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कान बहना (Ear Discharge): कारण, लक्षण, इलाज और बचाव
कान से पानी, पस, खून या किसी अन्य तरल पदार्थ का निकलना कान बहना (Ear Discharge) या मेडिकल भाषा में Otorrhea कहलाता है। यह केवल इयर वैक्स की वजह से नहीं होता। कान का संक्रमण, बाहरी कान का संक्रमण, कान के पर्दे में छेद या चोट भी इसके कारण हो सकते हैं। इसलिए कान बहने को केवल घरेलू उपायों से ठीक करने की कोशिश करने के बजाय इसके कारण की जांच कराना जरूरी है।
कान से पस या खून आना, सुनाई कम देना, तेज दर्द, चक्कर या बुखार जैसे लक्षण होने पर ENT डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
कान बहने के मुख्य कारण
कान बहने के कई कारण हो सकते हैं। प्रमुख कारणों में निम्न शामिल हैं:
1. कान का संक्रमण
मध्य कान में संक्रमण होने पर कान के पर्दे के पीछे तरल पदार्थ जमा हो सकता है। कभी-कभी संक्रमण के कारण कान के पर्दे में छेद हो जाता है और तरल या पस कान से बाहर निकलने लगता है। इसके साथ कान दर्द, बुखार या सुनने में कमी भी हो सकती है।
2. बाहरी कान का संक्रमण (Otitis Externa)
बाहरी कान की नली में बैक्टीरिया या फंगल संक्रमण होने पर Otitis Externa हो सकता है। कान में लंबे समय तक पानी रहने, नमी और कान के अंदर की त्वचा को नुकसान पहुंचने से इसका जोखिम बढ़ सकता है। इसमें दर्द, खुजली, सूजन और कान से डिस्चार्ज हो सकता है।
3. कान के पर्दे में छेद (Perforated Eardrum)
कान का पर्दा संक्रमण, चोट, तेज आवाज या अचानक दबाव बदलने के कारण फट या उसमें छेद हो सकता है। ऐसी स्थिति में कान से साफ तरल, पस या खून निकल सकता है। सुनने में कमी, कान दर्द, टिनिटस या चक्कर भी हो सकते हैं।
4. कान में चोट
कॉटन बड, पिन या किसी नुकीली वस्तु से कान साफ करने की कोशिश करने पर कान की नली या पर्दे को चोट लग सकती है और इससे रक्तस्राव या डिस्चार्ज हो सकता है। इसलिए कान के अंदर कोई वस्तु डालकर सफाई नहीं करनी चाहिए।
5. इयर वैक्स का जमा होना
इयर वैक्स यानी Cerumen कान की प्राकृतिक सुरक्षा का हिस्सा है। यह धूल और कुछ बैक्टीरिया को कान की नली से दूर रखने में मदद करता है। लेकिन इसके अधिक जमा होने पर कान में बंद होने का एहसास, खुजली, दर्द, टिनिटस, सुनने में कमी और कभी-कभी डिस्चार्ज हो सकता है।
कान बहने के लक्षण
कान से निकलने वाले डिस्चार्ज का रंग और मात्रा उसके कारण के अनुसार अलग हो सकती है। इसके साथ निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
- कान में दर्द या दबाव
- कान से पानी, पस या खून निकलना
- कान में खुजली या जलन
- बुखार
- सुनाई कम देना
- कान में सीटी या घंटी जैसी आवाज (Tinnitus)
- चक्कर आना
- कान के आसपास सूजन
खासकर कान से खून या पस आना और साथ में सुनने की क्षमता कम होना डॉक्टर से जल्द जांच कराने का कारण है।
कान बहने का इलाज कैसे किया जाता है?
कान बहने का इलाज इसके कारण पर निर्भर करता है। ENT डॉक्टर कान की जा