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कान का पर्दा पीछे हटना क्या है? – What is retraction of eardrum in Hindi?
रिट्रैक्टेड ईयर ड्रम (retracted eardrum) या कान का पर्दा पीछे हटना एक ऐसी स्थिति है, जिसमें ईयर ड्रम मिडिल इयर में चले जाते हैं। चलिए इसे समझने के लिए हम कान की एनाटोमी (anatomy) समझते हैं।
हमारे कान के तीन हिस्से होते हैं, जो सुनने में मदद करते हैं। बाहरी हिस्से को आउटर इयर (outer ear), मध्य हिस्से को मिडिल इयर (middle ear) और अंत के हिस्से को इनर इयर (inner ear) कहते हैं।
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कान के मध्य और बाहरी परत को विभाजित करने के लिए टिम्पैनिक मेम्ब्रेन (tympanic membrane) लगी होती है जिसे हम कान का पर्दा के नाम से जानते हैं। जब कोई आवाज इस परदे तक पहुँचती है तो इसमें कंपन होता है और इस कंपन की मदद से हम किसी भी आवाज को सुन पाने में सक्षम होते हैं। लेकिन, कई कारणों की वजह से यह पर्दा मिडल इयर में चला जाता है, जिसे कान का पर्दा पीछे हटना (retracted eardrum meaning in hindi) कहते हैं।
कान का पर्दा पीछे क्यों हटता है? – Why eardrum retract in Hindi?
कान का पर्दा पीछे हटने के कई कारण हो सकते हैं। जैसे-
- किसी नुकीली चीज को कान के भीतर प्रवेश करना
- कान में तेज हवा का बहाव होने से
- अचानक से कान के पास के एयर प्रेशर में बदलाव हो जाना
- मिडिल इयर में कोई इन्फेक्शन होना
- कान में लिक्विड भर जाने पर, इस स्थिति को otitis media कहते हैं।
- साइनोसाइटिस होने पर
- ऊपरी श्वसन में संक्रमण होना
- क्रोनिक एलर्जी होने पर
- टॉन्सिल्स बढ़ जाने पर
- रिट्रैक्ट इयरड्रम ठीक नहीं होने पर
कान का पर्दा पीछे हटने के लक्षण – What are the symptoms of Retracted eardrum in Hindi?
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ज्यादातर मामलों में, कान का पर्दा पीछे हटने के कोई लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। हालांकि, जब किसी कारण की वजह से कान के पर्दों की बनावट में कोई प्रेशर पड़ता है तो नीचे दिए गए कुछ लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जैसे-
- कान में तेज दर्द
- कान से लिक्विड निकलना
- कम सुनाई देना
कान का पर्दा पीछे हटने का इलाज न करवाने पर जटिलताएं – What are the complications of Retracted eardrum in hindi?
आमतौर पर, अगर कान का पर्दा पीछे हटे हुए अवस्था में छोड़ दिया जाए तो कोई परेशानी नहीं होती है। फिर भी, इसका इलाज न करवाना मूर्खतापूर्ण होगा। क्योंकि, कई बार मिडिल इयर में नीचे बताई गई समस्याएँ जन्म ले सकती हैं।
- इयर कैनाल का अपरदन (errosion)
- कान की छोटी हड्डियों का अपरदन
- कान के भीतर अप्राकृतिक त्वचा का निर्माण होना, इसे कॉलेस्टेटोमा (cholesteatoma) कहते हैं।
रिट्रैक्टेड ईयर ड्रम की जाँच- Diagnosis of retracted eardrum in Hindi
जब आप क्लिनिक में जाएंगे तो डॉक्टर आपके लक्षणों को पूछेंगे। लक्षण जानकार वे यह पता लगाएंगे कि क्या आप सच में कान का पर्दा पीछे हट जाने से परेशान हैं। इसके अलावा वे ऑटोस्कोप नामक एक उपकरण की मदद से आपके कान की जाँच करेंगे। इसकी मदद से वे यह जाँच कर सकते हैं कि क्या आपका ईयर ड्रम पीछे हट गया है या नहीं।
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कान का पर्दा पीछे हटने का इलाज – What is the Treatment of Retracted eardrum in Hindi?
कई मामलों में अगर कान के अंदर का प्रेशर ठीक हो जाता है तो रिट्रैक्टेड ईयर ड्रम खुद से ही ठीक हो जाता है।
इसका कोई घरेलू इलाज नहीं होता है। इसलिए, इसे घर में खुद की मदद से ठीक करने की न सोचें, बल्कि क्लिनिक में जाकर अच्छे डॉक्टर की सलाह लें।
रिट्रैक्टेड ईयर ड्रम का इलाज इसके होने के कारण पर निर्भर होता है। कई बार डॉक्टर नाक के दबाव को सामान्य करने के लिए नाक के डिकॉन्गेस्टेंट (decongestants) का इस्तेमाल करने को कहते हैं।
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कई मामलों में डॉक्टर कान में मौजूद एक्स्ट्रा वैक्स को बाहर निकालते हैं, इस प्रक्रिया को मिरिंगोटॉमी (myringotomy) कहते हैं।
डॉक्टर ईयर ड्रम में एक पतला कट लगाते हैं और एक ट्यूब लगाते हैं, इससे मिडिल इयर से प्रेशर रिलीज हो जाता है और रिट्रैक्टेड ईयर ड्रम ठीक हो जाता है।
अगर रिट्रैक्टेड ईयर ड्रम से कान की हड्डियों पर दबाव बनाने लगता है तो सर्जरी करवाना उचित है। इसके लिए टिम्पैनोप्लास्टी किया जा सकता है जिसमें, कान का डैमेज पर्दा रिपेयर किया जाता है।
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अगर आपके कान के पर्दे भी पीछे चले गए हैं तो आप Pristyn Care की नजदीकी क्लिनिक में जाकर इसकी जाँच करवा सकते हैं। अवस्था के अनुसार हमारे डॉक्टर आपको इलाज की सलाह देंगे।