गर्भाशय हटाने की विभिन्न सर्जिकल प्रक्रियाएं हैं। लेप्रोस्कोपिक सर्जरी उनमें से एक है। विभिन्न सर्जिकल प्रक्रियाओं में बच्चेदानी निकालने के लिए डॉक्टर लेप्रोस्कोपिक सर्जरी को प्रस्तावित करते हैं।
दरअसल गर्भाशय हटाने के लिए सर्जरी की तमाम उपलब्ध विधियों में लेप्रोस्कोपिक एक सुरक्षित, सरल एवं कम समय लेने वाली सर्जिकल प्रक्रिया है, जो रोगी के हेल्थ को अधिक प्रभावित नहीं करती है। चलिए जानते हैं कि कैसे लेप्रोस्कोपिक सर्जरी गर्भशय हटाने की सर्जरी को आसान बनाती है।
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गर्भाशय हटाने की लेप्रोस्कोपिक सर्जरी क्या है? What is laparoscopic hysterectomy in hindi?
यह एक उन्नति एवं नवीनतम सर्जिकल प्रक्रिया है, जिसमें डॉक्टर लेप्रोस्कोप की मदद से बहुत ही छोटे आकार के कट के जरिए गर्भाशय को हटाते हैं। बच्चेदानी निकालने के लिए महिला के पेट के निचले हिस्से में आधा इंच से भी कम आकार के 3 या 4 छोटे कट किये जाते हैं।
गर्भाशय हटाने की ओपन सर्जरी की तुलना में यह एक सरल एवं सुरक्षित प्रक्रिया है।
कैसे लेप्रोस्कोपिक सर्जरी गर्भाशय हटाने की सर्जरी को आसान बनाती है
बहुत से कारण हैं जो डॉक्टर को गर्भाशय निकालने के लिए लेप्रोस्कोपिक सर्जरी का चयन करने के लिए प्रेरित करते हैं। आइये जानते हैं कि आखिर क्यों इस उपचार विधि को बच्चेदानी निकालने के लिए एक सुगम सर्जिकल विधि माना जाता है।
छोटा कट
लेप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टॉमी में पेट के निचले में बहुत ही छोटे-आकार के लगभग 3 (कुछ मामलों में अधिक कट लग सकते हैं) कट्स लगाए जाते हैं। ओपन सर्जरी में एक बड़ा चीरा लगाया जाता है। यही वजह है कि ओपन सर्जरी के बाद महिला को अस्पताल में अधिक दिनों तक रुकने की जरूरत होती है जबकि लेप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टॉमी के 24 घंटे के भीतर महिला अपने घर जा सकता है। यह प्रक्रिया मिनिमल इनवेसिव तकनीक के अंतर्गत आती है।
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तेजी से रिकवरी
कट्स का आकार छोटा होने के कारण त्वचा को हील होने में बहुत कम समय लगता है और रिकवरी जल्दी होती है। गर्भाशय हटाने की लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के 48 घंटे बाद महिला चलना-फिरना शुरू कर सकती है। जबकि बच्चेदानी निकालने की ओपन सर्जरी के बाद महिला को रिकवर होने में अधिक समय लगता है और चलने-फिरने में लगभग 7 दिन लगते हैं।
कोई रक्तस्त्राव नहीं
मिनिमल इनवेसिव तकनीक होने के कारण गर्भाशय निकालने के दौरान लगभग न के बराबर रक्तस्त्राव होता है। सर्जरी के पश्चात रिकवरी टाइम के दौरान भी रक्तस्त्राव होने की संभावना शून्य होती है।
जटिलता रहित उपचार
लेप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टॉमी एक सुरक्षित प्रक्रिया है। एडवांस उपकरणों का इस्तेमाल के कारण उपचार के दौरान कोई जटिलता नहीं होती है। सर्जरी के बाद भी महिला को किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है और महिला बिना किसी जटिलता के रिकवर हो जाती है। रिकवरी में इन्फेक्शन, सूजन आदि कई जटिलताओं के होने की संभावना शून्य होती है। जबकि ओपन हिस्टेरेक्टॉमी में इन्फेक्शन, सूजन, दर्द, पस आदि बनने या होने की संभावना बनी रहती है।
अंगों को कोई नुकसान नहीं
बहुत ही छोटा कट लगने के कारण एवं स्मार्ट कंप्यूटर के देख-रेख में प्रक्रिया सम्पन्न होने के कारण गर्भाशय के आस-पास के अंगों को कोई नुकसान नहीं पहुँचता है। हालांकि, ओपन सर्जरी में भी अंगों को क्षति पहुँचने की संभावना नहीं होती है, परतु इस मामले में लेप्रोस्कोपिक प्रक्रिया ज्यादा सुरक्षित है।
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Pristyn Care गर्भाशय हटाने की प्रक्रिया को आसान बनाता है
यदि आप लेप्रोस्कोपिक सर्जरी का लाभ उठाने के साथ-साथ अपने सर्जिकल जर्नी को आसान बनाना चाहते हैं तो पूरे भारत में हम आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प हो सकते हैं। हम निम्न सुविधाएं देते हैं जिनसे गर्भाशय हटवाने वाली महिलाओं की सर्जिकल यात्रा स्मूथ बन जाती है।
सबसे अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ सर्जन
सर्जिकल जर्नी को आसान बनाने के साथ सर्जरी को सफल बनाने और जटिलता रही उपचार सुनिश्चित करने के लिए सर्जन का अनुभवी होना बहुत जरूरी है। गर्भाशय हटाने के लिए हमारे पास सबसे अच्छे एवं अनुभवी लेप्रोस्कोपिक सर्जन हैं जो यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रक्रिया के दौरान अथवा उपरान्त महिला को कोई जटिलता नहीं होगी।
एडवांस उपकरण का उपयोग
गर्भाशय हटाने की सर्जरी के दौरान उपयोग होने वाले सभी उपकरण एडवांस तकनीक से लैस एवं नवीनतम होते हैं। इससे सर्जरी परफॉर्म करने में डॉक्टर को कोई परेशानी नहीं होती है और अंगों को कोई नुकसान नहीं पहुँचता है। उपचार से पहले सभी उपकरण स्ट्रलाइज किये जाते हैं।
नो कॉस्ट ईएमआई की सुविधा
कई महिलाएं ऐसी होती हैं जिनके पास गर्भाशय की प्रक्रिया से गुजरने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं होते हैं। हम अपने रोगियों को नोकॉस्ट ईएमआई का आप्शन देते हैं।
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प्राधान्य फॉलो-अप्स और कैब की मुफ्त सुविधा
गर्भाशय निकलवाने के बाद यह सुनिश्चित करने के लिए की महिला पूरी तरह से स्वस्थ है हम उसे प्राधान्य फॉलो-अप्स की सुविधा प्रदान करते हैं। इसके अलावा उपचार वाले दिन अस्पताल लाने और डिस्चार्ज के बाद उसे घर छोड़ने के लिए कैब की मुफ्त सुविधा दी जाती है।
सभी प्रकार के पेपरवर्क
सर्जरी के लिए अपॉइंटमेंट लेना, एडमिशन के लिए लगातार लाइन में खड़े रहना, सर्जरी के लिए जरूरी पेपरवर्क करना आदि के लिए आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। हमारी टीम एडमिशन से लेकर डिस्चार्ज तक हर स्टेप में आपके सभी पेपरवर्क करते हैं।
निदान में 30% की छूट
आर्थिक सपोर्ट के लिए हिस्टेरेक्टॉमी से पहले होने वाली सभी जाँच प्रक्रियाओं में 30% की छूट दी जाती है।
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इंश्योरेंस क्लेम
यदि महिला एक इंश्योरेंस होल्डर हैं तो गर्भाशय निकालने का ऑपरेशन के लिए उसे क्लेम कर सकती हैं। हमारी इंश्योरेंस टीम इंश्योरेंस क्लेम करवाने में पूरा पेपरवर्क करती है और आधा घंटा के भीतर अप्रूवल मिल जाता है। इंश्योरेंस की मदद से आप अपने जेब का काफी खर्च सेव कर सकते हैं।
इस तरह से महिलाओं को एक जटिलता रहित एवं परेशानी मुक्त सर्जिकल एक्सपीरियंस दिलाने के लिए हम भारत में 30 से अधिक शहरों में विख्यात हैं।
निष्कर्ष
गर्भाशय हटाने के लिए लेप्रोस्कोपिक सर्जरी सबसे अच्छी उपचार विधि है। इस प्रक्रिया में छोटा कट होने के कारण महिला को रिकवर होने में कम समय लगता है। जटिलता होने की बहुत कम संभावना, कोई रक्तस्त्राव नहीं, अंगों को कोई नुकसान न होना आदि इसके कुछ अन्य फायदे हैं।
डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है| अगर आप किसी बीमारी से ग्रसित हैं तो कृपया डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें|