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फैलोपियन ट्यूब महिला का प्रजनन अंग है जो ओवुलेशन पीरियड के दौरान अंडाशय से मुक्त हुए परिपक्व अंडा को गर्भाशय तक पहुंचाता है।

गर्भाधान के लिए फैलोपियन ट्यूब का स्वस्थ और खुला होना आवश्यक है। अंडा ओवरी से मुक्त होने के बाद इसी ट्यूब में स्पर्म के साथ संयोजित होता है और फर्टिलाइजेशन की प्रक्रिया शुरू होती है। निषेचित होने के बाद इसी ट्यूब के माध्यम से भ्रूण गर्भाशय तक पहुंचता है। इस पूरी प्रक्रिया में फैलोपियन ट्यूब एक जंक्शन का कार्य करता है।

अगर आपकी फैलोपियन ट्यूब ब्लाक है तो चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। फैलोपियन ट्यूब में रुकावट के बाद भी आप गर्भधारण कर सकती है। कई उपचार और तरीके हैं जो आपकी मदद करेंगे।

बिना इलाज के भी हो सकती हैं गर्भवती

महिला के शरीर में दो फैलोपियन ट्यूब होती हैं। अगर दो में से एक ट्यूब खुली है और स्वस्थ है तो बात बन सकती है। लगातार कोशिश करने पर एक-दो साल में एक ट्यूब के माध्यम से महिला गर्भाधारण कर सकती है। डॉक्टर महिला को प्रजनन ड्रग्स दे सकते हैं जो अंडे को खुली ट्यूब की तरफ जाने के लिए प्रेरित करते हैं। अगर कई कोशिशों के बावजूद महिला एक फैलोपियन ट्यूब से गर्भधारण नहीं कर पा रही तो अन्य तरीके अपनाए जा सकते हैं।

अगर दोनों ट्यूब ब्लाक हैं तो बिना उपचार या बिना सहायक तकनीक के गर्भधारण कर पाना असंभव है।

दोनों फैलोपियन ट्यूब ब्लाक हैं तो प्राकृतिक गर्भधारण कैसे करें?

गर्भाधान सामान्य तरीके से होने के लिए यह जरूरी है कि फैलोपियन ट्यूब में रुकावट न हो। रुकावट दूर करने के लिए डॉक्टर निम्न प्रक्रियाएं कर सकते हैं:

ट्यूबल कैनुलेशन

यह ब्लॉक्ड फैलोपियन ट्यूब के इलाज की एक प्रक्रिया है जो बिना चीरा के संपन्न हो जाती है। रोगी की स्थिति के अनुसार डॉक्टर एनेस्थीसिया दे सकते है और नहीं भी। आमतौर पर डॉक्टर एक हल्का सेडेटिव देते हैं जो प्रक्रिया के दौरान आपको शिथिल रखता है।

अब डॉक्टर कैथेटर (एक पतला उपकरण) को योनि में डालते हैं, जिसे एक तार की मदद से गाइड किया जाता है। इसके साथ डॉक्टर अल्ट्रासाउंड या रियल टाइम मूविंग एक्स-रे का उपयोग करते हैं, ताकि ट्यूब की रुकावट को आसानी से खोजा जा सके।

अब डॉक्टर एक गुब्बारे की मदद से ब्लाक को खोल देते हैं। प्रक्रिया के कुछ घंटे बाद ही हॉस्पिटल से छुट्टी मिल जाती है।

ट्यूबल कैनुलेशन की प्रक्रिया से पहले आपको हिस्टेरोसाल्पिंगोग्राफी करानी पड़ती है। यह फैलोपियन ट्यूब की रुकावट का नैदानिक टेस्ट है।

ट्यूबल कैनुलेशन की प्रक्रिया सफल हो जाती है और फैलोपियन ट्यूब की अवरुद्धता समाप्त हो जाती है तो महिला आसानी से गर्भधारण कर सकती है।

लेप्रोस्कोपिक सर्जरी

इस सर्जरी में महिला के नाभि के पास एक छोटा चीरा लगाया जाता है और लेप्रोस्कोप को अंदर डाला जाता है। यह फैलोपियन ट्यूब को रिपेयर करने की मिनिमल इनवेसिव सर्जरी है। रिकवरी में 2-3 दिन का समय लग सकता है। रोगी की स्थिति के अनुसार जनरल या लोकल एनेस्थीसिया दिया जा सकता है।

पढ़ें – लेप्रोस्कोपिक सर्जरी क्या है?

हिस्टेरोस्कोपिक सर्जरी

हिस्टेरोस्कोप एक पतला, कैमरा युक्त ट्यूब है जिसमें लाइट लगी होती है। यह योनि के माध्यम से शरीर में डाला जाता है। सर्जन इस प्रक्रिया में चीरा नहीं लगाते हैं। प्रक्रिया के बाद 24 घंटे के भीतर महिला रिकवर हो जाती है। आमतौर पर यह प्रक्रिया बिना एनेस्थीसिया के ही संभव हो जाती है।

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बिना सर्जरी के गर्भधारण – फैलोपियन ट्यूब में रुकावट के बाद गर्भवती कैसे हो?

फैलोपियन ट्यूब में रुकावट के बाद बिना सर्जरी के गर्भधारण करने के लिए सहायक प्रजनन तकनीक की मदद लेनी पड़ती है, जो हैं:

आईयूआई (IUI)

इंट्रायूटेरिन इंसीमिनेशन (IUI) एक प्रकार का आर्टिफिशियल गर्भाधान है जिसे फैलोपियन ट्यूब ब्लाक होने की स्थिति में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन इसे सफल बनाने के लिए दो में से एक फैलोपियन ट्यूब का खुला होना आवश्यक है।

पढ़ें- आईयूआई उपचार की पूरी प्रक्रिया

प्रक्रिया की शुरुआत में स्पर्म का सैंपल इकठ्ठा करना और उसे धोना शामिल है। स्पर्म को धोकर उसकी गंदगी को साफ़ किया जाता है। केवल स्वस्थ और उच्च गतिशीलता वाले शुक्राणुओं का चयन होता है।

इसके बाद महिला के ओवुलेशन पीरियड का इंतजार किया जाता है। ओवुलेशन पीरियड के दौरान गर्भधारण करने में आसानी होती है। महिला को ओवुलेशन प्रीडिक्टर किट दिया जाता है जो बताता है कि महिला का ओवुलेशन शुरू हो चुका है या नहीं।

इस दौरान महिला को एचसीजी (HCG) इंजेक्शन या फर्टिलिटी ड्रग्स दिए जा सकते हैं जिससे एक से अधिक परिपक्व अंडों का निर्माण हो सके।

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ओवुलेशन स्टार्ट होने के एक या दो दिन बाद IUI के अंतिम चरण को अंजाम दिया जाता है। महिला को एग्जामिनेशन टेबल में लिटाया जाता है. डॉक्टर स्पेकुलम की मदद से योनि को खोलते हैं। इसके बाद कैथेटर (एक उपकरण) के पहले छोर में स्पर्म रखा जाता है और गर्भाशय के पास ले जाकर छोड़ दिया जाता है।

कैथेटर को गर्भाशय के रास्ते फैलोपियन ट्यूब तक ले जाया जाता है। यही कारण है कि इस प्रक्रिया के लिए एक फैलोपियन ट्यूब का खुला होना आवश्यक है।

आईवीएफ (IVF)

अगर आपकी दोनों फैलोपियन ट्यूब ब्लाक हैं तो यह प्रक्रिया की जा सकती है। यह कोई सर्जरी नहीं, बल्कि एक प्रजनन तकनीक जो गर्भाधान में मदद करती है।

आईवीएफ की प्रक्रिया में परिपक्व अंडा को स्पर्म के साथ लैब में निषेचित किया जाता है। अगर महिला स्वयं के अंडों का उपयोग चाहती है तो अण्डों के उत्पादन के लिए महिला को प्रक्रिया से पहले प्रजनन दवाइयां दी जा सकती हैं। यह दवाइयां अंडाशय को एक से अधिक अंडा बनाने के लिए प्रेरित करती हैं।

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एग रिट्रीवल, स्पर्म रिट्रीवल और फर्टिलाइजेशन की प्रक्रिया के बाद एम्ब्रायो ट्रान्सफर की प्रक्रिया शुरू होती है। यह आमतौर पर एग रिट्रीवल के 5-6 दिन बाद, क्लीनिक में संपन्न की जाती है।

भ्रूण स्थानांतरण की प्रक्रिया के दौरान महिला को हल्का सेडेटिव दिया जा सकता है। इससे महिला को दर्द और असहजता नहीं होती है।

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डॉक्टर कैथेटर को योनि में डालते हैं और गर्भाशय ग्रीवा के रास्ते सीधा गर्भाशय तक ले जाते हैं। कैथेटर के अंत में एक सिरिंज लगी होती है, जिसमे एक या एक से अधिक भ्रूण होते हैं। इन्हें गर्भाशय में डाल दिया जाता है और कैथेटर को बाहर निकाल लेते हैं।

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निष्कर्ष

फैलोपियन ट्यूब ब्लाक होने के बाद भी गर्भाधान किया जा सकता है। इसके दो तरीके हैं- एक ब्लॉक्ड फैलोपियन ट्यूब का इलाज करवाना और दूसरा सहायक प्रजनन तकनीक का सहारा लेना।

अगर आप तुरंत गर्भधारण करना चाहती हैं तो सहायक प्रजनन तकनीक का सहारा ले सकती हैं। कौन सा तरीका आपके लिए सबसे अच्छा है इसकी चर्चा अपने डॉक्टर से करें।

Pristyn Care क्लीनिक के अनुभवी फर्टिलिटी डॉक्टर बांझपन के कारण का पता लगाकर इलाज करते हैं। रोगी की स्थिति के अनुसार गर्भाधान की उचित प्रक्रिया अपनाई जाती है। इस बारे में गुप्त परामर्श और इलाज पाने के लिए हमें कॉल करें।

डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है| अगर आप किसी बीमारी से ग्रसित हैं तो कृपया डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें|