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दिल्ली में मोतियाबिंद का लेजर इलाज

आंखों में होने वाली सामान्य बीमारियों में मोतियाबिंद का नाम सबसे पहले आता है। इस बीमारी से पीड़ित मरीज की दृष्टि कमजोर हो जाती है, जिसके कारण उन्हें चीजों को साफ-साफ देखने में दिक्कत होती है। हाल ही में हुए एक शोध के मुताबिक, दिल्ली में 60 से अधिक उम्र के लगभग 40% लोगों में मोतियाबिंद की शिकायत होती है।

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मोतियाबिंद दृष्टि को काफी धीमी गति से प्रभावित है। यही कारण है कि अधिकतर लोगों को इस बात का भी नहीं चलता है कि वह इस बीमारी से पडीत हैं। लेकिन जब उनकी दृष्टि बुरी तरह से प्रभवित ही जाती है और उनके दैनिक जीवन में परेशानियां शुरू हो जाती हैं। तब डॉक्टर से मिलना आवशयक हो जाता है।

इसे पढ़ें: मोतियाबिंद होने पर क्या करना चाहिए?

दवा या आई ड्रॉप से दिल्ली में मोतियाबिंद का इलाज संभव नहीं है। सर्जरी ही इसका एकमात्र इलाज है। दिल्ली में लेजर सर्जरी से मोतियाबिंद का प्रभावशाली और परमानेंट इलाज किया जाता है। अगर आपको मोतियाबिंद है तो आप दिल्ली में इसका बेस्ट इलाज पा सकते हैं।

दिल्ली में मोतियाबिंद का लेजर इलाज कैसे होता है?

मोतियाबिंद की लेजर सर्जरी को शुरू करने से पहले सर्जन मरीज को एनेस्थीसिया देते हैं, जिससे सर्जरी के दौरान होने वाले दर्द का खतरा खत्म हो जाता है। इस सर्जरी को एक कंप्यूटर की देखरेख में पूरा किया जाता है। सर्जरी के दौरान डॉक्टर की मानवीय भूमिका कम हो जाती है। इसलिए सर्जरी के दौरान या बाद में जटिलताओं का खतरा लगभग शून्य होता है।

मोतियाबिंद की लेजर सर्जरी के दौरान खराब लेंस को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर उन्हें बाहर निकाल दिया जाता है। फिर एक कृत्रिम लेंस को खराब लेंस की जगह पर लगा दिया जाता है। दिल्ली में मोतियाबिंद की लेजर सर्जरी को पूरा होने में मात्र 10-20 मिनट का समय लगता है।

मोतियाबिंद की लेजर सर्जरी के ढेरों फायदे हैं। यही कारण है कि  दिल्ली में मोतियाबिंद का इलाज कराने के लिए हर कोई इस प्रक्रिया का चुनाव करता है। यह एक दिन कि सर्जिकल प्रक्रिया है। सर्जरी खत्म होने के कुछ ही घंटों के बाद मरीज को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया जाता है।

मोतियाबिंद का इलाज कराने की नियत से दिल्ली में किसी भी नेत्र रोग विशेषज्ञ या हॉस्पिटल को चुनने से पहले आपको कुछ बिंदुओं पर ख़ास ध्यान देना चाहिए।

दिल्ली में मोतियाबिंद का लेजर इलाज कराने से पहले निमनिखिल बिंदुओं पर ध्यान दें:-

 

  • नेत्र रोग विशेषज्ञ का अनुभव

 

आंखें आपके शरीर के सभी खास अंगों में से एक हैं। आंखें वह खिड़की हैं, जिनकी मदद से आप इस दुनिया की खूबसूरती को देखते और अनुभव करते हैं। मोतियाबिंद की सर्जरी को एक नेत्र रोग विशेषज्ञ के द्वारा पूरा किया जाता है। सर्जरी के दौरान थोड़ी सी लापरवाही आपको जीवन भर के लिए अंधा बना सकती है।

इसलिए यह अतिआवश्यक है कि आप इस सर्जरी को एक अनुभवी, कुशल और विश्वसनीय नेत्र सर्जन से कराएं। एक अनुभवी नेत्र रोग विशेषज्ञ इस सर्जरी को पूरी परफेक्शन के साथ करते हैं, जिससे सर्जरी के सफल होने की संभावना अधिक और जटिलताओं का खतरा खत्म हो जाता है।

इसे पढ़ें: मोतियाबिंद का ऑपरेशन कब करवाना चाहिए?

आप दिल्ली में जिस नेत्र रोग विशेषज्ञ का चयन करना चाहते हैं, उनके अनुभव और विश्वसनीयता के बारे मालूम करें। इस बात की पुष्टि करें कि उनके पास मोतियाबिंद की लेजर सर्जरी में कितने वर्षों का अनुभव है और वह अब तक कितनी सर्जरी कर चुके हैं।

डॉक्टर की विश्वसनीयता और मरीज के प्रति उनके व्यवहार को जानने के लिए आप उनके बारे में गूगल और प्रैक्टो पर रिव्यू पढ़ सकते हैं। साथ ही, अगर संभव है तो उन लोगों से मिलकर बात कर सकते हैं जो उस डॉक्टर से पहले मोतियाबिंद की लेजर सर्जरी करा चुके हैं।

ये सभी चीजें आपको एक डॉक्टर के अनुभव, विश्वसनीयता और उसके व्यक्तित्व के बारे में जानने में मदद करेंगी।

 

  • हॉस्पिटल की छवि

 

आपके मोतियाबिंद की लेजर सर्जरी जिस हॉस्पिटल में होने वाली है, उस हॉस्पिटल की छवि के बारे में पता करें। वहां इलाज की प्रक्रिया कितनी जटिल या आसान है। उस हॉस्पिटल में अब तक मोतियाबिंद की कितनी लेजर सर्जरी की जा चुकी है और वहां मरीजों का ध्यान सही से रखा जाता है या नहीं आदि के बारे में पता करें।

 

  • हॉस्पिटल के स्टाफ

 

हॉस्पिटल के स्टाफ कैसे हैं और हॉस्पिटल में साफ-सफाई का ध्यान रखा जाता है नहीं। इन सब के अलावा, आपको इस बात का भी पता करना चाहिए कि कोरोना से बचाव के लिए क्या-क्या कदम उठाए जाते हैं। आपको उस हॉस्पिटल का चुनना चाहिए, जहां के स्टाफ केयरिंग और मददगार होते हैं तथा साफ-सफाई का खास ध्यान रखा जाता है।

 

  • लेजर सर्जरी का अनुमानित खर्च

 

मोतियाबिंद की लेजर सर्जरी एक सरल और सफल प्रक्रिया है। लेकिन एक नेत्र रोग विशेषज्ञ या हॉस्पिटल का चयन करने के बाद आपको मोतियाबिंद की लेजर सर्जरी के अनुमानित खर्च के बारे में पता करना चाहिए। मोतियाबिंद की गंभीरता, लेंस के चयन, डॉक्टर और हॉस्पिटल के आधार पर इस सर्जरी का खर्च तय होता है।

सर्जरी से पहले इसके अनुमानित खर्च के बारे में पता करने से आपको बाद में किसी तरह कि कोई परेशानी नहीं होती है। इसलिए सर्जरी की पूरी प्रक्रिया में कितना खर्च आ सकता है, इस बारे में अपने डॉक्टर या सर्विस प्रोवाइडर से बात करें और उसी के आधार पर खुद को तैयार करें।

इसे भी पढ़ें: मोतियाबिंद के लेंस की कीमत क्या होती है?

दिल्ली में स्थित कुछ हॉस्पिटल में मोतियाबिंद की जांच पर डिस्काउंट, सर्जरी वाले दिन मरीज को फ्री पिकअप और ड्रॉप तथा सर्जरी के बाद डॉक्टर के साथ प्राधान्य फॉलो-अप्स मीटिंग की सुविधा भी होती है। इतना ही नहीं, दिल्ली के कुछ हॉस्पिटल में हेल्थ इंश्योरेंस भी कवर किए जाते हैं।

अगर आपके द्वारा चयनित हॉस्पिटल में ये सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं तो सर्जरी से संबंधित आपकी आधे से ज्यादा परेशानी खत्म हो जाएगी। अगर आप दिल्ली में मोतियाबिंद की लेजर सर्जरी कराना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए बिंदुओं को ध्यान में रखकर कम से कम खर्च और समय में मोतियाबिंद का लेजर इलाज प्राप्त कर सकते हैं।

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दिल्ली में स्थित प्रिस्टीन केयर में मोतियाबिंद का लेजर इलाज कराएं

अगर आप ऊपर दिए हुए सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के बेस्ट क्लिनिक में कम से कम खर्च में मोतियाबिंद की लेजर सर्जरी कराना चाहते हैं तो प्रिस्टीन केयर से करें। हमारे क्लिनिक में फेम्टोसेकेंड लेजर कैटरैक्ट सर्जरी से मोतियाबिंद का परमानेंट इलाज किया जाता है। इस सर्जरी को एक अनुभवी, कुशल और विश्वसनीय नेत्र रोग विशेषज्ञ द्वारा पूरा किया जाता है।

हमारे सजर्न को दृष्टि से संबंधित समस्याएं जैसे कि मोतियाबिंद, मायोपिया, हाइपरोपिया और एस्टिग्मेटिज्म की गहरी समझ है तथा इनकी लेजर सर्जरी में 10 से भी अधिक वर्षों का अनुभव प्राप्त है। ये डॉक्टर अपने सालों के अनुभव और मॉडर्न और एडवांस सर्जरी से आपकी बीमारी को मात्र एक दिन में हमेशा के लिए दूर कर सकते हैं।

इसे पढ़ें: मात्र 1 दिन में मोतियाबिंद का परमानेंट इलाज कराएं

दिल्ली में स्थित प्रिस्टीन केयर में मोतियाबिंद की लेजर सर्जरी कराने के फायदे:-

  • दर्द नहीं होता है
  • टांके नहीं आते हैं
  • 10-20 मिनट की प्रक्रिया है
  • 48 घंटे के अंदर मरीज फिट
  • सभी बीमा कवर किए जाते हैं
  • उसी दिन इलाज और डिस्चार्ज
  • कोई एडवांस पेमेंट नहीं होता है
  • तुरंत इंश्योरेंस कवर किए जाते हैं
  • 100% इंश्योरेंस क्लेम कर सकते हैं
  • सर्जरी के बाद प्राधान्य फॉलो-अप की सुविधा है
  • सभी डायग्नोस्टिक टेस्ट पर 30% तक की छूट है
  • बीमा अधिकारियों के पीछे भागने की जरूरत नहीं
  • प्रिस्टीन टीम अस्पताल से जुड़े सभी पेपरवर्क पूरा करती है

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डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है| अगर आप किसी बीमारी से ग्रसित हैं तो कृपया डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें|

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