पोस्टहाइटिस में लिंग के सिर को कवर करने वाली चमड़ी में सूजन आ जाता है। ज्यादातर मामलों में पोस्टहाइटिस से कोई गंभीर जटिलता नहीं होती है, लेकिन उस परिस्थिति से बाहर निकलने के लिए और दर्द को कम करने के लिए उपचार की जरूरत होती है। इस लेख में आपको पोस्टहाइटिस से जुड़ी कई बातों का पता चलेगा।
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पोस्टहाइटिस क्या है? Posthitis in Hindi
पोस्टहाइटिस लिंग से जुड़ी एक स्थिति है जिसमें संक्रमण या अस्वच्छता के कारण लिंग के सिर को ढकने वाली ऊपरी चमड़ी में लालिमा छा जाता है और सूजन आ जाता है। जब कोई व्यक्ति पैदा होता है तो उसके लिंग की चमड़ी 2 से 6 साल तक पूरी तरह से नहीं खुलती है। कई माता-पिता ऐसी अवस्था में बच्चे का खतना करवा देते हैं। खतना एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें लिंग के सिर की चमड़ी को काटकर अलग कर दिया जाता है।
पोस्टहाइटिस क्यों होता है?
निम्न कारण पोस्टहाइटिस के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं, जैसे-
- बैक्टीरियल: बैक्टीरियल संक्रमण के कारण पोस्टहाइटिस हो सकता है।
- फंगस: लिंग के आगे के हिस्से के नीचे का क्षेत्र गर्म और नम होता है। यदि कोई व्यक्ति लिंग को स्वच्छ नहीं रखता है, तो फंगल संक्रमण जैसे कि कैंडिडिआसिस (candidiasis) पोस्टहाइटिस का कारण हो सकता है।अस्वच्छता के साथ-साथ लिंग में सुगन्धित साबुन का उपयोग करने से भी पोस्टहाइटिस हो सकता है।
- यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई): एसटीआई, (जैसे- गोनोरिया) से लिंग संक्रमित हो सकता है, जिससे पोस्टहाइटिस हो सकता है।
- डर्मेटोलॉजिकल: सोरायसिस, एक्जिमा, और डर्मेटाइटिस जैसी कुछ त्वचा से जुड़ी समस्याएं चमड़ी में सूजन का कारण बन सकती है।
- एलर्जी: यदि किसी व्यक्ति को लैटेक्स कंडोम या लिंग पर उपयोग करने वाले अन्य उत्पाद से एलर्जी है, तो इससे चमड़ी सूज सकती है।
पोस्टहाइटिस के लक्षण
पोस्टहाइटिस होने पर रोगी को अपने लिंग में ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं-
- चमड़ी में सूजन
- चमड़ी का लाल हो जाना
- खुजली हो सकती है
- बदबूदार डिस्चार्ज
- पेशाब या स्खलन के दौरान दर्द
- कोमलता
पोस्टहाइटिस का निदान कैसे होता है?
पोस्टहाइटिस का निदान शारीरिक परीक्षण से किया जा सकता है। संक्रमण की वजह का पता लगाने के लिए स्वाब टेस्ट किया जाएगा।
स्वैब टेस्ट में डॉक्टर कॉटन के कपड़े से लिंग की चमड़ी को रगड़ेंगे और बाद में उस कपड़े की जाँच की जाएगी।
यदि डॉक्टर को लगता है कि पोस्टहाइटिस यौन संचारित संक्रमण के कारण हुआ है तो वे चमड़ी को हटाकर लिंग के आंतरिक हिस्से को कॉटन कपड़े से पोछकर जाँच के लिए भेज सकते हैं।
पढ़ें- खतना करने के फायदे और नुकसान
पोस्टहाइटिस का इलाज
पोस्टहाइटिस का उपचार के लिए निम्न उपचार विधि अपनाए जा सकते हैं-
- एंटी-बायोटिक – यदि पोस्टहाइटिस होने का कारण बैक्टीरिया है तो डॉक्टर एंटी-बायोटिक देकर पोस्टहाइटिस को ख़तम करने की कोशिश करेंगे।
- एंटी-फंगल ड्रग्स – यदि कोई व्यक्ति फंगल इन्फेक्शन के कारण पोस्टहाइटिस से पीड़ित हैं तो एंटी-फंगल दवाइयाँ दी जाती हैं।
- एंटी-हिस्टामिन दवाएँ – किसी एलर्जी के कारण होने वाले स्थिति पर एंटी-हिस्टामिन दवाइयां दी जाती हैं।
- स्टेरॉयड मरहम: यदि पोस्टहाइटिस के पीछे डर्मेटोलॉजिकल कारण है तो व्यक्ति को स्टेरॉयड मरहम की जरूरत पड़ सकती है। ये सूजन को कम करने में मदद करते हैं।
पढ़ें – खतना करने की कितनी प्रक्रियाएं हैं
खतना
यदि इन सब उपचार के बाद भी पोस्टहाइटिस से राहत नहीं मिल रही है तो डॉक्टर खतना करवाने की सलाह देंगे। खतना करवाने से न सिर्फ पोस्टहाइटिस बल्कि लिंग से जुड़ी अन्य समस्याओं का अंत हो जाता हैं, जैसे-
- फाइमोसिस
- पैराफाइमोसिस
- बैलेनाइटिस
- पोस्थाइटिस
- बैलेनोपोस्थाइटिस
- एसटीडी की संभावनाएं बहुत कम हो जाती हैं
डॉक्टर की राय – यदि पोस्टहाइटिस बार-बार हो रहा है तो इसका टेम्पररी उपचार करवाने से अच्छा हमेशा के लिए उपचार करवा लें। हमेशा के लिए उपचार करने के खातिर खतना एक बहुत अच्छी प्रक्रिया है। यह पोस्टहाइटिस सहित अन्य लिंग सबंधी समस्याओं को जड़ से खत्म कर देता है।
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मॉडर्न प्रक्रिया से उपचार के बाद रोगी को बेड रेस्ट की जरूरत नहीं पड़ती है और वह दूसरे दिन से ही अपने ऑफिस में काम के लिए जा सकता है।
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