Coronavirus details in hindi

कोरोना वायरस क्या है (What is Coronavirus (COVID-19) in Hindi)

‘कोरोना वायरस’ वायरस का एक समूह है। इसकी इंफेक्शन की वजह से आपको बहुत सारी परेशानियां होती हैं जिसमें सर्दी, जुकाम, खांसी और सांस लेने में तकलीफ आदि शामिल हैं। कोरोना वायरस को इससे पहले कभी नहींं देखा गया है। डब्ल्यूएचओ (WHO – World Health Organization) ने कोरोना वायरस को COVID-19 नाम दिया है। इस वायरस में छह ऐसे वायरस होते हैं जो इंसान को इन्फेक्टेड कर सकते हैं।   

कोरोना वायरस आकार में बहुत ही छोटा होता है लेकिन इसका प्रभाव बहुत बड़ा है। इंसान के बाल की तुलना में यह वायरस 900 गुना छोटा होता है। तीन महीने के अंदर कोरोना वायरस इतनी तेजी से पूरी दुनिया में फैल गया है कि चारों तरफ इसके ऊपर चर्चा शुरू हो गयी है। लोग इसपर बात कर रहे हैं और कई देशों की सरकार इससे बचने के उपाय भी तलाश कर रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अब तक पूरी दुनिया में इस वायरस की वजह से लगभग 3200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों इससे इन्फेक्टेड (Infected) हैं। 

कोरोना वायरस का सबसे पहला मामला चीन के वुहान शहर में सामने आया था लेकिन पिछले कुछ दिनों में यह पूरी दुनिया में बहुत ही तेजी से फैल गया। इस वजह से काफी देशों की सरकार ने चीन से आने वाले टूरिस्ट पर रोक लगा दी है ताकि इस वायरस को ज्यादा फैलने से रोका जा सके। किसी भी व्यक्ति पर शक होने पर सरकारों ने एयरपोर्ट पर थर्मल स्कैनर (Thermol Scanner) के जरिए जांच करने के आदेश भी दिए हैं। 

डब्ल्यूएचओ ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि कोरोना वायरस सी-फूड (Sea-Food) से जुड़ा हुआ है। कोरोना वायरस कोई एक खास वायरस नहींं है बल्कि ढेर सारे वायरस का एक समूह है या फिर यूं कहें कि कोरोना वायरस वायरस का एक परिवार है। यह शरीर को डायरेक्ट प्रभावित (Direct Effect) करता है। इसके चपेट में बूढ़े और बच्चे सबसे पहले आते हैं क्योंकि इनका इम्यून सिस्टम (Immune System) बहुत कमजोर होता है जिसकी वजह से कोरोना वायरस से लड़ने की इनकी क्षमता भी कम होती है। 

लेकिन अभी जिस कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में डर और चिंता का माहौल बनाया है।  इसकी शुरुआत सांप से हुई है ऐसा बताया जा रहा है। कुछ वैज्ञानिक का यह भी मानना है कि  कोरोना वायरस की शुरुआत चमगादड़ से भी हो सकती है। क्योंकि चमगादड़ से होने वाले कोरोना वायरस और नए कोरोना वायरस के बिच 96% समानता (similarity) है। 

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कोरोना वायरस की शुरुआत कैसे हुई? (How did the Coronavirus (COVID-19) Start in Hindi)

रिसर्च के मुताबिक लगभग सभी खतरनाक बीमारियों की शुरुआत किसी ना किसी जानवर से ही होती है। वह बीमारी जानवर से इंसान में फैलती है और फिर इंसान से इंसान में। एक समय के बाद वह बीमारी इतना फैल जाती है कि यह एक महामारी (epidemic) का रूप भी ले लेती है। 

कोरोना वायरस की शुरुआत चीन के वुहान शर से हुई है जिसकी सबसे पहली खबर 31 दिसंबर 2019 को सामने आई थी। यह वायरस भी अभी महामारी का रूप ले रहा है क्योंकि  दुनिया के दूसरे देशों में यह बहुत तेजी से फैल रहा है। जिसमें ईरान, थाईलैंड, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन, अमरीका, फिलीपींस, नेपाल, पाकिस्तान, भारत के साथ साथ  दूसरे लगभग 70 देशों का नाम शामिल हैं। यह वायरस इंसान के साथ-साथ काफी जानवरों के बीच भी फैल रहा है जिसमें चमगादड़, बिल्ली और ऊंट शामिल हैं। डब्ल्यूएचओ पहले ही इस वायरस को इमरजेंसी (Emergency) घोषित कर चुका है। 

2 मार्च 2020 को भारत में ऐसे दो लोगों की खबर आई जो कोरोना वायरस से इन्फेक्टेड थे। जिनमें से एक दिल्ली का रहने वाला है और दूसरा तेलांगाना का। रिपोर्ट में यह बताया गया कि एक व्यक्ति कुछ ही दिन पहले दुबई से आया था और दूसरा व्यक्ति इटली से आया था। डॉक्टर का ऐसा मानना है कि इन दोनों को यात्रा के दौरान ही इंफेक्शन हुआ है। इस मामले में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि मात्र दो दिन के अंदर ही भारत में कोरोना वायरस से इन्फेक्टेड लोगों की संख्या दो से बढ़कर 28 पर पहुंच चुकी हैं। 

अब तक इस नए कोरोना वायरस से इन्फेक्टेड 90% लोग चीन के एक ही शहर वुहान के हैं। चीनी सरकार ने इस शहर में लोगों के आने जाने को लेकर पाबंदी लगा दी है ताकि वायरस को फैलने से रोका जा सके। 

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कोरोना वायरस के लक्षण (Symptoms of Coronavirus (COVID-19) in Hindi)

जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं कि कोरोना वायरस कोई एक वायरस नहींं बल्कि ढेर सारे वायरस का समूह है। कोरोना वायरस के लक्षण नीचे दिए हुए हैं: 

  • सर्दी होना।  
  • खांसी होना।  
  • बुखार होना।  
  • गले में खराश होना।  
  • ठंड लगना। 
  • सांस लेने में तकलीफ होना। 
  • नाक बहना। 

ये सभी नए कोरोना वायरस के लक्षण हैं। यह वायरस एक से दूसरे व्यक्ति में बहुत ही आसानी से फैल सकता है। इसलिए इससे बचने के लिए सावधानी बरतनी बहुत जरूरी है। कॉमन फ्लू (Common Flu) और कोरोना वायरस के लक्षण लगभग एक जैसे होते हैं। जिसकी वजह से डॉक्टर को इस बात को समझने में परेशानी हो सकती है कि मरीज को नॉर्मल फ्लू है या फिर वह नए कोरोना वायरस से पीड़ित है। कोरोना वायरस के ज्यादा बढ़ जाने की वजह से मरीज को निमोनिया भी हो सकता है। 

अब सवाल यह है कि आखिर डॉक्टर पहचानते कैसे हैं कि एक मरीज को नॉमर्ल फ्लू हुआ है या नए कोरोना वायरस का इंफेक्शन। तो इसका जवाब बहुत ही आसान है। नए कोरोना वायरस का पता लगाने के लिए डॉक्टर एक लेबोरेटरी टेस्ट (Laboratory Test) करते हैं जिसकी मदद से वे इस बात का अच्छे से पता लगा पाते हैं कि मरीज को असल में कौन सी बीमारी है। 

नए कोरोना वायरस का Incubation Period 2 से 11 दिन का होता है। इसका मतलब यह हुआ कि अगर आप इस वायरस से इन्फेक्टेड हैं तो इसके लक्षण को सामने आने में दो से ग्यारह दिन का समय लग सकता है। इसके बाद आप जान पाते हैं कि आप कोरोना वायरस से इन्फेक्टेड हैं।  

अगर आप पिछले दो हफ्ते के अंदर चीन, ईरान या दूसरे उन देशों में नहीं गए हैं, इस वायरस से इन्फेक्टेड किसी दूसरे इंसान के संपर्क में नहींं आए हैं या फिर उन जगहों पर नहीं गए हैं जहां इस वायरस के फैलने के चांसेस बहुत ज्यादा हैं तो फिर आपको घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि आपको यह नया कोरोना वायरस नहीं हुआ है। 

अगर आप फिर भी अपने अंदर इन सभी लक्षणों को देख रहे हैं तो शायद आप नॉर्मल फ्लू से पीड़ित हो सकते हैं। लेकिन बिना लापरवाही किए आपको तुरंत डॉक्टर से मिलकर इसकी जांच और इलाज कराना चाहिए। 

कोरोना वायरस कितना खतरनाक है (How Dangerous is Coronavirus (COVID-19) in Hindi)

यह वायरस कितना खतरनाक है, इस बात को इससे इन्फेक्टेड लोगों की संख्या, इससे मरे हुए लोगों की संख्या और कितनी तेजी से यह वायरस दूसरे लोगों और देशों में फैल रहा है, इन चीजों को देखकर, इसके खतरे का अंदाजा लगाया जा सकता है।

अब तक यानी कि 3 मार्च 2020 तक, इस बीमारी से लगभग 85,000 लोग इन्फेक्टेड हो चुके हैं। इसमें से 3150 लोगों की मौत हो चुकी है। अगर आप इस वायरस से इन्फेक्टेड हैं तो आपके ठीक होने के चांसेस है। लेकिन यह बात भी सामने आई है कि अब तक जिन लोगों की भी इस बीमारी से मौत हुई है, वो या तो बच्चे थे या फिर बूढ़े और इन सबका इम्यून सिस्टम बहुत ही कमजोर था। 

इम्यून सिस्टम कमजोर होने के अलग-अलग कारण हो सकते हैं लेकिन जो बात सब में कॉमन है वो यह कि इस वायरस की वजह से मरे हुए सभी लोगों का इम्यून सिस्टम बहुत कमजोर था।

कोरोना वायरस का इंफेक्शन कैसे फैलता है (How the Infection of Coronavirus (COVID-19) Spreads in Hindi)

नए कोरोना वायरस का इंफेक्शन उन लोगों के डायरेक्ट संपर्क में आने से फैलता है जो इस वायरस से इन्फेक्टेड होते हैं जैसे की इस वायरस से इन्फेक्टेड व्यक्ति से हाथ मिलाना, उसके साथ बैठा, खाना खाना, उसके छींकने और खांसने पर। साथ ही उन चीजों के छूने से भी फैलता है जहां इसके वायरस मौजूद होते हैं जैसे की टिकट काउंटर, दरवाजा, दरवाजे की घंटी या कुंडी को छूना और बर्तन या बिस्तर को शेयर करना। 

इससे बचने का बहुत ही आसान उपाय है। हम सर्दी, जुकाम और खांसी से बचने के लिए जिन उपायों का इस्तेमाल करते हैं, उन्हीं उपायों का इस्तेमाल हम कोरोना वायरस से बचने के लिए भी कर सकते हैं। मास्क का इस्तेमाल करना जिससे मुंह और नाक ढंके रहेंगे और साथ ही जो लोग इस वायरस से इन्फेक्टेड हैं उनके संपर्क में आने से बचना। 

World Health Organization (WHO) ने कुछ दिशा निर्देश दिए हैं जिनको फॉलो कर आप खुद को इस वायरस के इंफेक्शन से रोक सकते हैं।

  • अपने हाथों को समय समय पर अच्छे से धोएं।
  • जब भी आपको छींक या खांसी आए तो टिशू पेपर या रुमाल का इस्तेमाल करें।
  • अगर आपके पास टिशू पेपर या रुमाल नहीं है तो खांसते या छींकते समय अपनी कोहनी का इस्तेमाल करें। इससे फायदा यह होगा कि वायरस चारों तरफ नहीं फैलेंगे बल्कि एक ही जगह सीमित रह जाएंगे। 

कोरोना वायरस से इन्फेक्टेड होने की ही स्थिति में नहीं बल्कि अगर आपको साधारण खांसी और जुकाम है तब भी आप को इस तरीके का इस्तेमाल करना चाहिए ताकि बीमारी या वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में ना फैलें। साथ ही डब्ल्यूएचओ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मास्क लगाने से ज्यादा बेहतर है कि अपने हाथों को समय-समय पर साबुन से धोएं। इससे इंफेक्शन होने का खतरा (Risk) खत्म हो जाता है। आप मास्क भी लगा सकते हैं लेकिन उन लोगों के लिए मास्क लगाना सबसे ज्यादा जरूरी हैं जो इस वायरस से इन्फेक्टेड हैं। 

अगर आप इस वायरस से इन्फेक्टेड नहीं हैं लेकिन मास्क लगाकर घूमते हैं और उसी जगह पर एक दूसरा व्यक्ति है जो इस वायरस से इन्फेक्टेड हैं लेकिन उसने मास्क नहीं लगाया है। तो क्या आपके मास्क लगाने से कोई फर्क पड़ेगा?

जो लोग इस वायरस से इन्फेक्टेड हैं, उन्हें जरूर मास्क लगाना चाहिए। इससे फायदा यह होगा कि जब भी उन्हें छींक या खांसी आने पर इनके शरीर में मौजूद वायरस बाहर नहीं आ पाएंगे और जब वो बाहर नहीं आएंगे तो फिर दूसरे लोगों उनके फैलने के चांसेस खत्म हो जाएंगे। इस तरीके से इस वायरस को महामारी का रूप लेने से रोका जा सकता है। कुल मिलाकर, जो लोग इस वायरस से इन्फेक्टेड नहीं हैं वो बिल्कुल मास्क लगा सकते हैं लेकिन जो लोग इस वायरस से इन्फेक्टेड हैं, उन्हें जरूरी तौर पर मास्क लगाना ही चाहिए। 

कोरोना वायरस का इलाज (Treatment of Coronavirus (COVID-19) in Hindi)

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कोरोना वायरस के तरह-तरह के इलाज का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। हर किसी के पास कोई ना कोई इलाज का तरीका मौजूद हैं लेकिन सबसे खास बात यह है कि क्या इनमें से किसी भी इलाज के तरीके पर भरोसा किया जा सकता है? 

जो लोग इलाज के तरीकों को बता रहे हैं, ये लोग कौन हैं? इलाज के ये तरीके कितने सही हैं? किस हद तक इनपर भरोसा किया जा सकता है? किसी के भी भटकाव में आने की जरुरत नहीं है। साथ ही किसी भी चीज को इसके इलाज के तौर पर अपनाने से पहले आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए की वो कितना प्रामाणिक है और डॉक्टर का उसके बारे में क्या कहना है। 

  • कुछ अदरक को इसका इलाज बता रहा हैं।
  • कुछ बता रहे हैं कि लहसुन खाने से यह ठीक हो सकता है ।
  • कोई योग से इसे ठीक करने की बात कर रहा है।
  • कोई बता रहा है कि जड़ी बूटी खाने से यह ठीक हो सकता है।
  • कोई बता रहा है ऑर्गेनिक तेल पीने से कोरोना वायरस खत्म हो सकता है। 
  • कुछ बता रहे हैं कि गौमूत्र और गाय के गोबर से यह इस वायरस को खत्म किया जा सकता है। 

जबकि सच्चाई यह है कि इस वायरस से बचने के लिए अभी तक किसी भी वैक्सीन, दवाई या इलाज का पता नहीं लगाया गया है। फिलहाल इतना कहा जा सकता है कि अगर आपका इम्युन सिस्टम (Immune System) मजबूत है तो यह कोरोना वायरस से लड़ सकता है और आप ठीक हो जाएंगे। दुनियाभर में डॉक्टर इस समय कोरोना वायरस के इलाज का पता लगाने में व्यस्त हैं। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि लगभग एक साल के अंदर इसका वैक्सीन बना लिया जाएगा। 

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कोरोना वायरस से बचने के उपाय (Prevention of Coronavirus (COVID-19) in Hindi)

  • समय समय पर अपने हाथ को साबुन से धोते रहें। 
  • अल्कोहल-बेस्ड सेनिटाइजर हमेशा अपने साथ रखें।
  • उन चीजों को छूने से बचें जिनमें इंफेक्शन होने के चांसेस हों जैसे की टिकट काउंटर, सीढ़ी, हैंडरेल और दरवाजे की कुंडी।
  • हाथ धोने से पहले अपने आंख, नाक और चेहरे को ना छुएं।
  • लोगों के साथ शारीरिक रूप में मिलने से बचें।
  • जिन जगहों को आप छूते रहते हैं उन्हें समय समय पर साफ करते रहें।
  • जिन्हें सर्दी और खांसी है उनके संपर्क में ना आएं।
  • अगर आपके काम करने वाली जगह पर किसी को कोरोना वायरस का इंफेक्शन है तो आप घर पर रुकें।
  • दूसरों के साथ बर्तन, कपड़े और बिस्तर शेयर करने से बचें।
  • खांसते या छींकते समय अपने मुंह और नाक को ढक लें।
  • अंडे और मांस खाने से बचें।
  • अच्छे से सांस लेने की कोशिश करें।
  • जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचे।
  • अगर आपको बुखार, खांसी और सांस लेने में परेशानी आए तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। 

एबीपी न्यूज से बात करते हुए योग गुरु बाबा रामदेव ने कोरोना वायरस पर बात करते हुए कहा कि “वायरस आसमान से उड़कर नहींं बल्कि इन्फेक्टेड व्यक्ति के संपर्क में आने से होता है। इसलिए किसी को घबराने की कोई जरूरत नहींं है। आपको बस इतना ध्यान रहना है कि आप उन लोगों या चीजों के संपर्क में ना आएं जिससे यह वायरस फैलने का ख़तरा हो सकता है। मैं अभी मलेशिया और ऑस्ट्रेलिया से आया हूं लेकिन मुझे तो कुछ भी नहीं हुआ।”

आगे बात करते हुए उन्होंने यह भी बताया कि ये बात सच है कि अभी इस वायरस का कोई इलाज मौजूद नहीं है लेकिन कुछ उपाय जरूर हैं जिनकी मदद से आप इस वायरस से खुद को बचा सकते हैं। इसमें सबसे पहला उपाय है अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाना है। जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) कम हैं उनका इस वायरस के कारण मरने की संभावना ज्यादा है। इम्युनिटी को बढ़ाने के लिए आप अनुलोम-विलोम, भस्त्रिका, कपालभाति प्राणायाम करें और साथ ही गिलोय, तुलसी, हल्दी और काली मिर्च को उबाल कर पिएं। इससे सर्दी-जुकाम जल्दी ठीक हो जाते हैं। 

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अगर आप कोरोना वायरस से इन्फेक्टेड हो गए तो क्या करना चाहिए?

  • अगर आपको खुद में कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई दें तो घर के अंदर रहें।
  • तुरंत अपने आसपास के हॉस्पिटल में जाएं एयर डॉक्टर से मिलें।
  • अच्छे से जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह को फॉलो करें।
  • लोगों के संपर्क में आने से बचें ताकि यह वायरस दूसरों में ना फैले।

Sources

 

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Updated on 13th June 2025

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