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डीप वेन थ्रोम्बोसिस एक गंभीर बीमारी है जो कैंसर, मोटापा, प्रेगनेंसी, त्वचा में चोट, सिगरेट का सेवन, हार्मोन में बदलाव, अनुवांशिक कारण, गर्भनिरोधक गोलियां का सेवन, लंबे समय तक बेड रेस्ट पर रहना, लंबे समय तक बैठना या खड़े रहना आदि शामिल है। इस बीमारी से पीड़ित मरीज को अनेकों लक्षणों का सामना करना पड़ता है। इसमें प्रभावित क्षेत्र में भारीपन, प्रभावित क्षेत्र में जलन और ऐंठन, त्वचा का रंग लाल या बदरंग होना, प्रभावित क्षेत्र में दर्द और असहजता आदि शामिल हैं।

 

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डीप वेन थ्रोम्बोसिस (डीवीटी ) क्या है?

डीप वेन थ्रोम्बोसिस को आम बोलचाल की भाषा में डीवीटी कहा जाता है। यह एक गंभीर बीमारी है जिससे पीड़ित मरीज की गहरी नसों में खून के थक्के यानी ब्लड क्लॉट बन जाते हैं। ब्लड क्लॉट बनने के कारण खून तरल से ठोस अवस्था में बदल जाता है जो नसों में खून के प्रवाह को आंशिक या पूर्ण रूप से बंद कर सकता है।

 

नतीजतन, अनेकों जानलेवा समस्याएं पैदा हो सकती हैं। डीप वेन थ्रोम्बोसिस शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है, लेकिन अधिकतर मामलों में यह शरीर के निचले हिस्से जैसे कि श्रोणि, जांघ या पैरों में देखने को मिलता है।

 

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साथ ही, यह लिवर, किडनी, आंत, हाथ और मस्तिष्क को भी प्रभावित कर सकता है। इस बीमारी का समय पर उचित इलाज कराना चाहिए। इसके लक्षणों को नजरअंदाज कराना या समय पर सही इलाज नहीं कराना मरीज के लिए घातक साबित हो सकता है।

 

डीप वेन थ्रोम्बोसिस की जांच कैसे होती है?

सबसे पहले डॉक्टर मरीज का शारीरिक परीक्षण करते हैं और लक्षणों से संबंधित कुछ सामान्य प्रश्न पूछते हैं। साथ ही, मरीज की मेडिकल हिस्ट्री के बारे में जानकारी भी प्राप्त करते हैं। उसके बाद, डीप वेन थ्रोम्बोसिस की गंभीरता और उसके सटीक कारणों का पता लगाने के लिए डॉक्टर कुछ खास प्रकार के जांच कराने का सुझाव देते हैं।

 

इसमें डुप्लेक्स अल्ट्रासोनोग्राफी, वेनोग्राफी, सिटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई और ब्लड टेस्ट आदि शामिल हैं। इन सभी जांचों से डॉक्टर को डीप वेन थ्रोम्बोसिस को अच्छी तरह समझने में मदद मिलती है। उसके बाद, डॉक्टर डीप वेन थ्रोम्बोसिस की सर्जरी को शुरू करते हैं।

 

डीप वेन थ्रोम्बोसिस की सर्जरी की जाती है?

डीप वेन थ्रोम्बोसिस की सर्जरी को दो तरह से किया जाता है जिसमें पहला ओपन सर्जरी और दूसरा लेजर सर्जरी है। ओपन सर्जरी एक पारंपरिक प्रक्रिया है जिसके दौरान मरीज को अनेकों परेशानियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही, डीप वेन थ्रोम्बोसिस की सर्जरी के बाद जटिलताओं का खतरा होता है और इसके बाद मरीज की रिकवरी में भी काफी लंबा समय लग सकता है। लेकिन लेजर सर्जरी के साथ ऐसी कोई बात नहीं है। यह इस बीमारी का बेस्ट इलाज माना जाता है।

 

डीप वेन थोम्बोसिस की लेजर सर्जरी को शुरू करने से पहले डॉक्टर मरीज को एनेस्थीसिया देते हैं। उसके बाद, हाई-इंटेंसिटी लेजर बीम की मदद से डीप वेन थ्रोम्बोसिस को ठीक करते हैं। यह एक मिनिमली इनवेसिव सर्जिकल प्रक्रिया है जिसके दौरान मरीज को कट या टांके नहीं आते हैं। साथ ही, सर्जरी के दौरान मरीज को दर्द और ब्लीडिंग भी नहीं होती है।

 

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डीप वेन थ्रोम्बोसिस की लेजर सर्जरी को पूरा होने में लगभग 30-60 मिनट का समय लगता है। यह एक दिन की सर्जिकल प्रक्रिया है, इसलिए सर्जरी के बाद मरीज को हॉस्पिटलाइजेशन की जरूरत नहीं पड़ती है। सर्जरी खत्म होने के कुछ ही घंटों के बाद डॉक्टर आवश्यक दवाएं निर्धारित करके मरीज को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर देते हैं। इस सर्जरी के सफल होने की संभावना 100% और सर्जरी के दौरान या बाद में साइड इफेक्ट्स या जटिलताओं का खतरा लगभग शून्य होता है।

 

डीप वेन थ्रोम्बोसिस की लेजर सर्जरी में कितना खर्च आता है?

आमतौर पर डीप वेन थ्रोम्बोसिस की लेजर सर्जरी का खर्च लगभग 100000-200000 रुपए तक आता है। लेकिन यह इस सर्जरी का फिक्स्ड कॉस्ट नहीं हैं। इसमें बदलाव आ सकता है। क्योंकि डीप वेन थ्रोम्बोसिस की लेजर सर्जरी का खर्च काफी चीजों पर निर्भर करता है जैसे कि:-

 

  • डिव वेन थ्रोम्बोसिस की गंभीरता
  • वैस्कुलर सर्जन का अनुभव
  • हॉस्पिटल की विश्वसनीयता
  • सर्जरी से पहले किए जाने वाले जांच
  • सर्जरी के बाद की दवाएं
  • सर्जरी के बाद फॉलो-अप्स मीटिंग

 

डीप वेन थ्रोम्बोसिस एक गंभीर बीमारी है जिसका समय पर उचित इलाज नहीं कराने पर यह खतरनाक साबित हो सकता है। अगर आप डीप वेन थ्रोम्बोसिस से पीड़ित हैं और प्रभावित क्षेत्र में भारीपन, जलन और ऐंठन, त्वचा का रंग लाल या बदरंग होना या प्रभावित क्षेत्र में दर्द एवं असहजता अनुभव करते हैं तो आपको तुरंत एक अनुभवी वैस्कुलर सर्जन से परामर्श करना चाहिए।

 

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डॉक्टर आपकी बीमारी का निदान करने के बाद उचित इलाज करते हैं। अगर आप इस बीमारी से पीड़ित हैं तो अब आपको दूसरे शहर जाने की जरूरत नहीं है। क्योंकि मेडिकल साइंस में उन्नति होने के कारण आज डीप वेन थ्रोम्बोसिस का लेजर इलाज संभव है। लेजर सर्जरी एक दर्द रहित प्रक्रिया है जिसके दौरान मरीज को दर्द नहीं होता है। 

 

इतना ही नहीं, इस सर्जरी के दौरान ब्लीडिंग नहीं होती है और टांके भी नहीं आते हैं। साथ ही, मरीज को ठीक होने में ज्यादा समय भी नहीं लगता है। अगर आप बिना किसी प्रकार की परेशानी का सामना किए कम से कम समय में डीप वेन थ्रोम्बोसिस का बेस्ट इलाज पाना चाहते हैं तो एक अनुभवी और कुशल वैस्कुलर सर्जन से परामर्श करने के बाद लेजर सर्जरी से अपना इलाज करा सकते हैं। यह एक सुरक्षित और सफल प्रक्रिया है।

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीप वेन थ्रोम्बोसिस का इलाज कैसे किया जाता है?

डीप वेन थ्रोम्बोसिस का इलाज कई तरह से होता है। इसकी शुरुआती इलाज के तौर पर डॉक्टर खून को पतला करने वाली कुछ खास तरह की दवाओं का सेवन करने का सुझाव देते हैं। साथ ही, डॉक्टर एक छोटे और शंकु आकार के फिलटर को मरीज के इन्फीरियर वेन कावा में डालते हैं जो खून के थक्कों को फेफड़ों तक जाने से रोकता है।

 

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इसके अलावा, डॉक्टर कम्प्रेशन स्टॉकिंग का इस्तेमाल करने का भी सुझाव दे सकते हैं। यह एक प्रकार का मोजा है जिसे घुटने तक पहना जाता है। यह खून के प्रवाह को संतुलित रखता है और खून में थक्के बनने से रोकता है। जब इन सबसे कोई फायदा नहीं होता है तब डॉक्टर सर्जरी का सुझाव देते हैं।

 

डीप वेन थ्रोम्बोसिस का बेस्ट इलाज क्या है?

लेजर सर्जरी को डीवीटी का बेस्ट इलाज माना जाता है। यह एक मॉडर्न और एडवांस सर्जिकल प्रक्रिया है जिससे डीप वेन थ्रोम्बोसिस का बेस्ट और परमानेंट इलाज किया जा सकता है। इस सर्जरी के दौरान मरीज को एक बहुत ही छोटा सा कट आता है, दर्द और ब्लीडिंग नहीं होती है, रिकवरी बहुत तेजी से होती है और सर्जरी के बाद दोबारा डीप वेन थ्रॉम्बोसिस का खतरा भी लगभग खत्म हो जाता है।

 

क्या लेजर उपचार के कोई दुष्प्रभाव हैं?

लेजर प्रक्रिया के बाद कोई बड़ा दुष्प्रभाव नहीं होता है। वास्तव में, आप सर्जरी के 2-3 घंटों के बाद चलना शुरू कर सकते हैं। शुरू में आपको मामूली जख्म और हल्का-फुल्का दर्द हो सकता है, लेकिन इन सबसे आपकी दिनचर्या में कोई बाधा नहीं आती है।

 

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अगर आप दर्द, ब्लीडिंग, टांकों, साइड इफेक्ट्स, जटिलताओं या दूसरी किसी भी तरह की परेशानियों का सामना किए बिना कम से कम समय में डीप वेन थ्रोम्बोसिस का बेस्ट सर्जिकल इलाज पाना चाहते हैं तो हमसे संर्पक कर सकते हैं।

 

डीप वेन थ्रोम्बोसिस की लेजर सर्जरी के बाद ठीक होने में कितना समय लगता है?

डीप वेन थ्रोम्बोसिस की लेजर सर्जरी एक दिन की प्रक्रिया है जिसे पूरा होने में लगभग आधा से एक घंटा का समय लगता है। सर्जरी खत्म होने के कुछ ही घंटों के बाद मरीज को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज का दिया जाता है।

 

इस सर्जरी के दौरान छोटा सा कट आने, टांके नहीं लगने, दर्द और ब्लीडिंग नहीं होने के कारण मरीज को ठीक होने में ज्यादा समय नहीं लगता है। डीप वेन थ्रोम्बोसिस की लेजर सर्जरी के मात्र 3-6 दिनों के अंदर मरीज अपने दैनिक जीवन के कामों को शुरू कर सकते हैं। हालांकि, सर्जरी के बाद पूरी तरह से ठीक होने में लगभग 2-3 सप्ताह का समय लगता है।

 

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डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है| अगर आप किसी बीमारी से ग्रसित हैं तो कृपया डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें|