पाइल्स के इलाज के लिए बेहतरीन डॉक्टर को कैसे चुनें?
पाइल्स जैसे गुदारोग को ठीक करने के लिए सही समय पर किसी विशेषज्ञ डॉक्टर के विशेष इलाज की जरूरत होती है। सही इलाज का लाभ लेने के लिए आपको पाइल्स के बारे में और इसके विभिन्न प्रकार की इलाज प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करना बेहद महत्वपूर्ण होता है।
पाइल्स जैसी गुदा से संबंधित बीमारियों का इलाज प्रोक्टोलॉजिस्ट करता है। लेकिन यदि आप ऐसे एरिया में रहते हैं जहां पर प्रोक्टोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं है तो, आप जनरल सर्जन की मदद से भी पाइल्स का इलाज करा सकते हैं।
बवासीर का स्पेशलिस्ट डॉक्टर खोजने के क्रम में आपको डॉक्टर की योग्यता के बारे में जानकारी प्राप्त करने की आवश्यकता होती है। इसके अलावा एक प्रोक्टोलॉजिस्ट की क्या विशेषताएं होती हैं इसके बारे में भी सही-सही जानकारी प्राप्त करना आवश्यक होता है। यहां पर कुछ बिंदुओं में महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है जिसकी मदद से आप एक प्रोक्टोलॉजिस्ट को खोज सकते हैं। ध्यान रखें कि बवासीर का इलाज बवासीर का स्पेशलिस्ट डॉक्टर ही कर सकता है।
सर्टिफिकेट
प्रोक्टोलॉजिस्ट वह होता है जो एनस, कोलन और रेक्टम का उपचार और सर्जरी करने में विशेषज्ञता रखता है। प्रोक्टोलॉजिस्ट बनने के लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या महाविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल करना जरूरी होता है। एक प्रोक्टोलॉजिस्ट स्पेशलिस्ट के लिए करीब 8 साल सर्जिकल अनुभव होना बेहद जरूरी होता है। इसके साथ ही एक प्रोक्टोलॉजिस्ट के पास एक मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय के उचित प्रमाण पत्र की अनिवार्यता होती है। एक प्रोक्टोलॉजिस्ट के तौर पर प्रैक्टिस करने के लिए डॉक्टर को मेडिकल लाइसेंस परीक्षा उत्तीर्ण कर एसोसिएशन ऑफ कोलन एंड रेक्टल सर्जन्स ऑफ इंडिया (एसीआरएसआई) से लाइसेंस प्राप्त करना होता है। प्रोक्टोलॉजिस्ट के आलावा जनरल सर्जन भी पाइल्स का गैर सर्जिकल ट्रीटमेंट कर सकता है।
कौशल और अनुभव
पाइल्स के इलाज के लिए विभिन्न प्रकार की इलाज प्रक्रियाएं उपलब्ध है। लेकिन आपको अपने इलाज के लिए ऐसे डॉक्टर का चयन करना है जो पाइल्स के सभी प्रकार के इलाज करने में सक्षम हो और विशेष तौर से पाइल्स के इलाज की उन्नत लेजर तकनीक का सही इस्तेमाल करने में कुशल हो। ऐसे डॉक्टर जिन्हें इस प्रकार का इलाज करने का कम से कम आठ साल अनुभव होता है उसे कुशल सर्जन के रूप में जाना जाता है।
पूर्व रोगियों की प्रतिक्रिया/रिव्यू का अध्ययन
पाइल्स के इलाज के लिए डॉक्टर का चयन करने के लिए मरीज को यह जानना बेहद जरूरी होता है कि जिस डॉक्टर से वह इलाज कराना चाहता है उसका रोगियों के प्रति व्यवहार कैसा है। इसके लिए आप ऐसे लोगों से या पूर्व रोगियों की प्रतिक्रिया और रिव्यू का अध्ययन कर सकते हैं जो उस डॉक्टर से इलाज करा चुके हैं। इससे इस बात का आकलन लगाना आसान हो जाता है कि डॉक्टर के साथ आपका अनुभव कैसा रहेगा।
हॉस्पिटल या क्लीनिक की प्रतिष्ठा
कुछ लोग इलाज के लिए हॉस्पिटल या क्लीनिक का चयन करते समय प्रतिष्ठित हॉस्पिटल या क्लीनिक को चुनते हैं या ऐसे हॉस्पिटल का चयन करते हैं, जिसका नाम बड़ा होता है। लेकिन सफल इलाज के लिए एक अच्छे हॉस्पिटल के साथ एक अनुभवी और विशेषज्ञ डॉक्टर का चयन करना भी बेहद जरूरी होता है। डॉक्टर और हॉस्पिटल की प्रतिष्ठा दोनों एक दूसरे से सीधी जुड़ी होती है। कई बार बड़े और अच्छे हॉस्पिटल में भी लोग इलाज कराने के लिए नहीं जाते हैं। इसकी वजह हॉस्पिटल के स्टाफ या खुद डॉक्टर का व्यवहार हो सकता है। ऐसे में जब भी आप पाइल्स के इलाज के लिए किसी हॉस्पिटल का चयन करें तो इस बात को जरूर ध्यान में रखें कि उस हॉस्पिटल के डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ का व्यवहार किस स्तर का है। कही ऐसा न हो कि हॉस्पिटल में एडमिट होने के बाद आपको पछताना पड़े।
फैमिली डॉक्टर से सलाह लें
पाइल्स के इलाज के लिए डॉक्टर का चयन करने से पहले आप अपने फैमिली डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं। फैमिली डॉक्टर आपको पाइल्स के इलाज के लिए प्रोक्टोलॉजिस्ट के नामों का सुझाव दे सकता है। पाइल्स के इलाज के लिए डॉक्टर का चयन करने से पहले खुद से निम्नलिखित सवाल पूछें:
- क्या आप डॉक्टर से अपने मेडिकल इतिहास और आदतों के बारे में आराम से बात कर सकते हैं?
- क्या आपको डॉक्टर के कौशल पर भरोसा है?
- क्या आप प्रश्न पूछने और डॉक्टर से उचित उत्तर प्राप्त करने में सक्षम हैं?
- क्या डॉक्टर आपको उपचार के विकल्प स्पष्ट रूप से समझाने में सक्षम है?
- डॉक्टर के पास कितना अनुभव है?
- क्या डॉक्टर आपको उपचार से जुड़े जोखिमों और जटिलताओं के बारे में पर्याप्त जानकारी प्रदान करता है?
किसी भी अन्य स्वास्थ्य सेवा प्रदाता की तरह, आपको एक ऐसे डॉक्टर को ढूंढने की जरूरत है जो बवासीर, फिशर, फिस्टुला इत्यादि जैसी एनोरेक्टल बीमारियों का सफलतापूर्वक निदान और इलाज करने का अनुभव रखता हो। सर्जिकल कौशल के अलावा, डॉक्टर की रोगी से जुड़ने की क्षमता भी मायने रखती है। एक डॉक्टर जो अपने मरीज के प्रति देखभाल और सहानुभूति दिखाता है, वह इलाज के लिए बेहतर साबित हो सकता है।