पायलोनिडल साइनस एक दर्दनाक समस्या है जो आमतौर पर नितंबों के बीच, रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से के पास होती है। शुरुआत में यह एक छोटी गांठ या सूजन की तरह दिख सकता है, लेकिन समय के साथ इसमें पस, खून और बाल जमा होने लगते हैं। कई लोग इसे सामान्य फोड़ा समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन बार-बार संक्रमण होने पर यह गंभीर रूप ले सकता है।
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पायलोनिडल साइनस त्वचा के अंदर बनने वाली एक छोटी सुरंग या छेद होता है जिसमें बाल, गंदगी और मृत त्वचा जमा हो जाती है। जब इसमें संक्रमण हो जाता है तो पस बनने लगती है और मरीज को तेज दर्द महसूस होता है।
इसे पिलोनिडल सिस्ट भी कहा जाता है। यह समस्या अधिकतर युवाओं, लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोगों, बाइक चलाने वालों और ज्यादा पसीना आने वालों में देखी जाती है।
बीमारी का नाम
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पायलोनिडल साइनस होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। आमतौर पर यह त्वचा के अंदर बाल फंसने और संक्रमण होने से विकसित होता है।
पायलोनिडल साइनस के मुख्य कारण
शुरुआत में मरीज को हल्की सूजन या दर्द महसूस हो सकता है। संक्रमण बढ़ने पर लक्षण गंभीर हो जाते हैं।
पायलोनिडल साइनस के सामान्य लक्षण
अगर बार-बार पस निकल रही हो या सूजन वापस आ रही हो तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
संक्रमण बढ़ने पर सिस्ट साइनस में बदल सकती है।

भोजन और जीवनशैली से जुड़े सुझाव

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यह समस्या किसी को भी हो सकती है, लेकिन कुछ लोगों में इसका खतरा ज्यादा देखा जाता है।
हाई रिस्क ग्रुप
डॉक्टर सामान्य जांच से ही अधिकतर मामलों में पायलोनिडल साइनस पहचान लेते हैं। जरूरत पड़ने पर कुछ टेस्ट कराए जा सकते हैं।
जांच में शामिल हो सकते हैं
इलाज संक्रमण की गंभीरता पर निर्भर करता है। शुरुआती अवस्था में दवाइयों और सफाई से राहत मिल सकती है, लेकिन बार-बार होने वाली समस्या में सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।
बिना सर्जरी राहत पाने के उपाय
लेकिन अगर बार-बार पस बन रही हो, दर्द बढ़ रहा हो या साइनस ट्रैक्ट बन चुका हो, तो केवल घरेलू उपाय पर्याप्त नहीं होते।
आजकल लेजर सर्जरी को पायलोनिडल साइनस के लिए सुरक्षित और आधुनिक इलाज माना जाता है। इसमें बड़े चीरे की जरूरत नहीं पड़ती और रिकवरी भी जल्दी होती है।
लेजर सर्जरी कैसे की जाती है?
यह प्रक्रिया आमतौर पर 20 से 30 मिनट में पूरी हो जाती है।
अधिकतर मरीज कुछ दिनों में सामान्य काम शुरू कर देते हैं। पूरी रिकवरी में 2 से 4 सप्ताह लग सकते हैं।
रिकवरी के दौरान ध्यान रखने वाली बातें
घरेलू उपाय शुरुआती लक्षणों में थोड़ी राहत दे सकते हैं लेकिन स्थायी इलाज नहीं माने जाते।
अगर दर्द, पस या सूजन लगातार बनी रहे तो डॉक्टर से इलाज कराना जरूरी होता है।
इलाज में देरी करने पर संक्रमण बढ़ सकता है।
संभावित जटिलताएं
इन स्थितियों में तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करें:
कुछ शुरुआती मामलों में सूजन कम हो सकती है, लेकिन ज्यादातर मामलों में यह दोबारा हो जाता है।
अगर इलाज न कराया जाए तो संक्रमण बढ़ सकता है और बार-बार फोड़ा बन सकता है।
लेजर तकनीक में दर्द और कट काफी कम होता है।
शुरुआती अवस्था में अस्थायी राहत मिल सकती है, लेकिन पुरानी समस्या में सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।
अधिकतर मरीज 3 से 7 दिनों में सामान्य काम शुरू कर सकते हैं।
अगर सफाई और देखभाल न रखी जाए तो दोबारा होने की संभावना रहती है।
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