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    Dr. Bhagat Singh Rajput - ACL Tear Treatment Specialist in Pristyn Care Elantis, Ring Road, Lajpat Nagar, over 45  Years Experience

    Dr. Bhagat Singh Rajput

    MBBS, D.Ortho
    45 Yrs.Exp.

    4.5/5

    45 Years Experience

    location icon Pristyn Care Elantis, Ring Road, Lajpat Nagar
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    Dr. Bhattiprolu Sarangadhara Murthy - ACL Tear Treatment Specialist in Pristyn Care Diyos Hospital, Safdarjung Enclave, Delhi, over 41  Years Experience

    Dr. Bhattiprolu Sarangad...

    MBBS, MS-Orthopedics
    41 Yrs.Exp.

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    41 Years Experience

    location icon Pristyn Care Diyos Hospital, Safdarjung Enclave, Delhi
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    Dr. Saket Jati - ACL Tear Treatment Specialist in Manorama Ganj, Old Palasia, Indore, Madhya Pradesh 452003, over 36  Years Experience

    Dr. Saket Jati

    MBBS, MS-Orthopedics
    36 Yrs.Exp.

    4.5/5

    36 Years Experience

    location icon Manorama Ganj, Old Palasia, Indore, Madhya Pradesh 452003
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  • एसीएल टियर क्या है?
    एसीएल टियर के प्रकार
    एसीएल टियर के कारण
    एसीएल टियर के लक्षण
    एसीएल टियर की संरचना एवं कार्य
    एसीएल टियर को कैसे पहचानें?
    एसीएल टियर होने पर डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?
    एसीएल टियर के जोखिम कारक
    एसीएल टियर के कारण होने वाली जटिलताएं क्या हैं?
    एसीएल टियर से बचने के उपाय क्या हैं?
    एसीएल टियर का निदान कैसे किया जाता है?
    एसीएल टियर का उपचार कैसे किया जाता है?

    एसीएल टियर क्या है?

    एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट (एसीएल) टियर, घुटने की सबसे आम चोटों में से एक है। एसीएल की लगभग आधे से अधिक चोटें मेनिस्कस, आर्टिकुलर कार्टिलेज या अन्य लिगामेंट को पहुंचने वाले नुकसान के कारण होती हैं। क्षतिग्रस्त लिगामेंट को मोच माना जाता है और गंभीरता के आधार पर इन्हें अलग-अलग चरणों में वर्गीकृत किया जाता है। जिसके बारे में नीचे जानकारी दी जा रही है।

     

     

     

    एसीएल टियर के प्रकार

    • एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट (ACL) घुटने के जोड़ में प्राथमिक स्नायुबंधन, या संयोजी टिश्यू में से एक है। एसीएल टियर या तो आंशिक या पूर्ण हो सकता है। पूर्ण टियर के लिए आमतौर पर सर्जरी की आवश्यकता होती है, लेकिन कुछ आंशिक टियर का इलाज गैर-सर्जिकल तकनीक से किया जा सकता है। यदि आपको आंशिक रूप से चोट लगी है, तो डॉक्टर आपके घुटने की अस्थिरता के आधार पर सर्जरी की आवश्यकता का आकलन कर सकता है। लेकिन यदि आपका घुटना स्थिर है, तो आपको सर्जरी की आवश्यकता नहीं होगी।

      एसीएल टियर को निम्न ग्रेड में वर्गीकृत किया गया है:

      • ग्रेड 1 मोच: ग्रेड 1 की मोच में लिगामेंट हल्के रूप में क्षतिग्रस्त होता है। हालांकि यह बेहद हल्के रूप में स्ट्रेच होता है और घुटने के जोड़ को स्थिर रखने में मदद करने में सक्षम होता है।
      • ग्रेड 2 मोच: ग्रेड 2 मोच लिगामेंट को उस बिंदु तक खींचती है जहां वह ढीला हो जाता है। इसे अक्सर लिगामेंट का आंशिक टूटना कहा जाता है।
      • ग्रेड 3 मोच: इस प्रकार की मोच को आमतौर पर लिगामेंट का पूरी तरह से टूटना कहा जाता है। इस स्थिति में लिगामेंट आधा फट जाता है या सीधे हड्डी से खिंच जाता है, और घुटने के जोड़ को अस्थिर कर देता है।

      पार्शियल एसीएल टियर की स्थिति को दुर्लभ माना जाता है। अधिकांश एसीएल टियर लगभग पूरी तरह फट चुकी होती हैं।

    एसीएल टियर के कारण

    एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट निम्न तरीकों से घायल हो सकता है:

    • तेजी से दिशा बदलने पर
    • अचानक से रुकने पर
    • दौड़ते समय गति धीमी हो जाने पर
    • गलत तरीके से छलांग लगाकर उतरने पर
    • किसी प्रकार की टक्कर, जैसे फुटबॉल टैकल के कारण

    कुछ खेलों में पुरुष एथलीटों की तुलना में महिला एथलीटों में एसीएल टियर की संभावना अधिक होती है। ऐसा उनकी फिजिकल कंडीशनिंग, मांसपेशियों की ताकत और न्यूरोमस्कुलर नियंत्रण में अंतर के कारण होता है। इसके अलावा श्रोणि (पेल्विक) और निचले छोर (पैर) के संरेखण में अंतर, स्नायुबंधन में ढीलापन बढ़ना व स्नायुबंधन गुणों पर एस्ट्रोजन के प्रभाव के कारण भी महिलाओं में एसीएल टियर खतरा अधिक होता है।

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    एसीएल टियर के लक्षण

    जब एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट घायल होता है, तो चटकने की आवाज सुनाई दे सकती है और रोगी को ऐसा महसूस हो सकता है कि उसका घुटना नीचे से खिसक गया है। एसीएल टियर के लक्षणों में निम्न शामिल हैं:

    • घुटने में तेज पॉपिंग महसूस होना
    • घुटने में कमजोरी महसूस होना
    • घुटनें पर जोर डालते समय गंभीर और तीव्र दर्द होना
    • गतिविधि जारी रखने में असमर्थता
    • अधिक सूजन होना
    • घुटने की गति की सीमा में नुकसान होना
    • घुटने में अस्थिरता होना
    • वजन उठाते समय परेशानी होना

    एसीएल टियर की संरचना एवं कार्य

    एसीएल की संरचना

    घुटने के जोड़ को बनाने के लिए तीन हड्डियां मिलती हैं। फीमर (जांघ की हड्डी), टिबिया (शिनबोन), और पटेला (घुटने की टोपी)। इसके अलावा इन्हें सुरक्षा प्रदान करने के लिए नीकैप जोड़ के सामने बैठता है। पैर की हड्डियां अन्य हड्डियों से स्नायुबंधन द्वारा जुड़ी होती हैं। घुटने में चार प्राथमिक स्नायुबंधन होते हैं। वे हड्डियों को एक साथ रखने और घुटने को स्थिरता के लिए मजबूत रस्सियों की तरह काम करते हैं।

    एसीएल का कार्य

    एसीएल, लिगामेंट संयोजी ऊतक का एक मजबूत बैंड है जो हड्डियों को एक-दूसरे से जोड़ता है और उन्हें स्थिरता प्रदान करता है। एसीएल घुटने के चार प्रमुख  स्नायुबंधन में से एक है। पोस्टीरियर क्रूसिएट लिगामेंट, मीडियल और लेटरल कोलेटरल लिगामेंट्स के साथ, एसीएल घुटने को स्थिरता प्रदान करने में मदद करता है। एसीएल घुटने के सामने स्थित होता है और, पिछले क्रूसिएट लिगामेंट के साथ, जांघ की हड्डी की निचली सतह व पिंडली की हड्डी की ऊपरी सतह पर उन्हें स्थिर करने के लिए एक क्रिस-क्रॉस आकार बनाता है।

    जब यह लिगामेंट पैर के हिलने-डुलने से स्ट्रेच होता है, तो यह फट सकता है। इस कारण होने वाली चोट का आकार संयोजी टिश्यू फाइबर के हल्के से फटने से लेकर पूरी तरह फटने या अलग होने तक भिन्न होता है।

    • कोलेटरल लिगामेंट: कोलेटरल लिगामेंट, घुटने के किनारों पर पाए जाते हैं। मीडियल कोलेटरल लिगामेंट (MCL) अंदर की तरफ है, और लेटरल कोलेटरल लिगामेंट (LCL) घुटने के बाहर की तरफ होते हैं। ये घुटने की अगल-बगल की गति को नियंत्रित करते हैं और घुटने को असामान्य गति करने से रोकते हैं।
    • क्रूसिएट लिगामेंट्स: ये लिगामेंट घुटने के जोड़ के अंदर पाए जाते हैं। ये क्रॉस (X) बनाने के लिए एक-दूसरे को काटते हैं। सामने की तरफ एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट (एसीएल) और पीछे की तरफ पोस्टीरियर क्रूसिएट लिगामेंट (पीसीएल) होते हैं। क्रूसिएट लिगामेंट्स घुटने के आगे और पीछे की गति को नियंत्रित करते हैं। जबकि एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट घुटने के बीच में तिरछा चलता है। यह टिबिया को फीमर के सामने से बाहर खिसकने से रोकता है और घुटने को घूर्णी स्थिरता प्रदान करता है। पीसीएल, शिनबोन (टिबिया) को बहुत पीछे की ओर जाने से रोकता है। यह एसीएल से अधिक मजबूत होता है और बहुत कम क्षतिग्रस्त होता है।

    एसीएल टियर को कैसे पहचानें?

    अधिकांश लोगों को एसीएल टियर का आभास उसी समय हो जाता है जब उन्हें कोई चोट लगती है और एसीएल फट जाता है। खेल के दौरान लगने वाली चोटें और एसीएल को तोड़ने वाले अन्य आघात इतने स्पष्ट होते हैं कि आप इन्हें आसानी से पहचान व महसूस कर सकते हैं।

    जो लोग एसीएल टियर का अनुभव करते हैं वे आमतौर पर अपने घुटने में एक पॉप महसूस करते या सुनते हैं। इसके कारण घुटना झुक सकता है जिससे आपको घुटने अस्थिरता और कमजोरी महसूस हो सकती है। एसीएल टियर बहुत दर्दनाक हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों को बेहद कम असुविधा महसूस होती है। यदि आपको घुटने में चोट लग जाए और किसी प्रकार की चटकने की आवाज महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

    एसीएल टियर होने पर डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

    एसीएल टियर के किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। दरअसल घुटने का जोड़ हड्डियों, स्नायुबंधन, टेंडन और अन्य टिश्यू की एक जटिल संरचना है जो एक साथ काम करते हैं। चोट की गंभीरता को निर्धारित करने और उचित उपचार के लिए रोगी को जल्द से जल्द इसका सटीक निदान प्राप्त करना महत्वपूर्ण होता है।

    एसीएल टियर के जोखिम कारक

    कोई भी व्यक्ति एसीएल टियर का अनुभव कर सकता है। हालांकि यह स्थिति एथलीटों में अधिक आम होती है, खासकर उन लोगों में जो ऐसे खेल में भाग लेते हैं जिनमें अचानक रुकना, मुड़ना या दिशा बदलना शामिल होता है। कुछ खेल जो बार-बार एसीएल टूटने का कारण बनते हैं उनमें शामिल हैं:

    • फुटबॉल
    • बास्केटबॉल
    • जिम्नास्टिक
    • लैक्रोस

    एसीएल टियर के कारण होने वाली जटिलताएं क्या हैं?

    एसीएल टियर, घुटने के अन्य हिस्सों को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं। एसीएल टियर के दौरान घुटने के अन्य लिगामेंट को नुकसान पहुंच सकता है। एसीएल टियर के कारण होने वाली निम्नलिखित जटिलताएं नीचे दी जा रही हैं:

    • मीडियल कोलेटरल लिगामेंट की छति (एमसीएल)
    • लेटरल कोलेटरल लिगामेंट की छति (एलसीएल)
    • पोस्टीरियर क्रूसिएट लिगामेंट की छति (पीसीएल)
    • हड्डी का फ्रैक्चर होने की संभावना
    • मेनिस्कस टियर होने का जोखिम बढ़ना
    • मांसपेशियों में तनाव होना

    एसीएल टियर से बचने के उपाय क्या हैं?

    एसीएल टियर से बचने के निम्नलिखित उपाय नीचे दिए जा रहे हैं:

    • उचित प्रशिक्षण और व्यायाम एसीएल चोट के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं। 
    • कोर को मजबूत करने के लिए व्यायाम करें। इनमें कूल्हे, श्रोणि और पेट के निचले हिस्से के व्यायाम  शामिल हैं।
    • ऐसे व्यायाम जो पैर की मांसपेशियों को मजबूत करते हैं, विशेष रूप से हैमस्ट्रिंग व्यायाम, पैर की मांसपेशियों की ताकत में संतुलन पैदा करने में मदद करते हैं।
    • कूदते और छलांग से उतरते समय उचित तकनीक और घुटने की स्थिति पर जोर देने वाले प्रशिक्षण और व्यायाम का अभ्यास करें।
    • धुरी और काटने की गतिविधियों को पूर्ण करने की तकनीक में सुधार करने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करें।
    • पैरों, कूल्हों और कोर की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण लें।
    • कूदने और उतरने की तकनीक में सुधार करने और घुटने की अंदरूनी गति को रोकने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करें।

    एसीएल टियर का निदान कैसे किया जाता है?

    एसीएल टियर का निदान कई प्रकार किया जा सकता है। डॉक्टर विशेष युक्तियों के साथ घुटने के लिगामेंट्स का मूल्यांकन कर सकता है। इसके अलावा निम्नलिखित जांच के माध्यम से एसीएल टियर की गंभीरता की जांच की जाती है:

    • शारीरिक परीक्षण: शरीरिक परीक्षण के दौरान डॉक्टर घुटने की अच्छी तरह से जांच करगा। घायल घुटने की सभी संरचनाओं की तुलना स्वस्थ घुटने से करेगा। अधिकांश लिगामेंट चोटों का निदान घुटने की संपूर्ण शारीरिक जांच के माध्य्म से ही किया जा सकता है।
    • रोगी का इतिहास: एसीएल टियर का इलाज करने से पहले डॉक्टर रोगी के स्वास्थ्य इतिहास के बारे में जानकारी प्राप्त करेगा। यदि रोगी पूर्व में इस प्रकार कि किसी चोट का सामना कर चुका है या घुटने के दर्द से राहत पाने के लिए किसी प्रकार की दवाएं ले रहा है तो इसके बारे में डॉक्टर को जरूर बताएं।
    • एक्स-रे: एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट की चोट सामान्य तौर पर नहीं दिखती है। ऐसे में चोट की पहचान करने के लिए डॉक्टर एक्स-रे करवाने की सलाह दे सकता है। एक्स-रे के माध्यम इस बात की भी पुष्टि हो जाती है कि चोट के कारण हड्डी टूटी तो नहीं है।
    • एमआरआई: एमआरआई स्कैन, एक्स-रे की तुलना में नरम ऊतकों की बेहतर छवियां बनाता है। हालांकि, फटे एसीएल का निदान करने के लिए आमतौर पर एमआरआई की आवश्यकता नहीं होती है। लेकिन, एमआरआई करने से डॉक्टर को घुटने में अन्य नरम ऊतक संरचनाओं जैसे, मेनिस्कस और उपास्थि की चोटों का पता लगाने में मदद मिल जाती है।

    एसीएल टियर का उपचार कैसे किया जाता है?

    एसीएल के अधिकांश मामलों में रोगी को चोट लगने के कुछ हफ्तों बाद ही आराम लग जाता है। एसीएल फटने के बाद सर्जरी की आवश्यकता नहीं होती है, खासकर यदि एसीएल केवल आंशिक रूप से फटा हो तो। यदि आप खेल गतिविधियों में हिस्सा नहीं लेते हैं, और आपका घुटना अस्थिर नहीं है, तो आपको एसीएल सर्जरी की आवश्यकता नहीं होती है। लेकिन इसके अतिरिक्त एसीएल टियर की गंभीर स्थितियों में आपको सर्जिकल ट्रीटमेंट की आवश्यकता हो सकती है। एसीएल टियर के उपचार की निम्न प्रक्रियाएं नीचे दी जा रही हैं: 

    • पारंपरिक उपचार: एसीएल टियर को पारंपरिक उपचार की मदद से ठीक किया जा सकता है। पारंपरिक उपचार में पर्याप्त आराम करना और दर्द नियंत्रण व सूजन प्रबंधन शामिल हो सकता है। इसके अलावा आप भौतिक चिकित्सा शुरू कर सकते हैं और घुटने के ब्रेस का उपयोग कर सकते हैं। पार्शियल एसीएल टियर के उपचार में व्यायाम और संतुलन गति अभ्यास को शामिल कर सकते हैं।
    • सर्जिकल उपचार: एसीएल टियर की सामान्य सर्जरी को एसीएल रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी कहा जाता है। इलाज के दौरान लिगामेंट को रिपेयर करने की संभव नहीं होती है, इसलिए किसी अन्य टेंडन या लिगामेंट का उपयोग करके लिगामेंट को रिकंस्ट्रक्ट किया जाता है।

    एसीएल सर्जरी को कई अलग-अलग तरह से किया जाता है। यह चोट की गंभीरता पर निर्भर करता है। एसीएल टियर को रिकंस्ट्रक्ट करने के लिए कई प्रकार के ग्राफ्ट का उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए सर्जन मरीज के स्वयं के अन्य लिगामेंट में से एक का उपयोग कर सकता है डोनर ग्राफ्ट का उपयोग किया जा सकता है। 

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    एसीएल टियर के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

    क्या एसीएल टियर अपने आप ठीक हो सकता है?

    नहीं, एसीएल टियर अपने आप ठीक नहीं हो सकता है। हालांकि एसीएल टियर की शुरुआती स्टेज के साथ व्यक्ति रह सकता है। लेकिन यदि आप एक एथलीट हैं या शारीरिक गतिविधि में वापस लौटना चाहते हैं, तो आपको एसीएल को ठीक करने के लिए सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है। अधिकांश लोग एसीएल टियर को ठीक करवाने के लिए सर्जिकल प्रक्रिया को चुनते हैं।

    पुरुषों की तुलना में महिलाओं में एसीएल टियर अधिक क्यों होता है?

    महिला एथलीटों को विशेष रूप से एसीएल टियर का खतरा पुरुष एथलीटों की तुलना में अधिक होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह न्यूरोमस्कुलर नियंत्रण में अंतर होने के कारण ऐसी स्थिति निर्मित होती है। लैंडिंग, कटिंग और पिवोटिंग जैसे महत्वपूर्ण खेल गतिविधियों के दौरान पुरुष और महिलाएं घुटने की स्थिति अलग-अलग रखते हैं। पुरुष और महिला की शारीरिक रचना और हार्मोन के स्तर में अंतर भी महिलाओं में एसीएल टियर की दर बढ़ाने का कारक हो सकता है।

    एसीएल टियर सर्जरी के होने वाली जटिलताएं कौम सी हैं?

    एसीएल सर्जरी के बाद मरीज को कई प्रकार के जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है। इनमें संक्रमण, लगातार अस्थिरता, दर्द और कठोरता शामिल है।

    एसीएल इंजरी का बेस्ट इलाज क्या है?

    एसीएल इंजरी यानी एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट इंजरी का इलाज कई तरह से किया जा सकता है जिसमें दवाओं और क्रीम का इस्तेमाल शामिल है। लेकिन एसीएल इंजरी की गंभीर स्थिति में डॉक्टर प्लास्टर बंधवाने या सर्जरी करवाने का सुझाव देते हैं।

    एसीएल इंजरी के लिए बेस्ट डॉक्टर कौन है?

    एसीएल इंजरी हड्डी से संबंधित विकार है ऐसे में इसका इलाज हमेशा एक हड्डी रोग विशेषज्ञ से ही करवाना चाहिए।