यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) एक आम संक्रमण है, जो यूरिनरी सिस्टम के किसी हिस्से को प्रभावित कर सकता है। महिलाओं में UTI का खतरा पुरुषों की तुलना में अधिक होता है, क्योंकि महिलाओं का यूरेथ्रा छोटा होता है और बैक्टीरिया के ब्लैडर तक पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि, हर महिला को जीवन में UTI होना जरूरी नहीं है।
UTI होने पर सही जांच और डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज जरूरी है। खान-पान और पर्याप्त पानी पीना लक्षणों से राहत और हाइड्रेशन में मदद कर सकता है, लेकिन केवल डाइट से बैक्टीरियल UTI का इलाज नहीं किया जा सकता।
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UTI के सामान्य लक्षण क्या हैं?
ब्लैडर इंफेक्शन या UTI में नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
- पेशाब करते समय दर्द या जलन
- बार-बार या अचानक पेशाब लगना
- थोड़ी मात्रा में बार-बार पेशाब आना
- पेट के निचले हिस्से में दर्द या असहजता
- पेशाब का धुंधला, गहरा या तेज गंध वाला होना
- पेशाब में खून आना
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UTI होने पर क्या पीना चाहिए?
1. पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
UTI के दौरान पर्याप्त तरल पदार्थ लेना शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है। पानी सबसे अच्छा विकल्प है। हालांकि, हर व्यक्ति के लिए एक निश्चित मात्रा जैसे “12 गिलास पानी” जरूरी नहीं है। अगर आपको किडनी या हार्ट की कोई बीमारी है और डॉक्टर ने तरल पदार्थ सीमित करने को कहा है, तो पानी की मात्रा डॉक्टर की सलाह के अनुसार रखें।
2. कॉफी और शराब को सीमित करें
कॉफी, शराब और कुछ अन्य पेय पदार्थ ब्लैडर में जलन बढ़ा सकते हैं। अगर इनसे पेशाब में जलन या बार-बार पेशाब आने की समस्या बढ़ती है, तो UTI के दौरान इनका सेवन कम करना बेहतर हो सकता है।
3. क्रैनबेरी जूस के बारे में
क्रैनबेरी प्रोडक्ट्स को कुछ लोगों में बार-बार होने वाले UTI की रोकथाम के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन मौजूदा UTI का इलाज करने के लिए क्रैनबेरी जूस प्रभावी साबित नहीं हुआ है। इसलिए इसे एंटीबायोटिक या डॉक्टर द्वारा बताए गए उपचार का विकल्प नहीं मानना चाहिए।
UTI में क्या खाना चाहिए?
UTI को ठीक करने के लिए किसी खास “UTI डाइट” की जरूरत नहीं होती। संतुलित आहार लें और पर्याप्त तरल पदार्थ लेते रहें। NIDDK के अनुसार, डाइट से मौजूदा ब्लैडर इंफेक्शन का इलाज होने के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं।
- ताजे फल और सब्जियां
- साबुत अनाज और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ
- दाल, बीन्स, अंडे या अन्य प्रोटीन स्रोत
- दही या अन्य सामान्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ, यदि वे आपको सूट करते हों
- पर्याप्त पानी और अन्य उपयुक्त तरल पदार्थ
संतरा, नींबू या अन्य खट्टे फलों को हर व्यक्ति के लिए पूरी तरह बंद करना जरूरी नहीं है। हालांकि, अगर किसी खाद्य या पेय पदार्थ से आपकी ब्लैडर जलन या पेशाब की जलन बढ़ती है, तो उसे कुछ समय के लिए कम किया जा सकता है।
UTI में किन चीजों से परहेज करें?
- शराब का अधिक सेवन
- बहुत अधिक कैफीन, खासकर यदि इससे जलन बढ़ती हो
- ऐसे पेय या खाद्य पदार्थ जो आपको व्यक्तिगत रूप से ब्लैडर में जलन देते हों
- बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं
मिर्च-मसालेदार भोजन हर व्यक्ति में UTI को खराब करता है, ऐसा साबित नहीं है। लेकिन अगर मसालेदार भोजन से आपको ब्लैडर में जलन या असहजता बढ़ती है, तो इसे सीमित करना उपयोगी हो सकता है।
UTI में क्या सावधानियां रखें?
- पेशाब की इच्छा होने पर बहुत देर तक पेशाब न रोकें।
- पेशाब करते समय ब्लैडर को पूरी तरह खाली करने की कोशिश करें।
- महिलाएं टॉयलेट के बाद आगे से पीछे की ओर सफाई करें।
- सेक्स के बाद जल्द पेशाब करना कुछ महिलाओं में UTI के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।
- जननांग क्षेत्र को साफ और सूखा रखें तथा तेज सुगंध वाले प्रोडक्ट्स से बचें।
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UTI का इलाज कैसे किया जाता है?
UTI का इलाज उसके कारण और संक्रमण की गंभीरता पर निर्भर करता है। बैक्टीरियल ब्लैडर इंफेक्शन में डॉक्टर जरूरत के अनुसार एंटीबायोटिक दे सकते हैं। हर UTI में एंटीबायोटिक जरूरी नहीं होता, इसलिए बिना जांच या डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक शुरू नहीं करना चाहिए।
अगर डॉक्टर ने एंटीबायोटिक लिखी है, तो उसे निर्धारित तरीके और अवधि के अनुसार लें। लक्षण बेहतर होने पर भी दवा को अपने आप बीच में बंद न करें।
UTI कब गंभीर हो सकता है?
इलाज न होने पर कुछ ब्लैडर इंफेक्शन किडनी तक फैल सकते हैं। अगर UTI के साथ बुखार, ठंड लगना, मतली या उल्टी, या पीठ/कमर के किनारे तेज दर्द हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
गर्भावस्था के दौरान UTI के लक्षण होने पर भी डॉक्टर से जल्द संपर्क करना जरूरी है, क्योंकि गर्भावस्था में ब्लैडर इंफेक्शन के किडनी तक फैलने का जोखिम अधिक हो सकता है।
निष्कर्ष
UTI के दौरान पर्याप्त पानी पीना, पेशाब न रोकना और संतुलित आहार लेना मददगार हो सकता है, लेकिन केवल खान-पान से बैक्टीरियल UTI का इलाज नहीं किया जा सकता। क्रैनबेरी या किसी घरेलू उपाय को एंटीबायोटिक या डॉक्टर द्वारा बताए गए उपचार का विकल्प न मानें। लक्षण बने रहने, बढ़ने या बार-बार UTI होने पर डॉक्टर से जांच और उचित उपचार कराना जरूरी है।
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डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। UTI के लक्षण होने पर डॉक्टर से परामर्श लें। गर्भावस्था, बार-बार UTI, पेशाब में खून, तेज दर्द, बुखार या किडनी इंफेक्शन जैसे लक्षण होने पर जल्द चिकित्सा सहायता लें।