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किडनी स्टोन की जांच के लिए कौन-कौन से टेस्ट किए जाते हैं?
किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी की पुष्टि करने के लिए डॉक्टर मरीज के लक्षणों, मेडिकल हिस्ट्री और शारीरिक जांच के साथ कुछ यूरिन, ब्लड और इमेजिंग टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं। इन जांचों से यह पता लगाने में मदद मिलती है कि किडनी में पथरी है या नहीं, उसका आकार और स्थान क्या है, पेशाब के रास्ते में कोई रुकावट है या नहीं और किडनी की कार्यक्षमता कैसी है।
हर मरीज को सभी टेस्ट कराने की जरूरत नहीं होती। डॉक्टर लक्षणों और स्थिति के अनुसार जांच चुनते हैं।
किडनी स्टोन के लिए कौन-कौन से टेस्ट किए जाते हैं?
किडनी स्टोन की जांच के लिए आमतौर पर निम्न टेस्ट किए जा सकते हैं:
- यूरिन टेस्ट
- यूरिन कल्चर
- ब्लड टेस्ट
- अल्ट्रासाउंड
- CT स्कैन
- X-ray KUB
- कुछ मामलों में IVP या अन्य इमेजिंग टेस्ट
- बार-बार पथरी बनने पर 24 घंटे का यूरिन टेस्ट
- निकली हुई पथरी का स्टोन एनालिसिस
आइए इनके बारे में विस्तार से समझते हैं।
1. यूरिन टेस्ट (Urine Test)
किडनी स्टोन की जांच में यूरिन टेस्ट सबसे सामान्य शुरुआती जांचों में से एक है। इसमें पेशाब के नमूने की जांच करके कई महत्वपूर्ण चीजों का पता लगाया जा सकता है।
यूरिन टेस्ट में डॉक्टर देख सकते हैं:
- पेशाब में खून है या नहीं
- संक्रमण के संकेत हैं या नहीं
- कैल्शियम, ऑक्सलेट या अन्य क्रिस्टल मौजूद हैं या नहीं
- पेशाब का pH कितना है
- पेशाब बहुत गाढ़ा तो नहीं है
पथरी के कारण यूरिनरी ट्रैक्ट में चोट लगने पर पेशाब में खून आ सकता है। कई बार खून आंखों से दिखाई नहीं देता और केवल माइक्रोस्कोपिक जांच में पता चलता है।
2. यूरिन कल्चर (Urine Culture)
अगर किडनी स्टोन के साथ पेशाब में जलन, बदबू, बार-बार पेशाब आना या बुखार जैसे लक्षण हैं, तो डॉक्टर यूरिन कल्चर की सलाह दे सकते हैं।
इस टेस्ट से पता लगाया जाता है कि पेशाब में बैक्टीरियल इंफेक्शन है या नहीं और संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया के खिलाफ कौन-सी एंटीबायोटिक प्रभावी हो सकती है।
किडनी स्टोन के साथ यूरिनरी इंफेक्शन होने पर समय पर इलाज जरूरी होता है, खासकर अगर पेशाब के रास्ते में रुकावट भी मौजूद हो।
3. ब्लड टेस्ट (Blood Test)
ब्लड टेस्ट से किडनी की कार्यक्षमता और शरीर में कुछ ऐसे पदार्थों का पता लगाने में मदद मिलती है जो किडनी स्टोन से जुड़े हो सकते हैं।
डॉक्टर आवश्यकता के अनुसार जांच कर सकते हैं:
- Serum creatinine
- Blood urea
- Calcium
- Uric acid
- Electrolytes
- अन्य संबंधित पैरामीटर
Creatinine और अन्य किडनी फंक्शन टेस्ट से यह पता लगाने में मदद मिलती है कि किडनी ठीक तरह से काम कर रही है या नहीं।
अगर डॉक्टर को किसी विशेष प्रकार की पथरी का संदेह हो, तो कैल्शियम, यूरिक एसिड या अन्य संबंधित ब्लड टेस्ट भी किए जा सकते हैं।
4. किडनी और ब्लैडर का अल्ट्रासाउंड
Ultrasound KUB (Kidney, Ureter and Bladder) किडनी स्टोन की जांच के लिए इस्तेमाल होने वाला एक महत्वपूर्ण इमेजिंग टेस्ट है।
इसमें किडनी, यूरेटर और ब्लैडर की तस्वीरें बनाई जाती हैं। अल्ट्रासाउंड से किडनी में पथरी और पथरी के कारण होने वाली सूजन या पेशाब के रास्ते में रुकावट का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
इस टेस्ट में X-ray radiation का इस्तेमाल नहीं होता, इसलिए डॉक्टर कई परिस्थितियों में इसे शुरुआती इमेजिंग जांच के रूप में चुन सकते हैं।
हालांकि, बहुत छोटी पथरी या यूरेटर के कुछ हिस्सों में मौजूद पथरी अल्ट्रासाउंड पर हमेशा स्पष्ट दिखाई नहीं देती।
5. CT Scan
जब किडनी स्टोन की स्थिति स्पष्ट न हो या डॉक्टर को पथरी के आकार और स्थान की अधिक सटीक जानकारी चाहिए, तो CT scan, विशेष रूप से non-contrast CT, किया जा सकता है।
CT scan से आमतौर पर यह पता लगाने में मदद मिलती है:
- पथरी कहां है
- पथरी कितनी बड़ी है
- कितनी पथरी मौजूद हैं
- यूरेटर में रुकावट है या नहीं
- किडनी में सूजन या अन्य समस्या है या नहीं
अचानक तेज कमर या पेट दर्द के साथ किडनी स्टोन का संदेह होने पर CT scan कई मामलों में बहुत उपयोगी इमेजिंग टेस्ट हो सकता है।
हालांकि, CT में radiation exposure होता है, इसलिए टेस्ट का चुनाव डॉक्टर मरीज की स्थिति के अनुसार करते हैं।
6. X-Ray KUB
X-ray KUB में किडनी, यूरेटर और ब्लैडर के क्षेत्र की X-ray तस्वीर ली जाती है।
कुछ प्रकार की किडनी स्टोन X-ray में दिखाई दे सकती हैं, लेकिन सभी प्रकार की पथरी X-ray पर स्पष्ट नहीं दिखती। इसलिए केवल X-ray से हर प्रकार की किडनी स्टोन की पुष्टि नहीं की जा सकती।
कभी-कभी पहले से ज्ञात पथरी की निगरानी के लिए भी X-ray का इस्तेमाल किया जा सकता है।
7. 24 घंटे का यूरिन टेस्ट
अगर किसी व्यक्ति को बार-बार किडनी स्टोन बनती है, तो डॉक्टर 24-hour urine test की सलाह दे सकते हैं।
इस जांच में 24 घंटे की अवधि में एकत्र किए गए पेशाब का विश्लेषण किया जाता है। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि पेशाब में पथरी बनाने वाले पदार्थों की मात्रा कितनी है।
इसमें डॉक्टर निम्न चीजों को देख सकते हैं:
- Calcium
- Oxalate
- Uric acid
- Citrate
- Sodium
- Creatinine
- Urine volume
यह टेस्ट खासतौर पर बार-बार पथरी बनने वाले मरीजों में भविष्य में पथरी बनने के जोखिम को समझने और डाइट या अन्य उपचार की योजना बनाने में मदद कर सकता है।
8. स्टोन एनालिसिस (Stone Analysis)
अगर पेशाब के साथ किडनी स्टोन बाहर निकल जाए या किसी प्रक्रिया के दौरान स्टोन निकाला जाए, तो डॉक्टर उसे स्टोन एनालिसिस के लिए भेज सकते हैं।
इस जांच से पता चलता है कि पथरी किस पदार्थ से बनी है, जैसे:
- Calcium oxalate
- Calcium phosphate
- Uric acid
- Struvite
- Cystine
पथरी की संरचना जानना महत्वपूर्ण है क्योंकि अलग-अलग प्रकार की पथरी बनने के कारण और रोकथाम के तरीके अलग हो सकते हैं।
किडनी स्टोन की जांच के लिए कौन-सा टेस्ट सबसे अच्छा है?
ऐसा कोई एक टेस्ट नहीं है जो हर मरीज के लिए सबसे अच्छा हो। टेस्ट का चुनाव मरीज के लक्षण और स्थिति पर निर्भर करता है।
यूरिन टेस्ट खून, संक्रमण और कुछ क्रिस्टल का पता लगाने में मदद करता है।
अल्ट्रासाउंड किडनी में पथरी और पेशाब के रास्ते में रुकावट देखने के लिए उपयोगी है और इसमें radiation नहीं होती।
Non-contrast CT scan पथरी के आकार और स्थान का अधिक विस्तृत आकलन करने में मदद कर सकता है और कई स्थितियों में छोटे स्टोन का भी पता लगा सकता है।
इसलिए डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार एक या एक से अधिक टेस्ट की सलाह दे सकते हैं।
क्या सिर्फ ब्लड टेस्ट से किडनी स्टोन का पता चल सकता है?
नहीं। ब्लड टेस्ट अकेले आमतौर पर किडनी स्टोन की पुष्टि नहीं करता।
ब्लड टेस्ट से किडनी की कार्यक्षमता और कुछ ऐसे पदार्थों की जांच की जा सकती है जो पथरी बनने से जुड़े हैं। पथरी की मौजूदगी, आकार और स्थान जानने के लिए आमतौर पर इमेजिंग टेस्ट जैसे अल्ट्रासाउंड या CT scan की जरूरत पड़ सकती है।
क्या यूरिन टेस्ट से किडनी स्टोन का पता चलता है?
यूरिन टेस्ट किडनी स्टोन से जुड़े महत्वपूर्ण संकेत दे सकता है, जैसे पेशाब में खून, क्रिस्टल या संक्रमण के संकेत। लेकिन केवल यूरिन टेस्ट से हर किडनी स्टोन की पुष्टि नहीं की जा सकती।
पथरी की स्थिति जानने के लिए डॉक्टर जरूरत के अनुसार अल्ट्रासाउंड या CT scan जैसी इमेजिंग जांच कर सकते हैं।
किडनी स्टोन के लिए जांच कब करवानी चाहिए?
अगर आपको निम्न में से कोई लक्षण दिखाई देता है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर जांच करवाना उचित है:
- कमर या पीठ के एक तरफ तेज दर्द
- दर्द का पेट या ग्रोइन तक जाना
- पेशाब में खून
- पेशाब करते समय जलन
- बार-बार पेशाब आने की इच्छा
- पेशाब की मात्रा कम होना
- मतली या उल्टी
- पेशाब में बदबू या धुंधलापन
- बार-बार किडनी स्टोन होना
बुखार के साथ तेज दर्द होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें
अगर किडनी स्टोन के लक्षणों के साथ बुखार, ठंड लगना, लगातार उल्टी, पेशाब न आना या बहुत तेज दर्द हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पथरी के कारण पेशाब का रास्ता बंद होने के साथ संक्रमण होना गंभीर स्थिति बन सकता है और तत्काल चिकित्सा मूल्यांकन की आवश्यकता हो सकती है।
किडनी स्टोन की जांच से पहले क्या तैयारी करनी होती है?
अधिकांश सामान्य यूरिन और ब्लड टेस्ट के लिए विशेष तैयारी की जरूरत नहीं होती। हालांकि, कुछ ब्लड टेस्ट या 24 घंटे के यूरिन टेस्ट के लिए डॉक्टर या लैब द्वारा विशेष निर्देश दिए जा सकते हैं।
अगर आपका CT scan या अन्य इमेजिंग टेस्ट निर्धारित है, तो टेस्ट से पहले अस्पताल या डायग्नोस्टिक सेंटर द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें।
किडनी स्टोन की जांच के बाद क्या होता है?
जांच के परिणामों के आधार पर डॉक्टर यह निर्धारित करते हैं कि:
- पथरी मौजूद है या नहीं
- पथरी का आकार और स्थान क्या है
- पेशाब के रास्ते में रुकावट है या नहीं
- किडनी की कार्यक्षमता कैसी है
- संक्रमण मौजूद है या नहीं
- पथरी किस प्रकार की हो सकती है
- भविष्य में पथरी बनने का जोखिम कितना है
छोटी पथरी कुछ मामलों में अपने आप पेशाब के रास्ते से निकल सकती है। लेकिन बड़ी, फंसी हुई या रुकावट पैदा करने वाली पथरी के लिए दवा या किसी प्रक्रिया की जरूरत पड़ सकती है।
किडनी स्टोन की जांच को नजरअंदाज न करें
किडनी स्टोन का समय पर पता चलने से पथरी के आकार, स्थान और उससे होने वाली रुकावट का आकलन किया जा सकता है। यूरिन और ब्लड टेस्ट शरीर की स्थिति और संक्रमण जैसे संकेतों को समझने में मदद करते हैं, जबकि अल्ट्रासाउंड और CT scan पथरी की स्थिति का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अगर आपको बार-बार कमर में तेज दर्द, पेशाब में खून, पेशाब करते समय जलन या अन्य यूरिन संबंधी समस्या हो रही है, तो खुद से इलाज करने के बजाय यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लेकर उचित जांच करवाएं।