अम्बिलिकल हर्निया नाभि के पास विकसित होता है। यह बाहर से एक गाँठ की तरह दिखाई देता है। जब पेट में अत्यधिक दबाव पड़ता है तब आँत पेट की कमजोर दीवार में छेद करके बाहर आने लगती है। यही हर्निया है और इसके कारण दर्द एवं सूजन की समस्या भी होती है।
अम्बिलिकल हर्निया ज्यादातर बच्चों में जाता है लेकिन, यह वयस्कों में भी हो सकती है। वयस्कों में अम्बिलिकल हर्निया होने के मुख्य कारण हैं-
- मोटापा
- वजन उठाना
- लंबे समय से खांसी आना
- महिलाएं जो कई बार गर्भावस्था के दौर से गुजर चुकी है उनमें भी अम्बिलिकल हर्निया होने का ज्यादा खतरा होता है
अगर हर्निया के लक्षण सामान्य नजर आते हैं तो डॉक्टर आपको कुछ दिनों तक साधारण इलाज की सलाह दे सकते हैं। हर्निया का आकार बड़ा नहीं है तो सर्जरी नहीं की जाती है। हर्निया का आकार बड़ा हो जाने पर यह लक्षण नजर आ सकते हैं
पढ़ें- हर्निया के लिए योग
- उभार (bulge) बड़ा हो जाना
- उभरे हुए क्षेत्र के आसपास त्वचा का रंग बदल जाना
- उल्टी होना
- पेट का उभार कम होने के बजाय बढ़ता रहना
Table of Contents
बिना सर्जरी के अंबानी कल हर्निया का इलाज
अंबार्ली कल हर्निया के लिए होम्योपैथिक दवाइयां
हर्निया से छुटकारा पाने के लिए आप होम्योपैथिक दवाइयों का सेवन कर सकते हैं। चलिए उन होम्योपैथिक दवाइयों के बारे में जानते हैं जो हर्निया दूर करने में सक्षम हैं।
नक्स वोमिका (nux vomica)
माँसपेशियों की कमजोरी को दूर करने के लिए यह दवा बहुत कारगर है। केवल अम्बिलिकल हर्निया नहीं बल्कि हर प्रकार के हर्निया में इस दवा का सेवन किया जा सकता है। इस दवा के सेवन से माँसपेशियाँ मजबूत होती हैं जिससे भीतरी अंग बाहर नही आ पाते हैं
रस टॉक्सिकोडेन्ड्रन (Rhus Toxicodendron)
यह दवा हर्निया के जड़ तक पंहुचकर उसके कारण को नष्ट करने का प्रयास करती है। रस टॉक्सिकोडेन्ड्रन का सेवन करने से हर्निया के लक्षणों से छुटकारा मिलता है।

कल्केरिया कार्बोनिका (Calcarea carbonica)
मोटापे की वजह से हर्निया की समस्या हुई है तो कल्केरिया कार्बोनिका दवा का सेवन कर सकते हैं।
लैकेसिस (Lachesis)
हर्निया की वजह से त्वचा का रंग बदल गया है या त्वचा में दाग आ गए हैं तो इस होम्योपैथिक दवा का सेवन करें।
अफीम (opium)
यह दवा हर्निया के कई सारे लक्षणों को दूर कर सकती है जैसे पेशाब करने में दिक्कत उल्टी होना पेट दर्द त्वचा का लाल होना आदि। इंगुइनल हर्निया को ठीक करने में यह सक्षम है। डॉक्टर से पूछ कर इसका उपयोग किया जा सकता है।
कोकुलस (cocculus)
यह होम्योपैथिक दवा हर्निया के लक्षण जैसे पेट में उफान आना या आंत में दर्द से छुटकारा दिलाती है।
पढ़ें- हर्निया कि सर्जरी
हर्बल दवाइयों से हर्निया का इलाज
आयुर्वेद दवाइयों से भी हर्निया का इलाज किया जा सकता है। आयुर्वेदिक दवाओं का सेवन करने से शरीर के त्रिदोष (वात, पित्त और कफ) संतुलित रहते हैं।
महाशंख वटी
पिप्पली, दंतिमूल, चित्रक, मरिचा और शुन्ती जैसी हर्ब से मिलकर यह दवा बनीं है। सभी प्रकार के हर्निया में यह फायदेमंद है।
कंचनार गुग्गुल
हर्निया से राहत पाना चाहते हैं तो इस आयुर्वेदिक दवा का सेवन कर सकते हैं। हरीतकी, बिभितकी, अदरक, पिप्पली समेत अन्य आयुर्वेदिक हर्ब के मिश्रण से यह दवा बनती है।
चित्रकादि वटी
शुंति, पिप्पली, मरीच, चवक और चित्रक जैसे हर्ब के मिश्रण से यह दवा बनी है। यह शरीर में पित्त दोष को भी दूर करती है।
वारा चूर्ण
अमलिकी, बिभीतकी और हरीतकी के मिश्रण से यह आयुर्वेदिक दवा बनी है। यह त्रिदोष को संतुलित रखती है।
पढ़ें- हर्निया के लिए 10 आसान घरेलू उपाय
अम्बिलिकल हर्निया के लिए घरेलू इलाज
अम्बिलिकल हर्निया के लिए योग

हर्निया के लक्षणों से छुटकारा पाने के लिए आप योग कर सकते हैं। कई तरह के योगासन हैं जो हर्निया को दूर कर सकते हैं जैसे-
- पवन मुक्तासन
- उत्तान पादासन
- नौकासन
- परिवृत्त त्रिकोणासन
- हलासन
- उड्डियान बंध
- विपरीत करनी
- पादहस्तासन
अम्बिलिकल हर्निया के लिए कैमोमाइल हर्ब
अम्बिलिकल हर्निया से परेशान हैं तो एसिड रिफ्लक्स कि समस्या अवश्य होती होगी। कैमोमाइल का सेवन कर आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। रोजाना एक कप कैमोमाइल कि चाय का सेवन करें।
शेफर्ड हर्ब (shepherd herb)
इस हर्ब का सेवन करने से दर्द, सूजन और जलन कि समस्या दूर होती है। अम्बिलिक्ल हर्निया में यह हर्ब बहुत फायदेमंद है। यह इन्फेक्शन के खतरे को दूर करती है इसके अलावा ब्लीडिंग कि समस्या से भी राहत दिलाती है। आप इसका लेप बनाकार प्रभावित क्षेत्र में लगा सकते हैं। बाजार में इस हर्ब के सप्लीमेंट भी मौजूद हैं जिनका सेवन कर सकते हैं।
मुलेठी (licorice)
हर्निया से प्रभावित क्षेत्र में मुलेठी का प्रयोग करने से इसके लक्षणों से छुटकारा मिल सकता है। आप मुलेठी को चूसकर इसका लाभ उठा सकते हैं। पेट में जलन, पेट में दर्द या गले में जलन जैसी समस्या को मुलेठी के सेवन से दूर किया जा सकता है। हर्निया है तो मुलेठी कि चाय का सेवन कर सकते हैं।
एलोवेरा
एलोवेरा कि मदद से हर्निया को दूर किया जा सकता है। एलोवेरा जेल को पेट में लगाने से पेट में दर्द और जलन कि समस्या दूर होगी। आप फ्रेश एलोवेरा का सेवन भी कर सकते हैं।
सही खान-पान

हर्निया से छुटकारा पाना चाहते हैं तो उच्च फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करें। इसके अलावा एंटी-ओक्सिडेंट वाले फलों का सेवन भी करें। तेल और मसालों का सेवन कम करें। तैलीय और मिर्च भी ना खाएं। पानी भरपूर पिएं। इस तरह एक संतुलित डाइट अपनाकर आप हर्निया से लड़ सकते हैं।
एक्सरसाइज
सर्जरी के बिना हर्निया से छुटकारा चाहते हैं तो कुछ ख़ास एक्सरसाइज कर सकते हैं। पैरों को हवा में रखें और साइकिल चलाएँ। यह एक्सरसाइज पेट की ढीली माँसपेशियों को मजबूत बनाती है। एक्सरसाइज करते समय अपनी साँस पर ध्यान दें।
कड़ी एक्सरसाइज और लम्बे समय तक एक्सरसाइज करने से हर्निया कि स्थिति और बिगड़ सकती है। वजनी चीज उठाने से बचें। हर्निया है तो जिम न जाएं।
क्या बिना सर्जरी के अम्बलिकल हर्निया को दूर किया जा सकता है
ऊपर बताए गए तरीकों को अपना कर आप अम्बलिकल हर्निया से छुटकारा पा सकते हैं। बिना सर्जरी के हर्निया ठीक होगा या नही यह आपके हर्निया के आकार और उसकी संवेदंशेलता पर भी निर्भर करता है। घरेलू उपाय आजमाकर और अन्य आसान तरीकों से हर्निया के लक्षणों को रोका जा सकता है।
हर्निया के इलाज में डॉक्टर आपके पेट में एक जाल (mesh) लगा सकते हैं। यह पेट कि मसल्स को मजबूत बनाता है।
क्या गर्भवस्था के दौरान बिना सर्जरी के अम्बिलिकल हर्निया से छुटकारा पाया जा सकता है?
गर्भवती महिलाएं बिना सर्जरी के अम्बिलिकल हर्निया से छुटकारा पा सकती है। इसके लिए वह ऊपर बताए गए योगासन आजमा सकती हैं। हल्की-फुल्की कार्डियो एक्सरसाइज, योग और स्ट्रेचिंग आपको हर्निया से राहत दिला सकती है।
महिलाएं हर्निया से पीड़ित हैं तो ऊँची हील्स वाली चप्पलें न पहनें। यह पेट की मसल्स पर दबाव बानाती हैं। गर्भवती महिलाएं किसी भी प्रकार का योग या एक्सरसाइज करने से पहले डॉक्टर की राय ले लें।
डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है| अगर आप किसी बीमारी से ग्रसित हैं तो कृपया डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें|