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फिशर का इलाज

एनल फिशर (गुदा में दरार) के लिए तत्काल उपचार ज़रूरी है। आप Pristyn Care में एनल फिशर के लिए सर्वश्रेष्ठ उपचार का फायदा उठा सकते हैं, क्योंकि हमारे पास है अत्याधुनिक लेजर सर्जरी, एनोरेक्टल विशेषज्ञ और चिकित्सा देखभाल कोऑर्डिनेटर और इसके साथ-साथ आप बिना किसी अतरिक्त लागत(no-cost EMIs) के उपचार पा सकते हैं।

एनल फिशर (गुदा में दरार) के लिए तत्काल उपचार ज़रूरी है। आप Pristyn Care में एनल फिशर के लिए सर्वश्रेष्ठ उपचार का फायदा ... और पढ़ें

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    Dr. Vipin Nagpal

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    Dr. Daipayan Ghosh

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फिशर क्या होता है? - Fissure Meaning in Hindi

एनल फिशर यानी कि गुदा में दरार एक सामान्य एनोरेक्टल प्रॉब्लम है जो गुदा के आसपास के क्षेत्र को प्रभावित करती है। गुदा में लगने वाला कट या गुदा की त्वचा का छील या फट जाना एनल फिशर कहलाता है। फिशर का इलाज किया जा सकता है। अगर यह समस्या 6 हफ्तों से अधिक तक रहती है, तो इसे एनल फिशर की गंभीर स्थिति माना जाता है। यह समस्या सख्त मल त्याग करने के कारण भी हो सकती है। एनल फिशर के कारण मरीज को गुदा क्षेत्र में दर्द होता है या खून निकलता है। एनल फिशर का इलाज दवाओं और अन्य सावधानियों को अपनाकर साथ किया जा सकता है, लेकिन यदि एनल फिशर के लक्षण गंभीर स्थिति में पहुंच चुके हैं तो, इसके इलाज के लिए सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।

Treatment Information Details

बीमारी का नाम

एनल फिशर

सर्जरी का नाम

लेजर स्फिंक्टेरोटॉमी

अवधि

15 से 20 मिनट

सर्जन

जनरल सर्जन
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एनल फिशर के प्रकार और उनका ट्रीटमेंट

एनल फिशर अलग-अलग कारणों से हो सकता है जैसे पुराने दस्त, गंभीर कब्ज, चोट, इसके अलावा क्रोहन रोग, एनल कैंसर, एसटीडी (STDs), आदि।

एनल फिशर के 2 मुख्य प्रकार हैं:

  • तीव्र (Acute) फिशर– त्वचा की ऊपरी सतह पर छेद या दरार को तीव्र(Acute) फिशर कहा जाता है। इसको मल्हम, दवाओं, फाइबर से भरपूर आहार, और घरेलू उपचार जैसे सिट्ज़ बाथ (एनल की जगह को गर्म पानी से धोना) के साथ इलाज किया जा सकता है।
  • क्रोनिक (Chronic) फिशर– अगर त्वचा की सतह पर हुआ छेद या दरार ठीक ना हो पाए तो समय के साथ क्रोनिक(Chronic) फिशर विकसित होने लगता है। इस प्रकार की दरारों का सर्जरी से बेहतर इलाज किया जाता है।

क्या आप इनमें से किसी लक्षण से गुज़र रहे हैं?

फिशर के उपचार के दौरान क्या होता है?

निदान

यदि आप एनल फिशर का इलाज करवाना चाहते हैं तो, प्रिस्टीन केयर के पास अनुभवी प्रोक्टोलॉजिस्ट की टीम है। एनल फिशर का इलाज उसके लक्षणों की गंभीरता पर निर्भर करता है। इसे जीवनशैली में बदलाव, दवाओं और सर्जिकल प्रक्रियाओं की मदद से ठीक किया जा सकता है। एनल फिशर का इलाज करने से पहले प्रोक्टोलॉजिस्ट, मरीज को कई प्रकार की चिकित्सकीय जांच करने की सलाह दे सकते हैं। एनल फिशर की जांच प्रक्रिया में सिग्मोइडोस्कोपी, एंडोस्कोपी और कोलोनोस्कोपी शामिल है।

फिशर का ऑपरेशन कैसे होता है?

अगर आपका एनल फिशर दवा और अन्य उपचारों से ठीक नहीं होता है, तो फिर आपकी ये समस्या गंभीर है। गंभीर फिशर के लिए लेजर ट्रीटमेंट सबसे प्रभावी उपचारों में से एक है। इस प्रक्रिया के दौरान, मरीजों को पहले सामान्य या स्थानीय एनेस्थीसिया दिया जाता है। फिर जब मरीज सो जाता है तब सर्जन लेजर जांच का उपयोग करता है, लेजर उपकरण में से लेजर रेडिएशन निकलते हैं और ये रेडिएशन म्यूकस को ठीक करते हैं। इस उपचार में करीब 30 मिनट का समय लगता है और मरीज उसी दिन घर जा सकता है।

लेजर फिशर ऑपरेशन के लिए खुद को कैसे करें तैयार?

ऑपरेशन की तैयारी करते समय अपने डॉक्टर द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पालन करना ज़रूरी है ताकि यह तय हो पाए की आपके ठीक होने की प्रक्रिया सही दिशा में है।

  • अगर आपको किसी दवा से एलर्जी है तो अपने डॉक्टर को पहले से बता दें।
  • ऑपरेशन से एक रात पहले ज़्यादा भोजन करने से बचें।
  • ऑपरेशन से एक हफ्ते पहले शराब पीने और धूम्रपान करने से बचें।
  • ऑपरेशन के दिन हल्का भोजन करें। भारी खानपान से बचें जो फैट और कार्ब्स में ज़्यादा होते हैं।

फिशर की लेज़र सर्जरी के दौरान क्या होता है?

अस्पताल में भर्ती
Step 1 · 30–60 मिनट

अस्पताल में भर्ती

check मरीज अस्पताल पहुंचता है।
check रजिस्ट्रेशन और भर्ती की औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं।
check ब्लड प्रेशर, नाड़ी (Pulse) और ऑक्सीजन लेवल जैसे जरूरी संकेतों की जांच की जाती है।
सर्जरी से पहले की तैयारी
Step 2 · 15–30 मिनट

सर्जरी से पहले की तैयारी

check सर्जन और एनेस्थेटिस्ट मरीज की स्थिति का मूल्यांकन करते हैं।
check आवश्यक जांच रिपोर्टों की समीक्षा की जाती है।
check सर्जरी के लिए सहमति (Consent) फॉर्म पर हस्ताक्षर किए जाते हैं।
check दवाइयों और तरल पदार्थों के लिए IV लाइन लगाई जाती है।
एनेस्थीसिया देना
Step 3 · 10–15 मिनट

एनेस्थीसिया देना

check मरीज को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया जाता है।
check आमतौर पर स्पाइनल एनेस्थीसिया या शॉर्ट जनरल एनेस्थीसिया दिया जाता है।
check मरीज को दर्द महसूस नहीं होता और वह आरामदायक स्थिति में रहता है।
लेज़र फिशर सर्जरी शुरू होती है
Step 4 · 20–40 मिनट

लेज़र फिशर सर्जरी शुरू होती है

check सर्जन गुदा में मौजूद फिशर (दरार) और प्रभावित हिस्से की जांच करता है।
check आवश्यकता होने पर स्पिंक्टर मांसपेशी के अत्यधिक तनाव को कम किया जाता है।
check विशेष लेज़र ऊर्जा से प्रभावित ऊतक का उपचार किया जाता है।
check प्रक्रिया के दौरान आसपास के स्वस्थ ऊतकों को सुरक्षित रखा जाता है।
check आमतौर पर बड़े चीरे या टांकों की आवश्यकता नहीं होती।
check अंत में उपचार किए गए हिस्से की जांच की जाती है ताकि किसी प्रकार का रक्तस्राव न हो।
रिकवरी की प्रक्रिया
Step 5 · 1–2 घंटे

रिकवरी की प्रक्रिया

check मरीज को रिकवरी रूम में शिफ्ट किया जाता है।
check नर्सें ब्लड प्रेशर, नाड़ी और मरीज की स्थिति की निगरानी करती हैं।
check पूरी तरह होश में आने के बाद मरीज को तरल पदार्थ पीने की अनुमति दी जाती है।
अस्पताल से छुट्टी
Step 6 · उसी दिन या 24 घंटे के भीतर

अस्पताल से छुट्टी

check अधिकांश मरीजों को उसी दिन अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है।
check दर्द कम करने, मल को नरम रखने और घाव की देखभाल के लिए दवाइयां दी जाती हैं।
check खान-पान, साफ-सफाई और फॉलो-अप से जुड़ी सभी जरूरी सलाह दी जाती है।

सर्जरी के बाद प्रिस्टीन केयर द्वारा दी जाने वाली निःशुल्क सेवाएँ

भोजन और जीवनशैली से जुड़े सुझाव

Post-Surgery Recovery Follow up

मुफ्त कैब सुविधा

24*7 सहायता

फिशर लेजर ऑपरेशन के बाद ठीक होने की प्रक्रिया क्या है?

एनल फिशर लेजर सर्जरी के बाद ठीक होने की प्रक्रिया अलग-अलग व्यक्तियों के लिए अलग-अलग होती है। एनल फिशर लेजर सर्जरी से पूरी तरह ठीक होने में 30 से 45 दिन लग सकते हैं। इसलिए, आपके ठीक होने के पहले महीने में, आपको नीचे बताई गई चीज़ों पर ध्यान देना चाहिए:

  • भारी वजन उठाने से बचें क्योंकि इससे सर्जिकल जगह पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
  • ऐसा भोजन करें जो पौष्टिक हो और जो फाइबर से भरपूर हो। तेल और तली हुई चीजों से परहेज करें।
  • यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप हाइड्रेटेड हैं, हर दिन कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पिएं।
  • अपने मल त्याग के दौरान ज़ोर ना लगाएं।
  • अगर आपको मल त्याग करने में कठिनाई आ रही है, तो मल सॉफ्टनर का इस्तेमाल करें लेकिन सिर्फ डॉक्टर से परामर्श करने के बाद।
  • दवाइयां लेने और अपने डॉक्टर द्वारा बताए गए मल्हम/क्रीम लगाने में सावधानी बरतें।

एनल फिशर प्रॉब्लम के लिए लेजर ट्रीटमेंट के फायदे जानें

  • न्यूनतम रक्तस्राव और दर्द: लेजर ट्रीटमेंट के दौरान कम से कम खून निकलता है और सर्जरी के बाद दर्द कम होता है क्योंकि लेजर केवल उसी जगह पर असर करती है जहां मरीज को दिक्कत हो रही है।
  • बेहतर सटीकता: लेजर सर्जरी आसपास के टिशू को नुकसान पहुंचाए बिना सिर्फ जिस जगह पर परेशानी है वहीं इलाज करके सटीकता प्रदान करती है।
  • कुछ मिनटों की सर्जरी – एनल फिशर लेजर सर्जरी एक डे केयर सर्जरी है, यानी, आपको उसी दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।
  • जल्द रिकवरी होती है: चूंकि यह एक कम चीरा लगाने वाली प्रक्रिया है, इसलिए रिकवरी जल्द हो जाती है।

अगर फिशर का समय पर उपचार नहीं किया जाए तो क्या होगा?

एनल फिशर के उपचार में देरी से आपकी स्थिति और खराब हो सकती है। नीचे दिए गए कुछ जोखिम हो सकते हैं जैसे:

  • क्रोनिक फिशर: अगर समय पर इसका इलाज नहीं किया जाता है तो एक तीव्र फिशर एक क्रोनिक स्थिति बन सकता है। फिशर जो 6 से 7 हफ्ते से ज़्यादा समय तक मौजूद रहते हैं, उन्हें क्रॉनिक माना जाता है।
  • मल त्याग करने में कठिनाई: एनल म्यूकस में खिंचाव के कारण फिशर, मल त्याग को बहुत दर्दनाक बना सकता है।
  • आस-पास की मांसपेशियों का फटना: लगातार तनाव और ऐंठन से एनल फिशर आसपास की मांसपेशियों को फाड़ सकता है।

फिशर ठीक होने के लक्षण

  • दर्द में कमी
  • जलन या खिंचाव में राहत
  • खून आना बंद होना
  • सूजन का कम होना
  • खुजली या जलन का जाना
  • सामान्य रूप से मल त्याग
  • घाव भर जाना
  • कब्ज में सुधार

फिशर में क्या नहीं खाना चाहिए और क्या खाना चाहिए

फिशर, पाइल्स और फिस्टुला कुछ ऐसे रोग हैं जिसमें आपका आहार एक विशेष भूमिका निभाता है। क्या नहीं खाना चाहिए से पहले आपको जानना होगा कि फिशर रोग को अच्छा करने के लिए खाने में क्या क्या खाना चाहिए। निम्नलिखित आदतों को अपनाकर आप फिशर रोग को जल्द से जल्द खत्म कर स्वस्थ हो सकते हैं – 

  • अपने आहार में फाइबर की मात्रा बढ़ाएं।
  • उन फलों का सेवन करें जिनमें साइट्रस की मात्रा अधिक होती है। 
  • मटर और फलियों को अपने आहार में जोड़ें। 
  • भरपूर पानी पीएं।
  • अलसी का बीज आपके लिए लाभकारी साबित होगा। 
  • सेब और पपीते का सेवन करने से आपको लाभ होगा। 

वहीं, अगर आप फिशर के समय या फिशर के ऑपरेशन के बाद भी मसालेदार भोजन, जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड, बेकरी उत्पाद जैसे- केक, पेस्ट्री आदि, दुग्ध उत्पाद, कैफीन युक्त पेय या शराब का सेवन करते हैं, तो स्थिति आपके लिए और भी ज्यादा गंभीर हो सकती है। फिशर की जटिलताओं से बचने के लिए आपको इन सभी चीजों को खुद से दूर करना होगा। इस बात से हमें यह तो पता चल गया है कि फिशर में क्या नहीं खाना चाहिए, लेकिन इस संबंध में अधिक जानकारी आपको अपने डॉक्टर से ही मिलेगी। 

ज़्यादतर पूछे जाने वाले सवाल

फिशर का घरेलू इलाज क्या है?

अगर आपका एनल फिशर ज़्यादा गंभीर नहीं है तो आप घर पर रह कर एनल फिशर का इलाज कर सकते है। आप एलोविरा जेल का पानी या उससे फिशर की जगह पर लगा सकते हैं। आप जैतून के तेल को भी फिशर की जगह पर लगा सकते हैं। इसके साथ-साथ हल्के गर्म पानी से स्नान कर सकते हैं।

फिशर सर्जरी के बाद रिकवरी कब तक होती है?

एनल सर्जरी के बाद रिकवरी का समय रोगी की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। यह एक मरीज से दूसरे में भिन्न-भिन्न हो सकता है। आमतौर पर एनल फिशर सर्जरी के बाद मरीज को पूरी तरह से ठीक होने में करीब 6 सप्ताह से लेकर 3 महीने तक का समय लग सकता है।

एनल फिशर के लिए सबसे अच्छा इलाज क्या है?

एनल फिशर का सुरक्षित और प्रभावी ढंग से इलाज करने के लिए लेजर एनल फिशर सर्जरी जैसे विशेष इलाज हैं। यह प्रक्रिया चीरा और कट रहित प्रक्रिया है जो मरीजों को सर्जरी के बाद जल्द से जल्द ठीक होने में मदद करती है।

एनल फिशर के क्या-क्या कारण हैं?

फिशर दवाइयों के साइड इफ़ेक्ट से भी हो सकता है। अगर आप ज़्यादा फ़ास्ट फ़ूड खाते हैं या फिर आप ज़्यादा मिर्च और मसाले का भोजन करते हैं तो भी आपको एनल फिशर हो सकता है। इसके साथ मैदा से बना खाना खाने से बचें ये भी एक एनल फिशर होने का कारण बनता है।

एनल फिशर होने की संभावना कब बढ़ जाती है?

  • जब कब्ज हो तब फिशर रोग होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
  • कम पानी पीने पर भी फिशर रोग होने की संभावना बहुत अधिक होती है।
  • ऐसे लोग जिन्हें बाजार का जंक फूड जैसे पिज्जा, बर्गर, नॉन वेज सहित अधिक मिर्च-मसाले वाला भोजन खाने का शौक होता है।
  • जो लोग अधिकतर समय बैठे रहते हैं और शारीरिक मेहनत वाला काम नहीं करते उनको यह बीमारी आसानी से हो सकती है।

एनल फिशर के क्या लक्षण होते हैं?

  • कभी-कभी गुदा में बहुत जलन होती है। गुदा में होने वाली जलन कई बार शौच जाने के 4 या 5 घंटे के बाद तक बनी रहती है।
  • गुदा में खुजली होती है।
  • फिशर की स्तिथि में मल द्वार में अचानक दर्द शुरु हो जाता है।
  • फिशर से पीड़ित व्यक्ति के गुदा से पस निकलना जो पतले पानी जैसा होता है।

एनल फिशर सर्जरी के जोखिम क्या हैं?

ज़्यादातर एनल फिशर सर्जरी सफल होती है, और रोगी संतुष्ट होता है। हालांकि, किसी भी अन्य सर्जरी की तरह, सर्जिकल प्रक्रिया के दौरान संभावित जटिलताएं हो सकती हैं। कुछ जटिलताएं हो सकती हैं जैसे:

  • रक्तस्राव: हालांकि बहुत ही कम होता है, एनल फिशर की सर्जरी के दौरान रक्तस्राव या खून निकलने की संभावना होती है।
  • असंयम: कई मरीज सर्जरी के तुरंत बाद अस्थायी असंयम से पीड़ित होते हैं। समस्या 2-3 हफ्ते से अधिक रहने की संभावना नहीं है और जब तक मरीज पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाता तब तक बनी रह सकती है।
  • पेरिअनल फोड़ा: कुछ लोगों को सर्जरी के बाद फोड़ा या एनल फिस्टुला(भगंदर) होने की शिकायत होती है लेकिन ऐसा बहुत कम होता है।

फिशर की बीमारी कैसे होती है?

एनल फिशर एक दर्दनाक बीमारी है। इसके कारण मरीज को गुदा क्षेत्र काफी दर्द का सामना करना पड़ता है। गंभीर स्थिति में मल त्यागते समय मरीज को ब्लीडिंग भी हो सकती है। इसके कारण गुटा क्षेत्र में एक दरार बना जाती है।एनल फिशर अलग-अलग कारणों से हो सकता है जैसे पुराने दस्त, गंभीर कब्ज, चोट, इसके अलावा क्रोहन रोग, एनल कैंसर, एसटीडी (STDs), आदि। तीव्र (Acute) फिशर– त्वचा की ऊपरी सतह पर छेद या दरार को तीव्र (Acute) फिशर कहा जाता है।

फिशर का सही इलाज क्या है?

एनल फिशर का इलाज उसकी गंभीरता और मरीज की स्वास्थ् स्थिति पर निर्भर करता है। लेकिन ज्यादातर मामलों में इसके सटीक इलाज के लिए लेजर ट्रीटमेंट किया जाता है।

फिशर को जड़ से खत्म कैसे करें?

फिशर को जड़ खत्म करने के लिए सर्जिकल ट्रीटमेंट की आवश्यकता होती है। हालांकि सर्जिकल ट्रीटमेंट के बाद भी दोबारा फिशर होने की संभावना बनी रहती है। इससे बचने के लिए स्वस्थ्य और व्यवस्थित जीवन शैली का अनुसरण बेहद जरूरी होता है। ऐसे में सर्जरी के बाद डॉक्टर द्वारा सुझाए गए दिशा-निर्देशों का पालन करते रहें।

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MEDICALLY REVIEWED CONTENT

Dr. Pankaj Sareen
Dr. Pankaj Sareen
MBBS, MS - General Surgery
24 yrs experience
Pristyn Care Team
Pristyn Care Team
Healthcare Expert
Updated On · July 23, 2026

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