उस अलार्म को चुप करा देंगे तो पता ही नहीं चलेगा कि कौन‑सी एक्टिविटी से घुटना और ज्यादा बिगड़ रहा है।
इसलिए रोज‑रोज तेल‑बाम पर निर्भर रहना बंद कीजिए इन्हें सिर्फ इमरजेंसी या बाहर जाना हो, चलना‑फिरना ज़रूरी हो तब शॉर्ट‑टर्म रिलीफ के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन लॉन्ग‑टर्म सॉल्यूशन हमेशा होगा – सही डायग्नोसिस (X‑ray/MRI से), फिजियो की मदद से सही एक्सरसाइज, VMO और बाकी मसल्स की स्ट्रेंथनिंग, वज़न कंट्रोल और ज़रूरत पड़े तो रीजेनरेटिव ट्रीटमेंट (जैसे PRP, स्टेम‑सेल, कार्टिलेज/मेनिस्कस/लिगामेंट की रिपेयर या सर्जरी)।
सबसे अच्छा ये रहेगा कि आप किसी अच्छे ऑर्थोपेडिक या स्पोर्ट्स‑मेडिसिन डॉक्टर और फिजियोथेरेपिस्ट से मिलें, घुटने की जांच कराएं और उनके बताए अनुसार एक्सरसाइज प्रोग्राम फॉलो करें; एक्सरसाइज से मसल्स मजबूत होंगी, नी की अलाइनमेंट सुधरेगी, पटेला सेंटर में चलेगा और घिसाव कम होगा तभी घुटने का दर्द लंबे समय के लिए कंट्रोल में आएगा, सिर्फ तेल‑बाम से नहीं।
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