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नाक की सर्जरी के फायदे, नुकसान और साइड इफेक्ट्स (Nose Surgery In Hindi)

नाक से जुड़ी समस्याओं को दूर करने या नाक के सौन्दर्य को निखारने के लिए उपयोग होने वाली सर्जरी को नाक की सर्जरी कहा जाता है। इसका इस्तेमाल सांस लेने में हो रही कठिनाई को दूर करने, नाक के साइज और शेप को मरीज की जरूरत के मुताबिक़ बदलने, चपटी नाक को ठीक करने, नाक पर लगी चोट को ठीक करने और हीमोफीलिया (Hemophilia) की परेशानी को दूर करने के लिए भी किया जाता है।

नाक की सर्जरी के फायदे, नुकसान और साइड इफेक्ट्स nose surgery in hindi

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नाक की सर्जरी क्या है (Nose Surgery In Hindi)

बहुत से लोग अपने नेचुरल नाक से खुश नही होते हैं। इसलिए अपने नाक के आकार को बदलने और खुद को ज्यादा सुंदर बनाने के लिए नाक की सर्जरी करवाने का फैसला करते हैं। नाक की सर्जरी के संबंध में उम्र को लेकर कुछ दिशा निर्देश (Guidelines) दिए गए हैं, जैसे कि अगर यह सर्जरी सांस लेने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए है तो किसी भी उम्र में की जा सकती है।

लेकिन अगर यह सर्जरी केवल नाक के आकार (Shape) को बदलने के लिए की जा रही है तो इसे किशोरावस्था में नहीं किया जा सकता है। इस सर्जरी के लिए लड़कियों की आयु सीमा 15 साल है, जबकि लड़कों के लिए इससे ज्यादा है।

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नाक की सर्जरी के प्रकार (Types Of Nose Surgery In Hindi)

Naak Ki Surgery Kaise Hoti Hai नाक की सर्जरी को कई तरह से किया जाता है। नाक की सर्जरी के निम्न प्रकार हैं:-

  • टर्बिनेट रिडक्शन (Turbinate Reduction In Hindi)

टर्बिनेट्स नाक के अंदर मौजूद छोटी संरचनाएं हैं जिनका काम नोस्ट्रिल्स से फेफड़े में जाने वाली हवा को शुद्ध करना और उसे नम बनाना है। एलर्जी, इंफेक्शन या किसी उत्तेजक के संपर्क में आने के नोस्ट्रिल्स में सूजन आ जाती है और लालिमा छा जाती है। नतीजन नाक जाम हो जाता है जिसके कारण हवा को नाक के जरिए अंदर जाने में परेशानी होती है और मरीज को दम घुटने लगता है।

टर्बिनेट रिडक्शन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक सुई की तरह दिखने वाले उपकरण को टर्बिनेट्स में डाला जाता है और हाई एनर्जी दी जाती है, जिससे टिश्यू एक निश्चित सीमा तक डैमेज हो जाते हैं। अगर आपका नाम चिपटा है तो चपटी नाक की सर्जरी कराकर अपने चेहरे की सुंदरता को बढ़ा सकते हैं।

  • सेप्टोप्लास्टी (Septoplasty In Hindi)

नाक की टेढ़ी हड्डी को सीधा करने के लिए जिस सर्जरी का इस्तेमाल किया जाता है उसे मेडिकल की भाषा में सेप्टोप्लास्टी कहते हैं। नाक की टेढ़ी हड्डी हड्डी को मेडिकल की भाषा में डेविएटेड नेसल सेप्टम कहते हैं। इस स्थिति से पीड़ित मरीज को सांस लेने में तकलीफ होती है और स्लीप एप्निया जैसी गंभीर समस्या का सामना भी करना पड़ता है। इतना ही नहीं, नाक की हड्डी टेढ़ी हो जाने पर मरीज को सोते समय तेज खर्राटे भी आते हैं जिसके कारण चैन से नींद सोना मुश्किल हो सकता है।

  • राइनोप्लास्टी (Rhinoplasty In Hindi)

इस सर्जिकल प्रक्रिया का उपयोग नाक की खूबसूरती को बढ़ाने के लिए किया जाता है। इस सर्जरी की मदद से नाक के आकार को बदलकर चेहरे की सुंदरता को पहले की तुलना में अधिक सुंदर बनाया जाता है। राइनोप्लास्टी के दौरान एक ईएनटी विशेषज्ञ डॉक्टर नाक की हड्डियों और कार्टिलेज की बनावट में बदलाव लाकर नाक को एक नया आकार देता है। यह सर्जरी आज लोगों के बीच प्रचलित हो चुकी है।

  • राइनोसेप्टोप्लास्टी (Rhinoseptopasty In Hindi)

जब किसी इंसान के नाक की हड्डी बहुत ज्यादा छोटी होती है तो इस सर्जरी की मदद से उसके आकार में बदलाव लाने के साथ-साथ उसकी सुंदरता को बढ़ाने के लिए राइनोसेप्टोप्लास्टी सर्जरी का उपयोग किया जाता है। यह एक संक्षिप्त और सरल सर्जिकल प्रक्रिया है जो बहुत ही आसानी से पूरी हो जाती है।

  • फंक्शनल इंडोस्कोपिक साइनस सर्जरी (FESS)

यह सर्जरी साइनस इंफेक्शन का बेस्ट और परमानेंट इलाज माना जाता है। यह एक मॉडर्न और एडवांस सर्जिकल प्रक्रिया है जिसकी मदद से एक ईएनटी सर्जन साइनस के आसपास विकसित एक्स्ट्रा टिशू और कार्तिलेजर को काटकर हटा देते हैं। फंक्शनल एंडोस्कोपिक साइनस सर्जरी (FESS) के दौरान डॉक्टर एंडोस्कोप नामक मेडिकल उपकरण का इस्तेमाल करते हैं जिसके एक सिरे पर लाइट और कैमरा लगा होता है। अगर आपको साइनोसाइटिस की समस्या है तो एक विशेषज्ञ से परामर्श करने के बाद FESS सर्जरी का चयन कर सकते हैं।

अगर आपके मन में यह प्रश्न था कि Naak Ki Surgery नाक की सर्जरी कैसे होती है तो ऊपर इसकी प्रक्रियाओं को पढ़ने के बाद आपको अपने प्रश्न का उत्तर मिल गया होगा।

नाक की सर्जरी की तैयारी (Diagnosis Of Nose Surgery In Hindi)

अगर आप अपने नाक की सर्जरी कराना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए ताकि वह आपको सर्जरी के लिए तैयार कर सकें। नाक की सर्जरी करने के लिए पूरी तैयारी की जरूरत होती है ताकि इसे सही तरीके से किया जा सके। कुछ खास बिंदु नीचे दिए गए हैं।

  • नाक की सर्जरी करने से पहले डॉक्टर मरीज के चिकित्सीय इतिहास (Medical history) की जांच करता है जिससे इस बात की पुष्टि की जाती है कि मरीज की सेहत पर सर्जरी का कोई बुरा असर ना पड़े।
  • खून की जांच और एक्स-रे आदि किए जाते हैं।
  • सर्जरी से पहले डॉक्टर अलग-अलग तरह से नाक की फोटो भी लेता है ताकि वह नाक के आकार का अच्छे से विश्लेषण (Analysis) कर सके।
  • अगर मरीज किसी तरह की दवाई लेता है और उससे सर्जरी में अड़चन आ सकती है। इसलिए मरीज के स्वास्थ्यानुसार डॉक्टर सर्जरी से पहले उन दवाओं न लेने की सलाह दे सकते हैं या फिर सर्जरी को टाल सकते हैं।
  • अगर मरीज किसी तरह का स्मोकिंग करता है तो डॉक्टर उसे स्मोकिंग छोड़ने की सलाह देता है। क्योंकि स्मोकिंग सर्जरी के बाद रिकवरी में बाधा डाल सकता है और साथ ही साथ इंफेक्शन होने की संभावना भी बढ़ जाती है।

नाक की सर्जरी का खर्च काफी चीजों पर निर्भर करता है जैसे कि सर्जरी की आवश्यकता, स्थिति का प्रकार और उसकी गंभीरता, सर्जिकल प्रक्रिया, डॉक्टर की फ़ीस, जांच का खर्चा, क्लिनिक की विश्वसनीयता, हॉस्पिटलाइजेशन, सर्जरी के बाद की दवाएं और डॉक्टर के साथ फॉलो-अप्स मीटिंग आदि। ये सभी मिलकर नोज सर्जरी का खर्च तय करते हैं। अगर आप Nak Ki Sarjari Ka Kharcha का अंदाजा लगाना चाहते हैं तो ऊपर दिए हुए बिंदुओं को ध्यान में रख सकते हैं।

नाक की सर्जरी कैसे की जाती है (How Is Nose Surgery Done In Hindi)

नाक की सर्जरी को डॉक्टर अपने अस्पताल या क्लीनिक में करता है। इस सर्जरी में कुछ महत्वपूर्ण स्टेज शामिल हैं जो नीचे दिए गए हैं:-

  • सर्जरी की शुरुआत में सबसे पहले मरीज को एनेस्थीसिया दिया जाता है ताकि सर्जरी की पूरी प्रक्रिया के दौरान मरीज को तकलीफ और डॉक्टर को किसी तरह की असुविधा न हो एवं सर्जरी को आराम से पूरा किया जा सके।
  • मरीज को एनेस्थीसिया देने के बाद डॉक्टर सर्जरी करता है। सेप्टोप्लास्टी में एक कट की मदद से नाक की हड्डी को सीधा किया जाता है।
  • राइनोप्लास्टी में डॉक्टर नाक के भीतर एक कट लगाता है। ये कट नाक की हड्डी और उपास्थि (Cartilage) के बीच लगाया जाता है। नाक में कट लगाने के बाद नाक की त्वचा और उपास्थि को अलग कर दिया जाता है। कट लगाने के बाद, नाक की हड्डी  और टिशू की संरचना को बदल दिया जाता है जिसकी वजह से नाक को नया आकार मिलता है। नाक को नया आकार देने के बाद डॉक्टर नाक में लगाए गए कट पर टांके लगा देता है। (इसे पढ़ें: सेप्टोप्लास्टी सर्जरी के क्या फायदे हैं?)
  • टर्बिनेट रिडक्शन में एक नीडल की तरह दिखने वाले उपकरण की मदद से एक्स्ट्रा टिश्यू को क्षति पहुँचाई जाती है।
  • राइनोसेप्टोप्लास्टी में सेप्टोप्लास्टी और राइनोप्लास्टी की प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है

        इसे पढ़ें: साइनस इंफेक्शन का सर्जिकल इलाज

  • सर्जरी पूरी होने के बाद मरीज को सुधार कक्ष (Recovery room) में ले जाते हैं, जहां सर्जरी के प्रकार के अनुसार डॉक्टर उसकी नाक में प्लास्टिक (Plastic) या मेटल (Metal) की पट्टी (Strip) लगाता है। पट्टी लगाने के साथ-साथ डॉक्टर ड्रिप पैड भी लगाता है ताकि मरीज को किसी तरह की कोई परेशानी ना हो।
  • रिकवरी रूम में मरीज के स्वास्थ्य को मॉनिटर (Monitor) किया जाता है ताकि इस बात की पुष्टि हो सके कि मरीज को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है और वह बिल्कुल ठीक है।
  • ये सभी चीजें करने के बाद मरीज को एक दिन के लिए अस्पताल में रखा जाता है फिर अगले दिन उसे डिस्चार्ज कर दिया जाता है।

नाक की सर्जरी के बाद की सावधानियां (Precautions After Nose Surgery In Hindi)

नाक की सर्जरी के बाद मरीज को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि ये मरीज को जल्दी रिकवरी होने में मदद करते हैं। सर्जरी के बाद एक मरीज को निम्नलिखित बातों का खास ध्यान रखना चाहिए:-

  • सर्जरी के बाद जितना ज्यादा हो सके, आराम करें।
  • सूजन को कम करने के लिए ठंडे संपीड़न (Cold Compression) का इस्तेमाल करें।
  • जोर लगाने वाली गतिविधियां जैसे कि जॉगिंग (Jogging) या एरोबिक (Aerobic) करने से बचना चाहिए।
  • नहाते समय शावर (Shower) का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
  • अगर नाक में खुजली हो तो न खुजलाएं, बल्कि खुजली रोकने के लिए डॉक्टर द्वारा दी गई दवा का उपयोग करें।
  • सर्जरी के बाद अगर नाक में दर्द हो तो पैरासिटामोल या दूसरी पेनकिलर (Painkiller) दवाइयाँ खा सकते हैं।
  • सर्जरी के बाद तबतक डॉक्टर के संपर्क में रहना चाहिए जबतक आप पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाते।

नाक की सर्जरी कराने के फायदे (Pros Of Nose Surgery In Hindi)

नाक की सर्जरी कराना आज के समय में आम बात हो गयी है। कोई किसी बीमारी से बचने के लिए सर्जरी कराता है तो कोई अपने नाक की खूबसूरती को बढ़ाने के लिए। नाक की सर्जरी के फायदे और नुकसान दोनों ही हैं। नाक की सर्जरी के निम्नलिखित फायदे हैं:-

  • नाक के आकार में सकारात्मक बदलाव आने से चेहरे की खूबसूरती बढ़ जाती है।
  • सर्जरी कराने से आत्मविश्वास (Self confidence) बढ़ता है।
  • नाक से जुड़े कई तरह के रोग नष्ट हो जाते हैं। डेविएटेड सेप्टम को सुधारा जा सकता है
  • FESS के जरिए साइनस इन्फेक्शन को दूर किया जाता है।
  • सर्जरी से खर्राटे की समस्या को ठीक किया जाता है।
  • सर्जरी के जरिए जन्मजात विकार (Congenital disorder) को भी ठीक किया जाता है।

नाक की सर्जरी कराने के नुकसान (Cons Of Nose Surgery In Hindi)

  • सर्जरी के बाद जरूरत से ज्यादा खून बह सकता है।
  • सर्जरी के बाद कुछ केसेस में संक्रमण देखने को मिल सकता है।
  • कुछ लोगों को नाक में दर्द या सूजन हो सकता है।
  • कुछ केसेस में सर्जरी के बाद नकसीर (Nosebleed ) की समस्या हो सकती है। 
  • सर्जरी के बाद कुछ केसेस में मौजूद वाल्व खराब होने के भी चांसेस होते हैं।
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निष्कर्ष - Conclusion

आज नाक की सर्जरी को नाक से जुड़ी कई समस्याओं को ठीक करने के साथ-साथ नाक की सौन्दर्यता को निखारने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, इसके कुछ साइड-इफेक्ट्स भी हो सकते हैं, लेकिन ये तभी होते हैं जब सर्जन कोई गलती कर दे या फिर पेशेंट सर्जरी के बाद सावधानियों का पालन न करे।

इसलिए यह बहुत जरूरी है कि आप एक अनुभवी सर्जन से ही नाक की सर्जरी करवाएं। यदि आप एक अच्छे सर्जन की तलाश में हैं तो Pristyn Care आपकी मदद कर सकता है। हमारे पास नाक की विभिन्न सर्जरी करने के लिए अनुभवी सर्जन हैं जो उपचार के दौरान एडवांस उपकरण का उपयोग करते हैं।

एक अच्छे उपचार के लिए आप हमें फोन कर सकते हैं या अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं, दोनों ही फ्री ऑफ कास्ट हैं

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डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है| अगर आप किसी बीमारी से ग्रसित हैं तो कृपया डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें|

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