योनि में सूखापन, सेक्स करते समय दर्द, ऑर्गेज्म तक पहुंचने में परेशानी या ऑर्गेज्म न होना आदि कई ऐसे कारण हैं जो महिलाओं की सेक्स ड्राइव को शिथिल करने के लिए पर्याप्त होते हैं। हालांकि कई मानसिक कारण भी हैं जिससे महिला को ऑर्गेज्म में परेशानी होती है।
ओ-शॉट यानी ऑर्गेज्म-शॉट कामेच्छा बढ़ाने और योनि को पुनर्जीवन प्रदान करने की एक सर्जरी रहित प्रक्रिया है। कुछ हेल्थकेयर यह भी कलम यह योनि को प्राकृतिक लुब्रिकेशन देकर सूखापन दूर करता है साथ ही कामोत्तेजना बढ़ाता है और महिला के सेक्सुअल प्लीजर को बढ़ाकर उसे चरम सुख प्रदान करने में मदद करता है।
आइये आज इससे जुड़ी सभी बातें जानते हैं।
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ओ-शॉट पीआरपी क्यों किया जाता है?
ओ-शॉट पीआरपी ऑर्गेज्म डिसफंक्शन को दूर करके महिलाओं की कामोत्तेजना को बढ़ाने के लिए और उन्हें सेक्स के दौरान चरम सुख प्रदान करने के लिए उपयोग किया जाता है।
यह कैसे काम करता है?
इस प्रक्रिया में प्लेटलेट रिच प्लाज्मा (पीआरपी) का उपयोग किया जाता है। पीआरपी हमारे रक्त का एक हिस्सा होता है, जिसमें वे सभी ग्रोथ फैक्टर होते हैं जो हीलिंग में मदद करते है। पीआरपी को योनि या क्लिटोरिस में इंजेक्ट किया जाता है। ये प्लेटलेट ग्रोथ फैक्टर्स से भरे होते हैं जो नए सेल्स की ग्रोथ में मदद करते हैं और ऑर्गेज्म डिसफंक्शन का इलाज करते हैं। इससे योनि का सूखापन दूर हो जाता है और सेंसेशन भी बढ़ जाता है जिससे ऑर्गेज्म तक पहुँचने में आसानी होती है।
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प्रक्रिया
प्रक्रिया शुरू करने से पहले डॉक्टर आपके स्वास्थ्य की जाँच करेंगे, यदि आप स्वस्थ हैं तो प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी-
- पैंट और अंडरवियर को उतारने को कहा जाएगा
- आपके योनि, क्लिटोरिस, लीबिया और ‘या G-spot पर सुन्न करने वाली क्रीम लगाई जाएगी
- आपके ब्लड को निकाला जाएगा और सेंट्रीफ्यूज में स्पिन करके प्लेटलेट से प्लाज्मा को अलग किया जाएगा
- अब क्लिटोरिस, लीबिया और ‘या G-spot पर लोकल एनेस्थीसिया दिया जाएगा
- अब इंजेक्शन की मदद से क्लिटोरिस, लीबिया और ‘या G-spot पर प्लेटलेट डाला जाएगा
आधा घंटा बाद आप क्लीनिक से जा सकती हैं।
कुछ महिलाओं को तुरंत परिणाम मिल जाएगा, लेकिन कुछ महिलाओं को परिणाम नजर आने में 3 महीने तक का समय लग सकता है।
ऑर्गेज्म शॉट लगभग 18 महीने तक कार्यरत रहता है। इसके अलावा आप लेजर वजाइनल टाइटनिंग का भी सहारा ले सकती हैं। जिसमें लेजर किरणों की मदद से योनि के ढीलापन को दूर किया जाता है और योनि के सेंसेशन में सुधार किया जाता है।
फायदे
- दर्दनाक सेक्स से राहत
- क्लिटोरिस की सेंस्टिविटी बढ़ जाती है और कामोत्तेजन में इजाफा होता है
- योनि की त्वचा के रंग में सुधार
- योनिद्वार टाइट हो जाता है, जिससे सेक्सुअल प्लेजर में इजाफा होता है
- जी-स्पॉट की उत्तेजना बढ़ जाने से कामोत्तेजना में वृद्धि
- कई बार ऑर्गेज्म
- यह रजोनिवृत्ति या स्तन कैंसर के उपचार के कारण होने वाले योनि के सूखापन में सुधार लाता है।
नुकसान
- लगातार यौन उत्तेजना
- स्खलन वाला ऑर्गेज्म
- पेशाब के साथ कामोत्तेजना
- अचानक से ऑर्गेज्म
पढ़ें – योनि टाइट करने के उपाय
ओ-शॉट के दुष्प्रभाव
योनि क्षेत्र में पीआरपी के अभी तक कोई साइड-इफेक्ट्स नहीं देखने को मिले हैं, हालांकि शरीर के बाकी अंगों में इसके उपयोग से निम्न दुष्प्रभाव देखने को मिले हैं, यदि नीचे दिए गए दुष्प्रभाव नजर आते हैं तो तुरंत ही अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें-
- एलर्जी
- इंजेक्शन वाली जगह पर काला या नीला धब्बा बन जाना
- चमड़ी में सूजन और लालिमा
- इंजेक्शन लगे हुए स्थान का सुन्न हो जाना, सूजन दर्द एवं लालिमा आ जाना
- घाव का निशान
- योनि बहुत अधिक संवेदनशील हो जाती है
अच्छी क्लीनिक का करें चयन
यदि आप ओ-शॉट पीआरपी का सकारात्मक प्रभाव देखना चाहते हैं तो अच्छे क्लीनिक और एक अनुभवी डॉक्टर का चयन करना चाहिए। यदि आप एक अच्छे डॉक्टर की तलाश में हैं तो हमें फोन कर सकते हैं या अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं, दोनों ही चीजें मुफ्त हैं।
निष्कर्ष
ओ-शॉट एक क्रान्ति से कम नहीं है, जिसमें बिना किसी सर्जरी के महिला की सेक्स ड्राइव को बेहतर बनाया जा सकता है। बशर्ते इसे करवाने से पहले डॉक्टर से इसके लाभ और हानि के बारे में जान लें और कोशिश करें कि उपचार एक अच्छे क्लीनिक में लें।