कम सुनाई देना बहरापन का लक्षण हो सकता है। इस समस्या से बहुत लोग परेशान हैं। बढ़ता ध्वनि प्रदूषण आहिस्ता-आहिस्ता हमारे कानों के सुनने की क्षमता कम कर रहा है। चारों तरफ शोर-गुल और मील से निकलने वाली ध्वनि कान के परदे को बुरी तरह से प्रभावित कर सकती है। अगर समय पर इसका उचित इलाज नहीं हुआ तो मरीज बहरेपन का शिकार भी हो सकता है। सुनने की शक्ति को प्रभावित करने वाले निम्नलिखित कारण हो सकते हैं:-
- तेज आवाज में गाना सुनना
- देर तक कानों में इयरफोन लगाकर रखना
- कान को हवा के सीधा संपर्क में लाना
- पार्टी में लाउडस्पीकर का इस्तेमाल आदि
अगर आपको भी किसी कारण कम सुनाई देता है तो ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि कान की सुनने की शक्ति बढ़ाने के उपाय मौजूद हैं, जिनकी मदद से आप अपने सुनने की शक्ति बहुत ही आसानी से बढ़ा सकते हैं। हम आपको नीचे सुनने की शक्ति बढ़ाने के उपाय के बारे में बता रहे हैं जो आपके लिए प्रभावशाली साबित हो सकते हैं।
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सुनने की क्षमता विकसित करने के उपाय – Sunne Ki Shakti Kaise Badhaye
निम्न उपाय आजमाकर सुनने की शक्ति को बढ़ाया जा सकता है:-
01. कान की सुनने की शक्ति बढ़ाने के लिए योग
कान के सुनने की शक्ति बढ़ाने के उपाय में योग का नाम भी शामिल है। योग में अपार शक्ति है। योग का सीधा संबंध मन से होता है और मन से बहुत सी चीजें अर्जित की जा सकती हैं। अगर आपके कानों के सुनने की क्षमता बहुत कम हो गई है या आप तेज सुनने के आदी हो गए हैं तो यह योग आपके लिए ही है।
हमारे आस-पास असंख्य आवाजों के कई जाल हैं, लेकिन हम उनमें से कुछ ही आवाजों को सुन पाते हैं जिसका कारण यह है कि हमारे कानों के सुनने की क्षमता एक मापक पर आधारित होती है।
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आपने गौर किया होगा कि जब आप बोल रहे होते हैं तो आपको दूसरों की आवाज बहुत कम सुनाई देती है। इसलिए इस साधना में सबसे पहले आप सुनना शुरू करें। आप हर शब्दों को ध्यान से सुने उसके बाद ही उसका जबाव दें। इससे आपके सुनने की क्षमता बढ़ेगी।
चलिए एक उदाहरण के तौर पर आपको समझाते हैं:- जब आप किसी बस में सवार हैं और वह चालू है तो आस-पास चिड़िया के चहचहाने की आवाज आपको सुनाई नहीं देती है, लेकिन अगर उस दौरान आप अपना ध्यान चिड़िया की आवाज की ओर केन्द्रित कर लेते हैं तो वह आसानी से सुनाई देती है। आपको इस साधना में यही तरीका इस्तेमाल करना है।
कानों के सुनने की शक्ति बढ़ाने के लिए योग कैसे करें
सुबह के शांत वातावरण में ध्यान लगाकर बैठ जाएं और पाँच मिनट तक ॐ का जाप करें। इससे निकलने वाली तरंगे आपके दिमाग और कान को खोलने का काम करती हैं। उसके बाद, आप एक ऐसे म्यूजिक का चयन करें जिसमें कोई एक्स्ट्रा बीट न हो। लेकिन उसमें कई तरह के म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट का की ध्वनियाँ अवश्य हों।
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मान लीजिए आपने एक संगीत का चयन किया जिसमें हारमोनियम, पियानो और वोइलिन है। अब आप किसी एक ध्वनि पर अपना ध्यान एकाग्र करें और उसे सुनने की कोशिश करें। आप महसूस करेंगे कि आप सिर्फ उसी ध्वनि को सुन पाएंगे। इस तरह से नियमित प्रयोग से आपके कानों कि सुनने की शक्ति कई गुना बढ़ जाएगी।
02. कानों को साफ रखें
कम सुनाई देने की एक वजह कानों की सफाई न होना भी है। कम सुनाई देने पर आपके मन में भी यह प्रश्न आ सकता है कि कान की सुनने की क्षमता कैसे बढ़ाएं, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। अगर आप अपने सुनने की शक्ति को बढ़ाना चाहते हैं तो हर 2 से 3 महीने में एक बार कानों की सफाई जरूर करवाएं।
कानों में जमे खोंट बाहरी आवाज को टिम्पैनिक मेम्ब्रेन तक नहीं पहुंचने देते हैं, जिससे सुनने में दुविधा होती है। कानों की खोंट निकलवाने के लिए आपको डॉक्टर का सहारा लेना चाहिए। खुद से लकड़ी या कोई अन्य उपकरण लेकर इसे निकालने की कोशिश न करें। ऐसा करने से कान का पर्दा फटने का खतरा होता है। कान का पर्दा फटना एक गंभीर समस्या है।
03. सरसों का तेल का इस्तेमाल करें
प्राचीन समय में कानों की सफाई सरसों के तेल से की जाती थी। इसके पीछे का विज्ञान यह था कि सरसों के तेल में एंटी-बैक्टीरियल प्रॉपर्टी होते हैं जो कानों में मौजूद संक्रमण को आसानी से खत्म कर सकते हैं। वहीं, अगर इयर वैक्स अधिक मात्रा में जमा है तो वह भी फूलकर ऊपर आ जाता है जिसे फिर बड़ी आसानी से बाहर निकाला जा सकता है।
इयर वैक्स निकालने के लिए उँगलियों को ज्यादा भीतर नहीं डालना चाहिए। अगर वैक्स ऊपर आ जाता है तब ही उसे निकालें। वहीं, अगर सुनने की शक्ति कमजोर पड़ने का कारण कानों में फैला संक्रमण है तो कानों में दो से तीन बूँद सरसों का तेल डालने से कानों का संक्रमण खत्म हो सकता है। इस विशेषता के कारण सरसों का तेल कान में दर्द होने पर भी इस्तेमाल किया जाता है।
सरसों के तेल को लहसुन की तीन से चार कलियों के साथ गर्म करें और जब वह ठंडा हो जाए तब उसकी तीन से चार बूँदें कान में डाल सकते हैं। कच्चे तेल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए अन्यथा, समस्याएँ समाप्त होने के बजाय और गंभीर रूप ले सकती हैं। इसके अलावा, अगर आपके कानों का उपचार चल रहा है या फिर आपके कानों में संक्रमण के कारण कान बहता है या कान से बदबू आती है तो इस नुस्खे को इस्तेमाल करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
04. धूम्रपान से दूर रहें
शोध के मुताबिक, धूम्रपान और श्रवण हानि निर्विवाद रूप से जुड़े हुए हैं। रक्त प्रवाह और ऑक्सीजन आंतरिक कान में कोशिकाओं को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। लेकिन लंबे समय तक निकोटीन और कार्बन मोनोऑक्साइड के संपर्क में रहने से सुनने की क्षमता बाधित होता है। इसलिए, अगर आप अपने सुनने और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना चाहते हैं तो धूम्रपान से दूर रहें। कान के सुनने की शक्ति बढ़ाने के उपाय में सिगरेट से दूर रहना भी शामिल है।
05. कम सुनाई देने के कारणों पर ध्यान दें
अगर कानों के सुनने की शक्ति कम होने के कारणों को ही खत्म कर दिया जाए तो कानों के सुनने की क्षमता खुद-ब-खुद विकसित हो जाएगी। अगर आप ऊँची आवाज में इयरफोन लगाकर गाना सुनते हैं तो ऐसा न करें। ऐसा करने से आपके कान में कम सुनाई देगा और धीरे-धीरे आपको सुनने में बहुत तेज आवाज की जरूरत होगी।
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इसके अलावा, यदि आप किसी शादी या पार्टी में जाते हैं तो कोशिश करें कि जहाँ डीजे या लाउड स्पीकर हो वहां न जाएं। अगर आप मील में काम करते हैं और मशीनों से तेज आवाज आती है तो आप रुई के फूहे को कान में डालकर तेज ध्वनि प्रदूषण से बच सकते हैं।
डॉक्टर के पास जाएं
अगर आपके कानों की सुनने की शक्ति लगातार कम होती जा रही है और ऊपर बताए गए उपायों को आजमाने के बाद भी आराम नहीं मिलता है तो आपके कानों में संक्रमण या फिर कोई और गंभीर समस्या हो सकती है।
ऐसी परिस्थिति में आपको डॉक्टर के पास जाकर कानों का टेस्ट करवाना चाहिए। डॉक्टर हियरिंग टेस्ट और डिजिटल टेस्ट की मदद से आपके कानों की जाँच करेंगे और समस्या अनुसार उचित इलाज की सलाह देंगे।
अपने शहर के टॉप रेटेड क्लिनिक में कान का इलाज कराएं
अगर आप ऊपर बताए गए सभी उपायों का इस्तेमाल कर चुके हैं। लेकिन उसके बाद भी कोई फायदा नहीं हुआ है तो इसका मतलब यह हुआ कि आपके कान में कोई गंभीर समस्या है। ऐसी स्थिति में बिना देरी किए आपको एक ईएनटी विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श कर अपने सुनने की शक्ति कम होने के कारणों के बारे में बात करनी चाहिए। डॉक्टर कुछ जांचों की मदद से आपने कम सुनने के कारणों का पता लगाकर उचित इलाज का सुझाव देते हैं।
अपने शहर के टॉप रेटेड क्लिनिक में बहरेपन का बेस्ट इलाज पाने के लिए आप प्रिस्टीन केयर से संपर्क कर सकते हैं। हमारे क्लिनिक में कान के सुनने की शक्ति बढ़ाने के लिए मॉडर्न और एडवांस सर्जरी का उपयोग किया जाता है। इस सर्जरी को एक अनुभवी और विश्वसनीय ईएनटी सर्जन के द्वारा पूरा किया जाता है।
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कान की जांच करने के बाद सुनने की क्षमता बढ़ाने का बेस्ट सर्जिकल इलाज करने के साथ-साथ हम अपने मरीजों को और भी ढेरों सुविधाएं प्रदान करते हैं, जिसमें सर्जरी वाले दिन फ्री पिकअप और ड्रॉप की सुविधा, सभी जांचों पर 30% तक की छूट और सर्जरी के बाद डॉक्टर के साथ प्राधान्य फॉलो-अप्स आदि शामिल हैं।
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डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है| अगर आप किसी बीमारी से ग्रसित हैं तो कृपया डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें|