साइनस (Sinusitis) तब होता है जब नाक के आसपास की साइनस कैविटी में सूजन या संक्रमण हो जाता है, जिससे सिरदर्द, नाक बंद और चेहरे पर दर्द जैसी तकलीफें होती हैं। यह समस्या बार-बार लौटती है और नींद, काम और रोज़मर्रा की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित करती है। साइनस के परमानेंट इलाज के लिए आज ही Pristine Care के अनुभवी डॉक्टरों से परामर्श लें और हमेशा के लिए राहत पाएं।
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साइनस (Sinus) हमारी खोपड़ी में मौजूद हवा से भरी छोटी-छोटी गुफाएं होती हैं जो नाक के चारों ओर स्थित होती हैं। इनका मुख्य काम बलगम बनाना है, जो नाक को नम रखता है और धूल, कीटाणुओं से बचाता है।
जब इन गुफाओं में सूजन या संक्रमण हो जाता है, तो इसे साइनसाइटिस (Sinusitis) कहते हैं। यह भारत में हर 8 में से 1 व्यक्ति को होती है। अच्छी खबर यह है कि साइनस का परमानेंट इलाज आज पूरी तरह संभव है दवाओं से लेकर आधुनिक सर्जरी तक।
साइनस का इन्फेक्शन, सर्दी-जुकाम, एलर्जी, वायरस, फंगस, बैक्टीरिया, जानवरों के शरीर से निकलने वाली रूसी, प्रदूषित हवा, धुआं व धूल के कारण हो सकती है। अगर आप भी साइनस के संक्रमण से पीड़ित हैं और साइनस का रामबाण इलाज कराना चाहते हैं तो प्रिस्टीन केयर के अनुभवी ईएनटी विशेषज्ञों के साथ अपनी मुफ़्त अपॉइंटमेंट बुक करें।
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साइनस प्रॉब्लम ज़्यादातर सामान्य सर्दी, एलर्जिक राइनाइटिस, नेजल पॉलीप्स और डेविएटेड सेप्टम के कारण होती है। साइनसाइटिस को चार प्रकारों में बांटा गया है:
जब दवाइयों से राहत नहीं मिलती, तब सर्जरी ही साइनस का परमानेंट और स्थायी समाधान है।
FESS साइनस के लिए सबसे अधिक की जाने वाली और प्रभावी सर्जरी है। इसमें एंडोस्कोप की मदद से नाक और साइनस के बीच का मार्ग चौड़ा किया जाता है और संक्रमित ऊतकों को हटाया जाता है। सर्जरी के चरण:
यह एक न्यूनतम इनवेसिव (Minimally Invasive) सर्जरी है जिसमें बिना कट लगाए एक छोटा गुब्बारा नाक में डालकर साइनस मार्ग को खोला जाता है। सर्जरी के चरण:
यह सर्जरी गंभीर मामलों में तब की जाती है जब अन्य उपचार विफल हो जाते हैं। इसमें मैक्सिलरी साइनस में नए उद्घाटन के माध्यम से पहुंचकर क्षतिग्रस्त ऊतक हटाए जाते हैं।
आयुर्वेद में साइनस को “पीनस रोग” कहा जाता है। कई लोग दवाओं से पहले घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय आजमाते हैं, जो शुरुआती लक्षणों में काफी असरदार हो सकते हैं।
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क्या आप जानते हैं कि कुछ आसान घरेलू टिप्स अपनाकर साइनस के लक्षणों से जल्दी राहत मिल सकती है? यहाँ 8 सबसे असरदार तरीके दिए गए हैं:
साइनस में सही खानपान और परहेज उतना ही जरूरी है जितनी दवाई। सही आहार से बलगम कम होता है और रिकवरी तेज होती है।
हल्के साइनस संक्रमण में आप घर पर खुद कुछ उपाय करके राहत पा सकते हैं:
अगर इनमें से कोई भी लक्षण हो, तुरंत डॉक्टर से मिलें:
ईएनटी विशेषज्ञ आपके लक्षणों, चिकित्सा के इतिहास और जीवन शैली की आदतों के बारे में प्रश्न पूछकर निदान शुरू करेंगे। निष्कर्षों के आधार पर, डॉक्टर निम्नलिखित परीक्षणों का सुझाव दे सकते हैं:
क्रोनिक साइनसिसिस होने के अपने जोखिम को कम करने के लिए ये कदम उठाएं:
साइनस सर्जरी का खर्च सभी व्यक्ति के लिए अलग-अलग हो सकता है। भारत में इस सर्जरी की लागत ₹65,000 से ₹1,09,000 तक जा सकती है। खर्च में भिन्नता के कारण:
अच्छी बात यह है कि अधिकांश बीमा योजनाओं में साइनस सर्जरी कवर होती है। प्रिस्टिन केयर में नो-कॉस्ट EMI और बीमा क्लेम में पूरी सहायता उपलब्ध है।
साइनस का परमानेंट इलाज FESS (Functional Endoscopic Sinus Surgery) या Balloon Sinuplasty से होता है। हल्के मामलों में नाक के स्प्रे, इम्यूनोथेरेपी और एंटीबायोटिक्स से भी स्थायी राहत मिल सकती है। इलाज का चुनाव स्थिति की गंभीरता पर निर्भर करता है।
साइनस में ठंडा पानी, आइसक्रीम, दूध उत्पाद, जंक फूड और धूल-धुएं से बचना चाहिए। गर्म तरल पदार्थ, अदरक, हल्दी और ताज़े फल-सब्जियां फायदेमंद होती हैं।
नस्य क्रिया (नाक में अणु तेल डालना), त्रिकटु चूर्ण, जलनेति (saline nasal rinse), भाप चिकित्सा और हल्दी-दूध आयुर्वेद के प्रमुख साइनस उपाय हैं। ये शुरुआती लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं।
साइनस का ऑपरेशन आमतौर पर FESS (Endoscopic Surgery) से होता है। इसमें नाक में एंडोस्कोप डालकर संक्रमित ऊतक और पॉलीप्स हटाए जाते हैं। यह एक दिन की प्रक्रिया है और मरीज उसी दिन घर जा सकता है।
नहीं। हल्के और शुरुआती साइनसाइटिस के मामलों में दवाओं और घरेलू उपायों से राहत मिल जाती है। सर्जरी तब की जाती है जब 12 सप्ताह से अधिक समय तक दवाओं से राहत न मिले।
FESS सर्जरी के बाद सामान्यतः 1-2 सप्ताह में रिकवरी हो जाती है। पूरी तरह ठीक होने में 4-6 सप्ताह लग सकते हैं। इस दौरान डॉक्टर के निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
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