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मायोपिया आंख की दृष्टि को प्रभावित करने वाली एक सामान्य मेडिकल स्थिति है। इससे पीड़ित मरीज को नजदीक की वस्तुएं साफ, लेकिन दूर की वस्तुए धुंधली दिखाई पड़ती हैं। यह कई कारणों से होता है, लेकिन अधिकतर मामलों में यह लंबे समय तक टीवी, मोबाईल या लैपटॉप स्क्रीन के सामने समय बिताने, स्क्रीन और खुद के बीच आवश्यक दूरी का ध्यान न रखने के कारण होता है।

जब आई बॉल सामान्य से अधिक लंबा या कॉर्निया सामान्य से अधिक गोल हो जाता है तो आंख में जाने वाली रौशनी रेटिना पर केंद्रित होने के बजाय उसके सामने केंद्रित होती है। नतीजतन मरीज दूर की चीजें साफ-साफ देखने में असमर्थ हो जाता है। मायोपिया के लक्षणों में ड्राइव करने में परेशानी होना, दूर की चीजों को देखने के लिए आंख सिकुड़ना और बार-बार पलक झपकना आदि शामिल हैं।

मायोपिया का इलाज कैसे किया जाता है?

आमतौर पर मायोपिया के शुरुआती इलाज के तौर पर नेत्र रोग विशेषज्ञ चश्मा या कॉन्टेक्ट लेंस निर्धारित करते हैं। लेकिन ये इसका परमानेंट इलाज नहीं हैं। मेडिकल टेकनोलॉजी में विकास होने के कारण आज मायोपिया का परमानेंट इलाज मात्र एक दिन में संभव है।

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मायोपिया का एक दिन में परमानेंट इलाज कैसे होता है?

लेसिक सर्जरी से मात्र एक दिन में मायोपिया का परमानेंट इलाज किया जा सकता है। लेसिक सर्जरी एक मॉडर्न और एडवांस सर्जिकल प्रक्रिया है, जिससे दृष्टि संबंधित बीमारियां जैसे कि मायोपिया, हाइपरोपिया और एस्टिग्मेटिज्म का परमानेंट इलाज किया जा सकता है। हाइपरोपिया की स्थिति में नजदीक की वस्तुएं धुंधली दिखाई पड़ती हैं और एस्टिग्मेटिज्म होने पर दूर और पास दोनों ही स्थान की वस्तुएं धुंधली दिखाई देती हैं।

लेजर इन सीटू किरेटोमिल्युसिस (Laser-assisted in Situ Keratomileusis – LASIK) को आम भाषा में लेसिक सर्जरी कहा जाता है। मायोपिया की लेसिक सर्जरी को एक अनुभवी नेत्र रोग विशेषज्ञ के द्वारा पूरा किया जाता है। सर्जरी को शुरू करने से पहले सर्जन मरीज की आंख में एनेस्थेटिक ड्रॉप डालते हैं, जिसकी वजह से सर्जरी के दौरान मरीज को जरा भी दर्द या दूसरी किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती है।

एनेस्थीसिया देने के बाद सर्जन मरीज के आंख की पलकों पर लिड स्पेकुलम नामक एक उपकरण लगाते हैं। यह उपकरण मरीज की आंख को खुला और पलकों को झपकने से रोकता है। उसके बाद, लेजर बीम की मदद से सर्जन कॉर्निया को एक नया शेप यानी आकार देते हैं।

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कॉर्निया को नया शेप मिलने के बाद मरीज की आंख में जाने वाली रौशनी सीधा रेटिना पर केंद्रित होती है। नतीजतन मरीज को दूर की वस्तुएं साफ-साफ दिखाई देने लगती हैं। इस सर्जरी को पूरा होने में मात्र 10-20 मिनट का समय लगता है। सर्जरी खत्म होने के बाद मरीज को रिकवरी रूम में शिफ्ट कर दिया जाता है।

वहां डॉक्टर मरीज को ऑब्जर्व करते हैं और सभी चीजें नॉर्मल होने पर आवश्यक दवाओं और आई ड्रॉप्स निर्धारित करते हैं। फिर मरीज को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया जाता है। इस सर्जरी के मात्र कुछ ही घंटों के बाद मरीज को साफ और तेज दृष्टि हासिल हो जाती है। हालांकि, कुछ मामलों में मरीज को दृष्टि आने में 1-2 दिन का समय भी लग सकता है।

मायोपिया की लेसिक सर्जरी के निम्नलिखित फायदे हैं:-

 

  • कट और टांके नहीं आते हैं

 

इस सर्जरी के दौरान मरीज को कट या टांके नहीं आते हैं, जिसके कारण इंफेक्शन होने या जख्म बनने का खतरा खत्म हो जाता है। लेसिक सर्जरी के दौरान सर्जन ब्लेड की जगह लेजर का इस्तेमाल करते हैं।

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  • दर्द और ब्लीडिंग नहीं होती है

 

इस सर्जरी को शुरू करने से पहले मरीज की आंख में एनेस्थेटिक ड्रॉप डाला जाता है, जिससे सर्जरी के दौरान होने वाले दर्द का खतरा खत्म हो जाता है। साथ ही, लेजर का इस्तेमाल करने और कट न लगने के कारण ब्लीडिंग का खतरा भी नहीं होता है। यह एक दर्द रहित और रक्तहीन प्रक्रिया है।

 

  • जटिलताओं का खतरा शून्य होता है

 

कट नहीं लगने, टांके नहीं आने और ब्लीडिंग नहीं होने के कारण इस सर्जरी के दौरान या बाद में होने वाली जटिलताओं का खतरा लगभग शून्य हो जाता है। यह पूर्ण रूप से एक सरल और सफल प्रक्रिया है।

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  • रिकवरी जल्दी होती है

 

सर्जरी के बाद मरीज की रिकवरी बहुत तेजी से होती है। मायोपिया की लेसिक खत्म होने के कुछ ही घंटों के बाद मरीज को तेज और साफ दृष्टि मिल जाती है। इतना ही नहीं, इस सर्जरी के 4-5 दिनों के बाद मरीज अपने दैनिक जीवन के कामों को फिर से शुरू कर सकते हैं। हालांकि, पूरी तरह से ठीक होने में लगभग 4-5 सप्ताह का समय लगता है।

 

  • बेस्ट रिजल्ट आता है

 

लेसिक सर्जरी को मायोपिया का बेस्ट इलाज माना जाता है। इस सर्जरी के बाद बेस्ट रिजल्ट आता है। अगर आप कम से कम समय में मायोपिया से हमेशा के लिए छुटकारा पाना चाहते हैं तो एक अनुभवी नेत्र रोग विशेषज्ञ से परामर्श करने के बाद लेसिक सर्जरी का चुनाव करना चाहिए।

अगर आपको मायोपिया है और आप कम से कम खर्च में अपने शहर के बेस्ट क्लिनिक में लेसिक सर्जरी से इसका परमानेंट इलाज करवाना चाहते हैं तो प्रिस्टीन केयर से संपर्क करें। हमारे क्लिनिक में मायोपिया का इलाज लेसिक सर्जरी से किया जाता है। 

इस सर्जरी को एक अनुभवी और कुशल नेत्र रोग विशेषज्ञ के द्वारा पूरा किया जाता है। हमारे सर्जन को दृष्टि संबंधित बीमारियों की गहरी समझ और लेजर सर्जरी में महारत हासिल है। ये डॉक्टर अबतक मायोपिया की हजारों सफल सर्जरी कर चुके हैं।

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