हिस्टेरेक्टॉमी- प्रक्रिया, प्रकार, खर्च, फायदे, नुकसान, और रिस्क

जब से आकांक्षा के डॉक्टर ने उन्हें हिस्टेरेक्टॉमी (Hysterectomy) की सलाह दी, तब से आकांक्षा परेशान थीं। आकांक्षा कहती हैं “मेरे पेट में बहुत दर्द रहता था और मैंने एक gynaecologist से इसकी जांच कराई तो उन्होंने बताया कि मुझे (फाइब्रॉयड्स )fibroids है। फाइब्रॉयड्स को जड़ से ख़त्म करने के लिए डॉक्टर ने मुझे हिस्टेरेक्टॉमी की सलाह दी। इसके बारे में मुझे कुछ भी नहीं पता था और मुझे उन पर विश्वास भी नहीं हो रहा था। तब मैंने इन्टरनेट में किसी अच्छे डॉक्टर की तलाश शुरू की और मेरी खोज Pristyn Care की वरिष्ठ Gynaecologist डॉक्टर गरिमा  पर आकर रुकी।”

आकांक्षा ने डॉक्टर गरिमा से हिस्टेरेक्टॉमी से जुड़े कई प्रश्न किए। ‘डॉक्टर’ आकांक्षा को समझाती हैं “हिस्टेरेक्टॉमी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें महिला के शरीर से उसका गर्भाशय (Uterus) हटा दिया जाता है। कई बार डॉक्टर न सिर्फ गर्भाशय को हटाते हैं बल्कि, फैलोपियन ट्यूब (fallopian tube) और ओवरी (Ovary) को भी महिला के शरीर से अलग कर देते हैं। ओवरी को अंडाशय के नाम से जाना जाता है जहाँ पर अंडे उत्पन्न होते हैं वहीं फैलोपियन ट्यूब एक ऐसी ट्यूब हैं जो अंडे को यूटेरस तक अंडे पहुँचाती है और फर्टिलिटी की प्रक्रिया में सहायक का काम करती है।

हिस्टेरेक्टॉमी के बाद महिला के पीरियड्स बंद हो जाते हैं और महिला गर्भवती नहीं हो पाती है। हिस्टेरेक्टॉमी कराने के कई कारण होते हैं तो वहीं, कई बार सीजेरियन डिलीवरी (Caesarean Delivery ) होने के  तुरंत बाद ही महिलाएं हिस्टेरेक्टॉमी करा लेती हैं ताकि, बाद में उन्हें गर्भधारण न हो।”

हिस्टेरेक्टॉमी के कारण – Causes of hysterectomy in Hindi

आइये उन कारणों के बारे में जानते हैं जिनकी वजह से हिस्टेरेक्टॉमी कराई जाती है।

  • पेल्विक पेन (pelvic pain)
  • योनि से असामान्य रूप से रक्त प्रवाह होने पर
  • गर्भाशय, गर्भाशय ग्रीवा (Cervix), या अंडाशय  (Ovary) का कैंसर होने पर
  • फाइब्रॉयड्स (एक प्रकार का ट्यूमर जो गर्भाशय में होता है)
  • प्रजनन अंगों में सूजन
  • गर्भाशय नीचे की ओर झुक जाता है (Uterine Prolapse)
  • एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis), (एक ऐसा विकार जिसमें गर्भाशय की आंतरिक परत गर्भाशय गुहा (uterine cavity) के बाहर बढ़ने लग जाती है, जिससे दर्द और रक्तस्राव होता है)
  • एडेनोमायोसिस (Adenomyosis), (इस समस्या में गर्भाशय की आंतरिक परत गर्भाशय की मांसपेशियों में बढ़ती है)

हिस्टेरेक्टॉमी के प्रकार – Types of Hysterectomy in Hindi

  • पार्शियल हिस्टेरेक्टॉमी – Partial Hysterectomy

पार्शियल हिस्टेरेक्टॉमी में सर्जन सिर्फ गर्भाशय के हिस्से को हटाता है जबकि गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) जुड़ा रहता है।

  • टोटल हिस्टेरेक्टॉमी – Total Hysterectomy

टोटल हिस्टेरेक्टॉमी की प्रक्रिया में डॉक्टर आपके गर्भाशय के पूरे हिस्से को हटा देता है। जिसमें गर्भाशय ग्रीवा भी हटा दिया जाता है।

  •  हिस्टेरेक्टॉमी और सल्पिंगो-ओओफोरेक्टॉमी – Hysterectomy and Salpingo-Oophorectomy

हिस्टेरेक्टॉमी और सल्पिंगो-ओओफोरेक्टॉमी की प्रक्रिया में डॉक्टर आपके पूरे गर्भाशय, फैलोपियन ट्यूब और दोनों ओवरीज को निकाल देता है। अगर आप दोनों अंडाशय हटाते हैं तो आपको हॉरमोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (Hormone Replacement Therapy) की जरूरत पड़ेगी।

जानिए हिस्टेरेक्टॉमी कैसे की जाती है: How is Hysterectomy is performed

यह कई तरीकों से की जाती है। हिस्टेरेक्टॉमी की प्रक्रिया के दौरान सर्जन Anaesthetics देता है जो पेट के निचले हिस्से को सुन्न कर देता है। इस दौरान रोगी को जरा सा भी दर्द नहीं होता है और पूरी प्रक्रिया आसानी से हो जाती है। कुछ विशेष प्रकार की हिस्टेरेक्टॉमी जैसे- एब्डोमिनल हिस्टेरेक्टॉमी, वजाइनल हिस्टेरेक्टॉमी,  लैप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टॉमी को करने की विशेष प्रक्रिया है। आइये इस प्रक्रिया के बारे में जानते हैं।

  • एब्डोमिनल हिस्टेरेक्टॉमी – Abdominal Hyesterectomy

एब्डोमिनल हिस्टेरेक्टॉमी की पक्रिया में डॉक्टर आपके लोअर एब्डोमेन (lower abdomen) में एक बड़ा कट करता है और गर्भाशय को हटा देता है। आइये इसकी प्रक्रिया जानते हैं।

प्रोसीजर के पहले – Before the procedure

प्रोसीजर के पहले डॉक्टर कई तरह के टेस्ट करेगा। टेस्ट निम्नलिखित विधि की मदद से किया जा सकता है।

  • सरवाइकल साइटोलॉजी या पैप परीक्षण – Cervical cytology or Pap test – इस टेस्ट की मदद से एब्नॉर्मल सर्वाइकल सेल (Abnormal Cervical Cell) या कैंसर के बारे में पता लगाया जाता है।
    • एंडोमेट्रियल बायोप्सी (Endometrial biopsy) – इस टेस्ट की मदद से आपके एंडोमेट्रियम (Endometrium) में एब्नॉर्मल सेल्स के बारे में पता लगाया जाता है।
  • पेल्विक अल्ट्रासाउंड (pelvic ultrasound) – इस टेस्ट की मदद से गर्भाशय फाइब्रॉएड (Uterus Fibroids), एंडोमेट्रियल पॉलीप्स (Endometrial polyps ) या ओवेरियन सिस्ट (Ovarian Cyst) के आकार को देखा जा सकता है।

अगर इन सभी टेस्ट के बाद डॉक्टर आपकी सर्जरी करने के लिए तैयार होता है तो वह आपको एक प्रकार की साबुन प्रदान करेगा। सर्जरी के एक दिन पहले और सर्जरी वाले दिन आपको इस साबुन से अपने योनि और पेट के निचले हिस्से को साफ़ करना होगा और नहाना होगा। ऐसा इसलिए कराया जाता है ताकि, प्रोसीजर (Procedure) के बाद महिला को किसी भी तरह का इन्फेक्शन न हो। इन्फेक्शन से बचने के लिए सर्जरी से पहले डॉक्टर महिला को कुछ दवाइयाँ दे सकता है। इसके बाद एब्डोमिनल हिस्टेरेक्टॉमी की प्रक्रिया शुरू होगी।

एब्डोमिनल हिस्टेरेक्टॉमी की प्रक्रिया – Procedure of abdominal hysterectomy in Hindi

यह प्रक्रिया दो से तीन घंटे तक चलती है। इसलिए आपको बेहोश करने करने वाली दवा दी जाती है ताकि प्रक्रिया के दौरान आप बेहोश रहें। 

प्रोसीजर के शुरू होने के पहले सर्जन आपके मूत्राशय को खाली करने के लिए यूरिनरी कैथेटर (Urinary Catheter) को मूत्र मार्ग से निकालेंगे। सर्जरी के दौरान और सर्जरी के बाद कुछ समय तक कैथेटर आपके पास ही रहेगा और आपका मूत्र उसमें भरता जाएगा। 

अब डॉक्टर स्टेराइल (Sterile) की मदद से आपके योनि (Vagina) और एब्डोमेन (Abdomen) को साफ़ करेगा।

हिस्टेरेक्टॉमी करने के लिए डॉक्टर आपके एब्डोमेन में नीचे दिए गए दो तरीकों में से किसी एक तरीके की मदद से कट करेगा।

  • वर्टीकल कट (Vertical cut) – यह कट आपके एब्डोमेन के बीच से शुरू होगा और नाभि के नीचे प्यूबिक बोन (Pubic Bone) के ऊपर तक रहेगा
  • हॉरिजॉन्टल कट (Horizontal Cut) – यह कट आपकी प्यूबिक बोन के एक इंच ऊपर किया जाएगा

डॉक्टर कट किस तरीके से करेगा यह बात इस बात पर निर्भर होती है कि आपकी हिस्टेरेक्टॉमी किसलिए की जा रही है। उदाहरण के लिए, बड़े फाइब्रॉयड्स को हटाने के लिए वर्टीकल कट किया जाता है।

कट करने के बाद सर्जन कुछ ख़ास उपकरणों की मदद से आपके यूटेरस को हटा देगा और टांकों की मदद से पेट को सिल देगा।

प्रोसीजर के बाद – After the Procedure

सर्जरी के बाद कुछ घंटो तक आप रिकवरी रूम में रहेंगे वहां आपके स्वास्थ्य की देखभाल करने के लिए एक टीम होगी जो कुछ इस तरह से आपकी देखभाल करेगी:

  • आपके दर्द की सीमा को मॉनिटर (Monitor) करेगी
  • दर्द दूर करने के लिए और इन्फेक्शन से बचने के लिए दवा देगी
  • सर्जरी के बाद आपको चलने फिरने के लिए उत्साहित करेगी

एब्डोमिनल हिस्टेरेक्टॉमी के बाद आपको दो से तीन दिन तक अस्पताल में ही रहना पड़ेगा जहाँ पर डॉक्टर की टीम आपका देखभाल करेगी। इस दौरान आपके योनि से रक्तस्राव हो सकता है। इसके लिए आपको सेनेटरी पैड्स का इस्तेमाल करना चाहिए। ज्यादा रक्तस्राव होने पर देरी न करते हुए तुरंत अपने सर्जन को इसकी खबर दें।

एब्डोमिनल हिस्टेरेक्टॉमी के रिस्क – Risks of Abdominal Hysterectomy in Hindi

  • खून के थक्के
  • संक्रमण
  • भारी मात्रा में रक्तस्राव
  • बेहोश करने वाली दवा का दुष्प्रभाव
  • सर्जरी के दौरान आपके मूत्राशय, मूत्रमार्ग या किसी दूसरे पेल्विक स्ट्रक्चर (Pelvic Structure) में डैमेज 

ज्यादातर ये रिस्क देखने को नहीं मिलते हैं। यह रिस्क तभी होते हैं जब आप डॉक्टर द्वारा बताए गए नियमों का पालन नहीं करती हैं या फिर आप किसी Unexperienced Doctor से अपनी सर्जरी करवाती हैं।

एब्डोमिनल हिस्टेरेक्टॉमी की रिकवरी – Recovery From Abdominal Hysterectomy in Hindi

पूरी तरह से रिकवरी के लिए आपको कई सप्ताह लग सकते हैं। इस दौरान डॉक्टर आपको भारी चीजें उठाने से मना करता है और ड्राइविंग, एक्सरसाइज, और योग जैसे अन्य कार्यों को भी करने से रोकता है। एब्डोमिनल हिस्टेरेक्टॉमी के बाद कुछ माह तक आपको बीच-बीच में डॉक्टर से जांच कराते रहना चाहिए।

  • वजाइनल हिस्टेरेक्टॉमी – Vaginal Hysterectomy

वजाइनल हिस्टेरेक्टॉमी योनि के माध्यम से गर्भाशय को हटाने के लिए एक शल्य प्रक्रिया (Surgical Process) है।

एब्डोमिनल हिस्टेरेक्टॉमी के मुकाबले वजाइनल हिस्टेरेक्टॉमी एक छोटी प्रक्रिया है जिसकी रिकवरी में ज्यादा समय नहीं लगता है। इसके अलावा इस प्रक्रिया का खर्च भी कम होता है।

प्रक्रिया के पहले – Before the Procedure

जो टेस्ट एब्डोमिनल हिस्टेरेक्टॉमी के पहले किए जाते हैं वही वजाइनल हिस्टेरेक्टॉमी के पहले भी किए जाते हैं।

प्रक्रिया के दौरान – During the procedure

मूत्राशय को खाली करने के लिए डॉक्टर यूरिनरी कैथेटर का प्रयोग बिलकुल उसी तरह करेगा जिस तरह इसका इस्तेमाल एब्डोमिनल हिस्टेरेक्टॉमी की प्रक्रिया के दौरान किया जाता है।

अब डॉक्टर स्टेराइल की मदद से आपके सर्जिकल एरिया (Surgical Area) को साफ़ करेगा। इसके बाद वजाइनल हिस्टेरेक्टॉमी की प्रक्रिया शुरू होगी।

  • गर्भाशय तक पहुँचने के लिए सर्जन योनि में एक कट करता है।
  • अब एक ख़ास उपकरण की मदद से सर्जन ब्लड वेसल्स को जकड़ लेता है और युटेरस को कनेक्टिव टिश्यू (Connective Tissue), ओवरी और फैलोपियन ट्यूब से अलग करता है।
  • अलग किए गए युटेरस को योनि द्वार से बाहर निकाल लिया जाता है और रक्तस्राव को रोकने के लिए शोषक टाँके (Absorbable Stiches) का प्रयोग किया जाता है।

प्रोसीजर के बाद – After the Procedure

प्रोसीजर के बाद डॉक्टर की टीम आपका ख्याल ठीक उसी तरह रखेगी जिस तरह एब्डोमिनल हिस्टेरेक्टॉमी के बाद रखा जाता है। वजाइनल हिस्टेरेक्टॉमी के बाद कुछ सप्ताह तक आपको ब्लीडिंग हो सकती है। इस दौरान आप सेनेटरी पैड्स का इस्तेमाल करेंगी। अगर रक्तस्राव ज्यादा और तेज होता है तो तुरंत ही डॉक्टर से मिलें।

वजाइनल हिस्टेरेक्टॉमी के रिस्क – Risks of Vaginal Hysterectomy in Hindi

  • भारी रक्तस्राव
  • पैरों या फेफड़ों में रक्त के थक्के
  • संक्रमण
  • आसपास के अंगों को नुकसान
  • बेहोश करने वाली दवा का दुष्प्रभाव

वजाइनल हिस्टेरेक्टॉमी की रिकवरी – Recovery From Vaginal Hysterectomy in Hindi

वजाइनल हिस्टेरेक्टॉमी की रिकवरी के लिए आपको 3 से 4  सप्ताह लग सकते हैं। इस दौरान डॉक्टर आपको भारी चीजें उठाने से मना करता है और ड्राइविंग, एक्सरसाइज, योग जैसे अन्य कार्यों को भी करने से रोकता है। वजाइनल हिस्टेरेक्टॉमी के बाद कुछ माह तक आपको बीच-बीच में डॉक्टर से जांच कराते रहना चाहिए।

  • लैप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टॉमी – Laparoscopic hysterectomy

प्रक्रिया के पहले – Before the Procedure

लैप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टॉमी की प्रक्रिया के पहले वही चीजें की जाती हैं जो वजाइनल या एब्डोमिनल हिस्टेरेक्टॉमी की प्रक्रिया के पहले की जाती हैं।

प्रक्रिया के दौरान – During the procedure

लैप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टॉमी में सर्जन आपके एब्डोमेन के निचले हिस्से में एक छोटा सा कट करता है और उस कट के जरिये एक पतली ट्यूब अंदर डालता है जिसमें एक छोटा सा कैमरा लगा होता है जिसे लैप्रोस्कोप कहते हैं। 

इस दौरान सर्जन आपके युटेरस की स्थिति को कंप्यूटर स्क्रीन पर देखता है। और एक और छोटे कट की मदद से उपकरण को अंदर डालता है और गर्भाशय को हटा देता है।

प्रक्रिया के बाद – After the procedure

प्रक्रिया के बाद डॉक्टर की टीम आपका ख्याल ठीक उसी तरह से रखती है जिस तरह वे एब्डोमिनल और वजाइनल हिस्टेरेक्टॉमी के बाद रखते हैं। 

लैप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टॉमी के रिस्क: Risks of Laparoscopy Hysterectomy in Hindi

‘लैप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टॉमी’ में एब्डोमिनल और वजाइनल हिस्टेरेक्टॉमी के मुकाबले कम रिस्क होता है। फिर भी आपको कुछ रिस्क देखने को मिल सकते हैं जो नीचे दिए गए हैं।

  • असामान्य रक्तस्राव
  • संक्रमण
  • बेहोश करने वाली दवा का दुष्प्रभाव
  • खून के थक्के जम जाना

लैप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टॉमी की रिकवरी – Recovery From Laparoscopic  Hysterectomy in Hindi

एब्डोमिनल और वजाइनल हिस्टेरेक्टॉमी की तुलना में लेप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टॉमी का रिकवरी टाइम बहुत कम है। इस प्रकार के हिस्टेरेक्टॉमी में व्यक्ति को दुरुस्त होने में लगभग एक से दो सप्ताह का वक्त लगता है।

हिस्टेरेक्टॉमी के फायदे – Benefits of Hysterectomy in Hindi

  • भविष्य में गर्भाशय का कैंसर होने से रोकता है
  • गर्भाशय के प्रोलैप्स (uterine prolapse) का इलाज करता है
  • गर्भाशय फाइब्रॉएड (uterine fibroids) को ख़त्म करता है

हिस्टेरेक्टॉमी का खर्च – Cost Of Hysterectomy In Hindi

हिस्टेरेक्टॉमी की प्रक्रिया का खर्च कई बातों पर निर्भर करता है, जैसे- कौन सी हिस्टेरेक्टॉमी हो रही है, जगह क्या है, सर्जन कौन है, प्रक्रिया कितनी लम्बी है।

तो इस तरह से डॉक्टर अंतिमा ने आकांक्षा के प्रश्नों का जवाब दिया। अगर आप हिस्टेरेक्टॉमी कराने की सोच रहे हैं तो ‘Pristyn Care’ आपके लिए एक बढ़िया आप्शन है। 

आखिर, हिस्टेरेक्टॉमी के लिए ‘Pristyn care’ ही क्यों? – After all, why ‘Pristyn care’ for Hysterectomy in Hindi?

प्रशिक्षित Gynaecologist की टीम- हिस्टेरेक्टॉमी के लिए हमारे पास एक्सपीरियंस्ड (Experienced) Gynaecologist की टीम है, जो ट्रीटमेंट या जांच के दौरान रोगी के स्वास्थ्य का पूरा ख़याल रखते हैं।

एडवांस टेक्नोलॉजी से होती है प्रक्रिया- हिस्टेरेक्टॉमी की सभी प्रक्रिया के लिए हमारे डॉक्टर एडवांस टेक्नोलॉजी (Advanced Technology) का प्रयोग करते हैं जिससे इलाज और भी आसान हो जाता है।

अपने शहर में करा सकते हैं ट्रीटमेंट- हमारे Gynaecologist 10 से ज्यादा शहरों में मौजूद हैं। इसलिए, आपको ट्रीटमेंट के लिए ज्यादा दूर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।

फ्री फॉलो अप– हम अपने मरीज़ों को फ्री फॉलो अप (Follow up) की सुविधा भी प्रदान करते हैं। इसके साथ मरीज़ के आने जाने का ख़र्चा भी हम ही उठाते है।

इंश्योरेंस की सुविधा- हमारी इंश्योरेंस (Insurance) टीम के जरिये आप हिस्टेरेक्टॉमी  की प्रकिया 100% की छूट पर करा सकते हैं।

 

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