HERNIA IN HINDI

हर्निया क्या है – Harnia Kya Hai? हर्निया के शुरुआती लक्षण क्या हैं? (Harnia Symptoms) Harnia Bimari का इलाज कैसे होता है? Hernia Meaning in Hindi इत्यादि जैसे सवाल अगर आपके पास भी है तो इस आर्टिकल में आपके इन सभी सवालों के जवाब बिल्कुल आसान भाषा में (Hernia in Hindi) मिल जाएंगे।

कभी- कभी पूरे शरीर में या पेट में सूजन हो जाती है। आमतौर पर लोग इसको अनदेखा करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह ‘सूजन’ हर्निया Harniya Bimari हो सकती है। इसमें लापरवाही बरतना जीवन के साथ खिलवाड़ करने से कम नही होता है। 

हर्निया का इलाज कई विधियों से होता है। Harniya Bimari को ठीक करने के लिए यह समझना बेहद जरूरी है कि Harnia Kya Hai (What is Hernia Meaning in Hindi), हर्निया के शुरुआती लक्षण क्या है? (Harnia Symptoms), हर्निया रोग का उपचार Hernia Treatment क्या क्या हैं? हर्निया का इलाज (Hernia Treatment in Hindi) कैसे होता है?

हर्निया क्या है — Harnia Meaning in Hindi

Harniya Kya Hai (Hernia Meaning in Hindi) का जवाब है – जब शरीर का कोई अंग अपनी कंटेनिंग कपैसिटी यानी अपनी निर्धारित जगह या झिल्ली से बाहर निकल आता है तो उस कंडिशन को हर्निया Harnia कहते हैं। Harnia Bimari से पीड़ित व्यक्ति को बहुत तेज दर्द होता है। चलने फिरने में दिक्कत होती है। कभी कभी उलटी भी संभव है। पेट में सूजन (Pet Me Sujan) हो जाती है। शरीर की मांसपेशियाँ कमजोर होनी शुरु हो जाती हैं और मांसपेशियों पर लगातार दबाव पड़ने लगता है। हर्निया लाइलाज नहीं है। Harniya Ka Ilaj संभव है।

हर्निया के प्रकार — Types of Hernia

Hernia

Harniya Bimari कई प्रकार की होती हैं। हर्निया जिस स्थान पर होता उस स्थान के अनुसार उनका वर्गीकरण किया गया है।

  • इनगुइनल हर्निया (Inguinal Hernia)
  • अम्बिलिकल हर्निया (जन्म-जात, शैशव, युवावस्था में हो सकता है) (Umbilical Hernia)
  • पेरिनियल हर्निया (Perineal Hernia) 
  • एपीगैस्ट्रिक हर्निया (यह स्थान पेट और कमर के बीच में होता है) (Epigastric Hernia)

इनगुइनल हर्निया — Inguinal Hernia 

हर्निया बीमारी पर रिसर्च करने वाली संस्था ‘ब्रिटिश हर्निया सेंटर’ की एक रिपोर्ट के अनुसार हर्निया के 70 प्रतिशत तक के मामले इनगुइनल हर्निया- Inguinal Hernia के होते हैं। इनगुइनल हर्निया तब होती है जब पेट के निचले हिस्से की परत में छेद या पेट के किसी कमजोर हिस्से से आँत उभर आती है। आम तौर हर्निया जांघ की नलिका के आसपास होता है। इसमें अंडकोष का आकार बढ़ जाता है। अंडकोष में सूजन हो जाती है। अंडकोष में सूजन हो जाने कारण इंग्वाइनल हर्निया और हाइड्रोसिल में फर्क करना मुश्किल हो जाता है। 

इनगुइनल हर्निया अधिकतर पुरुषों में होने वाली बीमारी है। ऐसा नहीं है की महिलाओं में यह बीमारी नहीं होती है लेकिन औसत बहुत कम होता है। इनगुइनल हर्निया से पुरुषों में अंडकोष और महिलाओं  में गर्भाशय प्रभावित होता है।

अम्बिलिकल हर्निया — Umbilical Hernia

यह हर्निया का एक बहुत सामान्य रुप है। इस तरह के हर्निया के मामले कभी कभी देखने को मिलते हैं। अगर औसत की बात करें तो अम्बिलिकल हर्निया के मामले 8 से 10 फीसदी तक देखने को मिलते हैं। हर्निया के ऐसे मामले अधिकतर 1 साल से कम बच्चों में देखने को मिलते हैं। हर्निया का यह प्रकार जन्म-जात, शैशव, युवावस्था में हो सकता है। इसमें आँत का उभार पेट की अंदरूनी परत के माध्यम से नाभि के पास पहुंच जाता है और पेट की सबसे कमजोर मांसपेशी हर्निया की थैली नाभि से बाहर निकल आती है। 

अम्बिलिकल हर्निया के लक्षण बच्चे की नाभि के पास देखे जा सकते हैं। बच्चा जब रोता है तब यह उभार सामने आ जाता है। पेट की मांसपेशियाँ मजबूत होने के साथ ही इस प्रकार की अम्बिलिकल हर्निया बीमारी अपने आप ही ठीक हो जाती है। अगर बच्चा 1 साल से अधिक का हो जाए और इस प्रकार अम्बिलिकल हर्निया ठीक न हो तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। 

फीमोरल हर्निया — Femoral Hernia

फीमोरल हर्निया को जघनास्थिक हर्निया भी कहते हैं। यह स्थान पेट और कमर के बीच में होता है। फीमोरल अर्थात जघनास्थिक हर्निया के मामले लगभग 20 फीसदी तक होते है। जघनास्थिक यानी फीमोरल हर्निया पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में अधिक होता है। फीमोरल हर्निया में पेट के पास वाले अंग और जांघ के मध्य मौजूद धमनी का मुंह बाहर की और निकल आता है। इस धमनी का काम पैर में खून की आपूर्ति करना होता है।

हर्निया के लक्षण — Hernia Symptoms in Hindi

हर्निया के कुछ ऐसे लक्षण जिनसे पता लगता है कि आप हर्निया बीमारी से पीड़ित हैं:

  • शरीर में भारीपन महसूस होना।
  • अधिक देर तक खड़े रहने में दिक्कत होना।
  • मल- मूत्र के त्याग करने में कठिनाई महसूस होना।
  • ऐसा महसूस होना की शरीर की चमड़ी के भीतर कुछ फूला- फूला हुआ है।
  • शरीर के किसी भाग की चर्बी का बाहर निकल आना। यह पेट की चर्बी या आँत में से कोई भी एक हो सकता है।

हर्निया के विशेष लक्षण-Hernia Symptoms in Hindi

इनगुइनल हर्निया के लक्षण — Symptoms of Inguinal Hernia in Hindi

इनगुइनल हर्निया के लक्षण Inguinal Hernia Symptoms में यह प्रमुख होता है की ऐसे मामले में हर्निया वाले स्थान पर उभार महसूस होने लगता है। सूजन हो जाती है। उभार वाले भाग में सूजन की वजह से जलन, दर्द और सनसनाहट महसूस होती है। इस प्रकार का हर्निया अधिक वज़न उठाने के कारण भी हो सकती है। अधिक वज़न उठाने से हुई हर्निया में बहुत तेज दर्द होता है। लेकिन, कुछ ऐसे भी मामले होते हैं जिनमें दर्द नहीं होता सिर्फ उभार हो जाता है।

इनगुइनल हर्निया Inguinal Hernia में सबसे ज़्यादा परेशानी तब होती है जब आँत का टुकड़ा या ओमेन्टम हर्निया की गुहा में फँस जाता है। इसे इंग्लिश में “इनकारसेरेटेड” (Incarcerated) हर्निया कहते हैं। इसमें आँत का एक टुकड़ा हर्निया की गुहा में प्रवेश करके उसमें अटक जाता है। आँत के हर्निया गुहा में अटकने के कारण ब्लड सर्कुलेशन रुक जाता है और हर्निया स्ट्रांगुलेटेड हो जाती है। इन कारणों से पीड़ित व्यक्ति को दर्द, मितली और उलटी होनी शुरु हो जाती है। कभी कभी तेज दर्द होने के साथ ही बुखार भी हो जाता है। 

कैसे करें हर्निया रोग से बचाव — Prevention of Hernia in Hindi

हर्निया रोग चूंकि कोई संक्रमण वाला रोग नहीं होता इसलिए इससे पहले से बचाव करना जरा मुश्किल होता है। लेकिन कुछ उपाय अपना कर भविष्य में हर्निया होने से बचा जा सकता है।  

  • वज़न संतुलित रखना चाहिए।
  • खान पान को संतुलित रखना चाहिए।
  • स्वस्थ और संतुलित भोजन ग्रहण करना चाहिए। 
  • नियमित तौर पर व्यायाम करना चाहिए।
  • शरीर में पानी की मात्रा संतुलित रखनी चाहिए।
  • लगातार ख़ासी पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।
  • हर्निया के अधिकतर मामले अधिक वज़न उठाने से संबंधित होते है। ऐसे में जब भी भरी वज़न उठाना तो तकनीक का प्रयोग करना चाहिए या कई लोगों की मदद लेना चाहिए।

हर्निया का उपचार — Treatment of Hernia in Hindi

हर्निया लाइलाज नही है। हर्निया का इलाज पूरी तरह संभव है। हर्निया उपचार निम्नलिखित तरीके से हो सकते हैं:

  • हर्निया का घरेलू उपचार — Home Remedies For Hernia in Hindi
  • हर्निया का आयुर्वेदिक उपचार — Hernia ayurvedic treatment in hindi
  • हर्निया का मेडिकल उपचार — Treatment in Hindi
  • हर्निया का योगासन के जरिए इलाज — Yoga Therapy For Hernia 
  • हर्निया का आपरेशन — Operation in Hindi

हर्निया का घरेलू उपचार — Home Remedies For Hernia in Hindi

हर्निया को घर पर भी ठीक किया जा सकता है और हर्निया के दर्द से राहत पाई जा सकती है।

  • बर्फ का उपयोग 
  • मुलेठी प्रदान करती है राहत
  • सेब का सिरका है रामबाण
  • कैमोमाइल चाय के उपयोग से मिलती है राहत
  • हर्निया में अदरक की जड़ है अचूक दवा

बर्फ का उपयोग

ice remedy

हर्निया में दर्द के साथ-साथ सूजन हो जाती है। इस दर्द को दूर करने के लिए बर्फ का उपयोग किया जा सकता है। हर्निया के घरेलू उपचार के लिए बर्फ बहुत पुराना नुस्खा है। यह ट्रीटमेंट आसान तो है ही इसके साथ ही बर्फ की उपलब्धता भी बेहद आसान होने के चलते यह बहुत कारगर विधि है। हर्निया के लिए बर्फ का उपयोग करने की विधि की बात करें तो बर्फ से हर्निया की सूजन वाले हिस्से की सिकाई करना चाहिए। इससे दर्द से आराम मिलने के साथ हर्निया जड़ से खत्म हो सकती है। 

मुलेठी प्रदान करती है राहत

मुलेठी प्रदान करती है राहत

वैसे तो मुलेठी का उपयोग खांसी में किया जाता है लेकिन हर्निया में भी मुलेठी रामबाण है। हर्निया होने पर पेट की अंदरुनी परत, ऊतकों और अणुओं को नुकसान होता है। मुलेठी को चाय में डालकर पीने से शरीर के इन हिस्सों का उपचार बेहतरीन तरीके हो सकता है। मुलेठी ऊतकों को तेजी से ठीक करता है। मुलेठी में एनाल्‍जेसिक औषधि गुण होने से सूजन और दर्द भी दूर होता है।

सेब का सिरका है रामबाण

सेब का सिरका है रामबाण

सेब के सिरका में एसिडिक गुण होता है। हर्निया के कारण शरीर में हार्टबर्न और एसिडिटी हो जाता है। सेब के सिरके में एसिडिक गुण होने के कारण इससे शरीर में हुई हार्टबर्न और एसिडिटी की समस्या दूर होती है। सेब के सिरके के उपयोग करने के बारे में बात करें तो जब एसिडिटी या हार्टबर्न महसूस हो तो 2 चम्मच सेब का सिरका गर्म पानी में मिलाकर आराम से पीना चाहिए। 

कैमोमाइल चाय के उपयोग से मिलती है राहत

कैमोमाइल चाय

कैमोमाइल चाय में एंटी-इंफ्लेमेटरी औषधि गुण पाए जाते हैं। इससे एसिडिटी और गैस की समस्या से राहत मिलती है। कैमोमाइल चाय पाचन तंत्र को भी ठीक करने में मदद करती है। कैमोमाइल चाय के उपयोग की बात करें तो सूखे कैमोमाइल चाय की डंठल को गर्म पानी में मिलाने के 5 से 7 मिनट बाद पीने से राहत मिलती है। इसे दिन में कम से कम 5 बार पीना चाहिए। 

हर्निया में अदरक की जड़ है अचूक दवा

हर्निया में अदरक की जड़ है अचूक दवा

अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी औषधीय गुण पाए जाते हैं। इससे हर्निया की वजह से होने वाली दर्द से काफी राहत मिलती है। अदरक का उपयोग करने की बात करें तो अदरक को गार्लिक करके यानी पीसकर इसका रस निकाल कर इसे गर्म पानी के साथ पीना चाहिए। कच्चा अदरक खाने से भी लाभ प्राप्त होता है।  

अब तब आप हर्निया क्या है – Harniya Kya Hai अच्छी तरह से समझ गए होंगे। अगर आप या आपका कोई परिचित हर्निया की समस्या से पीड़ित हैं तो हर्निया का घरेलू उपचार- Home Remedies For Hernia in Hindi करने के साथ साथ जितना जल्दी हो सके उतनी जल्दी डॉक्टर को दिखा लेना भी चाहिए। हर्निया पुरानी हो जाने पर हर्निया का आपरेशन Operation in Hindi) ही इलाज बचता है। 

हर्निया रोग के डॉक्टर के लिए आपको कही भटकने की जरूरत नही है। प्रिस्टिन केयर (Pristyn Care) के पास हर्निया को जड़ से खत्म करने वाले बेहतरीन डॉक्टरों की पूरी टीम उपलब्ध है।

प्रिस्टिन केयर (Pristyn Care) के पास अनुभवी डॉक्टरों की टीम आपकी सेवा के लिए सदैव तत्पर रहती है। यहां पर इलाज के लिए एडमिशन से लेकर इलाज के बाद डिस्चार्ज तक की बेहतरीन सुविधा प्राप्त होती है। प्रिस्टिन केयर (Pristyn Care) द्वारा अभी देश के कई शहरों में सेवा प्रदान की जा रही है।

प्रिस्टिन केयर (Pristyn Care) से ही क्यों कराएं अपना इलाज

प्रिस्टिन केयर से हर्निया का इलाज कराने से कई फायदे हैं, जैसे:

मरीज़ का ख्याल:- मरीज़ को अपने आप कुछ नही करना पड़ता है। प्रिस्टिन केयर के कर्मचारी मरीज़ की पर्ची बनवाने से लेकर खाने का मैनेजमेंट तक सब काम करते हैं।

बेहतरीन इलाज:- प्रिस्टिन केयर में बेहद उम्दा और अनुभवी डॉक्टरों की टीम कार्यरत है जो मरीज़ों को एक एहसास दिलाती है कि अब बीमारी दूर होने वाली है।

उच्च टेक्नोलॉजी का उपयोग:- प्रिस्टिन केयर में उच्च टेक्नोलॉजी से बनी मशीनों से इलाज किया जाता है जिससे मरीज़ को दर्द का एहसास तक नही होता है।

बेहतरीन सुविधा:- बेहतरीन सुविधाओं में शामिल है एक दिन के अंदर डिस्चार्ज, कोई EMI कॉस्ट नही, आपरेशन के बाद निःशुल्क फालोअप और आपरेशन कराने वाले मरीज़ों के आने और जाने के लिए निःशुल्क वाहन सुविधा।

अगर आपको या आपके किसी भी परिचित को हर्निया की बीमारी है तो आप हर्निया का घरेलू उपचार कर सकते हैं। इससे संबंधित किसी भी तकलीफ़ के लिए तुरंत प्रिस्टिन केयर से संपर्क करें।

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