अम्बिलिकल हर्निया (Umbilical hernia) के दर्द से राहत पाने के लिए प्रिस्टीन केयर के सर्वश्रेष्ठ सर्जन के साथ अपना परामर्श बुक करें। दूरबीन के द्वारा अम्बिलिकल हर्निया का दर्द रहित प्रक्रिया अपनाएं और जल्द से जल्द अपने रोज़ाना की जिंदगी में वापस जाएं।
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अम्बिलिकल हर्निया के ऑपरेशन में अम्बिलिकल हर्निया को ठीक किया जाता है। सबसे पहले समझते हैं कि अम्बिलिकल हर्निया किसे कहते हैं? अम्बिलिकल हर्निया नाभि में मौजूद एक छोटी सी गांठ होती है। इसका निर्माण तब होता है, जब आंत और वसा युक्त ऊतक पेट की आंतरिक मांसपेशियों की परत में से बाहर फैलने लगते हैं।
ऐसे कई मामले देखे गए हैं, जिनमें हर्निया से कोई भी नुकसान नहीं होता है, लेकिन कभी कभी जब आंत हर्निया के कारण अंदर दब जाती है या आंत तक रक्त का प्रवाह रुक जाता है, तो इससे गंभीर जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। यह समस्या किसी को भी हो सकती है। अक्सर बच्चों में यह समस्या अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन व्यसकों में इस समस्या के लिए ऑपरेशन की आवश्यकता पड़ती है। वयस्कों में, लक्षणों के आधार पर ऑपरेशन का सुझाव दिया जा सकता है, लेकिन बच्चों के संदर्भ में ऑपरेशन का सुझाव तब तक नहीं दिया जाता है, जब तक बच्चे की उम्र 4-5 साल नहीं हो जाती है।
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अम्बिलिकल हर्निया यानी गर्भनाल हर्निया एक दर्दनाक स्थिति उत्पन्न कर सकता है और इस स्थिति के पता चलते ही आपको तुरंत इलाज की तरफ अग्रसर होना चाहिए। इसलिए हम प्रिस्टीन केयर में लेप्रोस्कोपिक तकनीक यानी दूरबीन का प्रयोग करके अम्बिलिकल हर्निया के लिए आधुनिक इलाज प्रदान करते हैं। यह आधुनिक लेप्रोस्कोपिक तकनीक मरीज के लिए हर तरह से फायदेमंद साबित होता है। हमारे पैनल में कुछ ऐसे अस्पताल हैं, जो अपने अत्याधुनिक सुविधाओं के लिए जाने जाते हैं। प्रिस्टीन केयर इलाज के लिए यूएफएसडीए द्वारा प्रमाणित नैदानिक परीक्षण और चिकित्सा तकनीक का उपयोग करते हैं। इसका अर्थ है कि आपको सटीक और सुरक्षित इलाज मिल रहा है।
प्रिस्टीन केयर में हमारे पास लैप्रोस्कोपिक सर्जनों की एक विशेष टीम भी है, जिनके पास सभी प्रकार के हर्निया के इलाज में विशेषज्ञता हासिल है। हमारे सर्जन के पास ओपन और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी करने का 10 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है, जिनकी सफलता दर 95% से भी अधिक है। अम्बिलिकल हर्निया के विशेषज्ञों से परामर्श एवं इलाज प्राप्त करने के लिए हमसे संपर्क करें।
अम्बिलिकल हर्निया ऑपरेशन से पहले निदान एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक विशेषज्ञ डॉक्टर शारीरिक परीक्षण के द्वारा अम्बिलिकल हर्निया की पहचान कर सकते हैं। इस शारीरिक जांच के दौरान वह आपको बैठने, खड़े होने और लेटने के दौरान खांसने के लिए कह सकते है। अम्बिलिकल हर्निया के सटीक कारण जानने के लिए डॉक्टर आपके मेडिकल इतिहास के बारे में भी पूछ सकते हैं।
इन सबके साथ स्थिति के सटीक निदान के लिए डॉक्टर पेट के अल्ट्रासाउंड (ultrasound), सीटी स्कैन (CT scan) या एमआरआई(MRI) जैसे इमेजिंग परीक्षण का सुझाव भी दे सकते हैं। परीक्षण के परिणामों के आधार पर, डॉक्टर सबसे सटीक इलाज और ऑपरेशन का चयन करते हैं।
लेप्रोस्कोपिक अम्बिलिकल हर्निया ऑपरेशन से पहले एनेस्थीसिया (बेहोशी की दवा) के विशेषज्ञ आपको बेहोशी की दवा देते हैं। कुछ मामलों में सुन्न करने की दवा का भी प्रयोग हो सकता है। इस संबंध में आखिरी निर्णय आपके सर्जन के द्वारा लिया जाता है। जैसे ही एनेस्थीसिया प्रभावी होता है, आप ऑपरेशन के दौरान किसी भी प्रकार के दर्द या परेशानी का अनुभव नहीं करते हैं।
इसके पश्चात सर्जन हर्निया के चारों तरफ 3-4 छोटे चीरे लगाते हैं। चीरे का आकार एक इंच से भी छोटा होता है। इन सभी चीरों में से एक चीरे में दूरबीन को डाला जाता है, जिसके माध्यम से सर्जन आपके पेट के अंदर के अंगों को साफ तरीके से देख पाते हैं। बाकी के चीरों के माध्यम से ऑपरेशन के लिए उपकरणों को डाला जाता है। इसके पश्चात सर्जन पेट को कार्बन-डाइऑक्साइड गैस से फुला लेते हैं, जिसके कारण हर्निया वाले क्षेत्र को देखने में समस्या नहीं होती है।
इसके बाद सर्जन फिर सर्जिकल उपकरण की सहायता से निकले हुए अंग को वापस उसकी सही जगह पर लगा देते हैं और फिर छेद को सर्जिकल जाली यानी मेश (mesh) से या उसके बिना बंद कर देते हैं। अम्बिलिकल हर्निया ऑपरेशन के बाद, टांके, सर्जिकल गोंद या स्टेपल की मदद से चीरों को बंद कर दिया जाता है।
लेप्रोस्कोपिक अम्बिलिकल हर्निया ऑपरेशन से पहले एनेस्थीसिया (बेहोशी की दवा) के विशेषज्ञ आपको बेहोशी की दवा देते हैं। कुछ मामलों में सुन्न करने की दवा का भी प्रयोग हो सकता है। इस संबंध में आखिरी निर्णय आपके सर्जन के द्वारा आपके स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर लिया जाता है। जैसे ही एनेस्थीसिया प्रभावी होता है, आपको ऑपरेशन के दौरान किसी भी प्रकार के दर्द या परेशानी का अनुभव नहीं होता है।
इसके पश्चात सर्जन हर्निया के चारों तरफ 3-4 छोटे चीरे लगाते हैं। चीरे का आकार एक इंच से भी छोटा होता है। इन सभी चीरों में से एक चीरे में दूरबीन को डाला जाता है, जिसके माध्यम से सर्जन आपके पेट के अंदर के अंगों को साफ तरीके से देख पाते हैं। बाकी के चीरों के माध्यम से ऑपरेशन के लिए उपकरणों को डाला जाता है। इसके पश्चात सर्जन पेट को कार्बन-डाइऑक्साइड गैस से फुला लेते हैं, जिसके कारण हर्निया वाले क्षेत्र को देखने में समस्या नहीं होती है।
इसके बाद सर्जन सर्जिकल उपकरण की सहायता से निकले हुए अंग को वापस उसकी सही जगह पर लगा देते हैं और छेद को सर्जिकल जाली यानी मेश (mesh) से या उसके बिना बंद कर देते हैं। अम्बिलिकल हर्निया ऑपरेशन की प्रक्रिया के बाद, टांके, सर्जिकल गोंद या स्टेपल की मदद से चीरों को बंद कर दिया जाता है।
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अम्बिलिकल हर्निया ऑपरेशन के तुरंत बाद, आप ऑपरेशन वाले क्षेत्र में किसी भी प्रकार के सेंसेशन को महसूस नहीं कर पाएंगे। इसका अर्थ यह है कि आप एनेस्थीसिया के प्रभाव में रहते हैं। जैसे ही इसका प्रभाव खत्म होता है आपको दर्द होगा, जिसके लिए डॉक्टर आपको कुछ दर्द निवारक दवाएं दे सकते हैं।
कई मामलों में, जब हर्निया का ऑपरेशन पूरा हो जाता है, तो मरीज को उसी दिन छुट्टी दे दी जाती है। लेकिन अगर डॉक्टर को लगता है की किसी जोखिम या जटिलता के उत्पन्न होने की संभावना बन रही है, तो ऐसे मामलों में सर्जन मरीज को 24 घंटे के लिए अस्पताल में रख सकते हैं।
अस्पताल से छुट्टी होने से पहले आपको कुछ आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाएंगे, जिसका पालन कर आप जल्द से जल्द रिकवर हो सकते हैं। आवश्यकता के अनुसार सर्जन आपको फॉलो-अप सत्र के लिए भी बुला सकते हैं।
प्रिस्टीन केयर में हम अम्बिलिकल हर्निया के ऑपरेशन के लिए लेप्रोस्कोपिक तकनीक (दूरबीन) का प्रयोग करते हैं क्योंकि इसके कई फायदे हैं जैसे-
प्रक्रिया की शुरुआत में डॉक्टर मरीज को बेहोश करते हैं या फिर सर्जरी वाले इलाके को पूरी तरह सुन्न कर देते हैं। सर्जरी करने में कुछ घंटों का वक्त लगता है। सर्जरी करने के बाद मरीज की स्थिति सामान्य होने तक उसे अस्पताल में रुकना पड़ता है और एक हफ्ते के भीतर मरीज को छुट्टी दे दी जाती है।
ओपन सर्जरी के चलते रिकवरी का समय ज्यादा होता है। इसलिए, सर्जरी के बाद सर्जन मरीज को कई हफ्ते तक आराम करने की सलाह देते हैं।
भीतर के सभी अंग साफ-साफ दिखाई दें, इसलिए, सर्जन कार्बन डाई-ऑक्साइड गैस को पेट में या ऑपरेशन वाले स्थान में डालते हैं। कार्बन डाई-ऑक्साइड और लैप्रोस्कोप में लगा हुआ कैमरा भीतरी अंग देखने में सर्जन की मदद करते हैं जिससे सर्जन सर्जरी को आसानी से बिना किसी रिस्क के पूरा कर पाते हैं। पूरी प्रक्रिया करने में बहुत कम समय लगता है और मरीज को 48 घंटे के भीतर अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है।
अम्बिलिकल हर्निया रिपेयर सर्जरी के बाद ठीक होने में लगभग 3 से 6 हफ्ते लगते हैं। रिपेयर के लिए इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक और मरीज की उपचार क्षमताओं के आधार पर हर एक मरीज के लिए उनके हिसाब से सर्जरी की अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। अगर मरीज स्वस्थ है और ओपन रिपेयर की जाती है, तो ठीक होने में लगभग 4 से 6 हफ्ते लगेंगे। वहीं, अगर लैप्रोस्कोपिक रिपेयर की जाती है, तो रिकवरी का समय लगभग 3 से 4 हफ्ते का होगा। अगर मरीज स्वस्थ नहीं है तो उसे ठीक होने में लंबा समय लग सकता है।
अम्बिलिकल हर्निया रिपेयर सर्जरी के परिणाम सर्जरी के तुरंत बाद दिखाई देंगे। सर्जरी वाली जगह पर कुछ चोट और सूजन होगी। लेकिन अंग को पीछे धकेलने पर उभार पूरी तरह से गायब हो जाएगा।
बाकी सभी ऑपरेशन की तर्ज पर हर्निया के भी कुछ जोखिम कारक हैं। हर प्रकार के हर्निया के ऑपरेशन के कुछ सामान्य जोखिम होते हैं जैसे-
इसके अलावा, रिकवरी पूरी होने तक ऑपरेशन के बाद की जटिलताएं होने के कुछ जोखिम भी हैं जैसे-
इन जोखिमों की संभावना को कम करने के लिए, डॉक्टर विस्तार में योजना बनाते हैं, जिसमें तेजी से रिकवरी के लिए कुछ सामान्य दिशा निर्देश होते हैं।
आमतौर पर, वयस्कों में अम्बिलिकल हर्निया के इलाज के लिए सर्जरी ज़रूरी है। लेकिन बच्चों में यह स्थिति बच्चे के 4-5 साल की उम्र तक अपने आप गायब हो सकती है। अगर स्थिति अपने आप ठीक नहीं होती है, तो हर्निया के रिपेयर के लिए सर्जरी की जाती है।
भारत में लैप्रोस्कोपिक अम्बिलिकल हर्निया रिपेयर सर्जरी का खर्च लगभग 90000 से शुरू हो कर 130000 रुपए तक हो सकता है। ये खर्च अस्पताल, सर्जन, सर्जरी के बाद की दवाइयों और शहर के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।
हां, अगर हर्निया के कारण असुविधा और दर्द हो रहा है, तो इसे गर्भावस्था के दौरान सर्जिकल प्रक्रिया के द्वारा कम से कम जोखिम के साथ ठीक किया जा सकता है। लेकिन अगर हर्निया से कोई समस्या नहीं हो रही है, तो डॉक्टर बच्चे के जन्म तक इलाज की प्रतीक्षा करने की सलाह दे सकते हैं।
अम्बिलिकल हर्निया रिपेयर सर्जरी होने के बाद बिलकुल चल सकते हैं। बाद में कोई शारीरिक काम या आहार प्रतिबंध नहीं हैं। आप चल सकते हैं, सीढ़ियाँ चढ़ सकते हैं और बैठ भी सकते हैं। अगर कसरत, चलने, सीढ़ियाँ चढ़ने या बैठने के दौरान आपको दर्द महसूस होता है, तो डॉक्टर आपको धीरे-धीरे इन गतिविधियों को फिर से शुरू करने के लिए कह सकते हैं।
अगर आपको हर्निया मेश से संक्रमण होता है, तो डॉक्टर हर्निया मेश को हटाने की सलाह देंगे। यह एक दूसरी सर्जिकल प्रक्रिया है जिससे मेश को हटाया जा सकता है।
हां, Pristyn Care में, हम उन मरीजों के लिए हर्निया मेश(mesh) हटाने की सर्जरी करते हैं।
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