FISSURE ME KYA KHAYE

एनल फिशर (Anal Fissure) गुदा की अंदरूनी परत में होने वाली एक छोटी दरार या चोट है। कब्ज, कठोर मल या मल त्याग के दौरान ज्यादा जोर लगाने से फिशर की समस्या हो सकती है। फिशर के दौरान खान-पान का मुख्य उद्देश्य कब्ज को रोकना और मल को नरम रखना होता है, ताकि मल त्याग के समय दर्द और चोट बढ़ने की संभावना कम हो।

फाइबर युक्त आहार, पर्याप्त तरल पदार्थ और नियमित bowel habits फिशर के शुरुआती उपचार में मदद कर सकते हैं। हालांकि, केवल किसी एक खाद्य पदार्थ से फिशर ठीक नहीं होता। अगर दर्द, bleeding या समस्या लगातार बनी रहती है, तो डॉक्टर से जांच और उचित उपचार जरूरी है।

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फिशर में क्या खाएं?

1. फाइबर युक्त आहार

फिशर के दौरान डाइट में पर्याप्त फाइबर शामिल करना सबसे महत्वपूर्ण बातों में से एक है। फाइबर मल को नरम और आसानी से पास होने योग्य बनाने में मदद करता है। ASCRS के अनुसार, फिशर में कुल लगभग 25–35 ग्राम फाइबर प्रतिदिन का लक्ष्य रखा जा सकता है, हालांकि जरूरत व्यक्ति की स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है।

फाइबर के अच्छे स्रोतों में साबुत अनाज, दलिया, जौ, दालें, चने, बीन्स, फल, सब्जियां और नट्स शामिल हैं। फाइबर की मात्रा अचानक बहुत अधिक बढ़ाने के बजाय धीरे-धीरे बढ़ाना बेहतर होता है।

2. दालें और फलियां

मसूर, चना, राजमा, मूंग और अन्य फलियां फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। इन्हें संतुलित मात्रा में खाने से मल त्याग नियमित रखने और कब्ज से बचने में मदद मिल सकती है।

3. साबुत अनाज और गेहूं का चोकर

साबुत गेहूं, दलिया और चोकर जैसे खाद्य पदार्थ डाइट में फाइबर बढ़ाने में मदद करते हैं। फाइबर के साथ पर्याप्त पानी लेना भी जरूरी है, क्योंकि इससे मल को नरम रखने में मदद मिलती है।

4. फल और सब्जियां

सेब, नाशपाती, संतरा, बेरीज, हरी मटर, गाजर और अन्य फल-सब्जियां फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। इन्हें नियमित और संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है।

5. पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ

पर्याप्त पानी पीने से फाइबर बेहतर तरीके से काम करता है और मल को नरम रखने में मदद मिलती है। हर व्यक्ति के लिए पानी की एक निश्चित मात्रा जरूरी नहीं होती; आपकी जरूरत उम्र, गतिविधि, मौसम और स्वास्थ्य की स्थिति पर निर्भर करती है।

अगर आपको किडनी, हार्ट या कोई ऐसी बीमारी है जिसमें तरल पदार्थ सीमित करने की सलाह दी गई है, तो पानी की मात्रा अपने डॉक्टर से पूछकर तय करें।

6. अलसी के बीज

अलसी में फाइबर होता है और इसे संतुलित मात्रा में डाइट में शामिल किया जा सकता है। इसका सेवन पर्याप्त तरल पदार्थ के साथ करना जरूरी है, खासकर यदि आप अपनी डाइट में फाइबर की मात्रा बढ़ा रहे हैं। फिशर के इलाज के लिए अलसी को किसी विशेष दवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

7. पपीता और अन्य फल

पपीता सहित फल संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं और इनमें फाइबर तथा पानी की मात्रा होती है। हालांकि, पपीते में मौजूद किसी विशेष एंजाइम के कारण फिशर सीधे ठीक होता है, ऐसा दावा करने के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं।

8. हरी पत्तेदार सब्जियां

पालक, मेथी और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियां फाइबर और कई पोषक तत्व प्रदान करती हैं। इन्हें अपनी नियमित डाइट में शामिल करना कब्ज से बचने के लिए उपयोगी हो सकता है।

फिशर में किन चीजों से परहेज करें?

फिशर के दौरान किसी एक खाद्य पदार्थ को सभी लोगों के लिए पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं होती। मुख्य रूप से ऐसे भोजन को सीमित करना बेहतर है जिनमें फाइबर बहुत कम हो और जो आपके कब्ज या bowel symptoms को बढ़ाते हों।

  • बहुत अधिक processed और low-fiber foods
  • फास्ट फूड और अत्यधिक तला हुआ भोजन
  • बहुत अधिक packaged snacks
  • ऐसे खाद्य पदार्थ जो आपको व्यक्तिगत रूप से कब्ज या पाचन संबंधी परेशानी देते हों

मसालेदार भोजन, दूध या कैफीन को हर व्यक्ति के लिए पूरी तरह बंद करना जरूरी नहीं है। अगर किसी खास food या drink से दर्द, जलन, कब्ज या दस्त बढ़ते हैं, तो उसे कुछ समय के लिए कम करना उपयोगी हो सकता है।

फिशर में डाइट के साथ इन बातों का भी ध्यान रखें

  • मल त्याग के समय ज्यादा जोर न लगाएं।
  • पेशाब की तरह मल की इच्छा को भी लंबे समय तक न रोकें।
  • फाइबर बढ़ाते समय पर्याप्त तरल पदार्थ लें।
  • नियमित शारीरिक गतिविधि कब्ज को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है।
  • गर्म पानी में Sitz bath लेने से फिशर के दर्द और anal muscle spasm में राहत मिल सकती है।

क्या केवल डाइट से फिशर ठीक हो सकता है?

शुरुआती या हल्के फिशर में कब्ज को नियंत्रित करना, पर्याप्त फाइबर और तरल पदार्थ लेना तथा मल को नरम रखना healing में मदद कर सकता है। लेकिन सभी फिशर केवल डाइट से ठीक नहीं होते। लगातार दर्द, bleeding या chronic fissure होने पर डॉक्टर topical medicines, stool-softening treatment या अन्य उपचार की सलाह दे सकते हैं। कुछ chronic cases में procedure या surgery की आवश्यकता भी हो सकती है।

अगर आपको बार-बार फिशर हो रहा है या समस्या लंबे समय से बनी हुई है, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।

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निष्कर्ष

फिशर में ऐसी डाइट लेना सबसे उपयोगी है जो कब्ज को रोकने और मल को नरम रखने में मदद करे। साबुत अनाज, दालें, फल, सब्जियां और अन्य फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करें और पर्याप्त तरल पदार्थ लें। किसी एक फल, बीज या घरेलू नुस्खे को फिशर का इलाज न मानें। अगर दर्द या bleeding बनी रहती है, तो डॉक्टर से उचित उपचार लेना जरूरी है।

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डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। फिशर के लक्षण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं। अगर तेज या लगातार दर्द, बार-बार bleeding, सूजन, बुखार या लंबे समय से समस्या बनी हुई है, तो डॉक्टर से परामर्श लें और उनकी सलाह के अनुसार उपचार करें।