वजन बढ़ने या मोटापा होने, हाई कोलेस्ट्रॉल या डायबिटीज से पीड़ित होने, उम्र बढ़ने, ग्लूकोज इन्टॉलरेंस या लिवर डिजीज होने पर आपके शरीर में काफी बीमारियां पैदा होती हैं। लिपोमा भी उन्हीं में से एक है। ज्यादातर मामलों में यह 40-60 वर्ष के लोगों में पाया जाता है, लेकिन यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है।
Table of Contents
लीपोमा क्या है?
लिपोमा त्वचा के अंदर बनने वाली एक सौम्य गांठ है। यह एक जगह एक्स्ट्रा फैट जमा होने के कारण होता है। लिपोमा शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकता है, लेकिन अधिकतर मामलों में यह गर्दन, छाती, पीठ, कंधा, कुल्हा, जांघ और बांह में देखा जाता है। विशेषज्ञ का कहना है कि कुछ मामलों में लिपोमा शरीर के अंदर भी विकसित हो सकता है।
इसे पढ़ें: जाने किन हस्तियों ने करवाई है लिपोसक्शन सर्जरी
लिपोमा किसी प्रकार का कैंसर नहीं है। आमतौर पर इससे शरीर को कोई परेशानी भी नहीं होती है। कुछ मामलों में इसके इलाज की जरूरत भी नहीं पड़ती है। लेकिन अगर आप लिपोमा से परेशान हैं या इसमें दर्द महसूस होता है तो आपको डॉक्टर से मिलकर इसका उचित इलाज कराना चाहिए।
लिपोमा के कारण दर्द और परेशानी होने पर इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है। अधिकतर मामलों में एक व्यक्ति को 1-2 लिपोमा होते हैं, लेकिन दुर्लभ मामलों में किसी व्यक्ति को 4-5 या इससे भी अधिक लिपोमा हो सकते हैं।
लिपोमा के कारण
विशेषज्ञ का कहना है कि लिपोमा के सही कारणों का अभी तक पता नहीं लगाया जा सका है, लेकिन अधिकतर मामलों में यह आनुवंशिक होता है। इसके अलावा, लिपोमा के कुछ संभावित कारण हैं जिसमें निम्नलिखित शामिल हैं।
- घाव होना
- मोटापा होना
- अधिक वजन बढ़ना
- हाई कोलेस्ट्रॉल होना
- ग्लूकोज इन्टॉलरेंस होना
- डायबिटीज से पीड़ित होना
- 40-60 के बीच की उम्र होना
- लिवर से संबंधित बीमारी होना
- अधिक शराब का सेवन करना
विशेषज्ञ डॉक्टर का कहना है कि कुछ खास मेडिकल कंडीशन के कारण भी लिपोमा होने की संभावना बढ़ जाती है। इसमें निम्नलिखित मेडिकल कंडीशन शामिल हैं।
- कौड़ेन सिंड्रोम
- मैडेलुंग रोग
- गार्डनर्स सिंड्रोम
- एडीपोसिस डॉलोरोसा
लिपोमा के लक्षण
लिपोमा के कुछ खास लक्षण होते हैं जिनकी मदद से आपको इस बात का अंदाजा लग सकता है कि आपको लिपोमा है। आमतौर पर लिपोमा एक छोटी और मुलायम गांठ के रूप में दिखाई देता है। इस गांठ की चौड़ाई लगभग 1-2 इंच होती है।
- लिपोमा के कारण दर्द हो सकता है
- लिपोमा का विकास धीरे-धीरे होता है
- लिपोमा स्किन के हल्का नीचे होती है
- लिपोमा का रंग पीला या बेरंग हो सकता है
- लिपोमा को उंगली से हिलाया जा सकता है
- लिपोमा छूने पर मुलायम यानी सॉफ्ट महसूस होता है
- कुछ मामलों में लिपोमा के कारण कब्ज की समस्या होती है
अगर आप अपने शरीर के किसी भी हिस्से में लिपोमा या ऊपर बताए गए लक्षणों को अनुभव करते हैं तो आपको तुरंत डॉक्टर से मिलकर इस बारे में बात करनी चाहिए।
लिपोमा होने पर डॉक्टर से कब मिलें?
हालांकि, लिपोमा कोई गंभीर या जानलेवा बीमारी नहीं है। फिर भी कुछ मामलों में आपको बिना देरी डॉक्टर से मिलकर इसका उचित इलाज करवाना चाहिए जैसे कि:-
- अगर लिपोमा में सूजन या दर्द है
- अगर लिपोमा में गर्माहट महसूस होती है
- अगर लिपोमा सख्त और स्थिर हो गया है
- अगर लिपोमा के आकार में बदलाव होता है
- अगर आप अपनी त्वचा में कोई बदलाव महसूस करते हैं
- अगर लिपोमा मांसपेशियों या आंतरिक अंगों में विकसित गया है
अगर आप ऊपर बताई गई बातों को खुद में अनुभव करते हैं तो बिना समय बर्बाद किए डॉक्टर से मिलें। विशेषज्ञ का मानना है कि कुछ दुर्लभ मामलों में लिपोमा कैंसर का रूप भी धारण कर सकता है, जिसे लिपोसरकोमा के नाम से जाना जाता है।
लिपोमा का इलाज
आमतौर पर लिपोमा के इलाज की जरूरत नहीं पड़ती है। लेकिन अगर आपको इससे परेशानी है तो आप एक विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श कर इसका उचित जांच और इलाज करवा सकते हैं। जैसा कि कुछ मामलों में लिपोमा कैंसर का रूप ले सकता है, इसलिए डॉक्टर इलाज से पहले इसका प्रॉपर निरीक्षण करते हैं।
लिपोमा का इलाज एक डर्मेटोलॉजिस्ट या प्लास्टिक सर्जन के द्वारा किया जाता है। इसका इलाज कई कारकों पर निर्भर करता है, जिसमें निम्नलिखित शामिल हैं:-
- लिपोमा का आकार
- लिपोमा की संख्या
- लिपोमा की गंभीरता
- स्किन कैंसर की हिस्ट्री
- स्किन कैंसर का पारिवारिक इतिहास
- लिपोमा में दर्द होता है या नहीं
लिपोमा का इलाज कई तरह से किया जा सकता है। इसके इलाज के विकल्प निम्नलिखित हैं:-
-
सर्जरी
सर्जरी को लिपोमा का सबसे बेहतरीन इलाज माना जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान सर्जन लिपोमा को बड़ी ही आसानी से बाहर निकाल देते हैं। सर्जरी उन लोगों के लिए सबसे सटीक इलाज है, जिन्हे एक से अधिक लिपोमा हैं और उनका विकास काफी तेजी से हो रहा है। लिपोमा की सर्जरी को एनेस्थीसिया के प्रभाव में किया जाता है। इसलिए इस सर्जरी के दौरान मरीज को जरा भी दर्द या दूसरी किसी तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता है।
-
लिपोसक्शन
इस प्रक्रिया की मदद से भी लिपोमा का बेहतर इलाज किया जा सकता है। लिपोसक्शन के दौरान डर्मेटोलॉजिस्ट या प्लास्टिक सर्जन एक सर्जिकल वैक्यूम या बड़ी सिरिंज का इस्तेमाल करते हैं। इस सिरिंज में सुई अटैच होती है। लिपोसक्शन को शुरू करने से पहले लिपोमा से प्रभावित क्षेत्र को सुन्न कर दिया जाता है। उसके बाद, लिपोमा में मौजूद फैट को बहुत ही आसानी से बाहर निकाल दिया जाता है।
-
स्टेरॉयड इंजेक्शन
स्टेरॉयड इंजेक्शन की मदद से भी लिपोमा का इलाज किया जा सकता है। इस प्रक्रिया को भी एनेस्थीसिया के प्रभाव में किया जाता है, जिसके कारण मरीज को इलाज के दौरान दर्द या दूसरी परेशानियां नहीं होती हैं। स्टेरॉयड इंजेक्शन की मदद से लिपोमा में मौजूद फैट को बाहर निकाल दिया जाता है, जिसके कारण लिपोमा सिकुड़कर छोटा हो जाता है।
विशेषज्ञ का मानना है कि स्टेरॉयड इंजेक्शन से लिपोमा का प्रभावशली इलाज नहीं होता है। इससे लिपोमा पूरी तरह से खत्म नहीं होता है।
अपने शहर में लिपोमा का बेस्ट इलाज पाएं
अगर आपको लिपोमा है और आप दर्द या दूसरी किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना किए मात्र एक दिन इससे छुटकरा पाना चाहते हैं तो प्रिस्टीन केयर से संपर्क करें। हमारे क्लिनिक में लिपोसक्शन से लिपोमा का बेहतर इलाज किया जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान मरीज को जरा भी दर्द या ब्लीडिंग का सामना नहीं करना पड़ता है।
हमारे क्लिनिक में लिपोसक्शन के दौरान प्लास्टिक सर्जन लिपोमा में मौजूद फैट को एक सर्जिकल वैक्यूम या सिरिंज और सुई की मदद से बाहर निकाल देते हैं। दूसरे क्लिनिक की तुलना में हमारे क्लिनिक में लिपोमा का इलाज काफी कम खर्च में किया जाता है। इतना ही नहीं, कम से कम खर्च में लिपोमा का बेस्ट इलाज करने के साथ-साथ हम अपने मरीजों को ढेरों सुविधाएं भी प्रदान करते हैं।
और पढ़ें
डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है| अगर आप किसी बीमारी से ग्रसित हैं तो कृपया डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें|