गंदा वातावरण, गंदा पानी, खराब लाइफस्टाइन और अनहेल्दी खान पान होने तथा नशीली चोजों का सेवन करने के कारण आज हम ढेरों बीमारियों और परेशानियों से जूझ रहे हैं। इन्ही परेशानियों में एक बाल झड़ना या फिर गंजापन होना है। Hair Transplant in Hindi बाल झड़ने कि समस्या से आज बच्चे, जवान, बूढ़े, मर्द और औरत सब परेशान हैं। इससे छुटकारा पाने के लिए कोई शैंम्पू का इस्तेमाल करता है, कोई दवा का, कोई घरेलू नुस्खें का तो कोई हेयर ट्रांसप्लांट जैसे सर्जिकल प्रक्रिया का। हर कोई अपने हिसाब से इस समस्या से छुटकारा पाने का तरीका ढूंढता है। आमतौर पर डॉक्टर बाल झड़ने के कारण और उसकी गंभीरता को ध्यान में रखते हुए इसके इलाज के माध्यम का चुनाव करते हैं।
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हेयर ट्रांसप्लांट क्या है — What Is Hair Transplant in Hindi — Hair Transplant in Hindi
हेयर ट्रांसप्लांट एक सर्जिकल प्रक्रिया है जिसकी मदद से गंजापन से बचने के लिए मरीज के सिर पर बालों को ट्रांसप्लांट किया जाता है। Hair Transplant in Hindi इस प्रक्रिया में बालों को बिलकुल वैसे ही ट्रांसप्लांट किया जाता है जैसे कि शरीर के किसी दूसरे अंग को सर्जन द्वारा ट्रांसप्लांट किया जाता है। हालांकि, यह प्रक्रिया बाकि सर्जिकल प्रक्रिया से थोड़ी अलग होती है।
Hair Transplant in Hindi इस प्रक्रिया के दौरान गंजेपन वाली जगह पर सर्जिकल ऑपरेशन के जरिए बालों को लगाया जाता है। आमतौर पर डॉक्टर मरीज के शरीर के दूसरे हिस्से के बालों को निकालकर उसके सिर के गंजेपन वाले हिस्से पर लगाते हैं। गंजेपन को दूर करने के बाकी उपायों में यह अधिक सटीक माना जाता है।
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हेयर ट्रांसप्लांट के जहां एक तरफ ढेरों फायदे हैं। वहीं दूसरी तरफ इसके कुछ साइड इफेक्ट्स यानी कि नुकसान भी हैं। यही कारण है की हेयर ट्रांसप्लांट करवाने से पहले डॉक्टर से मिलकर अपने गंजेपन के कारण और स्कैल्प कि स्थिति को जानना आवश्यक है। Hair Transplant in Hindi क्योंकि जहां एक तरफ इस सर्जरीकल प्रक्रिया के बाद लोगों ने अपने गंजेपन से मुक्ति पाई है वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों कि परेशानियां बढ़ी भी हैं। इस ब्लॉग में आगे हम आपको इसके फायदे और नुकसान के बारे में बात करेंगे।
हेयर ट्रांसप्लांट के फायदे — Benefits Of Hair Transplant In Hindi — Hair Transplant Ke Faayde Hindi Me
ढेरों रिसर्च में यह बात सामने आई है कि गंजेपन के कारण इंसान अपने आत्मविश्वास को खो देता है। कई ऐसे भी मामले सामने आए हैं जिसमें गंजेपन के कारण मरीज डिप्रेशन में भी चले गए हैं। काफी लोगों का यह भी मानना है गंजेपन के कारण उनके चेहरे कि खूबसूरती कम हो जाती है। Hair Transplant in Hindi ऐसे ही और भी ढेरों कारण हैं जिनकी वजह से गंजेपन से पीड़ित व्यक्ति का आत्मविश्वास बहुत ही कम हो जाता है। लेकिन हेयर ट्रांप्लांट करवाने के बाद उनका आत्मविश्वास फिर से बढ़ जाता है। क्योंकि कहीं न कहीं समाज भी उन्हें सही नजर से देखने लगता है और उनके चेहरे कि खूबसूरती भी वापस आ जाती है।
पहले गंजापन को बुढ़ापा कि निशानी समझा जाता था लेकिन आज यह समस्या जवान लोगों में भी देखने को मिलती है। बाल झड़ जाने के बाद जवान इंसान भी बूढ़ा लगता है। जिसके कारण उसे शर्मिंदगी और मजाक का सामना भी करना पड़ता है। लेकिन हेयर ट्रांसप्लांट के बाद ये सभी समस्याएं खत्म हो जाती हैं। Hair Transplant in Hindi इसके बाद इंसान फिर से जवान दिखने लगता है जिसकी वजह से वह कहीं न कहीं खुद को बेहतर महसूस करता है। इसके अलावा, हेयर ट्रांसप्लांट कि मदद से इंसान को मनचाहे बाल मिल जाते हैं। ये बाल नेचुरल नहीं होते हैं लेकिन नेचुरल कि तरह ही होते हैं।
हेयर ट्रांसप्लांट कि मदद से आपको गंजेपन से परमानेंट छुटकारा मिल जाता है। काफी लोगों को यह लगता है कि गंजापन दूर करने कि इस प्रक्रिया में बहुत पैसे खर्च होते हैं। लेकिन ऐसा बिलकुल भी नहीं है। आप बहुत ही कम खर्चे में अपने मन पसंद के बाल को खुद के सिर पर ट्रांसप्लांट करवा सकते हैं। सिर पर बाल आने के बाद आपके अंदर आत्मविश्वास का लावा फुट जाता है। Hair Transplant in Hindi इसके बाद आप अपनी पर्सनल लाइफ के साथ साथ प्रोफेशनल लाइफ में भी बेहतर करने लगते हैं। क्योंकि आपको मोटिवेशन मिल जाता है। अगर आप भी गंजेपन से परेशान हैं और इसका परमानेंट इलाज ढूंढ रहे हैं तो हेयर ट्रांसप्लांट काफी बेहतर विकल्प हो सकता है।
हेयर ट्रांसप्लांट के नुकसान — Side Effects Of Hair Transplant in Hindi — Hair Transplant Ke Nuksan
हेयर ट्रांसप्लांट के जहां एक तरफ काफी फायदे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ नुकसान भी हैं। लेकिन ये सभी साइड इफेक्ट्स अस्थायी यानि के कुछ समय के लिए होते हैं। फिर ये अपने आप या डॉक्टर द्वारा सुझाए गए दवा का सेवन करने के बाद खत्म हो जाते हैं। अगर आप हेयर ट्रांसप्लांट करवाने का प्लान बना रहे हैं तो इसके फायदों के साथ साथ नुकसानों को भी ध्यान में रखना आवश्यक है।
हेयर ट्रांसप्लांट करवाने के बाद मरीज में कभी कभी ब्लीडिंग कि समस्या पाई जाती है। हल्का फूलका ब्लीडिंग होना सामान्य बात है लेकिन अगर ब्लीडिंग अधिक हो तो इलाज कि आवश्यकता पड़ सकती है। लेकिन इससे आपको घबराने कि जरूरत नहीं है क्योंकि आपके डॉक्टर इसे आसानी से रोक देते हैं। Hair Transplant in Hindi कुछ मामलों में हेयर ट्रांसप्लांट के बाद इंफेक्शन होने कि बात भी सामने आई है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर मरीज को एंटीबायोटिक दवा का सुझाव देते हैं जिससे इंफेक्शन कि समस्या दूर हो जाती है। वैसे तो इंफेक्शन की समस्या बहुत ही कम मामलों में देखी गई है।
हेयर ट्रांसप्लांट के बाद सिर में खुजली होना इसके साइड इफेक्ट्स में से एक है। अगर आपको सर्जरी के बाद खुजली कि समस्या हो तो तुरंत अपने डॉक्टर से मिलकर इस बारे में उन्हें बताना चाहिए। खुजली को नजरअंदाज करने से दूसरी कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं। Hair Transplant in Hindi आमतौर पर सिर से पपड़ी यानी कि पुरानी स्किन निकलने के कारण यह परेशानी होती है। इससे छुटकारा पाने के लिए डॉक्टर आपको शैंम्पू का इस्तेमाल करने कि सलाह देते हैं।
जिस मरीज स्किन अधिक संवेदनशील होती हैं उनमें हेयर ट्रांसप्लांट के बाद घाव के निशाँ या धब्बे देखने को मिल सकते हैं। ऐसी स्थिति में आपको अपने डॉक्टर से मिलकर इस बारे में बात करनी चाहिए। डॉक्टर आपके स्किन कि स्थिति और उन घाव के दाग या धब्बों कि जांच करने के बाद कुछ दवा या शैंम्पू का इस्तेमाल करने कि सलाह दे सकते हैं।
निष्कर्ष — Conclusion
आमतौर पर हेयर ट्रांसप्लांट के बाद एक बार फिर से बाल झड़ते हैं और फिर उसके बाद उगने शुरू हो जाते हैं। इसलिए अगर आपके साथ भी ऐसी परेशानी है तो घबराने कि आवश्यकता नहीं है। Hair Transplant in Hindi आमतौर पर हेयर ट्रांसप्लांट का पूर्ण रिजल्ट आने में कम से कम छह महीने तक का समय लगता है। इसके बाद भी अगर आपको किसी तरह कि कोई समस्या हो तो अपने डॉक्टर से मिलकर बात करनी चाहिए। अगर आप भी गंजेपन के शिकार हैं और इससे छुटकारा पाने के लिए हेयर ट्रांसप्लांट करवाने कि सोंच रहे हैं तो किसी अच्छे सर्जन से संपर्क करें।
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डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है| अगर आप किसी बीमारी से ग्रसित हैं तो कृपया डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें|