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किडनी स्टोन क्या है?/What are Kidney stones?

गुर्दे की पथरी जिसे किडनी स्टोन के नाम से जाना जाता है| किडनी खून को साफ करने के साथ ही उसमें मौजूद सभी प्रकार के अपशिष्ट पदार्थों और अनावश्यक पौषक तत्वों को अलग करके उन्हें पेशाब के जरिये शरीर से बाहर निकाल देती हैं। लेकिन जब रक्त यानि ब्लड में अपशिष्ट पदार्थ और पौषक तत्वों की मात्रा अधिक होने लगती हैं| जिसके कारण किडनी के काम करने की क्षमता कमजोर होने लगती हैं क्योंकि किडनी में अपशिष्ट और विषैले पदार्थ जमा होने लगते हैं जिसकी वजह से किडनी में पथरी की समस्या हो जाती है। गुर्दे में बनने वाली पथरी खनिज और एसिड लवण (Mineral And Acid Salts) से बनती है। आमतौर पर किडनी में बनी पथरी पेशाब के जरिये शरीर से बहार निकल जाती है, लेकिन जब किडनी में बनने वाली पथरी का आकार बड़ा होता है जिसके कारण पथरी पेशाब के जरिये शरीर से बाहर नहीं निकल पाती तो ऐसे स्थिति में किडनी से स्टोन निकालने के लिए लेजर ऑपरेशन का सहारा भी लेना पड़ता है।

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जोखिम

बार-बार होने वाला यूटीआई

किडनी में इन्फेक्शन

किडनी के कार्य में दुष्प्रभाव

किडनी फेलिअर

किडनी में सूजन (हाइड्रोनेफ्रोसिस)

गुर्दे की पथरी के लक्षण

पेशाब करते समय दर्द होना

पेशाब के साथ खून आना

पेशाब से बदबू आना

यूरिन नली में संक्रमण होना

बुखार और उल्टी होना

बार-बार पेशाब लगना

आखिर ‘Pristyn Care’ ही क्यों?

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अस्पताल से 24 घंटे के भीतर छुट्टी

उपचार

Doctor performing kidney stone surgery

गुर्दे की पथरी का ऑपरेशन कितने प्रकार से किया जाता हैं?/Types of Kidney Stones Surgery?

गुर्दे की पथरी का ऑपरेशन करवाना जरूरी है या नहीं| यह इस बात पर निर्भर करता हैं कि गुर्दे की पथरी का आकार(Size of Kidney Stone) कितना हैं? अगर गुर्दे की पथरी पांच मिलीमीटर से छोटी है तो यह दवाइयों की मदद से और पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर आसानी से पेशाब के साथ बाहर निकल सकती है। लेकिन जब गुर्दे की पथरी का आकार 5 एमएम से बड़ा हो, तो इसे निकालने के लिए ऑपरेशन(Kidney Stone Laser surgery) ही सबसे बेहतर उपचार होता है क्योंकि इसमें दवाएं कारगर साबित नहीं होती हैं|

गुर्दे की पथरी का ऑपरेशन के बाद क्या करें?

गुर्दे की पथरी का ऑपरेशन करवाने के बाद ऐसा जरूरी नहीं है कि दोबारा पथरी न हो। इसलिए डॉक्टर मरीजों को कुछ हिदायतें देते हैं। मरीज को खाने-पीने में कुछ परहेज करना पड़ता है, जैसे कि पालक, रेड मीट, काजू, चाय, कॉफी आदि। क्योंकि इनसे दोबारा पथरी बनने की आशंका होती है।

  • संतुलित डाइट प्लान को फॉलो करें
  • पर्याप्त मात्रा पानी पीएं

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01.

Pristyn Care कोविड-फ्री है

हमारी क्लीनिक में मरीज की सेहत और सुरक्षा का खास ध्यान रखा जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए हमारी सभी क्लिनिक और हॉस्पिटल को नियमित रूप से सैनेटाइज किया जाता है।

02.

सर्जरी के दौरान सहायता

हम हर मरीज को एक केयर बड्डी उपलब्ध कराते हैं जो एडमिशन से लेकर डिस्चार्ज की प्रक्रिया तक हॉस्पिटल से जुड़े सभी पेपरवर्क को पूरा करता है। साथ ही, मरीज की जरूरतों का खास ध्यान रखता है।

03.

अच्छी टेक्नोलॉजी के साथ मेडिकल सहायता

सर्जरी से पहले होने वाली सभी चिकित्सीय जाँच में रोगी को मेडिकल सहायता दी जाती है। हमारी क्लीनिक में बीमारियों का उपचार के लिए लेजर एवं लेप्रोस्कोपिक प्रक्रियाओं का उपयोग होता है, जो USFDA द्वारा प्रमाणित हैं।

04.

सर्जरी के बाद देखभाल

सर्जरी के बाद फ्री फॉलो-अप मीटिंग की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही, मरीज को डाइट चार्ट और आफ्टरकेयर टिप्स दी जाती है ताकि उनकी रिकवरी जल्दी हो।

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अधिकांश पूछे जाने वाले प्रश्न

किडनी स्टोन क्यों होता है? /Why are kidney Stones formed?

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गुर्दे की पथरी कैसे बनते हैं?

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पथरी कहां-कहां होती है?

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क्या बिना सर्जरी के किडनी स्टोन का उपचार किया जा सकता है?

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क्या किडनी स्टोन का उपचार के लिए लेजर विधि सुरक्षित है?

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मैं किडनी स्टोन से पीड़ित हूँ, मुझे किन खाद्य पदार्थों के सेवन से परहेज करना चाहिए?

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गुर्दे की पथरी के ऑपरेशन से जुड़े जोखिम

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किडनी स्टोन के प्रकार

  • कैल्शियम स्टोन (Calcium Stone)- कैल्शियम स्टोन, किडनी में सबसे ज्यादा देखने को मिलता है। किडनी स्टोन कैल्शियम, ऑक्सलेट या फॉस्फोरस जैसे कैमिकल से मिलकर बनता है। इसलिए जो लोग कम पानी पीते हैं या ऑक्सलेट और फॉस्फोरस वाला आहार ज्यादा लेते हैं उन्हें इसकी समस्या अधिक होती है क्योंकि 90 प्रतिशत लोग किडनी स्टोन के शिकार होते हैं। 
  • यूरिक एसिड स्टोन (Uric Acid Stone)- यूरिक एसिड किडनी स्टोन महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अधिक देखने को मिलता है। यह किडनी स्टोन तब होता है जब पेशाब में यूरिक एसिड की मात्रा अधिक हो जाए। प्युरिन युक्त आहार लेने की वजह से यूरिक एसिड स्टोन की समस्या सबसे अधिक होती है। प्यूरिन एक बेरंग पदार्थ होता है जो कि पशु प्रोटीन यानि मीट में सबसे ज्यादा पाया जाता है। तो जो व्यक्ति अधिक मात्रा में मीट-मांस खाते हैं उन्हें यूरिक एसिड स्टोन होने की आशंका अधिक बनी रहती है।
  • स्ट्रुवाइट स्टोन (Struvite Stone)- स्ट्रुवाइट स्टोन पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में सबसे अधिक पाया है। जो महिलाऐं मूत्र पथ संक्रमण (Urinary Tract Infection) से जूझ रहीं होती है उन महिलाओं को यह स्ट्रुवाइट स्टोन होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। स्ट्रुवाइट स्टोन होने का मतलब होता है कि अब मूत्र पथ संक्रमण काफी आगे बढ़ चुका है और इसकी वजह से किडनी संक्रमित हो चुकी है। स्ट्रुवाइट स्टोन की वजह से पेशाब से जुड़ी समस्याएँ बढ़ने लगती है। इस स्ट्रुवाइट किडनी स्टोन से छुटकारा पाने के लिए सबसे पहले संभावित मूत्र पथ के संक्रमण से छुटकारा पाना होता है।
  • सिस्टीन स्टोन (Cystine Stone)- सिस्टीन स्टोन महिलाओं और पुरुषों दोनों में हो सकता है। सिस्टीन स्टोन एक वंशानुगत रोग है जो कि सिस्टीन के किडनी से मूत्र में रिसाव की वजह से बनता है। बाकी किडनी स्टोन के मुकाबले सिस्टीन स्टोन बहुत कम देखने को मिलता है। आपको बता दें कि सिस्टीन एक अनावश्यक अमीनो एसिड है जो कि प्रोटीन बनाने और ब्लड प्रेशर के संचालन में महत्वपूर्ण होता है। यह बीटा-केराटिन में पाया जाता है। यह नाखून, त्वचा और बालों में मिलने वाला एक मुख्य प्रोटीन है। सिस्टीन कोलेजन बनाने के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है।            

गुर्दे की पथरी का निदान

गुर्दे की पथरी का निदान करने के लिए सबसे पहले डॉक्टर मरीज को कुछ आवश्यक जांच करवाने की सलाह देते हैं| जैसे:-

  • ब्लड टेस्ट- बल्ड टेस्ट की मदद से खून में मौजूद मिनरल्स का पता लगाया जाता है| यदि खून में कैल्शियम या यूरिक एसिड की मात्रा अधिक है तो यह किडनी में किसी प्रकार की खराबी के संकेत भी हो सकते हैं| इसलिए ब्लड टेस्ट के आधार पर ही डॉक्टर गुर्दे की पथरी के निदान के लिए अन्य जाँचे करवाने की सलाह देते हैं|

कीमतः 200-500 रुपये लगभग

  • यूरिन टेस्ट- दर्द की शिकायत पर जब मरीज डॉक्टर के पास आता है तो सबसे पहले यूरिन टेस्ट किया जाता है। अगर इसमें ब्लड या क्रिस्टल मिलते हैं तो इसे पथरी का लक्षण माना जाता है। इसके बाद अल्ट्रासाउंड किया जाता है।

कीमतः 200 -500 रुपये लगभग

  • अल्ट्रासाउंड- दर्द की शिकायत पर मरीज का अल्ट्रासाउंड किया जाता है। ज्यादातर मामलों में अल्ट्रासाउंड में पथरी दिख जाती है।

कीमतः 500-1000 रुपये लगभग

  • सीटी स्कैन- कई बार कब्ज, गैस या फिर ढंग से अल्ट्रासाउंड न करने से पथरी अल्ट्रासाउंड में नहीं दिखती। तब सीटी स्कैन किया जाता है।

कीमतः 5000-8000 रुपये लगभग

  • न्यूक्लियर स्कैन- अगर गुर्दे की पथरी के कारण किडनी खराब हो गई है तो न्यूक्लियर स्कैन करते हैं। इस टेस्ट से पता लगता है कि किडनी कितनी खराब हुई है। यह टेस्ट हर जगह नहीं होता।

कीमतः 6000-7000 रुपये लगभग

ध्यान रखें:– जांच का शुल्क शहर और अस्पतालों की सुविधाओं के आधार पर भिन्न हो सकता है| 

गुर्दे की पथरी को स्वयं कैसे जांचे?

रोगी द्वारा गुर्दे की पथरी के स्व-निदान के लिए कोई विशेष विधि नहीं है। हालांकि, यदि शरीर में किस प्रकार का बदलाव और लक्षणों का अनुभव करते है जैसे कि पेट या पीठ में अत्यधिक दर्द, बुखार, ठंड लगना, मतली, आदि, तो उन्हें उपचार के लिए तुरंत एक अनुभवी डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

डॉक्टर द्वारा निदान

डॉक्टर गुर्दे की पथरी के लक्षणों का विश्लेषण करते हैं और आपका मेडिकल इतिहास पूछेंगे। क्योंकि आनुवंशिकता भी गुर्दे की पथरी के लिए एक जोखिम कारण हो सकती है, इसलिए यूरोलॉजिस्ट(किडनी रोग विशेषज्ञ) गुर्दे की पथरी की जांच शुरू करने से पहले आपके परिवार के सदस्यों की स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी लेते हैं क्योंकि अगर परिवार के किसी एक सदस्य को कभी गुर्दे से जुड़ी कोई समस्या रही होगी, तो परिवार के दूसरे सदस्य को गुर्दे से जुड़ी बीमारी होने का खतरा रहता हैं| लेकिन, गुर्दे की पथरी की जांच जैसे यूरिन टेस्ट, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और खून टेस्ट के द्वारा की जाती है और इन जांच की रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर गुर्दे की पथरी का उपचार करते हैं|

क्या हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में किडनी की पथरी को कवर किया जाता हैं?

गुर्दे की पथरी को हटाने की प्रक्रियाओं में आमतौर पर पेशाब की नली और गुर्दे आदि में फंसे पत्थरों यानि क्रिस्टल के कण निकालने के लिए ट्रीटमेंट लेना बहुत जरूरी होता है। लंबे समय तक गुर्दे की पथरी व्यस्कों के साथ-साथ बच्चों में भी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती हैं| वैसे तो स्वास्थ्य बीमा कंपनियां भारत में गुर्दे की पथरी की सर्जरी की लागत को कवर करती हैं।

लेकिन स्वास्थ्य बीमा कंपनियों द्वारा निर्धारित नियमों और शर्तों के आधार पर बीमा कवरेज एक पॉलिसी से दूसरी पॉलिसी में अलग हो सकते है। बीमा कवरेज आमतौर पर गुर्दे की पथरी के इलाज की लागत को कम करता है जिससे एक आम व्यक्ति पर वित्तीय बोझ कम होता है। भारत में कुछ स्वास्थ्य बीमा कंपनियां हैं जो गुर्दे की पथरी के उपचार को कवर करती हैं|  

  • स्टार हेल्थ इंश्योरेंस
  • बजाज आलियांज लाइफ इंश्योरेंस
  •  रेलिगरे हेल्थ इंश्योरेंस
  • आईसीआईसीआई लोम्बार्ड

गुर्दे की पथरी का ऑपरेशन के बाद रिकवरी में कितना समय लगता हैं?

गुर्दे की पथरी के ऑपरेशन के बाद मरीजो की रिकवरी उनके स्वास्थ्य के आधार पर अलग-अलग होती है। यदि मरीज का  ESWL या URSL की प्रक्रिया से ऑपरेशन हुआ हैं, तो मरीज एक सप्ताह के अंदर ही सामान्य गतिविधियों यानि दिनचर्या को फिर से शुरू कर सकते हैं। वहीं, गुर्दे की पथरी का पीसीएनएल की प्रक्रिया से ऑपरेशन किया गया है तो मरीज को रिकवर होने में लगभग एक से दो सप्ताह लग सकते है। हालांकि, यदि ऑपरेशन के बाद मरीज को कुछ समय के लिए स्टेंट लगते है, तो ऐसे स्थिति में मरीज को शारीरिक गतिविधियों नहीं  करनी चाहिए|

अपनी सर्जरी की तैयारी कैसे करें

अगर किसी का पहली बार ऑपरेशन हो रहा हो, तो यह उसके लिए काफी तनावपूर्ण हो सकता हैं क्योंकि जब कोई पहली बार ऑपरेशन करवाने के लिए तैयार होता है तो वह बहुत डरा हुआ होता है| इसलिए गुर्दे की पथरी की ऑपरेशन की प्रक्रिया तनावपूर्ण हो सकती है, लेकिन यदि आप जानते हैं कि क्या करना है, तो यह रोगी के लिए भावनात्मक और मानसिक रूप से आसान हो जाता है। यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं जो आपको गुर्दे की पथरी हटाने की प्रक्रिया के लिए तैयार करने में मदद कर सकते हैं |

  • गुर्दे की पथरी का ऑपरेशन शुरू होने से पहले रोगी को वर्तमान में चल रही दवाओं और अपनी स्वास्थ्य स्थितियों के बारे में अपने यूरोलॉजिस्ट(किडनी रोग विशेषज्ञ)को सूचित करना चाहिए।
  • एनेस्थीसिया से संबंधित एलर्जी  के बारे में सर्जन को सूचित करना जरूरी है।
  • गुर्दे की पथरी हटाने की सर्जरी से पहले तंबाकू या धूम्रपान न करें।
  • गुर्दे की पथरी का ऑपरेशन से पहले कोई भी दवा लेने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करें। क्योंकि ब्लड थिनर यानि खून को पतला करने वाली कुछ दवाएं सर्जरी के दौरान जटिलताएं पैदा कर सकती हैं।
  • गुर्दे की पथरी के ऑपरेशन के निर्धारित समय से पहले मरीज को 8 से 9 घंटे तक खाना-पीना नहीं चाहिए।
  • ऑपरेशन के बाद मरीज के साथ उसके घर का कोई एक सदस्य जरूर होना चाहिए क्योंकि ऑपरेशन के बाद मरीज को थकान महसूस होती है और उसे चक्कर भी आ सकते हैं|
  • डॉक्टर मूत्रमार्ग के माध्यम से आपके पेशाब की नली में स्टेंट डाल सकते हैं, जिसे मूत्रवाहिनी को बड़ा करने और गुर्दे को बाहर निकालने में मदद करने के लिए दो से तीन सप्ताह तक वहां रखा जा सकता है।

ऑपरेशन की मदद से गुर्दे की पथरी निकालने के कुछ जोखिम हो सकता हैं जैसे:-

गुर्दे की पथरी के ऑपरेशन के बाद सेप्टिसीमिया से जुड़ी जानलेवा बीमारी भी हो सकती है जो शरीर में संक्रमण होने के कारण होती है| जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती है, रिएक्शन होने पर गुर्दे में सूजन हो जाती है और रक्त के थक्के जम जाते हैं|

कभी-कभी, गुर्दे की पथरी का ऑपरेशन भी गुर्दे को खराब कर सकती है और नुकसान पहुंचा सकती है जिसके कारण गुर्दे की विफलता (kidney Failure) भी हो सकती है। जब बड़े गुर्दे की पथरी मूत्राशय में जाने का प्रबंधन करती है, लेकिन मूत्रमार्ग में फंस जाती है, तो यह मूत्राशय में रुकावट का कारण बनता है। इसके परिणामस्वरूप दर्दनाक मूत्र प्रतिधारण हो सकता है। 

क्या होगा अगर गुर्दे की पथरी का इलाज न किया जाए?

गुर्दे की पथरी को साइलेंट किलर भी कहा जाता हैं क्योंकि इसमें दर्द या परेशानी नहीं होती है। यदि आप किडनी की पथरी का इलाज नहीं करवाते तो ऐसे में गुर्दे में क्रिस्टल या रेत के कण बढ़ सकते हैं और जिससे रोगी की परेशानी बढ़ जाती हैं। इसलिए, गुर्दे की पथरी के जोखिम से बचने के लिए गुर्दे की पथरी के इलाज के लिए डॉक्टर से सलाह जरूरी लेनी चाहिए|

गुर्दे की पथरी का उपचार नहीं करवाने से जोखिम बढ़ने की संभावना अधिक रहती हैं 

  • हाइड्रोनफ्रोसिस – यह गुर्दे से निकलने में विफल होने पर मूत्र के निर्माण के कारण गुर्दे की सूजन को संदर्भित करता है।
  • गुर्दे के खराब होने और गुर्दे को नुकसान के परिणामस्वरूप गुर्दे की विफलता होती है।
  • खून में गंभीर संक्रमण से सेप्टीसीमिया हो सकता है, जो घातक हो सकता है।
  • गुर्दा की कार्यप्रणाली के नुकसान के परिणामस्वरूप गुर्दे की पथरी को हटाने या नेफरेक्टोमी हो सकता है।
  • जब पथरी पेशाब की नली में फंस जाती है और मूत्र मार्ग में बाधा उत्पन्न करती है, तो इसका परिणाम पेशाब करने में रुकावट और कुछ मामलों में दर्द को सहन करना मुश्किल हो जाता है।

क्या गुर्दे की पथरी का ऑपरेशन करवाना जोखिमभरा हो सकता है?

गुर्दे की पथरी का ऑपरेशन करवाने से पहले रोगियों के मन में अनेक प्रकार के प्रश्न रहते हैं जैसे- क्या गुर्दे की पथरी का ऑपरेशन करवाने से दर्द और परेशानी बढ़ सकती है? लेकिन ऐसे नहीं होता क्योंकि अधिकतर रोगियों को अक्सर गुर्दे की पथरी निकालने की सर्जरी से लाभ होता है।

सर्जन की अनुभवहीनता के कारण ऑपरेशन प्रक्रिया के दौरान जोखिम और जटिलताओं की संभावना अधिक रहती है। इसलिए गुर्दे की पथरी का ऑपरेशन के लिए Pristyn Care के अनुभवी डॉक्टर का चयन करें…

गैर-सर्जिकल किडनी की पथरी का इलाज

अधिकतर गुर्दे की पथरी से पीड़ित समय-समय पर पथरी की जांच नहीं करवाते, उन्हें लगता है कि मात्र दवाइयों से और पानी पीकर पथरी को पेशाब के जरिये बाहर निकल निकाला जा सकता है|  लेकिन ऐसा होता नहीं हैं क्योंकि गुर्दे की पथरी का समय पर जांच नहीं करवाने से और संतुलित डाइट प्लान फॉलो नहीं करने से किडनी की पथरी का आकार लगातार बढ़ता है| जिसके कारण पेट में दर्द, जी-मिचलना और उलटी आना जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं और स्थिति सामान्य से गंभीर हो जाती हैं| ऐसे में पेशाब करते समय दर्द होना, पेशाब के साथ खून आना, और बुखार और उल्टी होना इत्यादि लक्षणों को देखते हुये किडनी रोग विशेषज्ञ गुर्दे की पथरी को निकालने के लिए ऑपरेशन करवाने की सलाह देते हैं|

गुर्दे की पथरी की दर्द-निवारक दवा

पथरी के हिलने-डुलने के कारण होने वाले दर्द और परेशानी को कम करने के लिए किडनी  के डॉक्टर आमतौर पर दवा लेने की सलाह देते हैं। अल्फा-ब्लॉकर्स जैसी दवाएं मांसपेशियों को आराम देने वाली होती हैं जो मूत्रवाहिनी(पेशाब नली) की मांसपेशियों का विस्तार करती हैं ताकि पथरी शरीर से आसानी से बाहर निकल सके। गुर्दे की पथरी के कारण होने वाले दर्द से छुटकारा पाने के लिए डॉक्टर दर्द निवारक दवाओं की भी सलाह देते हैं। दर्द निवारक दवाएं जैसे कि इबुप्रोफेन या नेप्रोक्सन सोडियम गुर्दे की पथरी के कारण होने वाले हल्के दर्द और परेशानी से राहत दिलाने में मदद करते हैं। 

गुर्दे की पथरी का घरेलू उपचार

अगर आप लंबे समय से गुर्दे की पथरी के बनने और उनकी वजह से होने वाले दर्द की समस्या से जूझ रहे हैं तो किसी भी प्रकार के घरेलू उपचार को आजमाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर सलाह जरूर लें। डॉक्टर आपको बताएंगे कि आप घरेलू तरीकों को आजमा चाहिए या नहीं। कई बार व्यक्ति की अलग-अलग सेहत की वजह से घरेलू नुस्खे से आराम की जगह नई समस्या पैदा हो सकती है, इसीलिए गुर्दे की पथरी से परेशान व्यक्ति बिना डॉक्टर को बताएं घरेलू उपचार को ना आजमाएं। 

अगर आप प्रेगनेंट हैं या बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग करवाती हैं तो इनमें से किसी भी तरीके या नुस्खे को आजमाने से बचें।।आपके डॉक्टर आपको बेहतर बता सकते हैं कि इनमें से कहीं कोई जूस या फिर डाइट में बदलाव से आपको या आपके बच्चे को साइड इफेक्ट ना हों।

गुर्दे की पथरी को कैसे निकाला जाता है? Kidney Stone Removal

यूरोलॉजिस्ट(किडनी रोग विशेषज्ञ) अक्सर गुर्दे की पथरी की निकालने के लिए ऑपरेशन करवाने की सलाह देते हैं| क्योंकि जब पथरी का आकार 5 मिलीमीटर से अधिक हो जाता है तो ऐसे स्थिति में गैर-सर्जिकल उपचार असरदार नहीं होता हैं। इसलिए यूरोलॉजिस्ट(किडनी रोग विशेषज्ञ) गुर्दे की पथरी को निकालने के लिए शॉकवेव इंट्रावस्कुलर लिथोट्रिप्सी (ESWL), यूरेटेरोस्कोपी (URSL), लेजर सर्जरी (RIRS) और न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी (PCNL) आदि तकनीकियों से ऑपरेशन करवाने की सलाह देते हैं। 

मानव शरीर में  मूत्रवाहिनी का आकार लगभग 3-4 मिमी होता है। जब पथरी का आकार बड़ा हो जाता है कि वह अपने आप नहीं निकल नहीं पाती| ऐसे में यह गुर्दे, मूत्रवाहिनी, मूत्राशय आदि में फंस सकता है, जिसके परिणामस्वरूप असहनीय दर्द होता है। ऐसे मामलों में गुर्दे की पथरी से छुटकारा पाने के लिए ऑपरेशन करवाना एक बेहतर विकल्प होता है। आज के आधुनिक समय में  गुर्दे की पथरी की निकालने के लिए आमतौर पर डेकेयर ऑपरेशन प्रक्रियाओं का उपयोब किया जाता है, जिसमें रोगी को 1 दिन से अधिक अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं होती है। हालांकि, किसी भी जटिलता के मामले में, डॉक्टर आपको ठीक होने तक रुकने के लिए कह सकते हैं।

इसलिए, डॉक्टर 14 मिमी से 15 मिमी से कम आकार की पथरी के लिए RIRS, URSL, ESWL और 15 मिमी से अधिक के पथरी के आकार के लिए न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी या PCNL की तकनीकी प्रक्रिया से ऑपरेशन करवाने  की सिफारिश कर सकते हैं। गुर्दे की पथरी के उपचार की लागत ऑपरेशन तकनीकी के आधार पर भिन्न हो सकती है। यहाँ गुर्दे की पथरी को निकालने की प्रक्रिया में ऑपरेशन की अनुमानित लागत दी गई है- 

  •         शॉकवेव इंट्रावस्कुलर लिथोट्रिप्सी (ESWL) – Rs. 40,000 – Rs. 50,000
  •         यूरेटेरोस्कोपी (URSL)-  40,000 – Rs. 65,000
  •         लेजर सर्जरी (RIRS) 95,000 – Rs. 1,05,000
  •         न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी (PCNL)- Rs. 65,000 – Rs. 75,000

ध्यान रखें,  गुर्दे की पथरी की ऑपरेशन लागत आपके द्वारा अस्पताल के चयन, पथरी की संख्या, पत्थरों के आकार, गैर-चिकित्सा वस्तुओं की लागत, बीमा कवरेज, परामर्श के बाद के शुल्क आदि के आधार पर भिन्न हो सकती है|     

गुर्दे की पथरी के ऑपरेशन के बाद

गुर्दे की पथरी के ऑपरेशन के बाद यूरोलॉजिस्ट(किडनी रोग विशेषज्ञ)आपको एक निश्चित समय के लिए पेशाब नली यानि मूत्र मार्ग  को आराम देने और खोलने के लिए दर्द निवारक और अल्फा-ब्लॉकर्स जैसी दवाइयाँ लेने की सलाह देते हैं। क्योंकि इन दवाइयों से पेशाब नली में फसे क्रिस्टल को आसानी से पेशाब के जरिए बाहर निकाल जाते है और जिससे दर्द और परेशानी को कम होती है।

आपको बता दें कि ऑपरेशन के दौरान स्टेंट लगाने से पेशाब करते समय हल्का खून निकल सकता है। हालांकि, यह सामान्य स्थिति है क्योंकि गुर्दे कि पथरी का ऑपरेशन के बाद पहले कुछ दिनों के लिए मूत्र में थोड़ा खून बहने की संभावना रहती हैं, खासकर अगर मूत्रवाहिनी(पेशाब नली) में स्टेंट लगे हों। यदि खून ज्यादा निकाल रहा है, तो ऐसे स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।                 

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