भले ही अब आईवीएफ की मदद से संतान सुख प्राप्त करना आसान हो गया है, लेकिन इसकी लागत, उपचार कराने से पहले कई दफा सोचने पर मजबूर कर देती है।
आईवीएफ का सक्सेस रेट हर महिला के लिए अलग-अलग होता है, मतलब यह जरूरी नहीं है कि महिला पहली आईवीएफ साइकिल में ही गर्भवती हो जाएगी। गर्भवती होने के लिए उसे एक से अधिक आईवीएफ साइकिल की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि, यह महिला के उम्र और उसके स्वास्थ्य की स्थिति पर निर्भर होता है।
इसकी लागत और अनिश्चित असफलता दर, मध्यम वर्गीय जोड़ों को उपचार न कराने पर मजबूर कर देती है। डॉक्टर से आईवीएफ उपचार की सलाह पाने के बाद हर जोड़े का पहला प्रश्न यही होता है कि आईवीएफ ट्रीटमेंट में कितना खर्च आता है।
Table of Contents
इंडिया में आईवीएफ उपचार में कितना खर्च लगता है – IVF Treatment Me Kitna Kharch Lagta hai
भारत में एक आईवीएफ साइकिल का औसतन खर्च 65 हजार से 3 लाख रूपए है, हालांकि यह महिला के बांझपन की स्थिति और अन्य कारकों पर निर्भर होता है।
उदाहरण के तौर पर यदि एक महिला अपना आईवीएफ ट्रीटमेंट 75 हजार में करा सकती है तो वहीं दूसरी महिला (जिसके बांझपन का कारण जटिल है) को 2 लाख रुपए तक का खर्च लग सकता है।
टेस्ट ट्यूब बेबी (IVF) का खर्च 2021 – ₹65,000 – ₹3,00,000
पढ़ें- आईवीएफ की पूरी प्रक्रिया- स्टेप बाय स्टेप
भारत में आईवीएफ उपचार को प्रभावित करने वाले कारक
कुछ ऐसे कारक हैं, जो प्रक्रिया के दौरान लगने वाले लागत को बढ़ा या घटा सकते हैं, जैसे-
दवाइयां
आईवीएफ उपचार के प्रत्येक चरण में महिला को अलग-अलग किस्म की दवा और इंजेक्शन दिए जाते हैं। कई महिलाओं को उनके स्वास्थ्य की जरूरत के अनुसार अतिरिक्त दवाओं की जरूरत पड़ती है। ऐसे में आईवीएफ का खर्चा भी बढ़ जाता है।
ओवरी स्टिमुलेशन की प्रक्रिया
यह एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें ओवरी में अंडे का उत्पादन बढ़ाने के लिए महिला को कुछ हार्मोनल दवाइयाँ और इंजेक्शन दिए जाते हैं। इसे दो तरह से किया जा सकता है। पहला – लॉन्ग-प्रोटोकॉल स्टिमुलेशन और दूसरा – शार्ट-प्रोटोकॉल स्टिमुलेशन।
यदि डॉक्टर शार्ट-प्रोटोकॉल स्टिमुलेशन की मदद लेते हैं तो दवाओं का डोज कम हो जाने के कारण खर्चा भी कम हो जाता है, वहीं लॉन्ग-प्रोटोकॉल स्टिमुलेशन का चयन करने पर दवाओं का डोज बढ़ जाता है, जिससे लागत में इजाफा होना लाजिमी है।
पढ़ें- आईवीएफ की प्रक्रिया के समय क्या करें और क्या न करें
टेस्ट
प्रक्रिया के दौरान कई तरह के लैब टेस्ट और अल्ट्रासाउंड टेस्ट किए जाते हैं। यदि जटिलता अधिक है अथवा रिपोर्ट नार्मल नहीं है, तो कई एडिशनल टेस्ट किए जा सकते हैं, इससे आईवीएफ की प्रक्रिया का खर्चा बढ़ सकता है।
फर्टिलाइजेशन प्रोसेस
यदि स्पर्म क्वालिटी अच्छी नहीं है तो फर्टिलाइजेशन के लिए डॉक्टर इंट्रासाइटोप्लास्मिक स्पर्म इंजेक्शन (आईसीएसआई) प्रक्रिया का चयन करेंगे। इससे आईवीएफ का खर्चा भी बढ़ जाएगा।
एडवांस फर्टिलिटी ट्रीटमेंट
निम्न एडवांस फर्टिलिटी ट्रीटमेंट की आवश्यकता पड़ने पर आईवीएफ का खर्चा बढ़ सकता है-
- यदि रिप्रोडक्टिव ट्रैक्ट में ब्लॉकेज के कारण सीमेन में स्पर्म मौजूद नहीं है तो डॉक्टर टेस्टिकुलर स्पर्म एस्पिरेशन कर सकते हैं, इसमें एक नीडल और सिरिंज की मदद से स्पर्म को वृषण से निकाला जाता है।
- यदि टेस्टिकल के फंक्शन और संरचना में असामान्यता आने अथवा शुक्राणु पैदा करने वाले हॉर्मोन के उत्पादन में कमी आ जाने के कारण सीमेन में स्पर्म नहीं है तो डॉक्टर माइक्रोस्कोपिक टेस्टिकुलर स्पर्म एक्सट्रैक्शन (micro TESE) कर सकते हैं। इसमें एक छोटी सर्जरी के जरिए स्पर्म को ढूंढ कर निकाला जाता है।
- कई मामलों में भ्रूण का खोल (जोना पेलुसिडा) मोटा होने की वजह से प्रत्यारोपण के दौरान खोल खुली नहीं होती है, इससे गर्भधारण की संभावना कम हो जाती है। इसलिए डॉक्टर भ्रूण की खोल पर एक छोटा छेद करते हैं ताकि वह सफलतापूर्वक इम्प्लांट हो सके।
पढ़ें- आईवीएफ की सफल प्रक्रिया के लिए सही उम्र क्या है
डोनर कास्ट
कई मामलों में अंडा अथवा स्पर्म की क्वालिटी अच्छी नहीं होने की वजह से डोनर स्पर्म अथवा डोनर एग की जरूरत पड़ सकती है। यदि ऐसा होता है तो इसके चार्ज आईवीएफ की प्रक्रिया की लागत में जुड़ जाएंगे।
एम्ब्र्यो फ्रीजिंग
कई पेशेंट आईवीएफ साइकिल के दौरान बचे हुए एम्ब्र्यो को साल भर के लिए फ्रीज करवा देते हैं, ताकि यदि आईवीएफ की पहली साइकिल असफल हो जाती है तो नेक्स्ट साइकिल में फ्रीज किए गए भ्रूण का उपयोग किया जा सके। एम्ब्र्यो फ्रीजिंग करवाने पर आईवीएफ कॉस्ट बढ़ जाता है।
शहर
शहर के अनुसार आईवीएफ की प्रक्रिया का खर्चा भी अलग-अलग हो सकता है:
- दिल्ली में आईवीएफ इलाज का कितना खर्च आता है?
- गुड़गांव में आईवीएफ इलाज का कितना खर्च आता है?
- नोएडा में आईवीएफ इलाज का कितना खर्च आता है?
- फरीदाबाद में आईवीएफ इलाज का कितना खर्च आता है?
- गाजियाबाद में आईवीएफ इलाज का कितना खर्च आता है?
- बैंगलोर में आईवीएफ इलाज का कितना खर्च आता है?
- हैदराबाद में आईवीएफ इलाज का कितना खर्च आता है?
- पुणे में आईवीएफ इलाज का कितना खर्च आता है?
- मुंबई में आईवीएफ इलाज का कितना खर्च आता है?
- चेन्नई में आईवीएफ इलाज का कितना खर्च आता है?
उपरोक्त खर्च औसतन हैं, ये ऊपर बताए गए कारकों के अनुसार बढ़ या घट सकते हैं।
पढ़ें – आईवीएफ और आईयूआई में क्या अंतर है?
डॉक्टर का अनुभव और क्लीनिक की सफलता दर्द
भारत में कई फर्टिलिटी क्लीनिक में आईवीएफ का खर्च इसलिए अधिक होता है क्योंकि वहां के डॉक्टर अनुभवी होते हैं और क्लीनिक का सफलता दर अधिक होता है।
हम संतानहीन दम्पति की चाहत और पीड़ा को समझते हैं, इसलिए अनुभवी डॉक्टर और एक अच्छा एवं हाई सक्सेस रेट वाला फर्टिलिटी सेंटर होने के बाद भी, हम आईवीएफ की प्रक्रिया उचित लागत में प्रदान करते हैं।
हमारे 20 साल से अधिक अनुभव वाले स्त्री रोग विशेषज्ञ हजारों महिलाओं को आईवीएफ के जरिए सफलतापूर्वक गर्भधारण करने में उनकी मदद कर चुके हैं। हमारे क्लीनिक का सक्सेस रेट भी बहुत अच्छा है।
इसके अलावा भी बहुत सी ऐसी चीजें हैं जो आईवीएफ उपचार के लिए प्रिस्टीन केयर को भारत की नंबर 1 क्लीनिक बनाती हैं, ज्यादा जानने के लिए पढ़ें – Pristyn Care में आईवीएफ का सक्सेस रेट कितना है
निष्कर्ष – आईवीएफ की अनिश्चित सफलता दर और अधिक लागत के कारण बहुत से जोड़े इस उपचार को कराने से अपने कदम पीछे हटा लेते हैं। भारत में आईवीएफ ट्रीटमेंट का औसतन खर्च 75 हजार से लेकर 3 लाख तक है। आईवीएफ का खर्च कई कारकों पर निर्भर करता है। Pristyn Care आईवीएफ उपचार उचित लागत में अच्छी सफलता दर के साथ करता है।
डिस्क्लेमर: इस ब्लॉग में दर्शाये गए शुल्क, Pristyn Care द्वारा लिए जाने वाले शुल्क हैं जो कि शहर और उपचार की लागत पर आधारित हैं और यह उपचार लागत अन्य कारकों के आधार पर बढ़ और घट भी सकती हैं| उपचार की बाज़ार लागत स्वास्थ्य बीमा कंपनी और शहर के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं|
