home remedies for piles

बवासीर (Piles) बहुत ही भयावह रोग है| यह रोग हो जाने के पश्चात व्यक्ति के गुदा मार्ग में कई सारे मस्सों का निर्माण हो जाता है जिसके कारण मरीज को दर्दनाक परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है| पाचन विकार बवासीर होने का प्रमुख कारण है| रोग तीव्र हो जाने के बाद व्यक्ति के गुदा मार्ग से म्यूक्स और रक्त की पिचकारी निकलती हैं| अगर बवासीर लम्बे समय से है और उसका इलाज जल्दी न किया गया तो मरीज के गुदा मार्ग से रक्त स्राव होने के कारण मरीज धीरे धीरे काफी कमजोर हो जाता है| इसलिए इसका इलाज जल्दी कराना बहुत आवश्यक है| आज हम आपको बवासीर (अर्श) के घरेलू इलाज (Home Remedies For Piles in Hindi ) के बारे में बताने जा रहे हैं जिनकी मदद से आप आसानी से अपने बवासीर छुटकारा पा सकते हैं|

बवासीर के लक्षण — Symptoms of Piles in Hindi

बवासीर के शुरुआती स्टेज में आपके शरीर में कई तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं| बवासीर के दौरान अकसर कब्ज (Constipation in Hindi) की समस्या बनी रहती है| अकसर टांगो के बीच में दर्द बना रहता है| बवासीर होने के बाद मरीज ज्यादातर पेट से संबंधित समस्याएं होती हैं| यह सभी बवासीर के प्राथमिक लक्षण हैं| अगर बवासीर का रोग तीव्र हो जाता है तो ये लक्षण और भी भयावह स्थिति में नजर आने लगते हैं और व्यक्ति के गुदा मार्ग से रक्त का स्राव और मस्से का निर्माण होने लगता है| ऐसी स्थिति में आपको तुरंत डॉक्टर से मिलकर अपनी बीमारी की जांच करानी चाहिए और डॉक्टर द्वारा सलाह दी गई दवाओं का सेवन करना चाहिए| इनके अलावा, बार बार शौच की तीव्र इच्छा होना और शौच के दौरान मल त्याग न होना, गुदा मार्ग के आस-पास जलन महसूस होना और लालिमा बना रहना एवं मल त्याग के दौरान म्यूकस का स्रावित होना भी बवासीर के ही लक्षण हैं||

बवासीर के प्रकार — Types of Piles in Hindi

Types of Hemorrhoids

बवासीर के दो प्रकार होते हैं|

  1. खूनी बवासीर इस प्रकार के बवासीर में गुदा मार्ग में मस्से आ जाते हैं जो रक्त और म्यूक्स से भरे होते हैं| मल त्याग करते समय इनसे खून टपकता है| कई बार जब मस्से बाहर आ जाते हैं तो इन्हें दबाने के बावजूद भी यह अंदर नहीं जाते हैं| (और पढ़े: खूनी बवासीर के लक्षण, कारण, इलाज और सर्जरी)
  2. बादी बवासीर — यह पूरी तरह से दर्द का स्रोत होते हैं| इस प्रकार के बवासीर में मरीज को बार बार खुजली और जलन महसूस होती है| कब्ज होने पर या अन्य पेट संबंधी समस्या होने पर यह कष्टदायक हो जाते हैं| चलने-फिरने या उठने बैठने में पीड़ा का सामना करना पड़ता है|

बवासीर के कारण — Causes of Piles in Hindi

कई महान वैद्य ने कहा है कि बवासीर होने का कारण आपके खान पान से जुड़ा होता है| अगर आप गरिष्ठ आहार लेते हैं, चावल की पीठी खाते हैं, तीखे और तेल युक्त पदार्थ का सेवन करते हैं, मांस, कफ पैदा करने वाले आहार और पेट में कब्ज एवं जलन पैदा करने वाले खाद्य का सेवन करते हैं तो आपको बवासीर होने का खतरा हमेशा बना रहता है| इसके अलावा और भी कई भौतिक कारण हैं जो बवासीर के लिए जिम्मेवार होते हैं| जैसे की गुदा क्षेत्र पर दबाव बनना या लगातार एक ही जगह लंबे समय तक बैठे या खड़े रहना| इसलिए बवासीर को पूर्ण रूप से सही करने के लिए आपको अपने खान पान में बहुत ज्यादा सकारात्मक बदलाव लानी चाहिए|

बवासीर के 10 घरेलू इलाज — 10 Home Remedies For Piles in Hindi

एलोवेरा – Aloe Vera For Piles Treatment in Hindi

Aloevera

एलोवेरा में कई ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जो सूजन और जलन को कम करने की क्षमता रखते हैं| इसलिए अगर आप बवासीर की समस्या से राहत पाना चाहते हैं तो इसका प्रयोग बेझिझक कर सकते हैं| इसका इस्तेमाल करने के लिए आप एलोवेरा के गूदे को निकालने के बाद उसे मसलकर उसका पेस्ट तैयार करें और फिर उस पेस्ट को बवासीर से प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं| इससे बवासीर के कारण होने वाले सूजन, दर्द और जलन से राहत मिलती है|

अगर एलोवेरा का सेवन किया जाए तो यह बवासीर नष्ट करने के लिए (piles home treatment in hindi) सबसे प्रभावशाली साबित हो सकता है| दरअसल, एलोवेरा के चिकित्सकीय गुण के चलते पेट में कब्ज की समस्या नहीं होती है और बवासीर के मूल कारण का विनाश हो जाता है| आप रोज 250 ग्राम गुदे को कैसे भी कर के खाएं| इससे आपके पेट का स्वास्थ्य सही रहेगा और बवासीर से भी राहत मिलेगी| अगर आप चाहें तो एलोवेरा से बने आइस क्यूब (Ice Cube) की मदद से सेंकाई भी कर सकते हैं| 

सेहुंड का दूध — Sehund Milk For Piles Treatment in Hindi

Milk bush Cactus Medicinal Plant

सेहुंडे के दूध की मदद से बवासीर के मस्से को जड़ से नष्ट किया जा सकता है| इसके लिए आपको थोड़ी सी हल्दी की आवश्यकता होगी| एक चम्मच सेहुंड के दूध में एक चुटकी हल्दी मिलाकर एक लेप तैयार करें और फिर उसे बवासीर के मस्सों पर दिन में 2-3 बार लगाएं| कुछ दिनों में ही आपको प्रभाव नजर आने लगेगा| ध्यान रहे की आप एक बार दूध को लगाने के बाद उसे आधा घंटे के भीतर जरूर धो दें|

नारियल का तेल — Coconut Oil For Piles Treatment in Hindi

coconut oil

नारियल के तेल में एंटी-माइक्रोबियल (Anti-microbial) और एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory) गुण मौजूद होते हैं जो बवासीर के चलते होने वाले जलन और खुजली, दर्द को कम और इसके मस्सों को जड़ से खत्म कर सकते हैं| नारियल का तेल उपयोग करने के लिए आपको बिना केमिकल वाले (शुद्ध) नारियल के तेल की आवश्यकता होगी| एक चम्मच नारियल के तेल को हल्का गरम करने के बाद बवासीर से प्रभावित क्षेत्र में दिन में 3-4 बार लगाएं| इस नुस्खे का प्रयोग आप तब तक करें जब तक दर्द और लालिमा खत्म न हो जाए| ऐसा लगभग 15 दिनों तक करने पर आपको बवासीर से काफी हद तक राहत मिल सकती है| अगर हो सके तो इसे अपने आहार में भी शामिल करें क्योंकि यह पेट संबधीत समस्याओं को भी जड़ से नष्ट कर पाने में निपुण है|

लहसुन — Garlic For Piles Treatment in Hindi

Garlics

लहसुन में पाए जाने वाले एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory) और एंटी-बैक्टीरियल (Anti-bacterial) गुण बवासीर के चलते होने वाले दर्द को और सूजन को कम करते हैं| इसे इस्तेमाल करना बेहद आसान है और इसे दो तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है| अगर बवासीर गुदा मार्ग के बाहर हैं तो आप लहसुन की चार कलियों को कूटकर एक गिलास पानी में मिलाएं| इस पानी को आप गैस पर तब तक उबालें जब तक पानी का रंग पूरी तरह से बदल न जाए|

फिर अब आप एक सूती कपड़े को इस पानी में भिगो दें और उस कपड़े को अपने मस्से वाले स्थान पर 15 मिनट के लिए लगाकर छोड़ दें| ऐसा दिन में दो बार कर सकते हैं| अगर बवासीर गुदा मार्ग के भीतर या गुदा मार्ग में ही है तो आपको लहसुन की कुछ कलियों से ज्यूस निकालें और उस ज्यूस को गुदा मार्ग के भीतर सोने से पहले डालें| ऐसा करने से दर्द और सूजन काफी हद तक बहुत जल्दी कम हो जाते हैं| 

जात्यादी का तेल — Jatyaadi Oil For Piles Treatment in Hindi

जात्यादी का तेल एक आयुर्वेदिक रेमेडी है जो अकसर नेचुरोपैथी और आयुर्वेदिक डॉक्टर्स द्वारा सलाह दी जाती है| यह  फिशर एवं बवासीर का इलाज करने के लिए एक रामबाण तरीका साबित हो सकती है| यह मस्सों की लालिमा को ख़त्म और सूजन एवं दर्द से काफी राहत प्रदान करती है| 

अपने बाथटब में 5-6 बूंद जात्यादी का तेल डालकर अपने गुदा को उस पानी में लगभग 10 मिनट तक रहने दें| बवासीर ठीक करने के लिए इस घरेलू नुस्खे (Home Remedies For Piles in Hindi) का आप दिन में तीन से चार बार प्रयोग करें| धीरे धीरे आप यह महसूस करेंगे कि आपके मस्से और उससे उत्पन्न जलन एवं दर्द गायब हो रहे हैं|

कलौंजी — Black Cumin Seeds For Piles Treatment in Hindi

Black cumin seeds

कलौंजी का प्रयोग कई तरह के आंतरिक और बाहरी रोगों का इलाज करने के लिए किया जाता है| कलौंजी के तेल में Thymoquinone नामक तत्व पाया जाता है जो इसे इलाज करने के लिए उपयुक्त बनाता है| इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory), एंटीओक्सिडेंट (Antioxidant) और Analgesic गुण मौजूद होते हैं जो बवासीर और उसके मस्से को ठीक करने में एक बेहतरीन भूमिका निभाते हैं| इसके अलावा, यह पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है जिससे पेट संबंधित समस्याएं खत्म हो जाती हैं|

आप इसे दो तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं| मस्सों को दूर और बवासीर के सूजन एवं पीड़ा को कम करने करने के लिए एक चम्मच कलौंजी के तेल में एक चम्मच एप्पल साइडर विनेगर (Apple Cider Vinegar) मिलाएं और फिर उसे प्रभावित क्षेत्र पर दिन में तीन से चार बार लगाएं| अगर आप पेट संबंधित समस्याओं से राहत पाना चाहते हैं तो एक चम्मच तेल को एक कप काली चाय में मिलाकर पी सकते हैं| इससे आपका कब्ज और बवासीर की समस्या दूर हो जाएगी|

ग्रीन टी — Green Tea For Piles Treatment in Hindi 

green tea

ग्रीन टी की एंटीओक्सिडेंट प्रॉपर्टी पाइल्स को दूर करने में बहुत सहायक होती है| बवासीर का इलाज करने के लिए आपको ग्रीन टी और टी बैग का करना चाहिए|

  1. ग्रीन टी को पानी में उबालने के बाद आप इसमें एक चम्मच शहद और नींबू का रस मिलाकर इसे पीएं| इससे आपका कब्ज दूर और मल त्याग में आसानी होती है| इतना ही नहीं, ग्रीन टी का जायका नींबू और शहद के साथ लेने से मस्सों का सूजन भी कम जाता है|
  2. अगर आप प्रभावित क्षेत्र को दिन में तीन से ज्यादा बार ग्रीन टी से धो सकें तो यह आपके लिए औ भी बेहतर साबित हो सकता है| लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि अगर आप प्रभावित हिस्से को धोते हैं तो फिर आपको नींबू और शहद नहीं मिलाना चाहिए|
  3. टी बैग में ग्रीन टी को भरकर प्रभावित हिस्से की सेंकाई कर सकते हैं|

इस नुस्खे को मात्र 15 दिन अपनाने के बाद ही आपको परिणाम नजर आना शुरू हो जाता है|

मूली का रस — Radish Juice For Piles Treatment in Hindi

Radish juice

यह आपके कठोर मल को मुलायम और बवासीर के दौरान होने वाले दर्द को कम करता है| मूली में मौजूद कुछ ख़ास तत्व कब्ज को दूर और पाइल्स से राहत दिलाने में भी मदद करते हैं| इसका इस्तेमाल करने के लिए आप मूली का एक गिलास ज्यूस बनाएं और उसका सेवन करें| अगर आप एक गिलास जूस नहीं पी सकते हैं तो आधा गिलास ही पीएं| यह आपके बवासीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है| इसके अलावा, अगर आप चाहें तो मूली के रस का शहद के साथ पेस्ट बनाकर गुदा मार्ग के आसपास लगा सकते हैं| इससे सूजन और दर्द कम होता है |

विच हैजल — Witch Hazel For Piles Treatment in Hindi 

Witch hazel

विच हैजल का प्रयोग हमेशा से त्वचा की जलन और सूजन को दूर करने के लिए किया जाता रहा है| जब आप इसे बवासीर से प्रभावित हिस्से पर लगाएंगे तो आपको बहुत ज्यादा ठंडक महसूस होगी| इसमें Antistrigent भी पाया जाता है जो इन्फेक्शन को बढ़ने से रोकता है और बवासीर को ठीक करने में एक बेहतर भूमिका निभाता है|

इसका इस्तेमाल करने के लिए आप एक सूती कपड़े को विच हैजल के पानी में भिगो दें| फिर इस कपड़े को आप बवासीर से प्रभावित क्षेत्र में 15 मिनट के लिए दिन में तीन से चार बार लगाएं| अगर रोग आंतरिक भाग में है तो आप विच हैजल के पानी की तीन-चार बूंदें अंदर डालकर सो जाएं| ऐसा करने से बवासीर में काफी राहत मिलता है।

टी ट्री ऑयल — Tea Tree Oil For Piles Treatment in Hindi

Tea tree oil

टी ट्री ऑयल में एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं| ये इंफेक्शन को बढ़ने से रोकते और बवासीर का इलाज करते हैं| टी ट्री ऑयल और ओलिव ऑयल को एक साथ मिलाकर प्रभावित क्षेत्र में दिन में तीन बार लगाएं| 

निष्कर्ष — Conclusion

बवासीर का इलाज करने के लिए कई घरेलू इलाज मौजूद हैं| मरीज बिना किसी हिचकिचाहट के इनका इस्तेमाल कर सकते हैं| लेकिन इस्तेमाल करने से पहले उन्हें अपने डॉक्टर या वैद्य से इस बारे अवश्य बात करनी चाहिए| अपने मन मुताबिक किसी भी घरेलू उपाय का इस्तेमाल करना खतरनाक साबित हो सकता है|

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