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गाइनेकोमैस्टिया को मैन बूब्स (Man Boobs) के नाम से भी जाना जाता है। यह पुरुषों को होने वाली एक शारीरिक बीमारी है जिसकी स्थिति में स्तनों के टिशू विकास करने लगते हैं। टिशू के विकास करने के कारण पुरुष के स्तनों का आकार बढ़ने लगता है, जिसके कारण वे महिलाओं के स्तन की तरह दिखाई देने लगते हैं। गाइनेकोमैस्टिया एक या दोनों स्तनों को प्रभावित कर सकता है। 

आमतौर पर एंड्रोजन और एस्ट्रोजन के बीच संतुलन बिगड़ने पर गाइनेकोमैस्टिया होता है। इन दोनों हार्मोन के बीच संतुलन बिगड़ने पर एस्ट्रोजेन में वृद्धि होती है या एंड्रोजन में कमी आती है। हार्मोन का यह स्थानांतरण आमतौर पर यौवन, उम्र बढ़ने या कुछ दवाओं या जड़ी-बूटियों के उपयोग करने के कारण होता है। ज्यादातर मामलों में, गाइनेकोमैस्टिया सामान्य होता है लेकिन यह शारीरिक शर्मिंदगी (Physical Embarrassment) और मनोवैज्ञानिक संकट (Psychological Distress) का स्रोत भी हो सकता है। 

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आमतौर पर गाइनेकोमैस्टिया अपने आप ही दूर हो जाता है, लेकिन गंभीर या बार-बार होने (Persistent Gynaecomastia) की स्थिति में समय पर उचित उपचार की आवश्यकता होती है। अगर गाइनेकोमैस्टिया का कारण कोई अंतर्निहित स्वास्थ्य स्थिति (Underlying Health Issue) है तो उस विशेष समस्या का इलाज करने पर गाइनेकोमैस्टिया में सुधार आता है। इस बीमारी के ढेरों इलाज हैं लेकिन सर्जरी की मदद से ही इसे हमेशा के लिए दूर किया जा सकता है।

सर्जरी से पहले डॉक्टर आपके गाइनेकोमैस्टिया का निदान करते हैं, जिसके दौरान वे आपके परिवार के चिकित्सा इतिहास के बारे में पूछ सकते हैं। डॉक्टर आपके स्तनों की शारीरिक जांच भी करते हैं और किसी अंतर्निहित कारण का पता लगाने के लिए आपके जननांगों की भी जांच कर सकते हैं। इन सबके अलावा, आपके डॉक्टर एमआरआई स्कैन, सीटी स्कैन, एक्स-रे और ब्लड टेस्ट जैसे परीक्षण भी कर सकते हैं। गाइनेकोमैस्टिया का निदान करने के बाद डॉक्टर को आपकी बीमारी और उसकी गंभीरता को समझने में मदद मिलती है। निदान की प्रक्रिया खत्म होने के बाद सर्जरी की जाती है।  

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गाइनेकोमैस्टिया की सर्जरी में मुख्य रूप से दो प्रक्रियाएं शामिल होती हैं, जिन्हें आमतौर पर लिपोसक्शन और ग्लैंड एक्सिशन सर्जरी के रूप में जाना जाता है। लिपोसक्शन एक शल्य प्रक्रिया है जिसमें शरीर के विशिष्ट भागों से जिद्दी वसा कोशिकाओं ( Stubborn Fat Cells) को हटाया जाता है। जबकि, ग्लैंड एक्सिशन सर्जरी के दौरान निपल्स के माध्यम से अतिरिक्त ऊतकों को हटा दिया जाता है। आप आसानी से इन दोनों में से किसी भी एक सर्जिकल प्रक्रिया की मदद से गाइनेकोमैस्टिया से बहुत ही प्रभावी ढंग से हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते हैं।

सर्जरी के बाद रिकवरी बहुत तेजी से होती है तथा मरीज को जरा भी तकलीफ या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है। उपचार प्रक्रियाओं के दौरान बहुत ही छोटे कट लगाए जाते हैं, इसलिए संक्रमण की संभावना लगभग शून्य होती है। ये सर्जिकल प्रक्रियाएं न्यूनतम इनवेसिव हैं और हल्का या लगभग न के बराबर रक्तस्राव होता है। सर्जन इस सर्जरी को इतनी सटीकता और पूर्णता के साथ करते हैं कि सर्जरी के बाद मरीज को कोई भी निशान नहीं आते हैं। इस पूरी सर्जिकल प्रक्रिया को एनेस्थीसिया के प्रभाव में किया जाता है। इसलिए मरीज को सर्जरी के दौरान या सर्जरी के बाद हल्का या लगभग न के बराबर दर्द होता है।

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सर्जरी के बाद रिकवरी बहुत तेजी से होती है और सर्जरी के 4-6 सप्ताह के भीतर ही रिजल्ट को देखा एवं अनुभव किया जा सकता है। रिकवरी जल्दी होने के कारण मरीजों को अपनी दिनचर्या को दोबारा शुरू करने में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होती है। अगर आप गइनेकॉमिस्टिया के परमानेंट इलाज की तलाश में हैं तो आपको प्रिस्टीन केयर से संपर्क करना चाहिए। हमारे पास देश के सबसे बेहतरीन प्लास्टिक सर्जन हैं जो मॉडर्न और एडवांस टेक्नोलॉजी की मदद से गाइनेकोमैस्टिया को हमेशा के लिए दूर कर सकते हैं। आप अभी हमारे सबसे बेस्ट सर्जन से संपर्क कर सकते हैं।

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