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टेस्टिकुलर टॉर्सन (वृषण मरोड़) का इलाज

प्रिस्टीन केयर से टेस्टिकुलर टॉर्सन या अंडकोष की मरोड़ का प्रभावी इलाज प्राप्त करें। हमारे साथ भारत के कुछ सर्वश्रेष्ठ मूत्र रोग विशेषज्ञ जुड़े हुए हैं, जो वृषण मरोड़ का त्वरित एवं उत्तम इलाज प्रदान करने के लिए जाने जाते हैं। अभी अपने आस-पास के प्रिस्टीन केयर के सर्जन से अपॉइंटमेंट बुक करें और स्थिति का त्वरित इलाज प्राप्त करें।

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    Dr. Sanjeev Gupta

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  • वृषण मरोड़ (अंडकोष की मरोड़) क्या है?

    वृषण मरोड़ एक दुर्लभ चिकित्सा स्थिति है, जिसमें अंडकोष को रक्त प्रदान करने वाली शुक्राणु की कॉर्ड मुड़ जाती है और अंडकोष तक रक्त का प्रवाह रुक जाता है। यह समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है। लेकिन यह समस्या 12 से 18 वर्ष की आयु के लड़कों को अधिक प्रभावित करती है। मूत्र रोग विशेषज्ञों (युरोलोजिस्ट) का मानना है कि अंडकोष की मरोड़ या फिर टेस्टिकुलर टॉर्सन एक दुर्लभ स्थिति है और यदि इस स्थिति से कोई व्यक्ति परेशान है, तो उसे जल्द से जल्द सर्वश्रेष्ठ इलाज लेने की सलाह दी जाती है। 

    वृषण मरोड़ के कारण अंडकोष में अचानक और तीव्र दर्द हो सकता है, जिसकी वजह से रोगी को सूजन, लालिमा और अंडकोष में कोमलता का अनुभव हो सकता है। गंभीर दर्द के साथ-साथ मतली, उल्टी, बुखार और अन्य लक्षण भी रोगी को परेशान कर सकते हैं। 

    टेस्टिकुलर टॉर्सन के दो मुख्य प्रकार हैं: अप्रत्याशित टेस्टिकुलर टॉर्सन और इंटरमिटेंट टेस्टिकुलर टॉर्सन। अप्रत्याशित टेस्टिकुलर टॉर्सन सबसे आम प्रकार का टेस्टिकुलर टॉर्सन है। यह तब होता है जब व्यक्ति को पहले से ही कोई स्वास्थ्य समस्या होती है, जिसके कारण अंडकोष अपना सामान्य काम नहीं कर पाता है। इस प्रकार के मरोड़ अक्सर अचानक और बिना किसी स्पष्ट कारण के हो जाते हैं। वहीं दूसरी तरफ इंटरमिटेंट टेस्टिकुलर टॉर्सन दुर्लभ प्रकार का वृषण मरोड़ है। यह तब होता है, जब अंडकोष बार-बार मुड़ जाता है। यह अक्सर युवा पुरुषों में होता है और खेल या अन्य शारीरिक गतिविधि के कारण हो सकता है।

    अंडकोष की मरोड़ एक गंभीर स्थिति है, जिसके लिए तत्काल इलाज की आवश्यकता होती है। यदि इसका इलाज समय पर नहीं किया जाता है, तो अंडकोष तक रक्त की आपूर्ति नहीं हो पाती, जिसके कारण मृत्यु भी हो सकती है। इसके परिणामस्वरूप अंडकोष में गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है और अंततः यह नपुंसकता का भी मुख्य कारण बन सकता है। 

    वृषण मरोड़ के इलाज के लिए सबसे उत्तम विकल्प सर्जरी है। भविष्य में होने वाली समस्याओं को रोकने के लिए सर्जन शुक्राणु को ले जाने वाले कॉर्ड का इलाज करते हैं। यदि प्रभावित अंडकोष का इलाज नहीं हो पाता है, तो डॉक्टर अंडकोष को निकालने का सुझाव भी दे सकते हैं।

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    अंडकोष की मरोड़ के लक्षण -

    वृषण मरोड़ एक चिकित्सा स्थिति है, जिसके लिए त्वरित इलाज की आवश्यकता होती है। प्रभावित अंडकोष को किसी भी प्रकार के नुकसान से बचाने के लिए जल्द से जल्द जांच और स्थिति के इलाज की आवश्यकता होती है। वृषण मरोड़ के सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं:

    • अंडकोष में गंभीर दर्द: यदि किसी को भी अंडकोष में गंभीर दर्द और अचानक असुविधा का सामना करना पड़े, तो यह अंडकोष की मरोड़ का संकेत हो सकता है। दर्द की तीव्रता धीरे-धीरे भी हो सकती हैं और अचानक से भी। दर्द के साथ व्यक्ति को मतली और उल्टी का भी सामना करना पड़ सकता है। 
    • अंडकोष में सूजन और लालिमा: प्रभावित अंडकोष में सूजन, लालिमा और छूने पर कोमलता का सामना करना पड़ सकता है। 
    • पेट में दर्द: वृषण मरोड़ से मरीज को पेट में दर्द और परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यह समस्या खासकर पेट के निचले भाग को प्रभावित करती है।
    • अंडकोष के आकार में वृद्धि: प्रभावित अंडकोष का आकार सामान्य से अधिक होता है, जिसके कारण उसे छूने में दर्द हो सकता है। कुछ मामलों में स्थिति की शारीरिक जांच में भी समस्या आ सकती है। 
    • अंडकोष के रंग में बदलाव: जब अंडकोष तक रक्त का प्रवाह रुक जाता है, तो प्रभावित अंडकोष का रंग काला या फिर बदरंग दिखाई देता है। अंडकोष के रंग में हल्का भी बदलाव वृषण मरोड़ की तरफ संकेत करता है। 
    • बच्चों में अंडकोष की मरोड़: जिन बच्चों में अंडकोष की मरोड़ की समस्या होती है, उन्हें पेट में दर्द, उल्टी और चिड़चिड़ेपन के साथ-साथ प्रभावित अंडकोष में सूजन और लालिमा का अनुभव होता है। यह एक गंभीर स्थिति है, जिसका इलाज बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है। 

    यदि आप इनमें से किसी भी लक्षण का सामना करते हैं, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें क्योंकि अंडकोष की मरोड़ एक आपात चिकित्सा स्थिति है, जिसमें प्रभावित अंडकोष के नुकसान को रोकने के लिए त्वरित निदान और इलाज की आवश्यकता होती है।

    क्या आप इनमें से किसी लक्षण से गुज़र रहे हैं?

    अंडकोष की मरोड़ के कारण

    अंडकोष की मरोड़ की समस्या रोगी को तब परेशान करती है, जब अंडकोष के स्पर्म कॉर्ड आपस में मुड़ जाते हैं, जिससे अंडकोष तक रक्त संचार भी बंद हो जाता है। यदि वृषण मरोड़ का इलाज समय पर नहीं होता है, तो यह एक इमरजेंसी स्थिति बन सकती है। इसके कारण अंडकोष और आसपास के ऊतकों को नुकसान भी हो सकता है। चलिए जानते हैं कि अंडकोष की मरोड़ के पीछे के क्या क्या कारण है – 

    • अंडकोष का अपने स्थान पर न होना: कुछ स्थितियों में अंडकोष स्क्रोटम से सही से जुड़ा नहीं होता है। इसी वजह से अंडकोष के मरोड़ की स्थिति उत्पन्न होती है।
    • शारीरिक गतिविधि: खेल या व्यायाम जैसी गतिविधियों में ज्यादा जोर लगाने के कारण कभी कभी अंडकोष आपस में मुडने लग जाते हैं। इसके कारण रोगी को बहुत सारी शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
    • आघात या चोट: अंडकोष पर किसी भी प्रकार की चोट बहुत सारी समस्याओं का कारण बन सकती है। हमेशा अंडकोष को बचाने के लिए सपोर्ट गारमेंट पहनने की सलाह दी जाती है।
    • जन्म से मौजूद समस्या: जन्मजात विकार कुछ मामलों में वृषण मरोड़ का खतरा बढ़ा सकते हैं। यह भी एक प्रकार का टॉर्शन है, जिसे बेल क्लैपर डिफॉरमेटी कहा जाता है।
    • उम्र: अंडकोष में मरोड़ किशोर और युवा वयस्कों में अधिक आम है। 12 से 18 साल की उम्र के बीच के बच्चों को यह समस्या अधिक प्रभावित करती है।

    यहां यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि कई परिस्थितियों में अंडकोष में मरोड़ का कारण पता ही नहीं चल पाता है। यदि आपके अंडकोष में अचानक तेज और गंभीर दर्द होता है, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें, क्योंकि इस स्थिति को नजरअंदाज करने से रोगी को अंडकोष पर दीर्घकालिक क्षति का सामना करना पड़ सकता है।

    अंडकोष की मरोड़ के इलाज से पहले होने वाली जांच

    यदि किसी मरीज में वृषण मरोड़ के लक्षण दिखाई देते हैं, तो स्थिति की जांच के लिए डॉक्टर अंडकोष के शारीरिक परीक्षण का सुझाव देते हैं। वह स्थिति की पुष्टि करने और अन्य स्वास्थ्य समस्या की पहचान के लिए कुछ अन्य जांच का सुझाव भी दे सकते हैं। यहां कुछ अन्य नैदानिक परीक्षण भी दिए गए हैं, जो वृषण मरोड़ के इलाज से पहले किए जा सकते हैं:

    • अल्ट्रासाउंड: प्रभावित अंडकोष में रक्त के प्रवाह की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड का सुझाव दिया जाता है। जब अंडकोष मुड़ जाता है, तो अंडकोष में रक्त की आपूर्ति कम हो जाती है या गायब हो जाती है। इसका पता अल्ट्रासाउंड से चल सकता है। 
    • रक्त परीक्षण: शरीर या रक्त में किसी भी प्रकार के संक्रमण या सूजन का पता लगाने के लिए रक्त परीक्षण किया जा सकता है। इस परीक्षण के परिणाम के आधार पर इलाज की योजना बनाई जाती है। 
    • मूत्र परीक्षण: आमतौर पर मूत्र पथ के संक्रमण का पता लगाने के लिए मूत्र परीक्षण किया जाता है, जो अंडकोष में दर्द का कारण बन सकता है।

    हम आपको बार-बार बता रहे हैं कि यदि इस स्थिति का इलाज समय पर नहीं होता है, तो इसके कारण मरीज को बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। अंडकोष की मरोड़ के इलाज में देरी से अंडकोष को स्थायी नुकसान हो सकता है। यदि किसी भी व्यक्ति को अंडकोष में अचानक और गंभीर दर्द का अनुभव होता है, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। 

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    अंडकोष की मरोड़ का इलाज

    वृषण मरोड़ एक इमरजेंसी मेडिकल कंडीशन है, जिसका प्रभाव आपको लंबे समय तक देखने को मिल सकता है। यदि अंडकोष की मरोड़ का इलाज जल्द से जल्द नहीं होता है, तो अंडकोष लंबे समय तक प्रभावित हो सकता है। प्रिस्टीन केयर इलाज के दौरान क्षतिग्रस्त अंडकोष में रक्त के प्रवाह को बहाल करने का कार्य करता है। अंडकोष की मरोड़ के इलाज के लिए निम्नलिखित तरीकों का प्रयोग किया जा सकता है – 

    • दवा: अंडकोष की मरोड़ के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं से बचने के लिए दर्द निवारक दवाओं का सुझाव दिया जा सकता है। इन दवाओं के प्रयोग से कुछ समय के लिए राहत मिल जाती है, लेकिन जड़ से समाधान हो पाना बहुत ज्यादा मुश्किल है। 
    • मैनुअल डिस्टॉर्शन: मैनुअल डिस्टॉर्शन वह प्रक्रिया है, जिसमें सर्जन स्वयं अंडकोष के मरोड को ऑपरेशन के द्वारा खोलते हैं। इससे रक्त प्रवाह फिर से स्थापित हो जाता है। इस प्रक्रिया को करने के लिए एनेस्थीसिया का प्रयोग होता है और प्रक्रिया के दौरान आधुनिक तकनीक का प्रयोग होता है, जिससे वृषण मरोड़ की समस्या फिर से उत्पन्न न हो। 
    • सर्जरी: कुछ मामलों में अंडकोष की थैली को ऑपरेशन के द्वारा खोला जाता है और उन नसों को ठीक किया जाता है, जिसके कारण यह समस्या उत्पन्न होती है। ऐसा करने के पश्चात रक्त प्रवाह फिर से बहाल हो जाता है। कुछ मामलों में डॉक्टर ऑर्किओपेक्सी प्रक्रिया का प्रयोग कर सकते हैं। ऑर्किओपेक्सी एक सर्जिकल प्रक्रिया है, जिससे अनडिसेंडेड टेस्टिकल की स्थिति का इलाज किया जाता है।

    यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि नॉन सर्जिकल इलाज से स्थिति में कुछ समय के लिए ही राहत मिल पाती है। जब वृषण मरोड़ के इलाज की बात आती है, तो सर्जरी एक महत्वपूर्ण और सटीक इलाज साबित हो सकता है। यदि कोई व्यक्ति दवाओं का प्रयोग कर सिर्फ दर्द को कम करने की योजना बना रहा है, तो भविष्य में अंडकोष में गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। यदि आपके अंडकोष में अचानक और गंभीर दर्द होता है, तो आपको तुरंत प्रिस्टीन केयर के सर्वश्रेष्ठ मूत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए और इस समस्या का इलाज जड़ से प्राप्त करना चाहिए।

    वृषण मरोड़ की सर्जरी के लाभ

    अंडकोष की मरोड़ सर्जरी एक सुरक्षित और प्रभावी प्रक्रिया है। इस सर्जरी के बहुत सारे लाभ हैं और यह सारे फायदे हर व्यक्ति के स्वास्थ्य के अनुसार अलग अलग हो सकते हैं। चलिए एक एक करके अंडकोष में मरोड़ के लाभ के बारे में जानते हैं – 

    • प्रभावित अंडकोष का इलाज: सर्जरी का मुख्य उद्देश्य अंडकोष के क्षतिग्रस्त भाग का इलाज है। सर्जरी के द्वारा अंडकोष के रक्त प्रवाह को बहाल किया जाता है। यदि समय पर इलाज नहीं होता है, तो अंडकोष को निकालने की आवश्यकता पड़ सकती है। 
    • प्रजनन क्षमता: यदि अंडकोष का इलाज समय पर होता है और इसे निकाला नहीं जाता है, तो पुरुष की प्रजनन क्षमता प्रभावित नहीं होगी। आप यह भी कह सकते हैं कि इसके कारण पुरुष नपुंसकता से बच सकते है। 
    • कम दर्द: सर्जरी से अंडकोष की मरोड़ के कारण उत्पन्न होने वाले दर्द से राहत मिल सकती है। कई मामलों में देखा गया है कि सर्जरी के बाद मरीज को दर्द से पूर्णतः आराम मिल जाता है। 
    • जटिलताओं से रोकथाम: अंडकोष की मरोड़ का जल्द से जल्द इलाज वृषण मरोड़ की जटिलताओं से बचने में बहुत सहायता मिलती है। त्वरित इलाज के कारण टेस्टिकुलर इंफेक्शन से बचा जा सकता है। 
    • लंबे समय तक इलाज का प्रभाव: इस इलाज के बाद लंबे समय तक रोगी इस समस्या से परेशान नहीं होता है। 
    • जीवन की गुणवत्ता में सुधार: सर्जरी अंडकोष की मरोड़ से जुड़े दर्द और असुविधा से राहत देकर मरीज के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करता है। इससे वह दुरुस्त महसूस करते हैं और अपने जीवन को अच्छे से व्यतीत करते हैं। 

    यदि आप किसी भी कारणवश अंडकोष में समस्या का सामना कर रहे हैं, तो हम आपको सलाह देंगे कि जल्द से जल्द हमारे मूत्र रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें। 

    वृषण मरोड़ के जोखिम और जटिलताएं

    अंडकोष में मरोड़ के सामान्य जोखिम और जटिलताएं इस प्रकार हैं:

    • वृषण मरोड़ का सबसे गंभीर जटिलता अंडकोष में हमेशा के लिए होने वाला नुकसान है। यह समस्या तब उत्पन्न होती है, जब अंडकोष तक रक्त का संचार अच्छे से नहीं हो पाता है। 
    • नपुंसकता भी वृषण मरोड़ की एक गंभीर जटिलता है। 
    • ऑपरेशन के बाद अंडकोष के क्षतिग्रस्त भाग का इलाज तो हो जाता है, लेकिन कुछ मामलों में मरीज को अंडकोष में क्रोनिक पेन का सामना करना पड़ता है। 
    • इस रोग के कारण मनोवैज्ञानिक पीड़ा होना संभव है।
    • इलाज के बाद भी अंडकोष में मरोड़ के फिर से होने की संभावना बनी रहती है। 
    • इलाज में देरी या फिर गलत निदान अंडकोष में नुकसान का मुख्य कारण बन सकता है। 
    • प्रभावित अंडकोष को बचाने के लिए की जाने वाली सर्जरी अपने साथ कई खतरे लेकर आती है, जिसमें संक्रमण, रक्त हानि और शरीर के अन्य भाग में चोट शामिल है।
    • अंडकोष में मरोड़ के लक्षणों को दूर करने के लिए उपयोग की जाने वाली दर्द निवारक और अन्य दवाओं के कुछ खतरे और दुष्प्रभाव होते हैं।
    • भय, चिंता और उदासी सहित वृषण मरोड़ के भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक प्रभाव बहुत परेशान कर सकते हैं। कभी कभी इस मानसिक दबाव को कम करने के लिए कंसल्टेंसी की आवश्यकता पड़ सकती है। 

    वृषण मरोड़ के इलाज के बाद किस प्रकार की सावधानियां बरतनी चाहिए?

    अंडकोष में मरोड़ के इलाज के बाद हमेशा अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता की बात सुननी चाहिए। यदि आप अपने डॉक्टर की बात सुनते हैं और उनके दिशा-निर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन करते हैं, तो आप बिना किसी समस्या और जटिलता के दुरुस्त हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त नीचे बताए गए निर्देशों का पालन कर आप फिर से अपने दैनिक गतिविधियों को शुरू कर सकते हैं – 

    • आराम हर सर्जरी के बाद सबसे ज्यादा जरूरी है। जितना आराम आप करेंगे उतना ही ज्यादा लाभ आपको मिलेगा। इससे शरीर बहुत जल्द रिकवर करता है। 
    • ऑपरेशन के बाद कई सप्ताह तक, व्यायाम, भारी सामान उठाने या कमर के क्षेत्र पर तनाव डालने वाली सभी गतिविधियों से बचने की सलाह दी जाती है।
    • एडिमा की समस्या से आराम देने के लिए या फिर घायल अंडकोष को सहारा देने के लिए जॉकस्ट्रैप जैसे सपोर्ट गारमेंट पहनें।
    • यदि डॉक्टर ने दर्द निवारक दवाओं का सुझाव दिया है तो उनका सेवन निर्देशानुसार और समय अनुसार करें।
    • फॉलो-अप सेशन से रिकवरी की गति निर्धारित होती है। 
    • ऑपरेशन वाले क्षेत्र पर संक्रमण के किसी भी लक्षण, जैसे बुखार, बेचैनी, या लालिमा और सूजन होने पर अपने डॉक्टर से संपर्क करें क्योंकि यह एक गंभीर स्थिति में बदल सकता है। 
    • किसी भी प्रकार की समस्या होने पर अपने डॉक्टर से संपर्क करें। अपने डॉक्टर को महसूस हो रही समस्या के बारे में बताएं। 

    यदि किसी भी प्रकार की समस्या आपको नजर आती है, तो आपके लिए लाभकारी होगा कि आप जल्द से जल्द अपने डॉक्टर से संपर्क करें और इलाज की योजना पर कार्य करें। 

    वृषण मरोड़ के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

    अंडकोष में मरोड़ के कारण एक मरीज को कैसा अनुभव होता है?

    आमतौर पर अंडकोष में मरोड़ के साथ व्यक्ति को अंडकोष में अचानक और गंभीर दर्द, सूजन, लालिमा, या अंडकोष के सख्त होने जैसा महसूस होता है। कुछ मामलों में, इससे मतली और उल्टी भी हो सकती है।

    क्या एक अंडकोष से संतान प्राप्ति संभव है?

    आमतौर पर, वीर्य और टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन करने के लिए एक अंडकोष पर्याप्त होता है। एक अंडकोष वाले पुरुष भी दो अंडकोष वाले पुरुषों जितना वीर्य उत्पन्न करते हैं। इसलिए यदि इलाज के दौरान यदि एक अंडकोष को निकाल भी लिया जाता है तो भी एक अंडकोष से कोई व्यक्ति संतान प्राप्ति कर सकता है। 

    यदि वृषण मरोड़ का उपचार न किया जाए तो क्या होगा?

    यदि अंडकोष में मरोड़ का इलाज समय पर नहीं होता है, तो इससे अंडकोष स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त हो सकता है या फिर इसका प्रभाव लंबे समय तक देखने को मिलता है। 

    वृषण मरोड़ का खतरा किसे है?

    अंडकोष में मरोड़ का खतरा सबसे ज्यादा उन लोगों में है, जिनके घर परिवार में किसी को यह समस्या हो। अंडकोष के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की चोट अंडकोष में समस्या का कारण बन सकता है। 

    क्या वृषण मरोड़ से पुरुष नपुंसकता हो सकती है?

    ऐसा होने की संभावना सबसे कम है। यदि एक अंडकोष खराब भी हो जाए तो नपुंसकता की समस्या व्यक्ति को परेशान नहीं करती है। ऐसे में वह प्रजनन संबंधित किसी भी समस्या से दूर रहता है।  

    अंडकोष में मरोड़ के उपचार से पहले मुझे अपने मूत्र रोग विशेषज्ञ से क्या प्रश्न पूछने चाहिए?

    अंडकोष में मरोड़ के इलाज से पहले, प्रक्रिया की बेहतर समझ के लिए अपने मूत्र रोग विशेषज्ञ से अपने मन के सभी प्रश्नों को पूछना चाहिए। लेकिन कुछ ऐसे प्रश्न है जिन्हें हमेशा पूछना चाहिए जैसे – 

    • मेरे लिए अंडकोष में मरोड़ के इलाज के लिए सबसे अच्छा विकल्प क्या है?
    • इलाज से जुड़े जोखिम और जटिलताएं क्या है?
    • सर्जरी के बाद मुझे क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
    • क्या वृषण मरोड़ के इलाज के लिए सर्जरी ही एकमात्र विकल्प है?

    अंडकोष में मरोड़ की सर्जरी में कितना खर्च आ सकता है?

    भारत में वृषण मरोड़ की सर्जरी का औसत खर्च लगभग 30,000 रुपये लेकर से 70,000 रुपये तक आ सकता है।

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    Dr. Ankit Kumar
    13 Years Experience Overall
    Last Updated : July 20, 2024