piles diet

आज के समय में कई तरह की दवाइयां और सर्जरी से बवासीर का इलाज बड़े ही आसानी से किया जा सकता है। लेकिन अच्छे खान-पान से हम बवासीर के खतरे को काफी कम कर सकते हैं। फास्ट फ़ूड (Fast food) और पैक्ड फ़ूड (Packed food) खाने से बवासीर का खतरा अधिक रहता है। बवासीर से पीड़ित लोग अक्सर इस चिंता में रहते हैं कि उन्हें किस प्रकार का भोजन करना चाहिए। बवासीर रोग में अधिक से अधिक फाइबर खाना चाहिए। पानी भी अधिक मात्रा में पिएं। ताजी हरी सब्जियों का सेवन करें और फलों को डाइट में शामिल करें। 

बवासीर में क्या न खाएं? What to not eat in Hemorrhoids in Hindi?

 

फैट वाले आहार न खाएं

तेल में फैट बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है। फैट युक्त पदार्थ पेट के लिए बहुत खतरनाक होते हैं। फैट युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करने से पेट में जलन, पेट में दर्द और सीने में जलन की समस्या हो सकती है। इन पदार्थों का सेवन करने से बवासीर का खतरा बढ़ जाता है क्योंकि, तैलीय पदार्थ कब्ज की शिकायत को बढ़ा देते हैं। डेरी प्रोडक्ट भी कम मात्रा में खाएं। घी का सेवन कम करें।

 

अधिक मसाले न खाएं

अधिक मसालेदार भोजन बिल्कुल न करें। खासकर काली मिर्च, लाल मिर्च का सेवन किसी भी खाद्य पदार्थ के साथ न करें। खाना बनाते वक्त मसाले और तेल कम मात्रा में डालें। सब्जियों के स्वाद को बढ़ाने के लिए तरह-तरह के मसाले डाले जाते हैं। लेकिन बवासीर में केवल उबली हुई सब्जी खाएं। मसालों का सेवन अधिक सेवन करने से भोजन ठीक से नहीं पच पाता है और स्टूल पास करते वक्त एनस मार्ग में तेज जलन भी होती है। 

 

स्मोकिंग न करें

स्मोकिंग करने से हमारे शरीर के अंदर पाई जाने वाली गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल वॉल (gastrointestinal wall) प्रभावित होती है। शराब भी उतनी ही हानिकारक है जितनी सिगरेट। शराब का सेवन करने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। स्टूल पास करने के दौरान बराबर मात्रा में पानी न होने के कारण स्टूल कठोर हो जाता है। सिगरेट पीने वाले व्यक्ति की पाचन शक्ति कमजोर होती है। उसके बॉवेल (bowel) मूवमेंट भी ठीक प्रकार से नहीं होते हैं। बवासीर है तो स्मोकिंग बहुत नुकसानदायक हो सकती है। सिगरेट एनल में रक्त के प्रवाह को बढ़ा देता है जिससे इंफेक्शन होने का खतरा भी बढ़ जाता है। 

 

कैफीन न खाएं

कैफीन (Caffiene) पाचन के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है। कैफीन का अधिक सेवन करने से दस्त की समस्या भी हो सकती है। कॉफी और चाय में कैफीन अधिक मात्रा में पाई जाती है। कैफीन के सेवन से कब्ज की शिकायत होती है और शरीर में पानी की कमी भी हो जाती है। कैफीन युक्त पदार्थ मलाशय में सूजन की समस्या (Swelling in Rectum)कर सकते हैं। इसलिए बवासीर में कैफीन युक्त पदार्थ खाने से अच्छा है कि कोई स्वस्थ तरल पदार्थ पियें । चाय, कॉफी और चॉक्लेट में कैफीन बहुत अधिक मात्रा में मौजूद होता है।

 

प्रोटीन वाले आहार न खाएं

बवासीर से पीड़ित है तो प्रोटीन वाले आहार डाइट में शामिल ना करें। प्लांट प्रोटीन (Plant protein) हो या फिर एनिमल प्रोटीन (Animal protein) किसी का भी सेवन न करें। एनिमल प्रोटीन का सेवन करने से अधिक समस्या हो सकती है। प्रोटीन ठीक से नहीं पच पाता है जिसके कारण कब्ज और मलाशय (Rectum) में जलन होती है। यह एनस मार्ग में सूजन को बढ़ाकर बवासीर को भी बढ़ाता है। (और पढ़ें: कब्ज़ के लक्षण, कारण)

 

बेकरी वाले आहार न खाएं

बवासीर की समस्या के दौरान बेकरी वाले आहार बिल्कुल भी लाभदायक नहीं होते हैं। बेकरी फूड्स जैसे कि केक और पेस्ट्री आदि में अंडे की भरपूर मात्रा पाई जाती है। यह कब्ज की समस्या करते हैं और बवासीर के खतरे को भी बढ़ा देते हैं। 

 

बवासीर में क्या खाएं – What to eat in Hemorrhoids in Hindi?

 

पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें

हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन बवासीर में कई प्रकार के फायदे प्रदान करता है। पत्तेदार सब्जियों में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट (Anti-oxidant) और विटामिन (Vitamins) पाए जाते हैं जो मसल्स के लिए बेहतर कार्य करते हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां पाचन को भी सुधार देती हैं और आंत की सफाई करती है। इसलिए भरपूर मात्रा में पालक, गाजर, पत्ता गोभी, खीरा, ब्रोकली आदि का सेवन करें। 

 

भरपूर पानी पियें 

बवासीर की समस्या है तो दिन में 4 से 5 लीटर पानी का सेवन करें।  पानी शरीर को कई तरह के लाभ प्रदान करता है। भरपूर पानी पीने से शरीर में मौजूद विषैले पदार्थों को निकालने में आंत को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होती है। इसके अलावा खून का तापमान भी सामान्य रहता है जो बवासीर में फायदेमंद है| इससे कब्ज खत्म हो जाता है जिससे स्टूल पास करते वक्त आसानी होती है। पानी के अलावा आप कुछ अलग पेय पदार्थ भी इस्तेमाल कर सकते हैं जैसे खीरे का जूस, पालक का जूस आदि।

साबुत अनाज (whole grains)

साबुत अनाज का सेवन करने से बवासीर को ठीक करने में मदद मिलती है। आप चोकर युक्त पदार्थों का भी सेवन कर सकते हैं। साबुत अनाज का सेवन पाचन क्रिया में किसी प्रकार की परेशानी नहीं करता जिससे स्टूल पास आसानी से हो जाता है। ओटमील (Oatmeal), मल्टी ग्रेन ब्रेड (Multi Grain Bread), ब्राउन राइस आदि का सेवन करें। चोकर की रोटी खाएं क्योंकि इसमें भरपूर फाइबर पाया जाता है। 

 

ईसबगोल की भूसी (plantago ovata husk)

ईसबगोल की भूसी में फाइबर भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं जो कब्ज से छुटकारा दिलाते हैं। इसके अलावा यह शुष्क मल को भी भारी बनाती है जिससे स्टूल पास करते वक्त दर्द नहीं होता और स्टूल बिना किसी रुकावट के निकल जाता है। बवासीर से पीड़ित हैं तो ईसबगोल की भूसी को डाइट में शामिल करें। 

 

फलों का सेवन करें

ताजे और शुद्ध फल का सेवन करना बवासीर में लाभदायक हो सकता है। फलों को छिलके के साथ खाएं क्योंकि छिलके में सबसे ज्यादा फाइबर मौजूद होता है। फलों में कई तरह के विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं। सेब, केला, संतरा, अंगूर आदि फलों का सेवन करने से बवासीर में लाभ मिलता है। ये सभी फल त्वचा के लिए बहुत लाभदायक हैं। 

छाछ पियें 

छाछ का सेवन बवासीर में कई सारे लाभ पहुंचाता है। यह उत्तेजित नसों को शांत करता है जिससे ठंडक महसूस होती है। छाछ प्रोबायोटिक्स (Probiotics) की श्रेणी में आता है जिसके सेवन से सूजन की समस्या दूर होती है। एनस मार्ग में किसी प्रकार का इंफेक्शन हो गया है तो छाछ का सेवन करें।

अंकुरित अनाज खाएं

बवासीर में अधिक से अधिक विटामिन सी (Vitamin C), फाइबर (Fiber) और कैल्शियम (Calcium) युक्त पदार्थों का सेवन करना चाहिए। रोजाना आधा कटोरी अंकुरित अनाज का सेवन करना बहुत लाभदायक होगा। कच्चे अंकुरित अनाज खाने से बवासीर की समस्या बढ़ जाती है। इसलिए रात को सोने से पहले इन्हें पानी में भिगो दें और सुबह सेवन करें। इन्हें खाते वक्त ठीक से चबाएं।

दही

दही भी प्रोबायोटिक्स की कैटेगरी में आता है। दही का सेवन करने से बवासीर में कई तरह के लाभ मिलते हैं। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है जो मसल्स को टोन करता है। अगर एनस मार्ग में सूजन की समस्या है तो दही का सेवन अवश्य करें। दही का सेवन आप मिश्री के साथ कर सकते हैं। बवासीर की समस्या है तो खाली समय में हल्की-फुल्की भूख लगने पर दही का सेवन ही करें।

जीरा

आप इसे सब्जियों के साथ खा सकते हैं। बवासीर में जीरा अनेक प्रकार के लाभ पहुंचाता है। आंतों में कीड़ा है या एनस मार्ग में इंफेक्शन है तो जीरे का सेवन करें। भुने हुए जीरा का दो चम्मच पाउडर और एक गिलास गुनगुने पानी को साथ मिलाकर सेवन करें।  यह बुखार की समस्या से भी छुटकारा दिलाता है। एक चम्मच भुना हुआ जीरा और बराबर मात्रा में मिश्री को पीसकर चूर्ण चाटने से पाचन क्रिया बेहतर होती हैं।

अंजीर

बवासीर के खतरे को कम करना है तो अंजीर का सेवन करें। दो चम्मच पिसी हुई अंजीर को एक गिलास पानी में मिलाकर पीएं। इससे पाचन सुधरता है। अंजीर मसल्स और हड्डियों को भी मजबूत करती है। 

 

शिमला मिर्च (bell peppers)

शिमला मिर्च का सेवन बवासीर में फायदेमंद होता है। इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर होता है जो स्टूल को मुलायम बनाता है। शिमला मिर्च का सेवन करने से कब्ज की शिकायत नहीं होती है और स्टूल पास करते वक्त दिक्कत नहीं आती।

 

निष्कर्ष (Conclusion)

बवासीर की समस्या खान-पान में की गई लापरवाही और कब्ज की वजह से उत्पन्न होती है| इसलिए, इससे बचे रहने के लिए यह बहुत जरूरी है कि आप अपने खाने में तेल-मसाले, मिर्च और गरिष्ठ आहार का सेवन न करें| बवासीर के इलाज के बारे में ज्यादा जानने के लिए ये लेख पड़ सकते हैं – पाइल्स लेजर सर्जरी 

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