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दूरबीन से हर्निया का ऑपरेशन - Hernia Ka Ilaj

सामान्य तौर पर हर्निया से कोई भी समस्या नहीं होती है, लेकिन जब यह आपको परेशान करने लगे, तो हर्निया का उपचार एक मात्र सटीक और सुरक्षित इलाज ऑपरेशन ही है। हर्निया बीमारी का इलाज के लिए ओपन और दूरबीन (लैप्रोस्कोपिक) ऑपरेशन दोनों तकनीकों का प्रयोग किया जाता हैं, जो पूरी तरह से सुरक्षित है और हर्निया के दर्द से राहत दिलाने में सक्षम है। प्रिस्टीन केयर के विशेषज्ञों से परामर्श लें हर्निया के लिए सर्वक्षेष्ठ और उत्तल इलाज प्राप्त करें।

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    Dr. Vipin Nagpal - Hernia Treatment Specialist in Pristyn Care Elantis Hospital, Lajpat Nagar, Delhi, over 31  Years Experience

    Dr. Vipin Nagpal

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    Dr. Rakesh Shivhare - Hernia Treatment Specialist in Opp.Badwani Plaza, Manorama Ganj, Old Palasia, Indore, Madhya Pradesh 452003, over 30  Years Experience

    Dr. Rakesh Shivhare

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    Dr. Apoorv Shrivastava - Hernia Treatment Specialist in Pristyn Care Eminent Hospital 6/1 Opp. Barwani Plaza,  Manorama Ganj, Old Palasia, Indore - 452018, over 25  Years Experience

    Dr. Apoorv Shrivastava

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    Dr. Daipayan Ghosh - Hernia Treatment Specialist in Pristyn Care Sheetla Hospital, Sector 8, Gurgaon, over 23  Years Experience

    Dr. Daipayan Ghosh

    MBBS, DNB-General Surgery
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हर्निया क्या है? (Hernia in Hindi)

पेट की मांसपेशियों के किसी हिस्से में कमजोरी आने की वजह से वहां से पेट के अंदर के अंग, सामान्यतः आंतें बाहर आने लगती हैं। इसके कारण पेट के उस भाग में सूजन आ जाती है। आमतौर पर नाभि के आसपास, जांघ या पेट के जोड़ वाले हिस्से (इनग्वायनल रीजन/ग्राईन) या पेट में पूर्व किए हुए ऑपरेशन के स्थान पर हर्निया की समस्या देखी जाती है। यह रोग दोनों को प्रभावित करता है, लेकिन इससे पुरुष अधिक प्रभावित होते हैं। यह किसी भी आयु वर्ग में जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक कभी भी हो सकता है। 

हर्निया के कारण आपको कुछ सामान्य लक्षणों का सामना करना पड़ सकता है। पेट के किसी भाग में सूजन इस समस्या का सामान्य लक्षण हैं। यह सूजन खड़े रहने, खांसने, चलने, भारी सामान उठाने या यूरिन अथवा शौच करते समय और जोर लगाने पर बढ़ सकती है। सूजन वाले स्थान पर लगातार हल्का दर्द भी होता रहता है।

यह सूजन लेटने या हाथ से दबाने पर पानी की गुड़-गुड़ जैसी आवाज के साथ अंदर चली जाती है या छोटी हो जाती है।

बहुत तेज दर्द, उल्टियां होना, पेट फूलना या दस्त होना इस बात का संकेत है कि हर्निया के कारण आपको कुछ जटिलताओं का सामना भी करना पड़ सकता है। 

यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। ऐसे मरीजों को तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए और इलाज लेना चाहिए।

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भारत में सर्वश्रेष्ठ हर्निया उपचार केंद्र - लेप्रोस्कोपिक हर्निया सर्जरी

जिन लोगों को हर्निया का निदान हुआ है, वह सभी एक ऐसे समाधान की तलाश में होते हैं, जिससे वह अपने दैनिक जीवन में फिर से वापस आ जाएं। इसलिए हम हर्निया के इलाज (Hernia ka Ilaj) के लिए आधुनिक, न्यूनतम इनवेसिव, प्रभावी और सुरक्षित ऑपरेशन की सुविधा प्रदान करते हैं। 

हमारे पास आधुनिक तकनीक और यूएसएफडीए (UFSDA) के द्वारा प्रमाणित नैदानिक ​​और सर्जिकल चिकित्सा उपकरण हैं। प्रिस्टीन केयर में सर्जनों की विशेष टीम है जो हर प्रकार के हर्निया के ऑपरेशन करने में सक्षम हैं। हमारे सभी सर्जनों का औसत अनुभव 10+ वर्षों का है, जिसकी सफलता दर 95% से भी अधिक है।

क्या आप इनमें से किसी लक्षण से गुज़र रहे हैं?

दूरबीन से हर्निया के ऑपरेशन के दौरान क्या होता है? (Hernia Surgery in Hindi)

निदान : (Hernia ka Operation)

हर्निया के इलाज (Hernia ka Ilaj) से पहले डॉक्टर कुछ बातों की पुष्टि करने पर विशेष जोर लगाते हैं। वह आपके स्वास्थ्य स्थिति के निदान के पश्चात हर्निया के प्रकार की जांच के लिए कुछ नैदानिक परिक्षण का सुझाव देते हैं। इस नैदानिक परीक्षण के माध्यम से ऑपरेशन की सटीक विधि पर भी विचार कर पाना संभव हो पाता है। एक सटीक निदान के लिए, मरीज को खड़े होने, स्ट्रेच करने या खांसने के लिए कहा जा सकता है। आगे के निदान के लिए और हर्निया के इलाज के लिए सबसे सुरक्षित ऑपरेशन का चुनाव करने के लिए, डॉक्टर पेट के अल्ट्रासाउंड (ultrasound), सीटी स्कैन (CT scan) या एमआरआई (MRI) जैसे इमेजिंग परीक्षण की सिफारिश भी कर सकते हैं। परीक्षण के परिणामों के आधार पर, डॉक्टर सबसे सटीक इलाज कर पाएंगे।

हर्निया का ऑपरेशन कैसा होता है?

लैप्रोस्कोपिक हर्निया ऑपरेशन की प्रक्रिया 

कम समय में खत्म हो जाने वाली यह सर्जरी ओपन सर्जरी के मुकाबले बहुत ही प्रभावी और सुरक्षित होती है। दूरबीन के ऑपरेशन की प्रक्रिया में सर्जन हर्निया का ऑपरेशन करने के लिए प्रभावित क्षेत्र के पास आधा इंच से भी कम के बहुत छोटे-छोटे चीरे लगाते हैं और उसके जरिए लैप्रोस्कोप (एक प्रकार की ट्यूब जिसके अंत में एक छोटा कैमरा लगा होता है) और अन्य उपकरण को शरीर के भीतर डालकर बाहर निकले हुए अंग को उसकी मूल जगह पर वापस लगा देते हैं।

शरीर के अंदर के सभी अंग साफ-साफ दिखाई दें इसलिए, सर्जन कार्बन डाई-ऑक्साइड गैस को पेट में या ऑपरेशन वाले स्थान में डालते हैं। कार्बन डाई-ऑक्साइड और दूरबीन में लगा हुआ कैमरा भीतरी अंग देखने में सर्जन की मदद करते हैं जिससे सर्जन ऑपरेशन को आसानी से और बिना किसी खतरे के पूरा कर पाते हैं। पूरी प्रक्रिया करने में बहुत कम समय लगता है और मरीज को 48 घंटे के अंदर ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है।

अपने आप को हर्निया बीमारी का इलाज (Hernia operation in Hindi) के लिए कैसे तैयार करें?

हर्निया के ऑपरेशन (Hernia in Hindi) से पहले आपको विशेष तैयारी की जरूरत होती है जैसे:-  

  • ऑपरेशन से छह घंटे पहले कुछ भी खाने और पीने की सलाह नहीं दी जाती है। ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि पाचन तंत्र में मौजूद भोजन ऑपरेशन के दौरान कुछ जटिलताओं का कारण बन सकता है।
  • कुछ दवाओं को ऑपरेशन में सहायता के लिए पहले से लेने के लिए कहा जा सकता है। ऑपरेशन से पहले कुछ दवाओं से बचने की सलाह दी जाती है, जिससे ऑपरेशन के दौरान समस्या उत्पन्न हो सकती है। 
  • आपको ऑपरेशन से एक हफ्ते पहले कुछ दवाएं जैसे एस्पिरिन, ब्लड थिनर, विटामिन E और गठिया की दवाएं लेने से बचना चाहिए। 
  • अगर आपको रक्त हानि जैसी समस्या पहले से है या थी या अगर आपको एनेस्थीसिया से एलर्जी है, तो ऑपरेशन के लिए जाने से पहले अपने डॉक्टर को सूचित ज़रूर करें। 
  • अस्पताल पहुंचने पर आपको ऑपरेशन के दौरान किसी भी संभावित जटिलताओं को खत्म करने के लिए ब्लड टेस्ट, छाती का एक्स-रे और अन्य टेस्ट करवाने पड़ सकते हैं।
  • अगर आप स्नान करना चाहते हैं तो ध्यान रहे की ऑपरेशन से पहले ही स्नान कर लें क्योंकि डॉक्टर ऑपरेशन के बाद सर्जिकल क्षेत्र को सूखा रखने की सलाह देते हैं, जो सर्जरी के बाद उस सर्जिकल क्षेत्र में संक्रमण और अन्य जटिलताओं से बचने में मदद करता है।

हर्निया सर्जरी के दौरान क्या होता है?

अस्पताल में भर्ती
Step 1 · 30–60 मिनट

अस्पताल में भर्ती

check मरीज अस्पताल पहुंचता है।
check रजिस्ट्रेशन और भर्ती की औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं।
check ब्लड प्रेशर, नाड़ी (Pulse) और ऑक्सीजन लेवल जैसे जरूरी संकेतों की जांच की जाती है।
सर्जरी से पहले की तैयारी
Step 2 · 15–30 मिनट

सर्जरी से पहले की तैयारी

check सर्जन और एनेस्थेटिस्ट मरीज की स्थिति का मूल्यांकन करते हैं।
check आवश्यक जांच रिपोर्टों की समीक्षा की जाती है।
check सर्जरी के लिए सहमति (Consent) फॉर्म पर हस्ताक्षर किए जाते हैं।
check दवाइयों और तरल पदार्थों के लिए IV लाइन लगाई जाती है।
एनेस्थीसिया देना
Step 3 · 10–15 मिनट

एनेस्थीसिया देना

check मरीज को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया जाता है।
check आमतौर पर जनरल एनेस्थीसिया दिया जाता है (कुछ मामलों में स्पाइनल एनेस्थीसिया भी दिया जा सकता है)।
check मरीज पूरी तरह दर्द-मुक्त और आरामदायक स्थिति में रहता है।
हर्निया सर्जरी शुरू होती है
Step 4 · 30–90 मिनट

हर्निया सर्जरी शुरू होती है

check सर्जन छोटे चीरे लगाकर हर्निया वाले हिस्से तक पहुंचता है।
check बाहर निकले हुए ऊतक या अंग को उसकी सामान्य स्थिति में वापस रखा जाता है।
check कमजोर मांसपेशी या पेट की दीवार को मजबूत किया जाता है।
check अधिकांश मामलों में दोबारा हर्निया होने के जोखिम को कम करने के लिए सर्जिकल मेष (Mesh) लगाई जाती है।
check चीरे को टांकों या सर्जिकल ग्लू से बंद किया जाता है।
रिकवरी की प्रक्रिया
Step 5 · 1–2 घंटे

रिकवरी की प्रक्रिया

check मरीज को रिकवरी रूम में शिफ्ट किया जाता है।
check नर्सें ब्लड प्रेशर, नाड़ी और ऑक्सीजन लेवल की निगरानी करती हैं।
check मरीज के पूरी तरह होश में आने के बाद तरल पदार्थ और हल्का भोजन शुरू कराया जाता है।
अस्पताल से छुट्टी
Step 6 · उसी दिन या 24 घंटे के भीतर

अस्पताल से छुट्टी

check अधिकांश मरीजों को उसी दिन या अगले दिन अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है।
check दर्द कम करने और संक्रमण से बचाव की दवाइयां दी जाती हैं।
check घाव की देखभाल, भारी वजन उठाने से बचने और फॉलो-अप से जुड़ी सभी जरूरी सलाह दी जाती है।

सर्जरी के बाद प्रिस्टीन केयर द्वारा दी जाने वाली निःशुल्क सेवाएँ

भोजन और जीवनशैली से जुड़े सुझाव

Post-Surgery Recovery Follow up

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24*7 सहायता

हर्निया ऑपरेशन रिकवरी टाइम in Hindi

हर्निया के ऑपरेशन के तुरंत बाद मरीज को डॉक्टर की निगरानी में रखा जाता है। मरीज के जागने के बाद, उसे आराम के लिए रिकवरी कक्ष में ले जाया जाता है। ऑपरेशन वाले जगह पर दर्द होगा, जिसे दूर होने में कुछ समय लग सकता है।

ज्यादातर मामलों में, मरीज को ऑपरेशन वाले दिन ही छुट्टी दे दी जाती है। डिस्चार्ज होने से पहले डॉक्टर मरीज को किसी सहारे की मदद से चलने या सीधे खड़े होने के लिए कहा जा सकता है। जल्द ठीक होने के लिए आहार में कुछ आवश्यक परिवर्तन का सुझाव दिया जा सकता है। चूंकि ज़्यादातर रिकवरी घर पर ही होगी, इसलिए डॉक्टर सारे ज़रूरी दिशा निर्देश देते है ताकि आप उनका पालन करके जल्द से जल्द ठीक हो जाएं और रोजाना के जीवन में फिर से वापस आ जाएं।

दूरबीन से हर्निया का ऑपरेशन के फायदे

इसमें कोई शक नहीं है कि दूरबीन से हर्निया का ऑपरेशन एक लाभकारी प्रक्रिया है। हर्निया के ओपन ऑपरेशन (Open Surgery) की तुलना में, दूरबीन से हर्निया के ऑपरेशन की प्रक्रिया न्यूनतम इनवेसिव है और इस ऑपरेशन को पूरा करने में कम समय लगता है। दूरबीन से ऑपरेशन के प्रमुख फायदों को नीचे दिया गया है –

  • दूरबीन ऑपरेशन के दौरान बहुत छोटे चीरे लगाए जाते हैं, जिसके कारण आप जल्द से जल्द रिकवर हो पाते हैं। 
  • चूंकि चीरे छोटे होते हैं, ऑपरेशन के बाद दर्द भी कम होता है।
  • दूरबीन से ऑपरेशन आपको रोज़ाना गतिविधियों को जल्द से जल्द शुरू करने में मदद करता है। 
  • लैप्रोस्कोपिक हर्निया ऑपरेशन के दौरान रक्त हानि और संक्रमण की संभावना भी कम होती है।
  • हर्निया का उपचार के लिए दूरबीन ऑपरेशन के मामलों में 24 घंटे से ज़्यादा समय के लिए अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं होती है।
  • हर्निया के फिरसे उत्पन्न होने की संभावना ना के बराबर होती है।
  • इस तकनीक में ऑपरेशन के निशान कम से कम होते हैं, जिसका अर्थ है कि प्रक्रिया में कोई भी सौंदर्य दोष नहीं होता है।

दूरबीन से हर्निया के ऑपरेशन के बाद देखभाल कैसे करें?

  • अगर संभव हो तो पहले तरल पदार्थों का सेवन करें और बाद में अपनी डाइट में थोड़ी-थोड़ी सॉलिड चीजों को शामिल करते जाएं। अगर आपको पहले की तरह भूख नहीं लग रही है तो यह पूरी तरह से सामान्य बात है, इससे घबराए नहीं। 
  • अपने आप को अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रखें और एक दिन में कम से कम 6 से 8 गिलास पानी पीने का प्रयास करें। 
  • अगर आप पैन किलर यानी दर्द निवारक दवाइयों का सेवन कर रहे हैं, तो शराब का सेवन बिल्कुल भी ना करें। 
  • काफी ढ़ीले और आरामदायक कपड़े पहनें ताकि टांकों पर रगड़ ना लगे। 
  • खुद को सक्रीय रखने का प्रयास करें और जितना हो सके, उतना थोड़े समय के लिए ही सही वॉक ज़रूर करें। 
  • रात में अच्छे से नींद लें 
  • ऑपरेशन के बाद ज्यादा भारी वजन ना उठाएं और हो सके तो पहले 6 से 8 हफ्तों में बिलकुल ही वजन ना उठाएं। 
  • बहुत ज्यादा समय के लिए एक ही जगह न बैठे रहें। 
  • शराब और धूम्रपान से दूरी बनाना जरूरी है। 
  • कुछ दिनों के लिए ज्यादा टाइट कपड़े पहनने से बचें। 
  • थोड़ी भी ब्लीडिंग होने पर डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें। 
  • बॉडी के निचले भाग में दबाव पड़ने वाले व्यायाम या कसरत करने से बचें।

हर्निया के कितने प्रकार के होते है? (Types of Hernia in Hindi)

इनगुइनल हर्निया इनगुइनल हर्निया सबसे सामान्य प्रकार का हर्निया है। रिसर्च के मुताबिक लगभग 70% हर्निया के मामलों में इनगुइनल हर्निया होता है। इस स्थिति में पेट के निचले भाग की परत में छेद हो जाता है और उस हिस्से की आंत बाहर आ जाती है।

आमतौर पर इस प्रकार का हर्निया इनगुइनल कैनाल यानी जांघ नलिका के आसपास होता है। महिलाओं की तुलना में इनगुइनल हर्निया पुरुषों को अधिक प्रभावित करता है। 

  • हाइटल हर्निया (Hiatal Hernia) – हाइटल हर्निया 50 से अधिक उम्र के लोगों में अधिक देखने को मिलता है। इस बीमारी से गर्ड (गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स) पैदा होता है, जिसके कारण पेट की सामग्री का रिसाव भोजन नलिका में होने लगता है जो आगे पेट में जलन का कारण बनता है।
  • अम्बिलिकल हर्निया (Umbilical Hernia)– अम्बिलिकल हर्निया 6 महीने से कम उम्र के शिशु में हो सकता है। इस बीमारी की स्थिति में आंत का उभार पेट की अंदरूनी परत के माध्यम से नाभि के पास पहुंच जाता है। अम्बिलिकल हर्निया एकमात्र ऐसा हर्निया है, जो पेट की मांसपेशियां मजबूत होने पर अपने आप ही ठीक हो जाता है। अगर बच्चे की उम्र एक साल है या उससे ज्यादा है उसके बाद भी अम्बिलिकल हर्निया ठीक नहीं होता है, तो डॉक्टर ऑपरेशन से इसका इलाज करते हैं।
  • इंसीजनल हर्निया (Incisional Hernia) – पेट में किसी भी प्रकार सर्जरी होने के बाद इंसीजनल हर्निया का खतरा अधिक होता है। ऑपरेशन के दौरान जहां चीर-फाड़ की जाती है, वहां और उसके आसपास की मांसपेशियों कमजोर हो जाती है, जिसके कारण व्यक्ति को इंसिजनल हर्निया का सामना करना पड़ सकता है। 
  • फीमोरल हर्निया (Femoral Hernia) – जब किसी अंदरूनी मांसपेशी में कमजोरी की वजह से पेट के निचले भाग में किसी अंग का हिस्सा उतर जाता है तो उसे फीमोरल हर्निया कहा जाता है। लेकिन अगर कोई टिशू या अंग कमजोर मांसपेशियों को पार करता हुआ जांघ के हिस्से में मौजूद फेमोरल कैनाल में पहुंच जाए, तो इसे फीमोरल हर्निया कहते हैं। इस हर्निया में पेट के निचले भाग या जांघ के पास अजीब सा उभार नजर आने लगता है। यह हिस्सा पेट और जांघ के बीच जोड़ में मौजूद होता है। फीमोरल हर्निया को फीमोरोसिल भी कहते हैं।

हर्निया बीमारी का इलाज के कितने प्रकार होते है?

हर्निया सर्जरी के 3 प्रकार होते है जैसे-

  • ओपन सर्जरी (open surgery) – इनगुइनल हर्निया का इलाज करने के लिए ओपन सर्जरी का इस्तेमाल लंबे समय से हो रहा है। सर्जरी के इस प्रकार में, डॉक्टर प्रभावित क्षेत्र में एक बड़ा कट लगाते हैं और कुछ ख़ास उपकरणों की मदद से बाहर निकले हुए अंग को उसकी मूल जगह पर वापस लगाकर इनगुइनल हर्निया का इलाज
    करते हैं।

प्रक्रिया की शुरुआत में डॉक्टर मरीज को बेहोश करते हैं या फिर सर्जरी वाले इलाके को पूरी तरह सुन्न कर देते हैं। सर्जरी करने में कुछ घंटों का वक्त लगता है। सर्जरी करने के बाद मरीज की स्थिति सामान्य होने तक उसे अस्पताल में रुकना पड़ता है और एक हफ्ते के भीतर मरीज को छुट्टी दे दी जाती है।

ओपन सर्जरी के चलते रिकवरी का समय ज्यादा होता है। इसलिए, सर्जरी के बाद सर्जन मरीज को कई हफ्ते तक आराम करने की सलाह देते हैं।

  • लैप्रोस्कोपिक सर्जरी (हर्निया की सर्जरी) – इन दिनों हर्निया की लैप्रोस्कोपिक ऑपरेशन का प्रचलन बहुत जोरो पर है। कम समय में खत्म हो जाने वाली यह सर्जरी ओपन सर्जरी के मुकाबले बहुत ही अच्छी होती है। लैप्रोस्कोपिक की प्रक्रिया में सर्जन हर्निया की सर्जरी करने के लिए प्रभावित क्षेत्र के पास बहुत छोटे-छोटे चीरे(आधा इंच से भी कम) लगाते हैं और उसके जरिए लैप्रोस्कोप (एक प्रकार की ट्यूब जिसके अंत में एक छोटा कैमरा लगा होता है) और अन्य उपकरण को भीतर डालकर बाहर निकले हुए अंग को उसकी जगह में व्यवस्थित करते हैं।

 भीतर के सभी अंग साफ-साफ दिखाई दें, इसलिए, सर्जन कार्बन डाई-ऑक्साइड गैस को पेट में या ऑपरेशन वाले स्थान में डालते हैं। कार्बन डाई-ऑक्साइड और लैप्रोस्कोप में लगा हुआ कैमरा भीतरी अंग देखने में सर्जन की मदद करते हैं जिससे सर्जन सर्जरी को आसानी से बिना किसी रिस्क के पूरा कर पाते हैं। पूरी प्रक्रिया करने में बहुत कम समय लगता है और मरीज को 48 घंटे के भीतर अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है।

  • रोबोटिक लेप्रोस्कोपिक (robotic laparoscopic) – हर्निया की यह सर्जरी,  लैप्रोस्कोपिक सर्जरी की तरह ही होती है। बस इसमें फर्क यह है कि यह प्रक्रिया रोबोटिक है जिसमें, डॉक्टर कंट्रोल रूम में बैठकर कंसोल की मदद से सभी प्रकार के उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, रोबोटिक सर्जरी का इस्तेमाल कुछ छोटी हर्निया या कमजोर क्षेत्रों को ठीक करने के लिए किया जाता है, इसके अलावा इसका इस्तेमाल पेट की दीवारों को दोबारा बनाने में किया जा सकता है।

Case Study - हर्निया बीमारी का इलाज - Hernia Operation in Hindi

एक 47 वर्षीय व्यक्ति ने अपने पेट के निचले भाग में एक छोटी सी गांठ देखी, जो धीरे-धीरे आकार में बढ़ती जा रही थी। यह जोर लगाने, खांसने या भारी वजन उठाने के दौरान साफ़-साफ़ दिखाई देने लगी और लेटते समय गायब हो जाती थी। लगभग एक साल तक ऐसा ही चला फिर उन्होंने ये देखा कि अब लेटने पर भी गांठ गायब नहीं हो रही है। सूजन के साथ दर्द भी बढ़ता जा रहा था जो खांसने या दबाव डालने पर बहुत बढ़ जाता था। 

जब उन्होंने तुरंत अपने नजदीकी Pristyn Care क्लिनिक में संपर्क किया और हमारे विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श किया। एक शारीरिक परीक्षण के बाद, यह पता चला कि उन्हें एक बड़ी, अपरिवर्तनीय, इनगुइनल हर्निया है। डॉक्टर के द्वारा  स्थिति का पूरी तरह से निदान करने के बाद, लैप्रोस्कोपिक हर्निया रिपेयर सर्जरी का सुझाव दिया। सर्जरी की गई, और हर्निया के चारों ओर एक सर्जिकल जाली लगाई गई। मरीज पिछले एक महीने से डॉक्टर के निर्देशों का पूरी तरह से पालन कर रहे हैं और अब वह धीरे धीरे ठीक हो रहे हैं।

हर्निया ऑपरेशन के बाद सूजन

हर्निया ऑपरेशन के बाद सूजन (स्वेलिंग) हो सकता है, जो सामान्यत: आम होता है, लेकिन यह समय के साथ घटित हो जाता है। यहां कुछ कारण और सुझाव हैं:

  1. सामान्य सूजन: हर्निया ऑपरेशन के बाद सामान्यत: थोड़ी सी सूजन हो सकती है, जो कुछ सप्ताहों या महीनों में समाप्त हो जाती है। यह सामान्यत: इलाज की आवश्यकता नहीं होती है और स्वभाविक हो सकती है।
  2. इन्फेक्शन: कभी-कभी, ऑपरेशन के स्थान पर इन्फेक्शन का कारण सूजन हो सकता है। यदि रोगी को अनुभव हो रहा है, तो उन्हें तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
  3. हैमेटोमा: कभी-कभी, रक्त संघटित होने के कारण हैमेटोमा या रक्त सुर्जन के स्थान पर सूजन का कारण बन सकता है।
  4. सर्जिकल मेश: यदि हर्निया को ठीक करने के लिए मेश (जाल) लगाया गया है, तो कभी-कभी इसके स्थान पर भी सूजन हो सकती है।

रोगी को चिकित्सक से मिलकर इस सूजन की स्थिति की जाँच करानी चाहिए। सूजन के साथ कोई अन्य लक्षण या समस्या हो, तो वह तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।

हर्निया ऑपरेशन के बाद क्या सावधानी रखनी चाहिए?

हर्निया ऑपरेशन के बाद, व्यक्ति को कुछ सावधानियों का पालन करना चाहिए ताकि उनकी रिकवरी सही तरीके से हो सके और कोई समस्याएं न उत्पन्न हों। यहां कुछ सामान्य सावधानियां हैं:

  1. आराम और शारीरिक चिकित्सा: ऑपरेशन के बाद, व्यक्ति को सुरक्षित रूप से उठने-बैठने और चलने-फिरने के लिए विशेष आसनों का पालन करना चाहिए। फिजियोथेरेपी अभ्यास और चिकित्सक के द्वारा निर्धारित शारीरिक कार्यों का भी पालन करना उपयुक्त होता है।
  2. दर्द नियंत्रण: चिकित्सक द्वारा प्रदान किए गए दर्द नियंत्रण दवाओं का सही समय पर उपयोग करना चाहिए। इससे दर्द कम होगा और रिकवरी में मदद मिलेगी।
  3. स्वस्थ आहार: स्वस्थ और पौष्टिक आहार लेना महत्वपूर्ण है। उचित मात्रा में प्रोटीन, फल, सब्जियाँ, और पूरे अनाज शामिल करना चाहिए।
  4. तंतूरुस्ति: ऑपरेशन के बाद, स्थानीय दूधारी स्थिति से बचने के लिए स्वच्छता का खास ख्याल रखना चाहिए। चिकित्सक द्वारा दिए गए सभी दिशा निर्देशों का पालन करना चाहिए।
  5. धीरे-धीरे शारीरिक क्रियाएं बढ़ाएं: ऑपरेशन के बाद, शारीरिक गतिविधियों को धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए। इससे शरीर की कमजोरी को दूर किया जा सकता है।
  6. चिकित्सक की सलाह: ऑपरेशन के बाद, व्यक्ति को चिकित्सक की सलाह और नियमित फॉलो-अप चेकअप का भी पालन करना चाहिए।

ये सावधानियां व्यक्ति को उच्च डर से बचाती हैं और हर्निया ऑपरेशन के बाद स्वस्थ रिकवरी में मदद करती हैं।

हर्निया ऑपरेशन के बाद दर्द

हर्निया ऑपरेशन के बाद, कुछ दर्द और असुविधा सामान्यत: हो सकती हैं, जो समय के साथ कम होती हैं। यह दर्द ऑपरेशन के प्रकार, रोगी की स्थिति, और उपयोग किए गए चिकित्सकीय तकनीकों पर निर्भर कर सकता है।

यहां कुछ सामान्य दर्द के कारण और उपाय हैं:

  1. सर्जिकल दर्द: सामान्यत: हर्निया ऑपरेशन के बाद, सर्जिकल क्षेत्र में दर्द हो सकता है जो चिकित्सक द्वारा दी गई दवाओं द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है।
  2. नस्लेजिया: ऑपरेशन के बाद नसों की आवश्यक बंधन के कारण नस्लेजिया (नसों की खिचाक) हो सकती है, जिससे दर्द हो सकता है।
  3. विशेष गतिविधियों से दर्द: कई बार, कुछ विशेष गतिविधियों के दौरान जैसे कि झुकना, उठाना, या तेज गति से चलना, दर्द हो सकता है।
  4. गैस और कब्ज: ऑपरेशन के बाद गैस बनने और कब्ज होने का सम्भावना है, जिससे दर्द हो सकता है। इसलिए, पर्याप्त पानी पीना और आपकी आहार में फाइबर शामिल करना महत्वपूर्ण है।
  5. नस्तरेस्सिया नाब्ज़ी की स्थिति: कुछ रोगियों में ऑपरेशन के बाद नस्तरेस्सिया (नाब्ज़ी की स्थिति) हो सकती है, जिससे दर्द हो सकता है।

हर्निया ऑपरेशन के बाद परहेज

हर्निया ऑपरेशन के बाद, रोगी को कुछ समय तक कुछ परहेज़ और बदलाव का पालन करना चाहिए ताकि उनकी रिकवरी में मदद हो और कोई समस्याएँ न उत्पन्न हों। यहां कुछ सामान्य परहेज़ हैं:

  1. उचित आराम और विश्राम: ऑपरेशन के बाद, रोगी को पहले कुछ दिनों तक आराम और विश्राम की आवश्यकता हो सकती है। वे उचित समय पर सोना चाहिए और अधिकतम आराम करना चाहिए।
  2. विशेष आसन और गतिविधियां: चिकित्सक द्वारा सुझाई गई विशेष आसन और गतिविधियों का पालन करना चाहिए। यह आसन और गतिविधियां शरीर की कमजोरी को दूर करने में मदद कर सकती हैं।
  3. उचित आहार: स्वस्थ और पौष्टिक आहार का सेवन करना महत्वपूर्ण है। यह आपके शरीर को ठीक से उर्जा प्रदान करने में मदद करेगा और त्वचा को स्वस्थ रखेगा।
  4. उचित तंतुरुस्ति: स्थानीय दूधारी स्थिति से बचने के लिए स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए। विशेषकर, स्थानीय स्थिति से बचने के लिए चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।
  5. दवाएं और उपाय: चिकित्सक द्वारा निर्धारित दवाएं और उपायों का पालन करना चाहिए। यह दर्द और अन्य समस्याओं को कम करने में मदद करेगा।
  6. चिकित्सक से सम्पर्क: रोगी को चिकित्सक के साथ नियमित फॉलो-अप चेकअप के लिए सम्पर्क में रहना चाहिए ताकि कोई समस्या तुरंत पहचानी और इलाज की जा सके।

हर्निया की बीमारी के ज़्यादातर पूछे जाने वाले सवाल

दूरबीन से हर्निया के ऑपरेशन का खर्च कितना आता है?

भारत में हर्निया का इलाज का खर्च लगभग से शुरू हो कर रुपए तक हो सकता है। यह खर्च अस्पताल, सर्जन, ऑपरेशन के बाद की दवाइयों और शहर के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।

हर्निया ऑपरेशन के बाद आपको किन खानपान की चीज़ों से बचना चाहिए?

कुछ खाद्य पदार्थ हर्निया सर्जरी के बाद कब्ज के खतरे को बढ़ा सकता है। इस प्रकार, आपको ऐसे खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए जिनमें निम्नलिखित चीजें शामिल हैं-

  • सफ़ेद ब्रेड
  • बिस्कुट और वेफर्स 
  • मीट, और सूखा भोजन
  • कार्बोनेटेड पेय और शराब 
  • मिठा और मिठास से भरपूर कोई भी खाना

हर्निया का इलाज के दौरान किस प्रकार के एनेस्थीसिया का उपयोग किया जाता है?

हर्निया का ऑपरेशन सामान्य, स्पाइनल या लोकल एनेस्थीसिया के तहत किया जाता है। एनेस्थेटिस्ट यह निर्धारित करने के लिए आपसे कुछ सवाल पूछ सकते हैं कि क्या आपको सामान्य एनेस्थीसिया से एलर्जी है। यदि ऐसा है, तो स्पाइनल या लोकल एनेस्थीसिया का प्रयोग किया जा सकता है।

हर्निया के इलाज के बाद मुझे फॉलो-अप की आवश्यकता कब होगी?

हर्निया का इलाज हर्निया का इलाज के 7 से 10 दिनों के बाद आपको डॉक्टर से सलाह लेने की सबसे अधिक ज़रूरत होगी। इस फॉलो-अप परामर्श के दौरान, डॉक्टर इलाज प्रक्रिया की निगरानी करेंगे और टांके (अगर कोई हो) को हटा देंगे। इसके बाद ही डॉक्टर तय करेंगे कि फॉलो-अप की आवश्यकता है या नहीं।

हर्निया का इलाज के बाद काम पर कब लौट सकते हैं?

हर्निया का इलाज के बाद आप अधिकतम 1 हफ्ते के अंदर ही काम पर लौट सकते हैं। अगर आपकी ओपन सर्जरी हुई है, तो ठीक होने में 2 हफ्ते से ज़्यादा का समय लग सकता है, जिसके कारण डॉक्टर आपको अपने दिनचार्य में फिर से लौटने के लिए मना करते हैं। कम से कम दो सप्ताह के बाद आप अपने ऑफिस या स्कूल जा सकते हैं।

हर्निया की सर्जरी के बाद आपको कौन से खाद्य पदार्थ खाने चाहिए?

हर्निया के ऑपरेशन के बाद आपको स्वस्थ और पौष्टिक आहार लेने की आवश्यकता होगी। इसलिए आपको निम्न चीजों का सेवन करना चाहिए-

  • तरल पदार्थ जैसे सोया दूध, बादाम का दूध, पौष्टिक पेय, आदि।
  • ताजे फल और सब्जियां
  • साबुत अनाज, फलियां, दलिया, चोकर, आदि।

क्या हर्निया की सर्जरी करवाना जरूरी है?

आमतौर पर हर्निया की समस्या घातक या जानलेवा नहीं होती है। लेकिन इसमें कम या अधिक दर्द हो सकता है। साथ ही आमतौर पर हर्निया को दूर करने के लिए हर्निया की सर्जरी की आवश्यकता होती है।

क्या हर्निया जानलेवा हो सकता है?

इसका मुख्य लक्षण एक उभार है, जो बच्चे के आराम करने या अच्छी नींद लेने पर कम हो सकता है। अगर इसका इलाज नहीं किया गया, तो यह हर्निया रक्त के संचार में मुश्किल पैदा कर सकता है। इससे बच्चे के जननांगों में सूजन आ सकती है और जान भी जा सकती है।

हर्निया ऑपरेशन के कितने दिन बाद गाड़ी चलाना चाहिए?

हर्निया ऑपरेशन के बाद गाड़ी चलाने का समय व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और ऑपरेशन के प्रकार पर निर्भर करता है। चिकित्सक द्वारा निर्धारित दिशा निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद, आमतौर पर लोगों को हर्निया ऑपरेशन के बाद कुछ हफ्तों तक गाड़ी चलाने से बचना चाहिए।

लापरोस्कोपिक (Minimally Invasive) हर्निया ऑपरेशन के बाद, रोगी अक्सर तेजी से सुधरते हैं और गाड़ी चलाने का समय कम हो सकता है, जबकि ओपन सर्जरी के बाद इस समय की अधिकता हो सकती है।

हर्निया के ऑपरेशन के बाद कितना वजन उठा सकते हैं?

हर्निया के ऑपरेशन के बाद वजन उठाने की सीमा व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति, ऑपरेशन के प्रकार, और रिकवरी की गति पर निर्भर करती है। आमतौर पर, चिकित्सक ऑपरेशन के बाद वजन उठाने के लिए विशेष सलाह देते हैं, और इसे सीमित रखा जाता है ताकि रिकवरी को हानि ना हो।

  1. आम दिशा निर्देश: आमतौर पर, हर्निया ऑपरेशन के बाद पहले कुछ हफ्तों तक ज्यादा भारी वजन उठाने से बचा जाता है। इसका मतलब है कि रोगी को धीरे-धीरे और हल्के वजन से आरंभ करना चाहिए।
  2. चिकित्सक की सलाह: चिकित्सक ऑपरेशन के बाद वजन उठाने के लिए विशेष दिशा निर्देश देंगे, जो रोगी की स्थिति और आरोग्यशास्त्र के नियमों के आधार पर होंगे।
  3. बरताव करें: ऑपरेशन के बाद, रोगी को अत्यधिक शारीरिक कार्यों से बचना चाहिए और वजन उठाने के लिए उन्हें चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।
  4. फिजियोथेरेपी: कई बार, चिकित्सक फिजियोथेरेपी से शुरू होने वाली कसरतों की सुझाव देते हैं, जो वजन उठाने के समर्थन में मदद कर सकती हैं और सुरक्षित रूप से रिकवरी करने में मदद कर सकती हैं।

व्यक्ति को वजन उठाने के लिए सही समय और तरीके की सूचना प्राप्त करने के लिए उनके चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

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हमारे मरीज़ों के अनुभव

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