USFDA-Approved Procedure
Support in Insurance Claim
No-Cost EMI
1-day Hospitalization
Choose Your City
It help us to find the best doctors near you.
Bangalore
Chennai
Coimbatore
Delhi
Hyderabad
Kolkata
Mumbai
Noida
Pune
Thiruvananthapuram
Delhi
Hyderabad
Pune
Mumbai
Bangalore
अबॉर्शन (गर्भपात) एक ऐसी चिकित्सीय प्रक्रिया है जिसमें अनचाहे या असुरक्षित गर्भ को सुरक्षित तरीके से समाप्त किया जाता है। भारत में यह प्रक्रिया पूरी तरह वैध और सुरक्षित है। अबॉर्शन दो तरीकों से होता है मेडिकल (दवाओं से) और सर्जिकल (ऑपरेशन से)। सही तरीका आपकी गर्भावस्था की अवधि और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है।
अबॉर्शन करने के दो मुख्य तरीके हैं:
इस प्रक्रिया में दो दवाओं का उपयोग किया जाता है:
यह प्रक्रिया कैसे होती है:
सर्जिकल अबॉर्शन (D&C – Dilation and Curettage) वह प्रक्रिया है जो 9 सप्ताह से अधिक की गर्भावस्था में की जाती है।
यह एक बहुत सामान्य सवाल है जो ज्यादातर महिलाएं पूछती हैं।
सर्जिकल अबॉर्शन में दर्द बहुत कम या नहीं होता, जबकि मेडिकल अबॉर्शन में माहवारी जैसी तकलीफ होती है।
यह सवाल बहुत जरूरी है और हर महिला के लिए जवाब थोड़ा अलग हो सकता है:
| प्रक्रिया | आराम का समय | काम पर वापसी |
| मेडिकल अबॉर्शन | 3 से 5 दिन | 5–7 दिन बाद |
| सर्जिकल अबॉर्शन | 1 से 2 दिन | 3–5 दिन बाद |
| भारी शारीरिक काम | – | 2 सप्ताह बाद |
| गर्भावस्था की अवधि | उचित प्रक्रिया |
| 6–9 सप्ताह | मेडिकल अबॉर्शन (दवाओं से) |
| 9–20 सप्ताह | सर्जिकल अबॉर्शन (D&C) |
| एक्टोपिक गर्भावस्था | लेप्रोस्कोपिक ऑपरेशन |
| मोलर गर्भावस्था | D&C |
| 20 सप्ताह से अधिक (विशेष मामले) | सर्जिकल (डॉक्टर की अनुमति से) |
सर्जिकल या मेडिकल अबॉर्शन से पहले ये जांचें की जाती हैं:
अबॉर्शन के बाद कुछ महिलाओं को तनाव, उदासी, अकेलापन या अपराध-बोध महसूस हो सकता है। यह सामान्य है।
हां। सही तरीके से की गई अबॉर्शन प्रक्रिया से भविष्य में गर्भधारण की क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ता। यह मिथक है कि अबॉर्शन कराने से बाद में बच्चा नहीं होता।
केवल लाइसेंस प्राप्त डॉक्टर और क्लीनिक में ही अबॉर्शन करवाएं।
अप्रशिक्षित व्यक्ति से या बिना लाइसेंस वाली जगह पर अबॉर्शन कराना खतरनाक है। इसके गंभीर खतरे हैं:

अबॉर्शन दो तरीके से होता है मेडिकल (दवाओं से, 9 सप्ताह तक) और सर्जिकल (D&C ऑपरेशन, 9 सप्ताह के बाद)। सर्जिकल अबॉर्शन में बेहोशी की दवा दी जाती है और उपकरण से भ्रूण की ऊतकें निकाली जाती हैं। प्रक्रिया 30–60 मिनट में पूरी होती है।
अबोसन’ यानी अबॉर्शन। यह दवाओं या सर्जरी से होता है। डॉक्टर पहले जांच करते हैं और फिर गर्भावस्था की अवधि के अनुसार सही प्रक्रिया चुनते हैं।
Abortion process में पहले अल्ट्रासाउंड जांच होती है, फिर मेडिकल या सर्जिकल प्रक्रिया से गर्भ का समापन होता है। सर्जिकल अबॉर्शन में Anesthesia दी जाती है जिससे दर्द नहीं होता।
सर्जिकल अबॉर्शन के बाद 1–2 दिन आराम काफी होता है। मेडिकल अबॉर्शन में 3–5 दिन आराम की जरूरत हो सकती है। भारी काम के लिए 2 सप्ताह तक प्रतीक्षा करें।
सर्जिकल अबॉर्शन में बेहोशी की दवा की वजह से प्रक्रिया के दौरान दर्द नहीं होता। मेडिकल अबॉर्शन में माहवारी जैसी ऐंठन हो सकती है जो दवाओं से कम होती है।
नहीं। सर्जिकल गर्भपात General या Local Anesthesia के तहत किया जाता है। प्रक्रिया के दौरान मरीज को कोई दर्द नहीं होता। बाद में हल्की ऐंठन संभव है।
नहीं। भारतीय कानून के अनुसार अबॉर्शन के लिए पति की सहमति की आवश्यकता नहीं है। यह पूरी तरह महिला का अधिकार है।
हां, लेकिन इसके लिए माता-पिता या अभिभावक की लिखित सहमति आवश्यक है।