phone icon in white color

Call Us

Book FREE Appointment

USFDA-Approved Procedure

USFDA-Approved Procedure

Arrow icon
Support in Insurance Claim

Support in Insurance Claim

Arrow icon
No-Cost EMI

No-Cost EMI

Arrow icon
1-day Hospitalization

1-day Hospitalization

Arrow icon

Choose Your City

It help us to find the best doctors near you.

Bangalore

Chennai

Delhi

Hyderabad

Kochi

Mumbai

Pune

Delhi

Hyderabad

Pune

Mumbai

Bangalore

Best Doctors for Sinusitis

  • online dot green
    Dr. Mangalam Pavan Kumar - A ent-specialist for Sinusitis

    Dr. Mangalam Pavan Kumar

    MBBS, MS-ENT
    15 Yrs.Exp.

    4.5/5

    15 Years Experience

    location icon Pristyn Care Zoi Hospital, ShivBagh, Ameerpet, Hyd
    Call Us
    080-6542-3712
  • online dot green
    Dr. Asha M S - A ent-specialist for Sinusitis

    Dr. Asha M S

    MBBS, DNB-ENT
    15 Yrs.Exp.

    5.0/5

    15 Years Experience

    location icon Kochi, Ernakulam, Kerala 682025
    Call Us
    080-6962-5909
  • online dot green
    Dr. Alina Khan - A ent-specialist for Sinusitis

    Dr. Alina Khan

    MBBS, MS-ENT
    9 Yrs.Exp.

    4.5/5

    9 Years Experience

    location icon Pristyn Care ZOI Hospital, Ameerpet, Hyderabad
    Call Us
    080-6542-3712
  • साइनस के बारे में जानकारी
    साइनस के लक्षण
    साइनस के प्रकार
    साइनसाइटिस के मुख्य कारण
    साइनस का उपचार
    कब डॉक्टर से संपर्क करें?
    साइनस के लिए घरेलू उपाय (Home Remedies for Sinusitis)

    साइनस क्या होता है?

    हमारे चेहरे की हड्डियों के अंदर हवा से भरी छोटी-छोटी जगहें होती हैं, जिन्हें साइनस कहा जाता है। ये साइनस नाक से जुड़े होते हैं और बलगम (म्यूकस) बनाने में मदद करते हैं। जब इनमें सूजन या संक्रमण हो जाता है, तो इसे साइनसाइटिस कहा जाता है।

    साइनस के लक्षण

    • सिर में दर्द और भारीपन
    • आवाज बदल जाना
    • बुखार और बेचैनी
    • आंखों के ठीक ऊपर दर्द
    • दांतों में दर्द
    • सूंघने में समस्या
    • जीभ से स्वाद लेने में समस्या
    • तेजी से बाल सफेद होना
    • नाक से पीला लिक्विड गिरना

     

     

     

     

    cost calculator

    Sinusitis सर्जरी की कीमत जाने

    Fill details to get actual cost

    i
    i
    i

    To confirm your details, please enter OTP sent to you on *

    i

    साइन(साइनसाइटिस) के प्रकार

    1. तीव्र साइनसाइटिस (Acute Sinusitis)

    यह कुछ दिनों से लेकर 4 हफ्तों तक रहता है और अक्सर वायरल संक्रमण या सर्दी-जुकाम के बाद होता है।

    2. क्रॉनिक साइनसाइटिस (Chronic Sinusitis)

    जब साइनस की समस्या 12 हफ्तों से ज्यादा बनी रहे, तो उसे क्रॉनिक साइनसाइटिस कहा जाता है।

    3. एलर्जिक साइनसाइटिस

    धूल, धुआं, परागकण या मौसम बदलने से एलर्जी होने पर साइनस की समस्या बढ़ सकती है।

    • बार-बार सर्दी-जुकाम होना
    • एलर्जी
    • नाक की हड्डी टेढ़ी होना (DNS)
    • धूल, प्रदूषण और धुएं का संपर्क
    • कमजोर इम्यून सिस्टम
    • फंगल या बैक्टीरियल संक्रमण
    • नाक में पॉलिप्स होना

    साइनस का उपचार

    निदान 

    साइनस का निदान करने के लिए डॉक्टर अस्पताल बुलाकर आपके लक्षणों की करीब से जांच करते है। साथ ही आपसे इस बारे में भी पूछा जाता है कि आपको साइनस के लक्षण कब शुरू हुए हैं और हाल ही में आप किसी एलर्जिक पदार्थ के संपर्क में तो नहीं आए हैं। 

    इसके अलावा कुछ टेस्ट भी किए जा सकते हैं, जिनकी मदद से साइनोसाइटिस की पुष्टि करने में मदद मिलती है। इन टेस्टों में निम्न शामिल हैं –

    •  ब्लड टेस्ट
    •   नाक से बलगम लेकर उसकी जांच करना (कल्चर)
    • नाक या साइनस का एक्स-रे करना
    • सीटी स्कैन करना

    साइनस का सर्जिकल उपचार 

    साइनोसाइटिस का इलाज करने के लिए डॉक्टर आमतौर पर एंटीबायोटिक व नाक साफ करने वाली (डिकंजेस्टेंट) दवाएं  देते हैं। यदि किसी कारण से एंटीबायोटिक दवाओं से साइनसाइटिस ठीक नहीं हो पा रहा है या फिर स्थिति निरंतर गंभीर होती जा रही है, तो साइनसोटमी सर्जरी की जा सकती है।

    साइनस का उपचार साइनसोटमी सर्जरी प्रक्रिया से किया जाता है, जिसकी मदद से साइनस संबंधी विभिन्न प्रकार के रोगों का इलाज किया जाता है। साइनस नाक के दोनों तरफ बनी एक थैलीनुमा संरचना (कैविटी) है, जिसके भागों को निम्न के नाम से जाना जाता है –

    • फ्रंटल साइनस – आंखों के ऊपर, आईब्रो के पास
    • मैक्सिलरी साइनस – आंखों के नीचे
    • एथोमोइडल साइनस – आंखों के बीच में
    • स्फेनोइडल साइनस – आंखों के पीछे

    साइनसोटमी सर्जरी को दो अलग-अलग तरीकों से किया जा सकता है, जिन्हें एक्सटर्नल साइनसोटमी और एंडोस्कोपिक साइनसोटमी के नाम से जाना जाता है।

    इन सर्जिकल प्रक्रियाओं के करने के तरीकों के बारे में नीचे बताया गया है –

    एक्सटर्नल साइनसोटमी –

    इसे ओपन साइनसोटमी भी कहा जा सकता है। एक्सटर्नल साइनसोटमी को करने के लिए सर्जन कई अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करते हैं, जैसे ट्रेफिनेशन और फ्रंटल साइनस ऑब्लिटेरेशन।

    ट्रेफिनेशन प्रोसीजर को निम्न तरीके से किया जाता है –

    • सर्जन आपकी भौं (आइब्रो) के ऊपर एक चीरा लगाएंगे|
    • इसके बाद विशेष उपकरणों की मदद से साइनस गुहा तक पहुंच कर उसमें छिद्र बनाया जाएगा और जमा हुए द्रव को निकाल दिया जाएगा।
    • इसके बाद छिद्र में से एक ट्यूब लगा दी जाती है, ताकि बचे हुए द्रव को सर्जरी के बाद निकाला जा सके।
    • ट्यूब लगने के बाद चीरे वाले स्थान को टांके लगाकर बंद कर दिया जाता है और ट्यूब को भी टांकों की मदद से स्थिर बना दिया जाता है। हालांकि, जब आपकी नाक के माध्यम से ही पर्याप्त रूप से साइनस के द्रव निकलने लग जाएं, तो ट्यूब को निकाल दिया जाता है।

    फ्रंटल साइनस ऑब्लिटेरेशन प्रोसीजर को निम्न तरीके से किया जाता है –

    • इसमें सर्जन सिर के सामने वाले हिस्से में एक चीरा लगाते हैं, जिसे कोरोनल चीरा कहा जाता है।
    • इसके बाद विशेष नुकिले उपकरणों की मदद से साइनस तक पहुंचा जाता है और साइनस के प्रभावित ऊतकों को काटकर निकाल दिया जाता है।
    • सर्जन नाक के माध्यम से ही साइनस में फंसे हुए द्रव को निकाल देते हैं और फिर उसकी जगह नरम ऊतक भर देते हैं।
    • साइनस के आस-पास की हड्डी में एक विशेष तार या प्लेट लगा दी जाती है और फिर टांकों की मदद से चीरे को बंद कर दिया जाता है।

    एंडोस्कोपिक साइनसोटमी –

    इस प्रक्रिया में नाक के अंदरूनी हिस्से की जांच करने के लिए एंडोस्कोप नामक उपकरण का इस्तेमाल किया जाता है। इस सर्जरी को करने के लिए निम्न स्टेप किए जा सकते हैं –

    • सर्जन सबसे पहले नाक के माध्यम से साइनस में एंडोस्कोप उपकरण डालते हैं|
    • धीरे-धीरे करके एंडोस्कोप को क्षतिग्रस्त भाग तक पहुंचाया जाता है और फिर उस हिस्से (बढ़ी हुई हड्डी या क्षतिग्रस्त ऊतक) को काटकर हटा दिया जाता है।
    • साइनस में कैथेटर लगा दिया जाता है, ताकि साइनस में फंसने वाला द्रव समय-समय पर निकलने लगे।
    • कैथेटर की मदद से साइनस में एंटीबायोटिक दवाएं भी डाली जाती हैं, ताकि संक्रमण होने से बचाव किया जा सके
    • इस प्रक्रिया को पूरा होने में 30 से 90 मिनट का समय लगता है।
    • जब आप नाक से साइनस के द्रव निकालना शुरू कर देते हैं, तो कैथेटर को निकाल दिया जाता है।
    • सर्जरी के बाद आपको एक दिन के लिए अस्पताल में भर्ती रहना पड़ सकता है।

    कब डॉक्टर से संपर्क करें?

    साइनसाइटिस एक सामान्य लेकिन परेशान करने वाली समस्या है। सही समय पर पहचान और उचित इलाज से इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। यदि लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।

    यदि आपको 10 दिनों से ज्यादा नाक बंद रहने, तेज सिरदर्द, चेहरे में सूजन, बुखार या सांस लेने में परेशानी हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

    साइनस के लिए घरेलू उपाय (Home Remedies for Sinusitis)

    साइनस की समस्या में कुछ घरेलू उपाय लक्षणों को कम करने और आराम देने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, यदि समस्या लंबे समय तक बनी रहे या ज्यादा गंभीर हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

    1. भाप लेना (Steam Inhalation)

    गर्म पानी की भाप लेने से नाक खुलती है और साइनस में जमा बलगम बाहर निकलने में मदद मिलती है।

    कैसे करें:
    एक बर्तन में गर्म पानी लें, सिर पर तौलिया रखें और 5–10 मिनट तक भाप लें।

    2. गर्म पानी और तरल पदार्थ पिएं

    गर्म पानी, सूप और हर्बल चाय पीने से बलगम पतला होता है और नाक बंद होने में राहत मिलती है।

    3. नमक वाले पानी से नाक साफ करें

    सलाइन वॉटर या नमक मिले गुनगुने पानी से नाक साफ करने पर साइनस में जमा गंदगी और म्यूकस बाहर निकल सकता है।

    4. हल्दी वाला दूध

    हल्दी में एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो संक्रमण कम करने में मदद कर सकते हैं।

    कैसे लें:
    रात में सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर पिएं।

    5. अदरक और शहद

    अदरक सूजन कम करने में मदद करता है और शहद गले को आराम देता है।

    कैसे लें:
    गर्म पानी में अदरक उबालकर उसमें शहद मिलाकर पी सकते हैं।

    6. गर्म सिकाई (Warm Compress)

    चेहरे और नाक के आसपास गर्म कपड़ा रखने से दर्द और दबाव कम हो सकता है।

    7. पर्याप्त आराम करें

    आराम करने से शरीर संक्रमण से जल्दी लड़ पाता है और रिकवरी तेज होती है।

    8. कमरे में नमी बनाए रखें

    सूखी हवा साइनस की समस्या बढ़ा सकती है। ह्यूमिडिफायर का उपयोग करने से राहत मिल सकती है।

    Consult with Our Expert Doctors for FREE!
    cost calculator
    i
    i
    i
    i
    Call Us
    Call icon

    To confirm your details, please enter OTP sent to you on *

    i

    सबसे अधिक पूछे जाने वाले सवाल

    साइनस की समस्या किस वजह से होती है?

    साइनस की समस्या मुख्य रूप से नाक संबंधी समस्या जैसे नाक की संरचना का सही न होना की वजह से होती है। इसके अलावा, यह समस्या एलर्जी, जेनेटिक, दांत संबंधी समस्याओं इत्यादि के कारण भी हो सकती है।

    साइनस से छुटकारा पाने का सबसे आसान तरीका क्या है?

    साइनस से छुटकारा पाने का सबसे आसान तरीका अपनी दिनचर्या में बदलाव करना है। इसके लिए अधिक मात्रा में पानी पीना, योगा करना, रोग-प्रतिरोधक क्षमता (immunity power) को बढ़ाने वाले खादय पदार्थों को डाइट में करना इत्यादि तरीके को अपनाया जा सकता है।

    साइनस की समस्या कितने समय तक रह सकती है?

    साइनस की शुरूआत ज़्यादातर जुखाम के लक्षणों जैसे नाक का बहना, चेहरे पर दर्द या खुजली होना इत्यादि तरह से होती है, जो कुछ समय के बाद गंभीर रूप ले लेती है। साइनस की समस्या मुख्य रूप से 1-3 हफ्तों तक रह सकती है।

    क्या साइनस का इलाज संभव है?

    जी हां, साइनस का इलाज संभव है। इसके लिए दवाई लेना, आयुर्वेदिक इलाज करना, एंटिबायोटिक दवाई का सेवन करना, साइनसाइटिस सर्जरी करना इत्यादि को अपनाया जा सकता है।

    क्या साइनस का असर आँखों पर पड़ सकता है?

    जी हां, साइनस का असर आँखों पर पड़ सकता है, जिसकी वजह से उनकी आँखों पर सूजन, आँखों का लाल होना, आँखों पर खुजली होना इत्यादि जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।