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प्लाज्मा थेरेपी आजकल बहुत चर्चा में है। चारों तरफ इसके बारे में बात हो रही है। आम जनता के बीच भी इसको लेकर कई तरह के सवाल हैं। जैसे की यह क्या है, इसका इस्तेमाल कब और क्यों किया जाता है आदि। प्लाज्मा थेरेपी पर वैज्ञानिक अभी भी शोध कर रहे हैं ताकि इस बात का पता लगाया जा सके की यह कोरोनावायरस का संभव इलाज है या नहीं। अगर आप भी प्लाज्मा थेरेपी के बारे में जानना चाहते हैं तो यह ब्लॉग बिलकुल आपके लिए है। प्रिस्टीन केयर के इस ब्लॉग में आज हम आपको प्लाज्मा थेरेपी, इसके इस्तेमाल, फायदे और नुकसान के बारे में विस्तार से बताने वाले हैं। इस ब्लॉग को पूरा पढ़ने के बाद आप प्लाज्मा थेरेपी को अच्छी तरह से समझ जाएंगे। 

प्लाज्मा थेरेपी क्या है — What Is Plasma Therapy In Hindi — Plasma Therapy In Hindi — Plasma Therapy Kya Hai

मेडिकल साइंस की भाषा में प्लाज्मा थेरेपी को प्लाज्माफेरेसिस के नाम से जाना जाता है। प्लाज्मा थेरेपी एक प्रक्रिया है जिसके दौरान खून के तरल पदार्थ या प्लाज्मा को खून की कोशिकाओं से अलग किया जाता है। फिर इसके बाद प्लाज्मा में अस्वस्थ टिशूज मिलने पर उसका समय पर सही इलाज किया जाता है। इस प्रक्रिया की मदद से किसी भी बीमारी या समस्या का उसकी शुरूआती स्टेज में ही पता चल जाता है जिसकी वजह से इलाज की मदद से समय पर उस बीमारी की रोकथाम करना संभव होता है। प्लाज्मा थेरेपी की मदद से किसी भी बीमारी को गंभीर रूप लेने से रोकने में मदद मिलती है। 

प्लाज्मा थेरेपी कैसे किया जाता है — How Is Plasma Therapy Done In Hindi — Plasma Therepy Ko Kaise Kiya Jata Hai  

प्लाज्मा थेरेपी डे केयर प्रोसीजर यानी के एक दिन प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया को पूरा होने में लगभग 1-3 घंटे का समय लगता है। प्लाज्मा थेरेपी को बहुत ही सावधानी के साथ किया जाता है ताकि मरीज को थेरेपी के दौरान या बाद में किसी भी तरह की कोई परेशानी या जटिलताओं का सामना न करना पड़े। आमतौर पर थेरेपी की इस प्रक्रिया को शुरू करने से पहले डॉक्टर मरीज से उनकी मेडिकल हिस्ट्री, पहले से चल रहे दूसरे इलाज, एलर्जी और दूसरी उन खास चीजों के बारे में पूछते हैं जो कहीं न कहीं इलाज की इस प्रकिया से सही या गलत तरह से जुड़े होते हैं। 

प्लाज्मा थेरेपी कई स्टेज में पूरा होता है। सबसे पहले डॉक्टर मरीज की बांह में इंजेक्शन लगाते हैं। यह इस थेरेपी की प्रक्रिया का सबसे पहला काम है। इसके बाद डॉक्टर मरीज के शरीर से खून निकालते हैं जिसके लिए सेंट्रीफ्यूज मशीन का इस्तेमाल किया जाता है। प्लाज्मा थेरेपी करवाने वाले इंसान का खून निकालने के बाद डॉक्टर प्लाज्मा को तैयार या उसका निर्माण करते हैं। प्लाज्मा का निर्माण होने के बाद उसे इंजेक्शन की मदद से उस इंसान के शरीर में डालते हैं। फिर इंजेक्शन वाली जगह को साफ करने के बाद बैंडेज करते हैं। इसके बाद प्लाज्मा थेरेपी की प्रक्रिया खत्म हो जाती है। यह एक बहुत ही आसान और सुरक्षित प्रक्रिया है। इसलिए आपको इससे डरने या घबराने की आवश्यकता नहीं है। 

प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल — Uses Of Plasma Therapy In Hindi — Plasma Therapy Ka Istemal Kyun Kiya Jata Hai 

प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल ढेरों कारणों एवं उदेश्यों के लिए किया जाता है। मुख्य रूप से इस थेरेपी का इस्तेमाल इंफेक्शन यानी की संक्रमण का पता लगाने के लिए किया जाता है। Plasma Therapy Uses In Hindi इंफेक्शन आज हजारों बीमारियों का कारण है, जब किसी को इंफेक्शन के कारण कोई बीमारी होती है तो उस बीमारी का पता लगाने तथा इलाज करने के लिए प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है। 

प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल स्पोर्ट्स पर्सन यानी की खिलाड़ियों के लिए सबसे अधिक किया जाता है। क्योंकि उन्हें अपने खेल के दौरान अक्सर चोट लगती रहती है और चोट का इलाज करने के लिए प्लाज्माफेरेसिस का उपयोग किया जाता है। स्पोर्ट्स के दौरान लगने वाले चोट को ठीक करने का यह सबसे बढ़ाया तरीका है। अगर आप भी किसी खेल के खिलाड़ी हैं तो डॉक्टर से परामर्श करने के बाद इस थेरेपी की मदद से खेल के दौरान आए चोट को ठीक कर सकते हैं।          

गुलियन बेरी सिंड्रोम का इलाज करने के लिए भी प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है। गुलियन बेरी सिंड्रोम एक ऐसी बीमारी है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी की इम्युनिटी को बुरी तरह से प्रभावित करता है। जिसके कारण इंसान का सेहत खराब हो जाता है तथा हमेशा कुछ न कुछ बीमारी या परेशानी होती ही रहती है। इम्युनिटी को मजबूत बनाने के लिए प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल कारगर साबित होता है। आज ढेरों बीमारियों को दूर करने के लिए ट्रांसप्लांट किए जाते हैं लेकिन कई बार ये ट्रांसप्लांट सफल नहीं हो पाते हैं। जिन लोगों के डोनर पार्ट ट्रांसप्लांट के बाद सही से काम नहीं करते हैं उनका इलाज प्लाज्मा थेरेपी से किया जाता है। प्लाज्मा थेरेपी उनकी परेशानियों को दूर करने का काम करता है। 

मायस्थीनिया ग्रेविस एक शारीरिक बीमारी है जो मांसपेशियों को कमजोर बनाती है। इस बीमारी से पीड़ित मरीज का इलाज करने में प्लाज्मा थेरेपी एक प्रभावशाली उपचार के माध्यम में सामने आता है। अगर आप मायस्थीनिया ग्रेविस से पीड़ित हैं तो डॉक्टर से परामर्श करने के बाद इस थेरेपी की मदद से अपनी बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं। इन सबके अलावा भी ढेरों ऐसी बीमारियाँ हैं जिनका इलाज करने के लिए प्लाज्मा थेरेपी सबसे बेहतर उपचार के माध्यम के रूप में सामने आता है।

प्लाज्मा थेरेपी के फायदे — Benefits Of Plasma Therapy In Hindi — Plasma Therapy Ke Fayde 

प्लाज्मा थेरेपी एक विकसित और उन्नत इलाज का तरीका है जिसके ढेरों फायदे हैं। मरीज के साथ साथ डॉक्टर भी प्लाज्मा थेरेपी का चुनाव करते हैं क्योंकि इसके ढेरों फायदे हैं। Plasma Therapy Se Kya Fayda Hota Hai प्लाज्मा थेरेपी का सबसे बड़ा फायदा यह है की इसकी मदद से इम्युनिटी को काफी जल्दी मजबूत बनाया जा सकता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होने के बाद शरीर में कोई भी बड़ी या छोटी समस्याएं जल्दी पैदा नहीं होती हैं क्योंकि उनसे लड़ने के लिए आपका रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी मजबूत होता है। इम्युनिटी मजबूत होने से बीमारियां होने की संभावना कम से कम हो जाती हैं। 

प्लाज्मा थेरेपी की मदद से ढेरों बीमारियों और परेशानियों को काफी आसानी से जल्दी ठीक एवं दूर किया जा सकता है। इस थेरेपी की मदद से चेहरे, बाल तथा शरीर के दूसरे हिस्सों से संबंधित परेशानियों को दूर किया जा सकता है। प्लाज्मा थेरेपी दूसरी सर्जरी की तुलना में बहुत ही कम समय में पूरा हो जाता है जिसके कारण मरीज का काफी समय बचता है। इस प्रक्रिया के दौरान मरीज को दर्द का सामना नहीं करना पड़ता है। यही कारण है कि इस थेरेपी के बाद मरीज को रिकवर होने में भी कम से कम समय लगता है। कुछ मामलों में प्लाज्मा थेरेपी के तुरंत बाद ही रिजल्ट देखने को मिलता है। 

कुल मिलाकर प्लाज्मा थेरेपी एक शुक्ष्म, सुरक्षित, सरल और सफल प्रक्रिया है जिसके दौरान या बाद में मरीज को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है। अगर आप इस थेरेपी की मदद से अपनी समस्या को दूर करना चाहते हैं तो डॉक्टर से मिलकर इस बारे में बात कर सकते हैं। 

प्लाज्मा थेरेपी के नुकसान — Side Effects Of Plasma Therapy In Hindi — Plasma Therapy Ke Nuksan 

हर उपचार के कुछ न कुछ साइड इफेक्ट्स यानी की नुकसान होते हैं। प्लाज्मा थेरेपी भी इससे अछूता नहीं है। जहां एक तरफ इस थेरेपी के ढेरों फायदे हैं, वहीं दूसरी तरफ इसके कुछ संभावित नुकसान भी हैं। Plasma Therapy Ke Kya Nuksan Hota Hai अगर आप इस थेरेपी के जरिए अपनी बीमारी का इलाज कराना चाहते हैं या अपनी बीमारी का इलाज कराने जा रहे हैं तो आपको इसके नुकसान के बारे में पहले से ही जानकारी होनी चाहिए। ताकि थेरेपी के बाद किसी तरह की कोई समस्या होने पर आप तुरंत डॉक्टर से मिलकर उस समस्या की रोकथाम कर सकें।     

प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल इंफेक्शन का पता लगाने के लिए किया जाता है। लेकिन कई बार इस थेरेपी के कारण भी इंफेक्शन हो सकता है। विशेषज्ञ का कहना है कि प्लाज्मा थेरेपी से इंफेक्शन होने की संभावना होती है। इसलिए इस प्रक्रिया के दौरान तथा इसके बाद सावधानी बरतनी चाहिए। साथ ही नसों पर इस थेरेपी का बुरा असर पड़ता है जिसके कारण नसें खराब भी हो सकती हैं। अगर आपको इस प्रक्रिया के बाद नस में किसी तरह की कोई परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलकर इस बारे में बात करनी चाहिए। ऐसा करने से डॉक्टर आपकी परेशानी की समय पर रोकथाम कर सकते हैं। कभी कभी प्लाज्मा थेरेपी के बाद मरीज को धुंधलापन की भी समस्या होती है।    

प्लाज्मा थेरेपी के बाद कमजोरी, सुस्ती और बेहोशी की शिकायत भी देखी गई है। अगर आप भी इस थेरेपी के बाद कमजोरी या सुस्ती महसूस करते हैं तथा बेहोशी होती है तो आपको अपने डॉक्टर से मिलकर इन परेशानियों के बारे में बात करनी चाहिए। कमजोरी और सुस्ती होना सामान्य बात है लेकिन अगर आपको बार बार बेहोशी की शिकायत हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जैसे की हमने आपको पहले ही बताया है की प्लाज्मा थेरपी का नसों पर बुरा असर पड़ता है। नसों पर बुरा असर पड़ने के कारण कई बार ब्लड क्लॉट होने की संभावना बढ़ जाती है। 

ऐसे में इस प्रक्रिया से गुजरने के बाद आपको ब्लड क्लॉट की भी शिकायत हो सकती है। ब्लड क्लॉट की स्थिति में आपको तुरंत मेडिकल सहायता लेनी चाहिए। क्योंकि ब्लड क्लॉट दूसरी ढेरों बीमारियों का कारण बन सकता है। इन सबके अलावा भी दूसरे काफी संभावित नुकसान हैं। अगर आपको प्लाज्मा थेरेपी के बाद किसी भी तरह की कोई परेशानी हो तो खुद उसका इलाज ढूंढने  / करने या उसे नजरअंदाज करने के बजाय आपको अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए।            

निष्कर्ष — Conclusion 

प्लाज्मा थेरेपी इलाज का एक सफल और सुरक्षित प्रक्रिया है लेकिन इसके कुछ संभावित साइड इफेक्ट्स भी हैं। इसलिए अगर आप अपनी बीमारी को दूर करने की नियत से इस प्रक्रिया का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो डॉक्टर से मिलकर इस बारे में विस्तार से अवश्य बात करें। प्लाज्मा थेरेपी का उपयोग करने से पहले डॉक्टर आपकी कुछ जांच करते हैं फिर इलाज की इस प्रक्रिया का चुनाव करते हैं। इतना ही नहीं, डॉक्टर जांच की मदद से इस बात का भी पता लगते हैं की आपको इस थेरेपी से किसी तरह का कोई नुकसान होने की संभावना तो नहीं है। इस थेरेपी का उपयोग करने से पहले आपको को भी इसके इस्तेमाल, फायदे और संभावित नुकसान के बारे में जानकारी होनी चाहिए।  

 

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