पित्त की थैली में स्टोन एक दर्दनाक स्थिति है, जिसके कारण पित्त की थैली अपने रोजाना के कार्यों को करने में असमर्थ रहती है। हम चिकित्सा विशेषज्ञता के साथ कम से कम चीरा लगाकर दूरबीन सर्जरी, 24*7 देखभाल के लिए केयर कोऑर्डिनेटर और ऑपरेशन के बाद की देखभाल के साथ पित्त की थैली की पथरी निकालने का अचूक उपाय प्रदान करते हैं।
पित्त की थैली में स्टोन एक दर्दनाक स्थिति है, जिसके कारण पित्त की थैली अपने रोजाना के कार्यों को करने में असमर्थ रहती ... और पढ़ें

मुफ्त कैब सुविधा

नो-कॉस्ट ईएमआई

बीमा क्लेम में सहायता

सिर्फ एक दिन की प्रक्रिया

यूएसएफडीए द्वारा प्रमाणित
Choose Your City
It help us to find the best doctors near you.
अहमदाबाद
बैंगलोर
भुवनेश्वर
चंडीगढ़
चेन्नई
कोयंबटूर
दिल्ली
हैदराबाद
इंदौर
जयपुर
कोच्चि
कोलकाता
कोझिकोड
लखनऊ
मदुरै
मुंबई
पटना
पुणे
रायपुर
राँची
तिरुवनंतपुरम
विजयवाड़ा
विशाखापट्टनम
दिल्ली
हैदराबाद
पुणे
मुंबई
बैंगलोर
पित्ताशय, पित्त की थैली या गॉलब्लैडर शरीर का छोटा सा अंग है। यह लिवर या फिर यकृत के पीछे स्थित होता है। पित्ताशय का मुख्य कार्य पित्त (Bile) या डाइजेस्टिव फ्लूइड को एकत्रित करना है और उसे पित्त नली से छोटी आंत में ले जाना है। डाइजेस्टिव फ्लूइड लिवर में बनता है। पित्ताशय नाशपाती के आकार का होता है। कई बार पित्ताशय में पथरी (Gallbladder stone in Hindi) की समस्या हो जाती है। जिसके कारण पथरी के इलाज की आवश्यकता होती है।
पित्त की पथरी को अंग्रेजी भाषा में गॉल स्टोन कहते हैं। इन पथरी का निर्माण पित्ताशय की थैली में होता है। पित्त की पथरी लीवर के नीचे होती है। यदि सही समय पर दूरबीन द्वारा पथरी का ऑपरेशन नहीं होता है तो पित्त की पथरी के कारण रोगी को अत्यधिक दर्द का अनुभव हो सकता है। पित्ताशय में जब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने लगती है और वह जमने लगता है, तो व्यक्ति पित्त को पथरी की समस्या का सामना करना पड़ता है। पित्त की पथरी के कारण रोगी को असहनीय दर्द का सामना करना पड़ सकता है। इसके कारण रोगी को पाचन संबंधित समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है।
ऐसे में रोगी असहनीय दर्द का सामना करते हैं और साथ में उन्हें खाना पचने में भी दिक्कत आती है। हमारे विशेषज्ञ सर्जन के साथ परामर्श सत्र बुक करें और दूरबीन द्वारा पथरी का ऑपरेशन कराएं।
वास्तविक कीमत जाननें के लिए जानकारी भरें
पित्ताशय की पथरी के इलाज (पित्त की थैली की पथरी निकालने का अचूक उपाय) के बारे में जानकारी से पहले यह जानना आवश्यक है कि पित्त की पथरी कितने प्रकार की होती है। कुछ मामलों में पथरी के प्रकार के आधार पर ही इलाज की योजना बनती है। पित्ताशय की पथरी को उनकी संरचना के आधार पर दो मुख्य प्रकार में बांटा गया है:
लैप्रोस्कोपिक कॉलेसिस्टेक्टमी (Laparoscopic Cholecystectomy, cholelithiasis in hindi) पित्ताशय यानी कि गॉल ब्लैडर (Gallbladder) से संबंधित सर्जरी है। पित्ताशय में स्टोन यानी पथरी हो जाती है, जिसे सर्जरी के द्वारा निकाला जाता है। गॉल ब्लैडर(पित्ताशय की थैली) में होने वाली इस सर्जरी को लैप्रोस्कोपिक कॉलेसिस्टेक्टमी सर्जरी कहते हैं। गॉल ब्लैडर (पित्ताशय की थैली) में स्टोन यानी पथरी होना आज एक आम समस्या है और एक ही परिवार में कई लोगों को हो सकती है। पित्त की थैली में पथरी होने का सबसे बड़ा कारण है फैट युक्त भोजन की ज्यादा मात्रा लेना। सर्जन सर्जिकल उपकरण पेट में डालते हैं। इन सर्जिकल उपकरण में दूरबीन (Telescope) लगा रहता है। जिसकी मदद से पेट के अंदर सर्जरी की जाती है। इसके बाद सर्जन पित्ताशय वाहिनी (Cystic Duct) और धमनी यानी artery को पित्ताशय से अलग करते हैं। फिर गॉल ब्लैडर(पित्ताशय की थैली) को लिवर से अलग करते हैं। इसके बाद गॉल ब्लैडर(पित्ताशय की थैली) को निकाल देते हैं। इसके बाद चीरे वाले स्थानों पर टांके लगाते हैं।
पित्त की पथरी का इलाज तभी सफल हो पाएगा जब डॉक्टर को ऑपरेशन से पहले रोगी के स्वास्थ्य स्थिति के बारे में पता होगा। स्वास्थ्य की जांच के लिए डॉक्टर अलग-अलग परीक्षण का सुझाव देते हैं, जिनके बारे में हम एक-एक करके बात करने वाले हैं –

भोजन और जीवनशैली से जुड़े सुझाव

Post-Surgery Recovery Follow up

मुफ्त कैब सुविधा

24*7 सहायता
हर प्रकार के ऑपरेशन में डॉक्टर के द्वारा दिए गए दिशा निर्देश एक अहम भूमिका निभाते हैं। यदि आप अपने डॉक्टर के द्वारा दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश का पालन करते हैं, तो आपको ऑपरेशन के दौरान कोई समस्या नहीं आएगी और आप सर्जरी के बाद जल्द से जल्द रिकवर भी हो सकते हैं।
जब हम पेट और श्रोणि क्षेत्र से संबंधित किसी भी समस्या के इलाज या ऑपरेशन की बात करते हैं, तो दूरबीन की सर्जरी सबसे सफल एवं कारगर प्रक्रिया मानी जाती है। इस तरह के ऑपरेशन को पित्त की थैली की पथरी निकालने का अचूक उपाय माना जाता है। दूरबीन से ऑपरेशन के कुछ फायदे इस प्रकार है –
पित्त की थैली को निकालने की सर्जरी की गिनती सुरक्षित प्रक्रिया में होती है, लेकिन अन्य सभी सर्जरी की तरह इसमें कई जोखिम होते हैं, जिनमें से कुछ इस प्रकार है –
दवाएं: अक्सर डॉक्टर ursodiol या chenodiol नाम की दवाओं का सुझाव दे सकते हैं। इस दवा से पित्ताशय में मौजूद पित्त को पतला किया जाता है। जो इस समस्या को काफी हद तक सुलझा सकता है।
बिना सर्जरी के उपचार: नीचे पित्त की थैली में पथरी के कुछ इलाजों के बारे में बताया गया है, जो बिना सर्जरी के संभव है –
सर्जरी के द्वारा उपचार: दूरबीन से पित्ताशय को निकालने के सिवाय, आपका डॉक्टर ऑपरेशन के अन्य तरीकों को अपना सकता है। इस प्रकार की सर्जरी आमतौर पर आज से कुछ समय पहले तक बहुत प्रचलित थी। इस सर्जरी के दौरान या तो दाहिने पसली के नीचे या पेट के ऊपरी भाग के बीच में एक बड़ा चीरा लगाया जाता है।
ऐसा हो सकता है कि आपके पित्त की थैली में छोटी पथरी मौजूद हो, लेकिन इसका कोई संकेत या लक्षण न मिले, लेकिन इस बात में कोई भी सत्यता नहीं है कि पित्त की थैली में छोटी पथरी अपने आप ठीक हो जाती है। यदि समय पर पित्त मे पथरी का इलाज नहीं हुआ, तो नीचे बताई गई स्थिति आपको परेशान कर सकती है।
दूरबीन की सर्जरी के बाद, ज्यादातर मामले में रोगियों को उसी दिन अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है। अक्सर इस प्रकार की सर्जरी दिन में की जाती है, लेकिन इस प्रक्रिया का समय अक्सर डॉक्टर के ऊपर निर्भर करता है। रोगियों को अक्सर 1 हफ्ते के लिए किसी भी प्रकार की शारीरिक गतिविधियों जैसे – खेल कूद, स्विमिंग, या भारी सामान उठाने से दूरी बनाने की सलाह दी जाती है। इस तरह की सर्जरी के दो हफ्ते के बाद आप अपने रोजाना के कार्यों को करने के लिए सक्षम हो पाते हैं।
डॉक्टर आपको एक विस्तृत योजना, आहार और शारीरिक प्रतिबंधों के बारे में निर्देश देंगे जिसके साथ आप जल्द से जल्द अपने दैनिक कार्यों को करने में सफल हो पाएंगे।
7 नवंबर को एक 45 वर्षीय महिला पिछले पांच दिन से अपने पेट में दर्द की शिकायत के साथ हमारे पास आई। जब उस महिला की सेहत की जांच हुई, तो उसे 20 मिमी की पित्त की थैली में पथरी का पता चला। डॉ. अमोल गोसावी ने इस समस्या के बारे में स्पष्ट और आसान भाषा में उस महिला को सूचित किया। हर प्रकार के टेस्ट के पश्चात डॉ. अमोल ने दूरबीन से ऑपरेशन का सुझाव दिया, जिसमें कम से कम चीरा लगाया जाता है।
जैसा कि हम सभी को पता है कि दूरबीन से सर्जरी एक एडवांस एवं आधुनिक सर्जरी है। यह ऑपरेशन बिना किसी समस्या के समाप्त हो गई और रोगी को अगले 6-8 घंटों में छुट्टी भी दे दी गई। उस महिला ने डॉक्टर के द्वारा सुझाए गए सभी नियमों का पालन किया, जिससे वह जल्द से जल्द ठीक होने लगी। फिलहाल वह अपने जीवन से संतुष्ट है और हंसता खेलता जीवन व्यतीत कर रही है।
यदि आपके पित्ताशय को ऑपरेशन के द्वारा निकाल लिया गया है, तो आपको पाचन संबंधी किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, पित्त की थैली की पथरी के ऑपरेशन (पित्त की थैली की पथरी निकालने का अचूक उपाय) के बाद पहले महीने में उन्हें वसायुक्त भोजन को पचाने में कठिनाई हो सकती है। ऐसे मामलों में, कम वसा वाले आहार के सेवन की सलाह दी जाती है।
पित्त की थैली को हटाने के ऑपरेशन के बाद वसायुक्त व्यंजन, चिकना, तला एवं मसालेदार भोजन, कार्बोनेटेड तरल पदार्थ और मादक पेय से खुद को बचाना चाहिए।
भारत में पित्ताशय की थैली की सर्जरी की कुल लागत लगभग 40,000 से 1,20,000 रूपए तक हो सकती है। पित्ताशय की थैली की सर्जरी की लागत अस्पतालों में अलग-अलग हो सकती है।
अगर आप पित्ताशय की थैली की सर्जरी के बाद शराब के सेवन से बचें क्योंकि इससे जटिलताएं हो सकती हैं जो गंभीर और जीवन के लिए खतरा हो सकती हैं।
लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टोमी के मामले में, मरीज को आमतौर पर उसी दिन या सर्जरी के अगले दिन घर जाने की अनुमति दी जाती है। मरीज बिना किसी सहायता के चल सकता है, और बिना किसी प्रकार के दर्द के खा-पी सकता है। मरीज को पूरी तरह से ठीक होने में करीब एक हफ्ते का समय लगता है।
पित्ताशय हटाने के बाद कुछ मामलों में रोगी को दस्त का सामना करना पड़ सकता है। शरीर में पित्त में वृद्धि होने के कारण दस्त हो सकते हैं। विशेष रूप से पित्त एसिड बड़ी आंत में प्रवेश कर जाता है, जिसके कारण मल में अधिक शक्तिशाली गंध बनी रहती है।
आज से कुछ साल पहले तक पित्त की थैली की सर्जरी बड़े चीरे लगाकर होती थी, जिसके कारण रिकवरी में अक्सर समय लगता था और कभी कभी इसके कारण जीवन पर खतरा बना खतरा रहता था। लेकिन अब दूरबीन की सर्जरी के साथ हर प्रकार की सुरक्षा का ध्यान रखा जाता है और इसके साथ अक्सर रिकवरी में भी तेजी देखने को मिलती है।
इसकी जानकारी आपको अपने सर्जन से मिल सकती है। वह आपके स्वास्थ्य की उत्तम गणना करेंगे और फिर उसके परिणाम के आधार पर आपको सर्जरी के प्रकार का सुझाव देंगे। यदि आपके पित्त की थैली में पथरी है तो आप हमसे संपर्क कर सकते हैं।
यदि आप पित्ताशय से पथरी निकालने के अचूक उपायों की खोज में हैं तो आपको एक बात का आभास होना चाहिए कि पित्त की थैली में पथरी एक गंभीर स्वास्थ्य स्थिति है और आपको इस संबंध में तुरंत अपने डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। यदि आप इसमें जरा सी भी देरी करते हैं तो स्थिति आपके लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
पित्ताशय की थैली के अपेंडेक्टमी के बाद, व्यायाम करना शुरू करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना बेहद महत्वपूर्ण है। अपेंडेक्टमी के बाद, कुछ लोगों को कुछ हद तक आराम करने की आवश्यकता होती है, जबकि दूसरों को अधिक सक्रिय रहने की अनुमति दी जाती है। यह कुछ आम व्यायाम शामिल कर सकता है, जैसे कि चलना, योग, ताइ बॉक्सिंग, और लाइट वेट ट्रेनिंग। हालांकि, ध्यान देने योग्य है कि यह आपके चिकित्सक द्वारा अनुमोदित और आपके रोग की स्थिति के अनुसार होना चाहिए। अपेंडेक्टमी के बाद, शारीरिक गतिविधियों को धीरे-धीरे बढ़ाने की सलाह दी जाती है और जोखिम को कम करने के लिए सही तरीके से उन्हें अंजाम देने के लिए समय लगा सकता है।
पित्त की थैली का मुंह अपेंडेक्टमी के दौरान खोला जाता है, जो एक सामान्यतः स्थानिक ऑपरेशन होता है। इस कारण, यह किसी भी समय हो सकता है, और इसमें चिकित्सक की निर्देशानुसार विशेष चिकित्सा प्रक्रिया के आधार पर निर्भर करेगा। ऑपरेशन के पश्चात ठीक होने पर, अधिकांश लोग अपेंडेक्टमी के दौरान किए गए मुह के खुलने के प्रभावी तौर पर ठीक होते हैं और वे सामान्य खान-पान और दिनचर्या के कार्यों में वापसी कर सकते हैं। यह विभिन्न पेशेवर मामलों के लिए भिन्न भिन्न हो सकता है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।
पित्त की थैली का निकालना, जिसे लापरोस्कोपिक गला और लापरोटॉमी कहा जाता है, सामान्यतः किसी अनियमित या साइड इफेक्ट को संदर्भित नहीं करता है। चिकित्सकों की सलाह और निर्देशों का पालन करते हुए, लोग आमतौर पर अपेंडेक्टमी के बाद कुछ ही दिनों में स्वास्थ्य की पूरी तरह से वापसी कर सकते हैं। लेकिन, किसी भी चिकित्सा प्रक्रिया के पहले और बाद में चिकित्सक से परामर्श लेना हमेशा उत्तम होता है।
पित्ताशय की थैली के निकालने के बाद गर्भावस्था के लिए कोई निश्चित समय सीमा नहीं होती है। लेकिन, इस विषय में किसी भी नई गर्भावस्था की योजना बनाते समय, एक चिकित्सक से परामर्श करना अच्छा होगा। चिकित्सक आपके मेडिकल हिस्ट्री को देखेंगे और आपकी स्थिति के अनुसार सलाह देंगे। अपेंडेक्टमी के बाद, आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को पुनः स्थायी रूप से स्थापित होने में कुछ समय लग सकता है, और इसलिए, आपको अपने चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए जिससे आपकी शारीरिक और मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए गर्भावस्था के लिए तैयारी की जा सके।
Divyanka Goswami
Recommends
My wife is suffering from gall bladder stone problem. When we met first time, he examined thoroughly the actual problem and under his supervision, my wife is taking treatment. He suggested some test which was really helpful to identify the root cause of the problem. His behaviour is really good. I am grateful to have a doctor like him.
Rajesh krishna
Recommends
I really had good experience & very informative. I had a pleasant and insightful discussion with Dr.Abilash, who demonstrated a calm demeanor and strong expertise.
Pradeep Singh K
Recommends
Surgery was smooth, recovery was quick, and the staff was very caring. Very satisfied.
Manave agarwal
Recommends
I received the best treatment, doctor is very helpful.