उम्र ढलने, आंखों पर चोट लगने, लंबे समय तक सुरज की रोशनी में बैठने, अधिकतर समय मोबाइल या लैपटॉप चलाने से आंखों में ढेरों समस्याएं पैदा होती हैं। उन्ही में से एक मोतियाबिंद है। आमतौर पर यह बीमारी एक उम्र यानी 50-60 की उम्र के बाद होती है, लेकिन आंखों में चोट लगने पर यह किसी को कभी भी हो सकती है। मोतियाबिंद की स्थिति में लेंस में प्रोटीन के गुच्छे बन जाते हैं, जिसके कारण लेंस में धुंधलापन छा जाता है। धुंधलापन के कारण किसी भी वस्तु का प्रतिबिंब रेटिना पर पूर्ण रूप से नहीं बनता है, जिसकी वजह से आपको चीजें साफ तौर पर दिखाई नहीं देती हैं।
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मोतियाबिंद होने का खतरा सबसे अधिक सिगरेट पीने वाले और डायबिटीज से पीड़ित लोगों को होता है। विशेषज्ञ का यह भी मानना है कि सिगरेट नहीं पीने वालों की तुलना में, सिगरेट पीने वालों के मोतियाबिंद का विकास लगभग तीन गुना अधिक तेजी से होता है। सिगरेट का धुंवा आंख के लेंस के लिए बहुत ही खतरनाक माना जाता है। पूरी दुनिया भर में मोतियाबिंद को अंधेपन का सबसे बड़ा कारण माना जाता है। समय पर इसका सटीक इलाज नहीं कराने पर यह अंधापन का कारण भी बन सकता है। इसलिए समय पर इसका सटीक इलाज आवश्यक है।
मोतियाबिंद का इलाज दवा या आई ड्रॉप से संभव नहीं है। इसका सटीक और परमानेंट इलाज सर्जरी से ही संभव है। सर्जरी से ही इस बीमारी से हमेशा के लिए छुटकारा पाया जा सकता है। लेकिन कुछ घरेलू उपाय हैं जिनकी मदद से इसके लक्षणों को काफी हद तक कम किया और सर्जरी के समय को आगे बढ़ाया जा सकता है। अगर आप मोतियाबिंद से पीड़ित हैं और इसके घरेलू उपायों के बारे में जानना चाहते हैं तो यह ब्लॉग खास आपके लिए है।
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मोतियाबिंद के लिए गाजर
गाजर में भरपूर मात्रा में विटामिन पाया जाता है जो आंखों के लिए बहुत फायदेमंद है। गाजर से मोतियाबिंद के लक्षणों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। अगर आप मोतियाबिंद से पीड़ित हैं तो रोजाना सुबह और शाम में एक गिलास गाजर का ज्यूस पीना चाहिए। आप चाहें तो सलाद के साथ भी गाजर का सेवन कर सकते हैं। गाजर कि मदद से आप अपने मोतियाबिंद के ऑपरेशन के समय को भी आगे बढ़ा सकते हैं।
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मोतियाबिंद में अंजीर और किशमिश का इस्तेमाल
अंजीर और किशमिश आंख के साथ-साथ शरीर के दूसरे अंगों के लिए भी बहुत उपयोगी माने जाते हैं। यही कारण है कि डॉक्टर अक्सर इन ड्राई फ्रूट्स का सेवन करने का सुझाव देते हैं। अगर आपके आंखों कि रौशनी धीमी है, आपको चीजों को साफ-साफ देखने में परेशानी होती है तो अंजीर और किशमिश आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकते हैं। अंजीर और किशमिश का इस्तेमाल करने के लिए आप इन दोनों को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में रात के समय पानी में फुला दें और फिर अगले दिन सुबह नाश्ते के बाद इनका सेवन करें। कुछ सप्ताह तक ऐसा करने पर आपको बेशक फायदा होगा और मोतियाबिंद के लक्षणों में सुधार आएगा।
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गिलोय और सेंधा नमक के सेवन से मोतियाबिंद में राहत मिलती है
गिलोय और सेंधा नमक भी मोतियाबिंद में काफी फायदेमंद होते हैं। उनकी मदद से भी आप मोतियाबिंद के लक्षणों से राहत पा सकते हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए आप सबसे पहले 10 ग्राम गिलोय के रस और एक ग्राम सेंधा नमक को एक ग्राम शहद में अच्छी तरह से मिलाएं। जब यह अच्छी तरह से मिल जाए तो उन्हें बारीक पीसकर इनका बहुत ही महीन पाउडर तैयार करें। अब इस पाउडर को रोजाना अपनी आंखों में सुरमे की तरह लगाएं। यह मोतियाबिंद के बेहतरीन और प्रभावशाली घरेलू उपायों में से एक है। कुछ दिनों तक इसका इस्तेमाल करने से मोतियाबिंद के लक्षण काफी हद तक कम हो जाते हैं।
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प्याज और शहद से मोतियाबिंद का इलाज
प्याज और शहद से भी मोतियाबिंद की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है। इसका इस्तेमाल करने के लिए आप सफेद प्याज के दो बूंद रस को एक बूंद शहद में मिलाएं और फिर उसके बाद उतनी ही मात्रा में गुलाब जल भी मिलाएं। तीनों जब अच्छी तरह से आपस में मिल जाए तब इस लिक्विड को अपनी आंख में डालें। कुछ दिनों तक ऐसा करने से आपके मोतियाबिंद के लक्षणों में कमी आएगी और आपको आराम मिलेगा। मोतियाबिंद के प्रभावशाली घरेलू उपचारों में यह भी शामिल है।
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मोतियाबिंद में नींबू का इस्तेमाल
नींबू में ढेरों ऐसे विटामिंस पाए जाते हैं जो आपकी स्वास्थ्य के साथ-साथ आपकी आंखों के लिए भी फायदेमंद होते हैं। अगर आप मोतियाबिंद से परेशान हैं तो नींबू कि मदद से अपनी परेशानियों को दूर कर सकते हैं। नींबू का इस्तेमाल करने के लिए आप सबसे पहले एक छोटी बॉटल लें और उसमें गुलाब जल लें और फिर उसी मात्रा में नींबू का रस भी मिलाएं। जब दोनों आपस में अच्छी तरह से मिल जाएं तब एक आई ड्रॉपर की मदद से इस मिश्रण को अपनी आंख में डालें। यह मोतियाबिंद में बहुत फायदेमंद होता है। इसे डालने पर आपकी आंखों में थोड़ी-बहुत जलन हो सकती है और साथ ही साथ आंखों से पानी भी आ सकता है। अगर ज्यादा जलन या परेशानी हो तो इसके इस्तेमाल को बंद कर दें और तुरंत डॉक्टर से मिलें।
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मोतियाबिंद में लहसुन फायदेमंद होता है
मोतियाबिंद होने पर लहसुन का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। लहसुन में क्लींजिंग एजेंट होते हैं जो आंखों के क्रिस्टलाइन लेंस को साफ एवं स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। अगर आपको मोतियाबिंद है तो आप कुछ दिनों तक रोजाना दिन में दो बार 2-3 लहसुन कि कलियों को चबाकर खाना चाहिए। इससे मोतियाबिंद के लक्षणों में सुधार आता है और आपके देखने कि क्षमता बढ़ती है। कुछ सप्ताह तक लगातार लहसुन का सेवन करने से मोतियाबिंद के साथ-साथ यह आपकी और दूसरी ढेरों समस्याओं को कम और ख़त्म करने में मददगार साबित होगा।
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ग्रीन टी से मोतियाबिंद का इलाज
ग्रीन टी के अनेकों फायदे हैं और यही कारण है कि आज यह बहुत प्रचलन में है। ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं जो आंखों के लिए बहुत फायदेमंद हैं। अगर आप मोतियाबिंद का इलाज घर बैठे करना चाहते हैं तो ग्रीन टी सबसे बढ़िया विकल्प है। कुछ महीनों तक रोजाना सुबह खाली पेट ग्रीन टी पीने से मोतियाबिंद के साथ-साथ आंखों से संबंधित दूसरी परेशानियों से भी राहत मिलता है। ग्रीन टी कि सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका इस्तेमाल हर इंसान अपनी सहूलियत के हिसाब से कर सकता है। अगर आप भी अपने आंखों कि रौशनी को तेज करना चाहते हैं तो आज से ही ग्रीन टी का सेवन करना शुरू कर दें।
ध्यान देने वाली बात
हम ने ऊपर जिन भी घरेलू उपायों के बारे में बताया है, उनका इस्तेमाल करने से पहले एक बार नेत्र रोग विशेषज्ञ से अवश्य परामर्श करें। नेत्र रोग विशेषज्ञ आपके लेंस की स्थिति, आपके स्वास्थ्य, एलर्जी और दूसरी चीजों को ध्यान में रखते हुए घरेलू उपायों का इस्तेमाल करने का सुझाव देते हैं। कई बार कुछ कारणों से आपके लेंस या दृष्टि पर घरेलू उपायों का गलत प्रभाव भी पड़ सकता है, इसलिए यह आवश्यक है कि आप मोतियाबिंद का इलाज करने की नियत से किसी भी घरेलू उपचार का इस्तेमाल करने से पहले नेत्र रोग विशेषज्ञ से मिलकर उनकी राय अवश्य लें। अपने मन से किसी भी चीज का इस्तेमाल आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
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जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया कि घरेलू उपायों से आप केवल मोतियाबिंद के लक्षणों में सुधार कर सकते हैं। मोतियाबिंद का सटीक और सफल इलाज केवल सर्जरी ही है। सर्जरी की मदद से खराब लेंस को आंख से बाहर निकालकर उसकी जगह पर एक कृत्रिम लेंस (Artificial Lens) लगा दिया जाता है जिससे आपके आंखों की रौशनी वापस आ जाती है। अगर आप सर्जरी की मदद से मोतियाबिंद से हमेशा के लिए छुटकारा पाना चाहते हैं तो प्रिस्टीन केयर से संपर्क कर सकते हैं। प्रिस्टीन केयर के पास देश के सबसे बेहतरीन, अनुभवी और कुशल नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं जो मोतियाबिंद को मात्र कुछ मिनटों में ही हमेशा के लिए ठीक कर सकते हैं।
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डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है| अगर आप किसी बीमारी से ग्रसित हैं तो कृपया डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें|