Kidney stone

अचानक से मनोज को बार-बार पेशाब आने लगी। मनोज कहते हैं, “शुरुआत में मैंने इस बात को सामान्य समझा लेकिन जब यह किस्सा हर रोज का हो गया तो मैंने एक अच्छे यूरोलाजिस्ट से अपनी जांच कराने का निर्णय लिया और Pristyn care के वरिष्ठ urologist डॉक्टर रोहित कौशल से मिला।”

जब मनोज ने अपने लक्षण बताए तो डॉक्टर ने पथरी की जांच करने का निर्णय लिया। हर तरह के टेस्ट से गुजरने के बाद डॉक्टर ने मनोज को बताया, “आपके गुर्दे में छोटे-छोटे पत्थर मिले हैं जिसे हम किडनी स्टोन (Kidney stone) के नाम से जानते हैं।”

मनोज यह सुनकर परेशान हो गया, उसने डॉक्टर से कई किस्म के सवाल किये।

डॉक्टर ने उन्हें धैर्य रखने को कहा और समझाया, “किडनी के भीतर नमक या मिनरल्स इकट्ठा होकर ठोस रूप धारण कर लेते हैं जिन्हें किडनी स्टोन कहा जाता है। किडनी स्टोन छोटे-बड़े हर आकार में हो सकते हैं। इसे पथरी भी कहा जाता है। अगर स्टोन का आकार छोटा हुआ तो, वे पेशाब के माध्यम से आसानी से बाहर निकल सकते हैं।“

किडनी स्टोन के प्रकार (Types of kidney Stones in Hindi)

स्ट्रूवाइट स्टोन – Struvite Stone

इस प्रकार की पथरी ज्यादातर उन महिलाओं में पाई जाती है जिनके गुर्दे (Kidney) और यूरिन मार्ग (urinary tract) में संक्रमण होता है। यह किडनी स्टोन बड़े आकार के हो सकते हैं, जो  पेशाब करते वक्त समस्या उत्पन्न करते हैं।

कैल्शियम स्टोन (Calcium Stone)

ज्यादातर रोगियों में कैल्शियम स्टोन पाया जाता है। इस प्रकार की पथरी कैल्शियम ऑक्सलेट (Calcium Oxalate) के कारण होती है। जब हम उन चीजों का सेवन अधिक कर लेते हैं जिनमें कैल्शियम ऑक्सलेट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, (जैसे- पालक, कोकोआ, कॉफी, जौ का आटा, बादाम, काजू, स्वीट पोटैटो आदि) तब इस प्रकार की पथरी होती है।

सिस्टीन स्टोन (Cystine stone)

सिस्टीन स्टोन होने के मामले बहुत कम होते हैं। सिस्टीन शरीर में मौजूद एक प्रकार का एसिड है जिसकी वजह से पथरी की समस्या होती है। यह अनुवांशिक विकार है जिसे सिस्टीनुरिया (Cystinuria) कहा जाता है।

यूरिक एसिड स्टोन (Uric Acid Stone)

इस प्रकार की पथरी उन लोगों को होती है जिन्हें गठिया की समस्या है। जब मूत्र (Urine) में यूरिक एसिड की मात्रा अधिक होने लगती है तब यूरिक एसिड स्टोन की समस्या होती है। प्यूरिन (purine) युक्त आहार का अधिक सेवन करने पर गठिया और यूरिक एसिड स्टोन की समस्या होती है। 

किडनी स्टोन के लक्षण (Symptoms Of kidney stone in Hindi)

  • किडनी स्टोन के कारण तेज दर्द का सामना करना पड़ सकता है। यह दर्द पीठ की तरफ या फिर पेट के निचले हिस्से में उठता है। शुरुआत में दर्द सहन योग्य होता है लेकिन अचानक यह दर्द तेज हो जाता है। 
  • यूरिन में खून आने की समस्या।
  • कई बार पेशाब आना।
  • पेशाब के रंग में बदलाव। पथरी होने पर पेशाब का रंग भूरा या लाल हो सकता है।
  • यूरिन से अजीब तरह की गंध निकलना।
  • बुखार और उल्टी।
  • यूरिन मार्ग में संक्रमण।

किडनी स्टोन के कारण (Causes of kidney stone in Hindi)

दवाइयों का सेवन 

कैल्शियम की दवाइयों का सेवन करने से पथरी की समस्या हो सकती है। विटामिन डी और विटामिन ए भी कैल्शियम युक्त होते हैं जो पथरी का कारण बनते हैं। एचआईवी (HIV) के इलाज में जिन दवाइयों का इस्तेमाल किया जाता है, उनसे भी पथरी की समस्या होती है।

पानी की कमी

शरीर में पानी की कमी किडनी स्टोन का कारण बन सकती है। किडनी जब मिनरल्स का फिल्ट्रेशन (Filteration) करती है तो उसे पानी की पर्याप्त जरूरत होती है। इसलिए पानी की कमी के कारण किडनी स्टोन होने की आशंका बढ़ जाती है।

पुरानी बीमारियां 

अगर आप सिस्टिक फाइब्रोसिस (Cystic Fibrosis), इंफ्लेमेट्री बाउल डिजीज (Inflammatory Bowel Disease), और ट्यूबलर एसिडोसिस (Tubular acidosis) जैसी बीमारियों से परेशान थे तो किडनी स्टोन होने का खतरा अधिक है।

अधिक उम्र

30 से अधिक उम्र होने पर किडनी स्टोन होने का खतरा बढ़ जाता है। सबसे ज्यादा किडनी स्टोन की समस्या 50 से अधिक उम्र उम्र के लोगों में देखी जाती है। 

एस्ट्रोजन की कमी

वे महिलाएं जिनके शरीर में एस्ट्रोजन (Estrogen) की कमी है, उन्हें पथरी की समस्या हो सकती है। इसके अलावा कई महिलाएं जिनका अंडाशय निकला हुआ है, उन्हें भी गुर्दे की पथरी हो सकती है। 

आपका आहार

ऐसे आहार जिनमें प्रोटीन, ग्लूकोज, नमक और कैल्शियम अधिक मात्रा में पाए जाते हैं, उनका सेवन कम कर देना चाहिए अन्यथा आपको किडनी स्टोन की समस्या हो सकती है।

किडनी स्टोन का परीक्षण (Kidney stone Diagnosois in Hindi)

ब्लड टेस्ट – Blood test

समय-समय पर अपने खून की जांच करवाते रहें। इससे आपको खून में मौजूद कैल्शियम और यूरिक एसिड की मात्रा का पता रहेगा। अगर खून में कैल्शियम और यूरिक एसिड की मात्रा अधिक है तो डॉक्टर से मिलें। अगर पहले से ही किडनी स्टोन की समस्या है तो डॉक्टर ब्लड टेस्ट करवा सकते हैं।

पेशाब की जांच – Urine Test

जांच के लिए डॉक्टर एक दिन पुराने पेशाब (यूरिन) की मांग कर सकते हैं। अगर आपके यूरिन में ऐसे तत्व हैं जो किडनी स्टोन का कारण हैं तो हो सकता है आपको किडनी स्टोन की समस्या है।

किडनी स्टोन का घरेलू इलाज (Home remedies for Kidney Stone in Hindi)

नींबू और जैतून का तेल

नींबू और जैतून के तेल से किडनी स्टोन की समस्या को दूर किया जा सकता है। कैल्शियम की वजह से होने वाले किडनी स्टोन से छुटकारा पाने के लिए यह सबसे सरल और आसान तरीका है। नींबू में साइट्रिक एसिड (Citric Acid) पाई जाती है जो कैल्शियम से बने पत्थरों को तोड़ने में मदद करती है। 

तीन से चार बड़े चम्मच नींबू के रस में बराबर मात्रा में जैतून का तेल मिलाएं। अब इस मिश्रण को पानी में मिलाएं और पानी गुनगुना करके पीएं। इस पानी को रोजाना दिन में दो से तीन बार पियें। 

अनार

अनार के दाने एस्ट्रिंजेंट (Astringent) गुण से भरपूर होते हैं जो गुर्दे की पथरी (kidney stone) को दूर करने में सहायता  करते हैं। रोज़ाना एक अनार का सेवन करें या फिर एक गिलास अनार का जूस पियें।

अनार के दानों को ग्राइंडर की मदद से पीस लें और चने की दाल के साथ मिलाकर सेवन करें। ऐसा करने से भी किडनी की पथरी से छुटकारा मिलता है।

तुलसी

किडनी के लिए तुलसी का सेवन फायदेमंद होता है। तुलसी के सेवन से किडनी स्टोन यूरिन के रास्ते बाहर निकल जाते हैं।

एक चम्मच तुलसी का रस और उसके साथ एक चम्मच शहद मिलाकर सुबह खाली पेट सेवन करें। ऐसा सिर्फ 2 से 3 महीने तक करने से किडनी स्टोन की समस्या दूर होती है।

आप तुलसी की तीन से चार पत्तियों को खाली चबा सकते हैं। इसके अलावा एक गिलास पानी में चार से पांच तुलसी की पत्तियां डालकर पानी को उबालें और ठंडा हो जाने के बाद एक चम्मच शहद मिलाकर पानी का सेवन करें।

सेब का सिरका

सेब का सिरका एल्कलाइन (Alkaline) होने के कारण किडनी में पथरी को खत्म करने की क्षमता रखता है। रोजाना दो चम्मच सेब के सिरके के साथ बराबर मात्रा में शहद मिलाएं और पानी के साथ सेवन करें। इस उपाय को सुबह खाली पेट आजमाने से कुछ ही दिनों में किडनी स्टोन से छुटकारा मिलता है। 

राजमा

राजमा फाइबर युक्त होता है जिससे यह यूरिन मार्ग (Urinary Tract) और किडनी से संबंधित कई बीमारियों से छुटकारा दिलाता है। 

राजमा को पानी में डालकर उबालें। अब इसे ठंडा होने के लिए रख दें, फिर छानकर राजमा का सेवन करें। इस मिश्रण को एक बार बना लेने के बाद 24 घंटे के अंदर पी लें। दरअसल 24 घंटे के बाद राजमा अपना औषधीय गुण खो देता है और बाद में इस्तेमाल करने पर इसका कोई फायदा नहीं होता। 

तरबूज

किडनी रोग से बचने के लिए तरबूज फायदेमंद है। यह नमक और विषैले खनिज पदार्थों से किडनी को बचाता है। तरबूज में बहुत अधिक पानी होता है जो किडनी को तरोताजा रखता है। रोजाना तरबूज के सेवन से किडनी स्टोन के इलाज में मदद मिलती है। 

अगर आपको तरबूज पसंद नहीं तो इनके बीजों को चाय में डालकर सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा तरबूज के बीजों को पानी में उबालकर पीने से भी किडनी की पथरी में लाभ मिलता है।

सिंहपर्णी की जड़

किडनी स्टोन से छुटकारा पाने के लिए सिंहपर्णी की जड़ बहुत फायदेमंद है। यह हमारे पाचन तंत्र को मजबूत बनाकर शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है। कुछ महीनों तक सिंहपर्णी का इस्तेमाल करने से पूरा शरीर शुद्ध हो जाता है। 

सिंहपर्णी की जड़ को चाय में उबालकर सेवन कर सकते हैं। सिंहपर्णी की जड़ का जूस भी बनाया जा सकता है। जूस में थोड़ी मात्रा में अदरक और संतरे का छिलका अवश्य मिलाएं। रोजाना सिंहपर्णी के जूस का दो से तीन कप सेवन करने पर कुछ ही दिनों में किडनी की पथरी गायब हो जाती है।

गेंहू के जवारे 

गेहूं के जवारे का जूस किडनी के लिए बहुत फायदेमंद है। जवारे के जूस में थोड़ी मात्रा में नींबू और तुलसी मिलाकर पीने से किडनी स्टोन में बहुत लाभ मिलता है। यह क्लोरोफिल (Chlorophyll) और अमीनो एसिड (Amino acid) का सबसे अच्छा सोर्स (Source) है। 

धनिया पत्ती

धनिया हमारे पूरे शरीर को डिटॉक्स (detox) करता है साथ ही यह पथरी तोड़ने में भी सक्षम है। पथरी के इलाज के लिए 2 लीटर पानी में 50 ग्राम धनिया की पत्ती बारीक मात्रा में काट कर डालें। अब इस मिश्रण को अच्छी तरह से उबालें। ठीक तरह से उबल जाने के बाद इसे ठंडा होने के लिए रख दें। ठंडा होने के बाद छानकर इसका सेवन करें। 

नारियल पानी

नियमित रूप से नारियल पानी का सेवन करने पर कुछ ही दिनों में पथरी गल के अपने आप बाहर निकल जाएगी।

करेला और छाछ

करेले के जूस का छाछ के साथ सेवन करने से गुर्दे की पथरी से छुटकारा मिलता है। करेले में मौजूद लाभदायक तत्व किडनी के कार्य क्षमता को बढ़ाते हैं तथा इसे मजबूत बनाते हैं। 

जीरा और शहद

जीरा को सुनहरा होने तक भूनें, फिर पीस लें। अब इस पाउडर को शहद के साथ मिलाकर चाटें। इसमें मौजूद यौगिक तत्व किडनी स्टोन दूर करने में सहायता प्रदान करते हैं।

मूली

किडनी की पथरी दूर करने के लिए मूली का इस्तेमाल करना, सबसे सरल उपाय है। खाना खाते वक्त रोजाना एक मूली का सेवन करें। ऐसा करने से किडनी स्टोन की समस्या दूर होगी।

जामुन

जामुन का सेवन करने से भी किडनी स्टोन की समस्या से छुटकारा मिलता है। आप जामुन के जूस का सेवन भी कर सकते हैं।

गाजर

अगर कैल्शियम ऑक्सलेट की अधिक मात्रा के कारण पथरी की समस्या हुई है तो गाजर का सेवन अवश्य करें। गाजर में कैल्शियम ऑक्सलेट को तोड़ने के गुण मौजूद होते हैं। अगर गाजर के जूस के साथ दो चम्मच नींबू का रस मिला दिया जाए तो यह अधिक फायदेमंद होगा।

इलायची

इलायची के सेवन से कब्ज से छुटकारा मिलता है और पाचन शक्ति में सुधार होता है। इलायची किडनी की सफाई करती है जिससे किडनी की कार्य क्षमता बेहतर हो जाती है। इसलिए रोजाना दो इलायची अच्छी तरह से चबाकर खाएं।

जब डॉक्टर रोहित ने मनोज को किडनी स्टोन से जुड़ी ऊपर दी गई सभी बातें बताई, तब मनोज ने लेजर ट्रीटमेंट का चयन किया और कुछ ही घंटे बाद वे दर्द रहित ट्रीटमेंट के बाद दुरुस्त दिख रहे थे|

इमेजिंग टेस्ट – Imaging Test

इमेजिंग टेस्ट पथरी का पता लगाने के लिए बेहतरीन जांच है। एक्स रे (X-Ray), अल्ट्रासाउंड (Ultrasound), सीटी स्कैन (CT Scan) जैसे कई टेस्ट की मदद से हम किडनी स्टोन का पता लगा सकते हैं। ब्लड और यूरिन टेस्ट के बाद डॉक्टर इमेजिंग टेस्ट की सलाह देते हैं।

किडनी स्टोन का इलाज – Treatment of Kidney Stone in Hindi

  • दवाइयां 
  • युरेट्रोस्कोपी (Ureteroscopy) और लेजर ट्रीटमेंट
  • ओपन सर्जरी
  • एक्सट्रॉकोर्पोरियल शॉक वेव लिथोट्रिप्सी (Extracorporeal Shock Wave Lithotripsy (ESWL))
  • परक्यूटेनियस नेफ्रोलिथोटॉमी (Percutaneous Nephrolithotomy (PCNL))

डॉक्टर रोहित मनोज से कहते हैं, “ मैं घरेलू इलाज की सलाह नहीं देता हूं। घरेलू नुस्खे कुछ हद तक ही काम करते है। इसलिए आपको सर्जरी के जरिये किडनी स्टोन को बाहर निकला लेना चाहिए।”

दवाइयां 

रोगी को खास किस्म की दवाइयां दी जाती हैं, जो स्टोन को घोलने में मदद करती है। इस तरह से स्टोन घुलकर पेशाब के जरिए बाहर आ जाता है। हालांकि पथरी का इलाज दवाइयों से तभी संभव है जब पथरी का आकार छोटा हो।

युरेट्रोस्कोपी (Ureteroscopy) और लेजर ट्रीटमेंट (Laser Treatment) 

इस प्रक्रिया में आपके शरीर पर कोई भी कट नहीं लगाए जाते हैं। युरेट्रोस्कोपी में डॉक्टर एक प्रकार के स्कोप को आपके मूत्रमार्ग (Urinary Tract) के जरिये आपके किडनी में प्रवेश करता है और पथरी को आसानी से बाहर निकाल लेता है। अगर स्टोन का आकार बड़ा हुआ तो ट्यूब के जरिये लेजर लाइट से स्टोन को हिट करते है, जिससे स्टोन छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित हो जाते हैं जिससे इन्हें मूत्र मार्ग के जरिये बाहर निकाल लिया जाता है।

ओपन सर्जरी – Open Surgery

ओपन सर्जरी में सर्जन किडनी में एक कट करते हैं और कुछ इंस्ट्रूमेंट्स की मदद से आपके स्टोन को बाहर निकाला जाता है। यह प्रक्रिया लंबी होती है और रिकवर होने में बहुत वक्त लगता है।

एक्सट्रॉकोर्पोरियल शॉक वेव लिथोट्रिप्सी (Extracorporeal Shock Wave Lithotripsy (ESWL))

इस ट्रीटमेंट में सर्जन पेशेंट को एक टेबल पर लेटने को कहते हैं और बेहोश कर देते हैं। लिथोट्रिप्टर (lithotripter) से रोगी को स्टोन वाली जगह में लगभग 2000 शॉक्स दिए जाते हैं जिससे स्टोन छोटे-छोटे टुकड़ों में बंट जाते हैं और यूरिन मार्ग के जरिये बाहर निकाल लिए जाते हैं।

परक्यूटेनियस नेफ्रोलिथोटॉमी (Percutaneous Nephrolithotomy (PCNL))

इस सर्जरी में सर्जन किडनी वाले स्थान पर एक छोटा सा कट करता है। यह कट 1 सेंटीमीटर तक का होता है। अब सर्जन लेजर (Laser), या अल्ट्रासोनिक डिवाइस (Ultrasonic Device) की मदद से स्टोन को छोटे-छोटे भाग में विभाजित कर देता है और शीथ (चाकू के जैसा औजार) की मदद से स्टोन को बाहर निकाल लेता है।

अगर आप किडनी स्टोन का लेजर ट्रीटमेंट करवाना चाहते हैं तो ‘Pristyn Care’ आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है|

आखिर, किडनी स्टोन लेजर ट्रीटमेंट के लिए ‘Pristyn care’ ही क्यों? – After all, why ‘Pristyn care’ for Kidney stone laser treatment in Hindi?

प्रशिक्षित सर्जन की टीम- किडनी स्टोन लेजर ट्रीटमेंट के लिए हमारे पास एक्सपीरियंस्ड (Experienced) सर्जन की टीम है, जो ट्रीटमेंट के दौरान रोगी का पूरा ख्याल रखते हैं। हमारी टीम लेजर ट्रीटमेंट के जरिये किडनी स्टोन को बिना दर्द के खत्म कर देती है।

एडवांस टेक्नोलॉजी से होती है प्रक्रिया- किडनी स्टोन लेजर ट्रीटमेंट की प्रक्रिया के लिए हमारे सर्जन एडवांस टेक्नोलॉजी (Advanced Technology) का प्रयोग करते हैं जिससे इलाज और भी आसान हो जाता है।

अपने शहर में करा सकते हैं ट्रीटमेंट- हमारे सर्जन 10 से ज्यादा शहरों में मौजूद हैं। इसलिए आपको ट्रीटमेंट के लिए ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं होगी।

फ्री फॉलो अप– हम अपने मरीजों को फ्री फॉलो अप (Follow up) की सुविधा भी प्रदान करते हैं। इसके साथ इलाज के दौरान मरीज के आने जाने का खर्चा भी हम ही उठाते है।

इंश्योरेंस की सुविधा- हमारी इंश्योरेंस (Insurance) टीम के जरिये आप किडनी स्टोन लेजर ट्रीटमेंट 100% की छूट पर करा सकते हैं।

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