andekha-na-kare-uterine-fibroid-ke-ye-char-lakshan

जीवनशैली खराब होने की वजह से हार्मोन में असंतुलन होता है जिसके कारण आज महिलाओं में गर्भाशय से जुड़ी कई प्रकार की समस्याएं पैदा हो रही हैं। यूटेराइन फाइब्रॉयड भी उन्हें में से एक है। यूटेराइन फाइब्रॉयड को गर्भाशय रसौली के नाम से भी जाना जाता है।

इस बीमारी से पीड़ित महिला के गर्भाशय में गांठ पनप जाती है। यह गर्भाशय की दीवारों पर पनपने वाला एक प्रकार का ट्यूमर है जो एक या एक से अधिक संख्या में हो सकता है। इसका आकार सेब के बीज से लेकर एक ग्रेपफ्रूट के आकार का या उससे भी बड़ा हो सकता है।

रसौली गांठ का इलाज जल्द से जल्द कराना चाहिए। इसे नजरअंदाज करने या इसके इलाज में देरी करने पर आपको दूसरी ढेरों समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए समय पर इस समस्या का उचित इलाज कराना चाहिए।

आगे पढ़ें:- यूटेरस फाइब्रॉयड्स के लिए मायोमेक्टमी की प्रक्रिया

हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह भी है कि ये ट्यूमर कैंसर का कारण नहीं बनते हैं। विशेषज्ञ का कहना है कि यह जरूरी नहीं कि यूटेराइन फाइब्रॉयड से पीड़ित हर महिला में इसके लक्षण दिखाई दें। आमतौर पर जिन महिलाओं में यूटेराइन फाइब्रॉयड के लक्षण दिखाई देते हैं उन्हें तेज दर्द और ब्लीडिंग का सामना करना पड़ता है।

इस बीमारी का इलाज महिला में दिखाई दे रहे रहे लक्षणों के आधार पर तय किया जाता है। इसलिए इसके लक्षणों पर ध्यान देना और उन्हें पहचानना अति आवश्यक है। 

हम आपको नीचे यूटेराइन फाइब्रॉयड के ऐसे चार मुख्य लक्षणों के बारे में बताने वाले हैं जिन्हें आपको किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

01. हेवी ब्लीडिंग

हेवी ब्लीडिंग यूटेराइन फाइब्रॉयड के मुख्य लक्षणों में से एक है। अगर आप खुद में इस लक्षण को अनुभव करती हैं तो आपको तुरंत एक अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए। क्योंकि पीरियड्स के दौरान अधिक ब्लीडिंग होने के कारण आपके शरीर में आयरन की कमी हो सकती है और आपको एनेमिया होने का खतरा बढ़ सकता है।

एनेमिया से पीड़ित होने पर आपको दूसरी कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए यह आवश्यक है कि आप जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलकर अपना इलाज कराएं। कुछ मामलों में हेवी ब्लीडिंग का कारण कोई दूसरी गंभीर बीमारी भी हो सकती है जिसकी पुष्टि केवल जांच के बाद ही संभव है।

02. पेल्विक क्षेत्र में दर्द

यह भी यूटेराइन फाइब्रॉयड के मुख्य लक्षणों में से एक है। अगर आप पेल्विक क्षेत्र में असहनीय दर्द या भारीपन महसूस करती हैं या आपके पेट का निचला हिस्सा फूल जाता है तो आपको इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में आपको तुरंत एक विशेषज्ञ डॉक्टर से मिलकर अपने पेल्विक क्षेत्र में दर्द और भारीपन के बारे में बात करनी चाहिए ताकि भविष्य में होने वाले खतरों को रोका जा सके।

03. बार-बार पेशाब आना या पेशाब का रुक जाना

यूटेराइन फाइब्रॉयड से पीड़ित होने पर मूत्राशय पर दबाव पड़ता है जिसके कारण आपको बार-बार पेशाब करने की जरूरत महसूस हो सकती है। इतना ही नहीं, कुछ मामलों में अचानक से पेशाब आना रुक भी सकता है। साथ ही, मलत्याग के समय आप अपने मलाशय में तेज दर्द और दवाब भी महसूस कर सकती हैं।

अगर आपको बार-बार पेशाब लगता है, पेशाब अचानक से रुक जाता है या मलत्याग करते समय तेज दर्द होता है तो आपको तुरंत एक अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलना चाहिए। अगर इन लक्षणों को लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया तो आगे जाकर यह दूसरी ढेरों गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

  1. सेक्स के दौरान दर्द

सेक्स के दौरान दर्द होना भी यूटेराइन फाइब्रॉयड के मुख्य लक्ष्यों में से एक है। सेक्स के दौरान दर्द होना इस बात की ओर इशारा करता है कि आपको जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलना चाहिए। सेक्स के दौरान योनि में दर्द एक गंभीर लक्षण है जिसका जल्द से जल्द उचित जांच और इलाज होना चाहिए।

ऊपर दिए गए यूटेराइन के चारों लक्षण ऐसे हैं जिन्हें अनुभव करने पर आपको जल्द से जल्द एक स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए ताकि समय पर इनका उचित इलाज किया जा सके। इन लक्षणों को नजरअंदाज करने पर गर्भ धारण करने में दिक्कत आना, प्रजनन क्षमता में कमी आना, बार-बार गर्भपात होना और गर्भावस्था के दौरान ऑपरेटिव डिलीवरी का खतरा छह गुना बढ़ना आदि शामिल हैं। इसलिए आपको बच्चेदानी में गांठ का ऑपरेशन जल्द से जल्द कराना चाहिए।

इतना ही नहीं, इन लक्षणों के कारण दूसरी भी ढेरों गंभीर और जानलेवा बीमारियां जन्म ले सकती हैं। इसलिए यह आवश्यक है कि आप इन लक्षणों को अनुभव करते ही बिना देरी किए डॉक्टर से मिलकर इस बारे में उन्हें बताएं।

यूटेराइन फाइब्रॉयड का इलाज कैसे किया जाता है?

अगर फाइब्रॉयड्स की संख्या कम और आकार छोटा है तो शुरूआती इलाज के तौर पर डॉक्टर कुछ खास किस्म की दवाएं निर्धारित कर सकते हैं। लेकिन अगर गर्भाशय में फाइब्रॉयड्स अधिक संख्या में हैं और उनका आकार भी बड़ा है तो ऐसे में डॉक्टर सर्जरी का सुझाव देते हैं।

यूटेराइन फायब्रॉयड का इलाज जिस सर्जरी से किया जाता है उसे हिस्टेरेक्टॉमी कहा जाता है। यह एक सर्जिकल प्रक्रिया है जिसके दौरान सर्जन सर्विक्स, ओवरीज, फैलोपियन ट्यूब्स या फाइब्रॉयड्स से प्रभावित गर्भाशय के हिस्सों को बाहर निकाल देते हैं।

हिस्टेरेक्टॉमी को पूर्ण या आंशिक – दोनों ही रूप से किया जा सकता है। यह पूरी तरह से मरीज के ओवरऑल हेल्थ, फाइब्रॉयड की संख्या, उनके आकार और गंभीरता पर निर्भर करता है। लेप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टॉमी एक सुरक्षित और सफल प्रक्रिया है। इस सर्जरी के दौरान मरीज को कम से कम दर्द और दूसरी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही, इस सर्जरी के बाद मरीज की रिकवरी भी काफी तेजी से होती है।

आगे पढ़ें:- ओवेरियन सिस्ट का कारण, लक्षण और इलाज

अगर आप यूटेराइन फाइब्रॉयड्स से पीड़ित हैं और अपने शहर या उसके आस-पास के टॉप रेटेड क्लिनिक में मॉडर्न और एडवांस सर्जिकल इलाज पाना चाहते हैं तो प्रिस्टीन केयर से संपर्क कर सकते हैं। हमारे क्लिनिक में गर्भाशय के फाइब्रॉयड्स का इलाज लेप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टॉमी से किया जाता है। इस सर्जरी को एक अनुभवी और विश्वसनीय स्त्री रोग विशेषज्ञ के द्वारा पूरा किया जाता है।

बच्चेदानी में गांठ का ऑपरेशन का खर्च का खर्च काफी चीजों पर निर्भर करता है जैसे कि स्थिति की गंभीरता और सर्जरी का प्रकार आदि। लेकिन हम कॉस्ट इफेक्टिव लेप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टॉमी करने के साथ-साथ मरीजों को ढेरों सुविधाएं भी प्रदान करते हैं जिसमें सर्जरी वाले दिन फ्री पिकअप और ड्रॉप, सर्जरी से पहले की सभी जांचों पर 30% तक की छूट और सर्जरी के बाद कुछ दिनों तक डॉक्टर के साथ फ्री फॉलोअप्स मीटिंग आदि शामिल हैं। इतना ही नहीं, हमारे क्लिनिक में गोपनीय परामर्श की सुविधा भी उपलब्ध है।

इसे पढ़ें:- पीरियड्स में खून के थक्के आने का कारण और इलाज

अगर आप बिना किसी तरह की परेशानी का सामना किए कम से कम समय में यूटेराइन फाइब्रॉयड्स से छुटकारा पाना चाहती हैं तो हमसे अभी संपर्क कर सकती हैं। हमारे स्त्री रोग विशेषज्ञ अपने सालों के अनुभव और मॉडर्न मेडिकल टेक्नोलॉजी की मदद से आपकी बीमारी को बहुत आसानी से दूर कर सकते हैं।

और पढ़ें

यूटेराइन फाइब्रॉयड का इलाजexpand icon