गर्भपात को प्रेगनेंसी खत्म होना या प्रेगनेंसी लॉस के नाम से भी जाना जाता है। इसे अंग्रेजी में मिसकैरेज कहते हैं। गर्भ में पल रहे भ्रूण के स्वतंत्र रूप से विकसित न होने या मृत होने पर गर्भपात होता है। इस दौरान भ्रूण रक्त के रूप में गर्भाशय यानी यूटेरस से बाहर निकल जाता है। गर्भपात के समय काफी हेवी व्लडिंग होती है। अबॉर्शन के बाद बाद क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए के बारे में विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो यह ब्लॉग “अबॉर्शन के बाद की सावधानियां – डॉक्टर से कब बात करें” को पढ़ें।
गर्भपात के पहले, दौरान और बाद में मरीज को इलाज की आवश्यकता होती है। इसे ही गर्भपात का इलाज यानी मिसकैरेज ट्रीटमेंट कहते हैं। आमतौर पर भारत में गर्भपात उपचार का खर्च लगभग 2000 रुपए से लेकर 50000 रुपए तक आता है। हालाँकि, यह इसका फाइनल कॉस्ट नहीं है। इसमें बदलाव आ सकता है।
भारत में गर्भपात (मिसकैरेज) के इलाज का खर्च काफी चीजों पर निर्भर करता है जिसमें इलाज का प्रकार, नैदानिक परिक्षण का खर्च, डॉक्टर का अनुभव, क्लिनिक का लोकेशन, इलाज के बाद हॉस्पिटलाइजेशन, दवाएं और फॉलो-अप मीटिंग आदि शामिल हैं।
प्रमुख बिंदु
- उचित निदान परीक्षणों की मदद से कुछ दिनों पहले ही आपके डॉक्टर को पता चल सकता है कि आपको अगले कुछ दिनों में गर्भपात हो सकता है। इस मामले में, डॉक्टर गर्भपात को जल्दी होने में मदद करने के लिए दवाएं निर्धारित कर सकते हैं या जरूरत पड़ने पर सर्जरी की मदद से भ्रूण और गर्भावस्था के ऊतक को गर्भाशय से बाहर निकाल सकते हैं।
- गर्भपात पूर्ण या आंशिक हो सकता है। यदि गर्भपात अधूरा होता है तो इसे आंशिक या अपूर्ण गर्भपात (इन्कम्प्लीट मिसकैरेज) कहा जाता है।
- जिस महिला को पहले गर्भपात हो चूका है वह फिर से गर्भवती हो सकती है और एक अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकती है।
- गर्भपात के बाद प्रेगनेंसी से संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए आप इस ब्लॉग “महिलाएं अबॉर्शन के कितने दिन बाद प्रेग्ननेंट हो सकती हैं?” को पढ़ सकती हैं। इस ब्लॉग को पढ़ने के बाद आप अपनी प्रेगनेंसी की बेहतर प्लानिंग कर सकती हैं।
भारत के अलग-अलग शहरों में गर्भपात के इलाज के नियत खरक के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए आप नीचे दिए गए लिंकों पर क्लिक करके उन्हें पढ़ सकते हैं।
- दिल्ली में गर्भपात (मिसकैरेज) के इलाज का कितना खर्च आता है?
- गुड़गांव में गर्भपात (मिसकैरेज) के इलाज का कितना खर्च आता है?
- नोएडा में गर्भपात (मिसकैरेज) के इलाज का कितना खर्च आता है?
- फरीदाबाद में गर्भपात (मिसकैरेज) के इलाज का कितना खर्च आता है?
- गाजियाबाद में गर्भपात (मिसकैरेज) के इलाज का कितना खर्च आता है?
- बैंगलोर में गर्भपात (मिसकैरेज) के इलाज का कितना खर्च आता है?
- हैदराबाद में गर्भपात (मिसकैरेज) के इलाज का कितना खर्च आता है?
- पुणे में गर्भपात (मिसकैरेज) के इलाज का कितना खर्च आता है?
- मुंबई में गर्भपात (मिसकैरेज) के इलाज का कितना खर्च आता है?
- चेन्नई में गर्भपात (मिसकैरेज) के इलाज का कितना खर्च आता है?
Table of Contents
गर्भपात उपचार के विभिन्न प्रकार क्या हैं?
मुख्य रूप से गर्भपात का उपचार तीन तरह से किया जाता है जिनमें एक्सपेक्टेंट मैनेजमेंट, मेडिकल उपचार और सर्जिकल उपचार शामिल हैं।
एक्सपेक्टेंट मैनेजमेंट
एक्सपेक्टेंट मैनेजमेंट को अपेक्षित प्रबंधन कहते हैं। इसके अंतर्गत आप अपने डॉक्टर की निगरानी में जल्द से जल्द गर्भपात होने का इंतजार करती हैं। पहली तिमाही में गर्भावस्था के निदान के लगभग दो सप्ताह के भीतर ही 50% महिलाओं का गर्भपात अपने आप हो जाता है।
हालाँकि, गर्भपात का समय हर महिला के लिए अलग-अलग हो सकता है और कुछ मामलों में गर्भपात होने में 4-6 सप्ताह तक का समय भी लग सकता है। अधिकार महिलाएं जो एक्सपेक्टेंट मैनेजमेंट का चयन करती हैं, उनका पूर्ण गर्भपात अपने आप हो जाता है।
साथ ही, लगभग 4 में से 1 महिला को डाइलेशन और क्यूरेटेज (Dilation and Curettage – D&C) की जरूरत पड़ती हैं। यह एक सर्जिकल प्रक्रिया है जिसके दौरान गर्भाशय से प्रेगनेंसी को पूर्ण रूप से बाहर निकाल दिया जाता है।
भारत में गर्भपात के लिए अपेक्षित प्रबंधन का खर्च लगभग 2000 रुपए से लेकर 5000 रुपए तक आता है।
गर्भपात का मेडिकल उपचार
जब गर्भपात प्रेगनेंसी के 28 सप्ताह के भीतर होता है तो मेडिकल इलाज को इसका सबसे बेहतर उपचार माना जाता है। इस उपचार में कुछ निर्धारित दवाएं शामिल होती हैं और यह 80-90 प्रतिशत मामलों में सफल होता है। इस दौरान इस्तेमाल की जाने वाली दवाएं सर्विक्स को खुलने और प्रेगनेंसी को बाहर निकलने में मदद करती हैं।
आमतौर पर, इन दवाओं का प्रभाव शुरू होने में कुछ घंटों का समय लगता है और आपको हल्का दर्द, रक्तस्राव या क्लॉटिंग अनुभव हो सकता है। गर्भपात के पहले और बाद – दोनों ही स्थितियों में दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है।
कुछ मामलों में आपको दवाओं की एक से अधिक खुराक की जरूरत पड़ सकती है। अगर आपकी प्रेगनेंसी की अवधि 12 सप्ताह से कम है तो आपको डॉक्टर के साथ फॉलो-अप्स मीटिंग करने की आवश्यकता होती है। प्रेगनेंसी की अवधि 13 सप्ताह से अधिक होने पर हॉस्पिटल में एडमिशन की आवश्यकता पड़ सकती है।
भारत में गर्भपात के मेडिकल उपचार का खर्च लगभग 2500 रुपए से लेकर 10000 रुपए तक आता है।
अगर आप अबॉर्शन की दवाओं के बारे में सटीक जानकारी प्राप्त करना चाहती हैं तो यह ब्लॉग “बच्चा गिराने वाली टेबलेट का नाम और उसकी लिस्ट प्राइस” आपके लिए ज्ञानवर्धक साबित होगा। ब्लॉग पढ़ने के बाद, किसी भी अबॉर्शन की दवाओं का इस्तेमाल करने से पहले एक स्त्री रोग विशेषज्ञ से अवश्य परामर्श करें। अपने मन मुताबिक बच्चा गिराने की नियत से किसी भी दवा का सेवन करना आपके लिए परेशानियां खड़ी कर सकता है।
गर्भपात का सर्जिकल उपचार
गर्भपात के सर्जिकल उपचार में डाइलेशन और क्यूरेटेज शामिल है। इलाज की इस प्रक्रिया को एनेस्थीसिया के प्रभाव में पूरा किया जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान स्त्री रोग विशेषज्ञ प्रेगनेंसी उत्तक को गर्भाशय से पूरी तरह बाहर निकाल देती हैं।
इस सर्जिकल उपचार की मदद से 12 सप्ताह की अवधि वाली अनचाही प्रेगनेंसी को आसानी से खत्म किया जा सकता है। अगर आपको लगातार हेवी ब्लीडिंग हो रही है तो डॉक्टर इस उपचार का सुझाव देते हैं।
भारत में गर्भपात के सर्जिकल इलाज का खर्च लगभग 20000 रुपए से लेकर 40000 रुपए तक आता है।
अगर आप अबॉर्शन के एक-एक स्टेप को अच्छे से समझना चाहती हैं तो यह ब्लॉग “अबॉर्शन यानी गर्भपात कैसे होता है?” को अवश्य पढ़ना चाहिए। इस ब्लॉग को पढ़ने के बाद गर्भपात को लेकर आपके मन में जो गलतफहमियां हैं वो दूर हो जाएंगी। इस ब्लॉग में गर्भपात की पूरी प्रक्रिया को विस्तारपूर्वक तरीके से बताया गया है।
गर्भपात के इलाज के खर्च को कौन से कारक प्रभावित करते हैं?
गर्भपात के पहले, दौरान या बाद में इलाज करने का मुख्य कारण ब्लीडिंग की संभावना को कम से कम करना होता है। गर्भपात के इलाज के अनेकों तरीके उपलब्ध हैं, लेकिन डॉक्टर नैदानिक परीक्षणों के रिजल्ट को ध्यान में रखते हुए सबसे बेहतर उपचार का चयन करते हैं।
निम्नलिखित कारक गर्भपात के खर्च को प्रभावित करते हैं:-
01. इलाज का प्रकार
आपके डॉक्टर किस प्रकार के उपचार विकल्प चुनते हैं, वह गर्भपात के इलाज की कुल लागत को बड़े स्तर पर प्रभावित करता है। गर्भपात का इलाज मुख्यत तीन तरह से किया जाता है जिसमें एक्सपेक्टेंट मैनेजमेंट, मेडिकल और सर्जिकल उपचार शामिल हैं।
अपने इलाज के माध्यमों के बारे में जानकारी होना आपके लिए फायदेमंद होता है। गर्भपात के ये तीनों उपचार सुरक्षित हैं जो आपकी भविष्य की गर्भधारण को प्रभावित नहीं करते हैं।
आपके डॉक्टर इन सभी विकल्पों के बारे में आपके साथ विस्तार से चर्चा करेंगे ताकि सबसे बेहतर इलाज का चयन किया जा सके।
02. नैदानिक परिक्षण
आमतौर पर, स्त्री रोग विशेषज्ञ गर्भावस्था के प्रकार और अवधि की पुष्टि करने के लिए पैल्विक अल्ट्रासाउंड की सलाह देते हैं। गर्भपात से पहले प्रेगनेंसी की अवधि की जानकारी प्राप्त करते हैं और गर्भपात हो जाने पर गभर्पात पूर्ण या आंशिक रूप से हुआ है आदि की पुष्टि करते हैं।
सर्जिकल गर्भपात के दौरान या बाद में जटिलताओं के संभावित जोखिम सुनिश्चित करने के लिए डॉक्टर अन्य चिकित्सीय स्थितियों का पता लगाने के लिए रक्त और मूत्र परीक्षण का भी सुझाव दे सकते हैं।
इन परीक्षणों की लागत गर्भपात के उपचार के खर्च को काफी हद तक निर्धारित करते हैं।
03. स्त्री रोग विशेषज्ञ का अनुभव
स्त्री रोग विशेषज्ञ गर्भपात का इलाज करती हैं। डॉक्टर का अनुभव, कुशलता और विशेषज्ञता गर्भपात के इलाज के खर्च को काफी हद तक प्रभावित करते हैं। आमतौर पर एक अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ की परामर्श फीस उस डॉक्टर की तुलना में अधिक होती है जिसके पास अनुभव कम या नहीं होता है।
04. क्लिनिक का लोकेशन
भारत के अनेको शहरों में गर्भपात का इलाज किया जाता है। दिल्ली में स्थित एक क्लिनिक में गर्भपात के इलाज का खर्च दूसरे छोटे शहर जैसे कि पटना, लखनऊ, देहरादून आदि के क्लिनिक की तुलना में काफी अधिक होता है। इस लिहाज से क्लिनिक का लोकेशन भी गर्भपात के इलाज के खर्च में एक अहम भूमिका निभाता है।
05. क्लिनिक का ट्रैक रिकॉर्ड
आमतौर पर, सर्जिकल गर्भपात में अच्छे ट्रैक रिकॉर्ड वाले पंजीकृत एमटीपी क्लिनिक में सर्जिकल गर्भपात का खर्च सामान्य एमटीपी क्लिनिक की तुलना में बहुत अधिक होती है।
उपरोक्त सभी के अलावा, स्त्री रोग विशेषज्ञ दर्द में मदद करने और संक्रमण के जोखिम को दूर करने के लिए कुछ दवाएं निर्धारित करते हैं। इन दवाओं का खर्च भी आपके गर्भपात के खर्च में जुड़ता है।
साथ ही, इलाज के दौरान आपको अपने डॉक्टर के साथ फॉलो-अप मीटिंग करने की आवश्यकता भी हो सकती है। फॉलो-अप मीटिंग के दौरान आपको एक्स्ट्रा फीस देने पड़ती है जो अंतत आपके इलाज के खर्च में जुड़ता है।
निष्कर्ष
गर्भपात के इलाज का खर्च शहर, इलाज का प्रकार, क्लिनिक का लोकेशन और दूसरे पहलुओं के लिहाज से बदल सकता है। आमतौर पर गर्भपात के बाद ठीक होने में 1-3 सप्ताह तक का समय लगता है। हालाँकि, कुछ ख़ास बातों पर ध्यान देने पर रिकवरी थोड़ी जल्दी हो सकती है।
खासतौर गर्भपात के बाद एक महिला को अपने खान-पान पर ख़ास ध्यान देने की आवश्यकता होती है। गर्भपात के बाद एक महिला का डाइट कैसा होना चाहिए आदि के बारे में विस्तार से जानने के लिए आप इस ब्लॉग “गर्भपात के बाद क्या खाना चाहिए और क्या नहीं – गर्भपात के बाद का डाइट चार्ट” को पढ़ सकती हैं।
डिस्क्लेमर: इस ब्लॉग में दर्शाये गए शुल्क, Pristyn Care द्वारा लिए जाने वाले शुल्क हैं जो कि शहर और उपचार की लागत पर आधारित हैं और यह उपचार लागत अन्य कारकों के आधार पर बढ़ और घट भी सकती हैं| उपचार की बाज़ार लागत स्वास्थ्य बीमा कंपनी और शहर के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं|