Views: 4
Har baar toilet jana kisi saza se kam nahi tha
“हर बार टॉयलेट जाने से पहले मैं डरती थी कि आज दर्द कितना ज्यादा होगा।”
“कब्ज समझकर महीनों दर्द सहती रही… मुझे नहीं पता था कि यह एनल फिशर है।”
“मुझे लगा था फिशर का मतलब सर्जरी है, इसलिए मैं दर्द सहती रही और इलाज टालती रही।”
“जिस काम को हर इंसान रोज करता है, वही मेरे लिए दिन का सबसे डरावना हिस्सा बन गया था।”
नेहा सिंह, 32 वर्षीय एक स्कूल टीचर, भोपाल से, पिछले कई महीनों से एक ऐसी समस्या से जूझ रही थीं जिसे वे शुरू में बहुत सामान्य समझकर नजरअंदाज करती रहीं। हर बार बाथरूम जाने के दौरान तेज दर्द और जलन होती थी, जो कुछ समय बाद अपने आप कम हो जाती थी, लेकिन धीरे-धीरे यह दर्द लगातार बढ़ता गया और उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पर असर डालने लगा।
शुरुआत में उन्होंने इसे साधारण कब्ज या खानपान की समस्या समझा और घरेलू उपायों पर भरोसा किया, लेकिन राहत सिर्फ थोड़े समय के लिए मिलती थी। समय के साथ दर्द इतना बढ़ गया कि उन्हें बैठने, चलने और यहां तक कि पढ़ाने में भी दिक्कत होने लगी। कई बार उन्हें क्लास के बीच में ही ब्रेक लेना पड़ता था, जिससे उनका आत्मविश्वास भी प्रभावित होने लगा।
नेहा के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि वे डॉक्टर के पास जाने से डरती थीं। उन्हें लगता था कि इस समस्या का इलाज सिर्फ सर्जरी से ही संभव होगा, और सर्जरी का नाम सुनते ही वे घबरा जाती थीं। यही डर उन्हें लंबे समय तक सही इलाज लेने से रोकता रहा। लेकिन जब समस्या असहनीय होने लगी और बार-बार खून आने की स्थिति बनने लगी, तब उन्होंने आखिरकार विशेषज्ञ से सलाह लेने का फैसला किया।
Pristyn Care में परामर्श के दौरान उन्हें बताया गया कि उन्हें एनल फिशर है, जो आमतौर पर कब्ज या स्ट्रेनिंग के कारण होता है। डॉक्टर ने उन्हें यह भी समझाया कि हर मामले में सर्जरी जरूरी नहीं होती, और शुरुआती या मध्यम स्थिति में दवाइयों, डाइट में बदलाव और कुछ विशेष उपचारों से भी इसे ठीक किया जा सकता है। यह जानकर नेहा को काफी राहत मिली, क्योंकि उनका सबसे बड़ा डर ही दूर हो गया था।
उन्हें एक पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट प्लान दिया गया, जिसमें फाइबर-रिच डाइट, पर्याप्त पानी, कुछ दवाइयां और लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे बदलाव शामिल थे। उन्होंने डॉक्टर की सलाह को गंभीरता से अपनाया और धीरे-धीरे उनकी स्थिति में सुधार आने लगा। दर्द कम होने लगा, और बाथरूम जाने का डर भी धीरे-धीरे खत्म होने लगा।
कुछ ही हफ्तों में उन्होंने महसूस किया कि वे पहले से कहीं ज्यादा आरामदायक और आत्मविश्वासी महसूस कर रही हैं। अब न तो उन्हें लगातार दर्द होता था और न ही वह डर जो हर दिन उनके साथ जुड़ा रहता था।
आज नेहा अपनी सामान्य जिंदगी जी रही हैं और दूसरों को भी यही सलाह देती हैं कि डर की वजह से इलाज को टालना नहीं चाहिए।
Dr. Vipin Nagpal
MBBS, MS-General Surgery
₹1200 Consultation Fee₹600Consultation Fee
Dr. Rakesh Shivhare
MBBS, MS(GI & General Surgeon)
₹2000 Consultation Fee₹1000Consultation Fee
Dr. Apoorv Shrivastava
MBBS, DNB-General Surgery
₹2000 Consultation Fee₹1000Consultation Fee
Dr. Daipayan Ghosh
MBBS, DNB-General Surgery
₹1200 Consultation Fee₹600Consultation Fee
Dedicated Support at Every Step!
Our Doctors are available 24 hours a day, 7 days a week to help you!









