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बैलेनाइटिस एक आम समस्या है जो पुरुषों में पाई जाती है। यह किसी भी उम्र के के बच्चे, वयस्क या बूढ़े को प्रभावित कर सकता है। लेकिन ज्यादातर यह 4-5 साल के बच्चों में पाया जाता है। बैलेनाइटिस से पीड़ित पुरुष के लिंग के सिर पर सूजन आ जाती है जिसके कारण दर्द, जलन और बेचैनी होती है। यह कोई गंभीर समस्या नहीं है लेकिन समय पर इसका इलाज आवश्यक है क्योंकि आगे जाकर इससे इंफेक्शन और दूसरी गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है। बाजार में उपलब्ध दवा, लोशन या क्रीम की मदद से इस समस्या को हमेशा के लिए दूर किया जा सकता है। 

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बैलेनाइटिस से पीड़ित पुरुष को फाइमोसिस होने का खतरा भी होता है। क्योंकि लंबे समय तक बैलेनाइटिस होने के कारण लिंग की ऊपरी स्किन जिसे हम फोरस्किन के नाम से जानते हैं, काफी टाइट हो जाती है जिसके कारण उसे पीछे करने में परेशानी होती है। फोरस्किन के पीछे न जाने के कारण उसमें इंफेक्शन खतरा हो जाता है। इंफेक्शन के अलावा, दूसरी भी कई और गंभीर यौन संचारित बीमारियों के होने की संभावना भी बढ़ जाती है। इसलिए बैलेनाइटिस से पीड़ित मरीज को समय पर इसका जांच और इलाज कराना चाहिए ताकि जल्द से जल्द इसकी रोकथाम की जा सके। 

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प्रिस्टीन केयर के इस ब्लॉग में हम आपको बैलेनाइटिस से संबंधित सभी आवश्यक बातों के बारे में विस्तार से बताने वाले हैं। इस ब्लॉग को पूरा पढ़ने के बाद आप बैलेनाइटिस के कारणों, लक्षणों और इसके बेहतर इलाज के माध्यमों के बारे में जान जाएंगे।               

बैलेनाइटिस क्या है — What is Balanitis in Hindi — Balanitis in Hindi — Balanitis Kya Hai 

जब किसी कारण से लिंग के सिर पर सूजन आ जाती है तथा इसके कारण लिंग में लालीपन आ जाता है तथा जलन और दर्द होता है तो इस स्थिति को मेडिकल की भाषा में बैलेनाइटिस कहा जाता है। इस समस्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इसकी वजह से इंफेक्शन, यौन संचारित इंफ्केशन, बैक्टीरियल इंफ्केशन और दूसरी कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसका इलाज करने के कई तरीके मौजूद हैं लेकिन डॉक्टर पहले इसकी गंभीरता तथा इसके पीछे के कारण का पता लगाते हैं। फिर उनके आधार पर इलाज के माध्यम का चयन करते हैं। 

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बैलेनाइटिस के प्रकार — Types of Balanitis in Hindi — Balanitis Kitne Prakar Ka Hota Hai

बैलेनाइटिस के तीन प्रकार होते हैं जिन्हे हम जुंस बैलेनाइटिस, कुंडलित बैलेनाइटिस और श्युडोएपीपेथीलियोनैट्स केराटोटिक और माइकियस बैलेनाइटिस के नाम से जाते हैं। बूढ़े या माध्यम वर्ग वाले जिन पुरुषों का खतना नहीं हुआ होता है उन्हें जुंस बैलेनाइटिस प्रभावित करता है। कुंडलित बैलेनाइटिस क्रियाशील गठिया के कारण होता है तथा जो लोग श्युडोएपीपेथीलियोनैट्स केराटोटिक और माइकियस बैलेनाइटिस से पीड़ित होते हैं उनके लिंग के सिर पर परतदार मस्से जैसा घाव हो जाता है जिसके कारण सूजन जलन और दर्द होता है। लगभग सभी प्रकार के बैलेनाइटिस के लक्षण एक जैसे ही होते हैं। जब कभी भी आप अपने लिंग के सिर पर इन लक्षणों में से किसी भी देखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलकर इसकी जांच कराएं।        

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बैलेनाइटिस के कारण — Causes of Balanitis in Hindi — Balanitis Kyun Hota Hai 

बैलेनाइटिस कई कारणों से होता है। अगर आपको पहले ही इन कारणों के बारे में जानकारी हो जाए तो आप कुछ चीजों पर ध्यान देने तथा कुछ सावधानियां बरतने के बाद बहुत ही आसानी से इस बीमारी की रोकथाम कर सकते हैं। बैलेनाइटिस की समस्या आमतौर पर लिंग की डेड स्किन, लिंग के स्किन में गंदगी और जलन होने या इंफेक्शन के कारण होता है। इसके अलावा भी कई दूसरे कारण हैं जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए। 

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लिंग की सफाई न करने के कारण बैलेनाइटिस की समस्या पैदा हो सकती है। कई बार जरूरत से ज्यादा लिंग की सफाई करने से भी बैलेंटिस हो सकता है। लिंग के सिर के आस पास की स्किन में नमी होती है जिसके कारण वहां बैक्टीरिया बढ़ जाने की कि वजह से भी बैलेनाइटिस की समस्या सामने आ सकती है। लिंग या उसकी ऊपरी स्किन पर चोट लग जाने के कारण भी सूजन और दर्द हो सकता है। लिंग के आस पास जलन होना से बैलेनाइटिस का खतरा बढ़ सकता है। 

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नहाते समय लिंग में ज्यादा साबुन लगाने तथा उसे रगड़ कर धोने से सूजन और इंफेक्शन हो जाता है जो आगे जाकर बैलेनाइटिस का कारण बन सकते हैं। कई बार लिंग में या इसके आसपास केमिकल युक्त या खुशबु वाले साबुन, शैंम्पू, लोशन, परफ्यूम या स्प्रे का इस्तेमाल करना बैलेनाइटिस को जन्म दे सकता है। रासायनिक कंडोम के इस्तेमाल से बचना चाहिए क्योंकि इससे भी लिंग में खुजली, सूजन, दर्द और इंफेक्शन होने की अधिक संभावना होती है। 

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डॉक्टर का कहना है कि जो पुरुष गठिया, मधुमेह या यौन संक्रमित इंफेक्शन जैसे की गोनोरिया, सिफलिस और ट्राइकोमोनास आदि से पीड़ित होते हैं उन्हें बैलेनाइटिस होने का खतरा ज्यादा होता है। इन सबके अलावा, कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट्स के कारण भी बैलेनाइटिस की शिकायत हो सकती है। जिसमें नींद की गोलियां, पेन किलर्स और दूसरे एंटीबायोटिक्स शामिल हैं। अगर आप ऊपर बताई गई बीमारियों से पीड़ित हैं तो जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलकर इसका जांच एवं इलाज कराएं। साथ ही अगर आप ऊपर लिखी दवाओं का सेवन करते हैं तो इसके संबंध में एकबार डॉक्टर से अवश्य बात करें।   

बैलेनाइटिस के लक्षण — Symptoms of Balanitis in Hindi — Balanitis Ke Lakshan 

बैलेनाइटिस से पीड़ित होने कि स्थिति में आप खुद में कई लक्षणों को महसूस कर सकते हैं। इन लक्षणों के आधार पर ही आप डॉक्टर से परामर्श करते हैं। फिर डॉक्टर आपके लक्षणों के आधार पर जांच करके उनके पीछे के कारणों का पता लगाते हैं तथा आप कौन सी बीमारी से पीड़ित हैं इस बात कि भी पुष्टि करते हैं। इसलिए बैलेनाइटिस ही नहीं बल्कि सभी बीमारियों के लक्षणों पर खास ध्यान देना चाहिए। लक्षणों पर ध्यान देकर उन्हें पहचानना बीमारी के इलाज कि तरफ पहला कदम होता है। बैलेनाइटिस के भी कुछ खास लक्षण हैं जो इस बीमारी कि तरफ इशारा करते हैं। 

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इसके लक्षणों में लिंग के फोरस्किन का टाइट होना, प्राइवेट पार्ट्स में खुजली, जलन और दर्द होना, लिंग कि स्किन में दर्द होना, फोरस्किन के नीचे गंदगी जमा होना, लिंग से बदबू आना, पेशाब करते समय दर्द और जलन होना, सेक्स करने के दो या तीन दिन के बाद फोरस्किन के नीचे सूजन और दर्द होना तथा कभी कभी हल्की ब्लीडिंग होना आदि शामिल हैं। बैलेनाइटिस के कुछ लक्षण यौन संचारित इंफेक्शन के लक्षणों जैसे होते हैं। इसलिए बिना देरी किए डॉक्टर से मिलकर इस बारे में बात करें। दोनों ही बीमारियों कि स्थिति में आपको जल्द से जल्द इलाज कि आवश्यकता होती है। इसलिए अपने लक्षणों के पीछे के कारणों तथा अपनी बीमारी कि पुष्टि करवाने के बाद समय पर सही इलाज भी कराएं। 

बैलेनाइटिस होने पर डॉक्टर से कब मिलें — When To See Doctor During Balanitis in Hindi — Balanitis Hone Par Doctor Se Kab Mile 

किसी भी बीमारी से पीड़ित होने पर आप अपने अंदर कुछ हलचल, परेशानी या बेचैनी को अनुभव करते हैं। इसे मेडिकल की भाषा में बीमारी का लक्षण कहा जाता है। ये आपकी बीमारी की गंभीरता की तरफ इशारा करते हैं। जितना गंभीर आपके लक्षण होते हैं उतना ही गंभीर आपकी बीमारी भी होती है। बैलेनाइटिस के साथ भी ऐसा ही है। जब आप इस बीमारी से पीड़ित होते हैं तो आप इसके लक्षणों यानी की लिंग में दर्द, सूजन, जलन और बेचैनी को महसूस करते है। 

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इन सभी लक्षणों के कारण ही आपको यह बात समझ में आती है की आपकी लिंग में कोई प्रॉब्लम है। ज्यादा बेहतर होता है लक्षणों का आभास होते ही डॉक्टर से परामर्श करना। लेकिन कई बार लोग लापरवाही के चलते समय पर डॉक्टर के पास नहीं जाते हैं। समय पर डॉक्टर के पास नहीं जाने के कारण उनकी बीमारी की गंभीरता धीरे धीरे बढ़ती जाती है तथा बाद में एक ऐसा समय आता है जब वह एक बीमारी दूसरी कई बीमारियों को जन्म दे देती है और फिर मरीज की जान खतरे में आ जाती है।        

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इसलिए किसी भी तरह की परेशानी होने पर एक मरीज को लापरवाही नहीं करना चाहिए। अगर आप खुद में बैलेनाइटिस के लक्षणों को देखते हैं तो तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। कई बार इलाज के बाद भी आपकी परेशानी कम नहीं होती है, ऐसी स्थिति में भी आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए। अगर आपके इलाज के 4-5 दिन के बाद भी बैलेनाइटिस की समस्या बानी रहे, पेशाब के दौरान लिंग में जलन और दर्द हो, कभी कभी पेशाब के साथ हल्का ब्लड आए तथा सेक्स के दौरान या उसके बाद किसी तरह की कोई परेशानी हो तो आपको तुरंत डॉक्टर से मिलकर उन्हें इस बारे में बताना चाहिए ताकि वे इसका सटीक इलाज कर पाएं।      

बैलेनाइटिस का इलाज — Treatment of Balanitis in Hindi — Balanitis Ka Ilaj Hindi Me

बैलेनाइटिस का इलाज कई तरह से किया जा सकता है। लेकिन डॉक्टर इसके कारणों को जानने के बाद उपचार के विकल्प का चुनाव करते हैं। ज्यादातर मामलों में डॉक्टर सबसे पहले मरीज को खुद के प्राइवेट पार्ट्स और खासकर लिंग का हल्का गर्म पानी से सफाई करने का सुझाव देते हैं। इसके बाद वे केमिकल युक्त या सुगंध वाले साबुन, पाउडर, क्रीम, लोशन, परफ्यूम, स्प्रे या दूसरी उन सभी चीजों का इस्तेमाल करने से मना करते हैं जो लिंग में खुजली, जलन, इंफेक्शन या दर्द का कारण बन सकते हैं। 

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इन सबकी सही जानकारी नहीं होने के कारण ज्यादातर पुरुष अपने लिंग कि सफाई करने के लिए ऊपर बताए गए केमिकल युक्त पदार्थों का उपयोग करते हैं। जिसके कारण उन्हें बैलेनाइटिस का सामना करना पड़ता है। इसलिए डॉक्टर अपने मरीज को पहले बैलेनाइटिस के कारणों के बारे में बताते हैं ताकि आगे जाकर वे फिर से केमिकल युक्त पदार्थों का उपयोग करने कि गलती न दोहराए। लाइफस्टाइल में थोड़ा बदलाव लाने तथा लिंग की साफ सफाई रखने के बाद बैलेनाइटिस कि समस्या लगभग आधी खत्म हो जाती है। फिर इसके बाद बैलेनाइटिस की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टर कुछ खास क्रीम या दवा के इस्तेमाल का सुझाव देते हैं।      

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क्रीम और दवा से बैलेनाइटिस का इलाज — Treatment of Balanitis With Cream and Medicine in Hindi — Cream Aur Dawa Se Balanitis Ka Ilaj   

बैलेनाइटिस का इलाज करने के लिए डॉक्टर एंटीफंगल क्रीम का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अगर बैलेनाइटिस का कारण एलर्जी प्रतिक्रिया है तो डॉक्टर स्टेरॉयड क्रीम का इस्तेमाल करने कि सलाह दे सकते हैं। क्रीम के अलावा, डॉक्टर आपको कुछ एंटीफंगल या एंटीबायोटिक दवाओं के सेवन का सुझाव भी दे सकते हैं। जिसे आप किसी भी मेडिकल शॉप से खरीद कर डॉक्टर द्वारा बताए गए तरीके से उसका उपयोग कर सकते हैं। लेकिन आपको इस बात का भी ध्यान रखना है कि बिना डॉक्टर के सुझाव के किसी भी चीज का इस्तेमाल नहीं करना है। 

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खासकर अगर आपको किसी तरह का कोई इंफेक्शन या एलर्जी से संबंधित प्रॉब्लम है तो बैलेनाइटिस को ठीक करने कि नियत से आपको अपने मन मुताबिक किसी भी क्रीम, लोशन या दवा का उपयोग नहीं करना चाहिए। ऐसा करना आपके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है तथा आपकी समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। आपको अपनी तरफ से पूरी कोशिश करनी चाहिए कि आप खुद को उन सभी चीजों से बचा कर रखें जो आपकी समस्या तथा उससे संबंधित परेशानियों को बढ़ा सकती हैं। कई बार क्रीम, लोशन और दवाओं का इस्तेमाल करने पर बैलेनाइटिस कि समस्या थोड़ी देर के लिए खत्म हो जाती है।

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लेकिन जैसे इनका असर खत्म होता है, आपकी बीमारी फिर से आपके सामने जैसी कि तैसी खड़ी हो जाती है। ऐसी स्थिति में खतना करना ही एकमात्र विकल्प बचता है। जैसा कि हम आपको ब्लॉग के शुरुआत में ही बता चुके हैं कि बैलेनाइटिस कि समस्या लंबे समय तक रहने के बाद वह फाइमोसिस का कारण भी बन सकती है जिसके कारण आपको दूसरी ढेरों समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए क्रीम, लोशन, दवा या दूसरे तरीकों का इस्तेमाल करने के बाद भी आपकी बैलेनाइटिस की समस्या खत्म नहीं होने पर डॉक्टर खतना करने का सुझाव देते हैं।    

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खतना की मदद से बैलेनाइटिस की समस्या को हमेशा के लिए खत्म किया जा सकता है। खतना दो तरह से किया जाता है, एक ओपन सर्जरी और दूसरा लेजर सर्जरी के जरिए। ओपन सर्जरी की तुलना में लेजर सर्जरी को अधिक प्राथमिकता दी जाती है क्योंकि यह कम समय में पूरा हो जाता है। 

ओपन सर्जरी से खतना — Circumcision With Open Surgery in Hindi —  Open Surgery Se Khatna Hindi Me

ओपन सर्जरी करने में लगभग आधे घंटे का समय लगता है। इसके दौरान बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होती है, कई बार टांके लगाने की नौबत भी आ जाती है। इतना ही नहीं, ओपन सर्जरी से खतना करने के बाद जख्म बनने, इंफेक्शन और दाग होने का खतरा भी अधिक होता है। ओपन सर्जरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मरीज को ठीक होने में काफी लंबा समय लगता है। सर्जरी के बाद डॉक्टर मरीज को लगभग 2-3 सप्ताह तक रेस्ट करने का सुझाव देते हैं। कुछ मामलों में अधिक ब्लीडिंग होने के कारण मरीज कमजोर हो जाता है तो उसे खून चढाने की आवश्यकता भी पड़ जाती है। 

लार्जर सर्जरी से खतना — Laser Circumcision in Hindi — Laser Surgery se Khatna 

लेजर सर्जरी द्वारा खतना करने से पहले डॉक्टर मरीज की शारीरिक जांच करते हैं। इसमें वे मरीज से उसकी मेडिकल हिस्ट्री के बारे में पूछते हैं जैसे की पहले कभी उन्हें लिंग में किसी तरह का चोट लगा था या नहीं, इससे पहले उन्हें ऐसी कोई समस्या हुई है या नहीं आदि, फिर वे लिंग की जांच करते हैं, पेशाब की जांच करते हैं, फोरस्किन की जांच करते हैं, जरूरत पड़ने पर लिंग से स्वैब लेकर लैब में उसकी जांच करते हैं तथा मरीज से उनके लक्षणों के बारे में पूछते हैं, उनके सेक्सुअल लाइफ पर इस बीमारी का अगर कोई असर पड़ रहा है तो वह क्या है, यह समस्या उन्हें कब से है आदि के बारे में पूछ सकते हैं।   

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ओपन की तुलना में लेजर सर्जरी के साथ ऐसी कोई भी बात नहीं है। लेजर सर्जरी की प्रक्रिया लगभग 10-15 मिनट के अंदर कंप्लीट हो जाती है। लेजर सर्जरी द्वारा खतना की प्रक्रिया शुरू करने से पहले डॉक्टर मरीज को जेनेरल अनेस्थिसिया देते हैं ताकि मरीज को खतना के दौरान किसी तरह की कोई परेशानी न हो और खतना सफलतापूर्वक पूरा हो सके। सर्जरी खत्म होने के बाद मरीज के लिंग की ड्रेसिंग की जाती है तथा कुछ ही घंटों के बाद फिर उसे हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया जाता है। 

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लेजर सर्जरी के बाद जख्म, इंफेक्शन या दाग होने का खतरा लगभग न के बराबर होता है। इस प्रक्रिया के बाद मरीज बहुत ही कम समय में पूरी तरह से ठीक हो जाता है। खतना के लगभग 48 घंटे के बाद मरीज अपने दैनिक जीवन के कामों को फिर से करने के लिए फिट हो जाता है लेकिन पूरी तरह से स्वस्थ होने में लगभग एक से दो सप्ताह का समय लगता है। लेजर द्वारा खतना करने के बाद फोरस्किन में किसी तरह की कोई दिक्कत या परेशनो होने का कोई भी डर नहीं होता है। 

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यह पुरुष की प्रजनन क्षमता को किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं करता है तथा खतना के बाद सेसक्सुएल लाइफ में भी किसी तरह कि कोई समस्या नहीं होती है। यह पूरी तरह से सफल और सुरक्षित प्रक्रिया है। खतना करने के बाद यौन संचारित बीमारियां, महिला मित्र में पेनाइल कैंसर या सर्वाइकल कैंसर तथा यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन्स होने का खतरा खत्म हो जाता है। अगर आप भी बैलेनाइटिस की समस्या से परेशान हैं तो डॉक्टर से परामर्श करने के बाद लेजर सर्जरी से खतना करवाकर अपनी समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते हैं। 

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प्रिस्टीन केयर खतना के लिए बेहतर विकल्प है — Pristyn Care is Best Option For Laser Circumcision in Hindi 

प्रिस्टीन केयर के पास भारत के बेस्ट सर्जन हैं जिन्हे खतना की समझ और लेजर सर्जरी की गहरी जानकारी है। ये डॉक्टर बैलेनाइटिस की जांच करने के बाद खतना के जरिए आपकी परेशानी को जड़ से खत्म कर देंगे। प्रिस्टीन केयर अपने मरीजों को कई तरह की फ्री सुविधाएं भी प्रदान करता है जिसमें मरीज के लिए डॉक्टर के साथ अप्वाइंटमनट लेना, सर्जरी के दिन मरीज को गाड़ी में उनके घर से हॉस्पिटल लाना और सर्जरी के बाद हॉस्पिटल से घर छोड़ना, हॉस्पिटल में मरीज की जगह खुद सभी पेपरवर्क करना, सर्जरी के बाद उन्हें एक डीलक्स रूम देना, हॉस्पिटल में एक केयर बड्डी मुहैया कराना जो मरीज की देखरेख करता है आदि शामिल हैं। अगर आप सबसे बेहतरीन और सुरक्षित तरीके से खतना करवाना चाहते हैं तो प्रिस्टीन केयर आपके लिए सबसे बढ़िया विकल्प हो सकता है। 

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निष्कर्ष — Conclusion 

बैलेनाइटिस कोई बहुत गंभीर समस्या नहीं है जिससे आपको डरने या घबराने की जरूरत है। लेकिन आपका इसपर ध्यान देना आवश्यक है। आमतौर पर यह लिंग में सफाई न होने तथा उसके आस पास केमिकल युक्त साबुन, शैंम्पू, क्रीम, पाउडर, लोशन या परफ्यूम लगाने से होता है। अगर आप नियमित रूप से अपने लिंग की सफाई ह्ल्का गर्म पानी से करें तथा ऊपर बताए गए पदार्थों का इस्तेमाल करने से बचें तो खुद को इस समस्या से दूर रख सकते हैं। 

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अगर आपको बैलेनाइटिस है तो आप डॉक्टर से परामर्श करने के बाद क्रीम या दवा के इस्तेमाल से इसे ठीक कर सकते हैं। लेकिन अगर यह गंभीर रूप ले चुका है तो इसके लिए आखिरी विकल्प खतना ही बचता है। खतना बैलेनाइटिस के साथ साथ फिमोसिस का भी सबसे बढ़िया इलाज है। बैलेनाइटिस को ठीक करने की नियत से बिना डॉक्टर के परामर्श के किसी भी दवा, क्रीम या जेल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से आपकी समस्या और गंभीर रूप ले सकती है तथा आपके सामने ढेरों चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। किसी भी बीमारी का इलाज करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना आवश्यक है।          

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