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जब स्क्रोटम यानी की अंडकोष की थैली की नसों का आकार बढ़ जाता है तथा इसमें सूजन हो जाती है तो इसे मेडिकल की भाषा में वैरीकोसेल कहा जाता है। आमतौर पर वैसिकोसेल अंडकोष के ऊपर बाईं तरफ दिखाई देता है। आप खड़े होने के बाद इसे आसानी से देख सकते हैं। लेकिन जब आप बैठ या लेट जाते हैं तब यह दिखाई नहीं देता है। Varicocele Ka Ayurvedic Ilaj यह कोई बड़ी या गंभीर बीमारी नहीं है लेकिन लंबे समय तक इसे नजरअंदाज करना नुकसानदायक साबित हो सकता है। 

आगे पढ़ें: हाइड्रोसील के प्रकार, कारण, लक्षण और बेस्ट इलाज

वैसिकोसेल की वजह से आप कभी कभी हल्का दर्द और बेचैनी महसूस कर सकते हैं। विशेषज्ञ का मानना है की आज यह समस्या सामान्य हो चुकी है तथा 100 में लगभग 15 युवा पुरुष इस समस्या से पीड़ित होते हैं। उनका यह भी कहना है की वैरीकोसेल की समस्या पुरुष की फर्टलिटी पर गलत प्रभाव डालती है। Varicocele Ka Ayurvedic Ilaj Hindi Me इसलिए इसकी जांच और इलाज समय पर करवा लेना चाहिए।  

वैरीकोसेल के क्या कारण हैं — What Are The Causes Of Varicocele In Hindi

डॉक्टर का कहना है कि वैरीकोसेल के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं लगाया जा सका है। लेकिन कुछ संभावित कारक हैं जो इस समस्या के जन्म का कारण बन सकते हैं। उनका कहना है कि स्पर्मेटिक कॉर्ड में वॉल्वस मौजूद होते हैं जिनका काम खून को दिल तक ले जाना होता है लेकिन कुछ कारणों जैसे कि स्क्रोटम में चोट लगाने, सूजन होने, खड़े होकर पानी पीने या दूसरे कई वजहों से खराबी आ जाती है।

इस वजह से वे सही से काम करना बंद कर देते हैं। Ayurvedic Treatment of Varicocele in Hindi जिसकी वजह से खून दिल तक नहीं जा पाता है और स्क्रोटम तथा उसके आसपास ही जमा होने लगता है। खून के जमा होने के स्क्रोटम कि नसें फूलने और बढ़ने लगती है जिसके कारण सूजन आ जाती है जो आगे जाकर वैरीकोसेल में बदल जाती है। 

वैरीकोसेल के क्या लक्षण हैं — What Are The Symptoms Of Varicocele In Hindi  

दूसरी बीमारियों कि तरह वैरीकोसेल के भी कुछ लक्षण हैं जो इससे पीड़ित मरीज खुद में अनुभव कर सकते हैं। इसमें टेस्टिकल में सूजन होना, टेस्टिकल के साइज का बढ़ना, टेस्टिकल में भारीपन महसूस करना, कभी कभी दर्द और बेचैनी महसूस करना आदि शामिल है। इसके अलावा, लंबे समय तक एक जगह या एक ही पोजीशन में खड़े होने पर दर्द भी महसूस हो सकता है। इन लक्षणों के आधार पर आप या आपके डॉक्टर इस बात का अनुमान लगा लेते हैं कि आपको वैरीकोसेल है या नहीं। 

Varicocele Ka Ayurvedic Ilaj in Hindi इसके बाद डॉक्टर कुछ जाँच करने के बाद इसकी पुष्टि करते हैं। इस बीमारी से पीड़ित होने के बाद पुरुष के स्पर्म कि क्वालिटी और क्वांटिटी दोनों ही कम हो जाती है जिसके कारण वे पिता का सुख भोगने में असमर्थ हो जाते हैं। अगर आप ऊपर बताए गए किसी भी लक्षण को खुद में अनुभव करते हैं तो तुरंत डॉक्टर से मिलकर इस बारे में विस्तार से बात करनी चाहिए।   

वैरीकोसेल का आयुर्वेदिक इलाज — Ayurvedic Treatment Of Varicocele In Hindi Ayurvedic Medicines For Treating Varicocele in Hindi

वैरीकोसेल कोई बड़ी समस्या नहीं है और इसका इलाज संभव है। अगर आप इस समस्या से पीड़ित हैं तो इसका इलाज करने के लिए आपके पास ढेरों उपाय मौजूद हैं। डॉक्टर आपकी बीमारी, बीमारी कि गंभीरता, आपकी सेहत तथा दूसरे आवश्यक पहलुओं को देखने और समझने के बाद इलाज के माध्यम का चुनाव करते हैं। Varicocele Ka Ayurvedic Ilaj लेकिन आयुर्वेदिक इलाज एक अकेला ऐसा माध्यम है जो हर प्रकार के वैरीकोसेल को ठीक करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। वैरीकोसेल के आयुर्वेदिक इलाज कि सबसे खास बात यह है कि इसके साइड इफेक्ट्स लगभग न के बराबर हैं।      

डॉक्टर का ऐसा मानना है कि वैरीकोसेल को ठीक करने के लिए अमंगा – बायोफिटम जैसी जड़ी बूटियों का इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जाता है। क्योंकि इनके अंदर वो सभी गुण पाए जाते हैं जो इस बीमारी को दूर करने का काम करते हैं। इन जड़ी बूटियों का इस्तेमाल करने से वैरीकोसेल कि समस्या खत्म होने के साथ साथ पुरुष के शरीर को दूसरे भी कई तरह के फायदे होते हैं जैसे कि यौन शक्ति का बढ़ना, स्पर्म कि क्वालिटी और क्वान्टिटी में सुधार आना आदि। 

इस जड़ी बूटी का इस्तेमाल करने के लिए इसकी कुछ पत्तियों को दो गिलास पानी में उबालें। उबालने के बाद उसे ठंडा होने के लिए रख दें और फिर उसे छानने के बाद दिन में दो बार पिएं। नियमित रूप से ऐसा एक महीने तक करने से वैरीकोसेल कि समस्या धीरे धीरे खत्म हो जाती है। Varicocele Ka Ayurvedic Ilaj in Hindi वैरीकोसेल से छुटकारा पाने का यह एक प्रभावशाली आयुर्वेदिक इलाज का माध्यम है। अगर आपको इसके इस्तेमाल से संबंधित किसी तरह कि कोई शंका हो तो आप किसी भी आयुर्वेद के डॉक्टर से मिलकर इस बारे में बात कर सकते हैं।

वैरीकोसेल कि समस्या होने पर खाना खाने से पहले 20 मिलीलीटर लशुना इराणादि कषायम को 50 मिलीलीटर पानी में मिलाकर रोजाना दिन में दो बार इसका सेवन करना चाहिए। इसके अलावा, रोज भोजन से पहले दो बार हींग ट्राइगुना लेहैम भी एक चम्मच लेना चाहिए। ये वैरीकोसेल के लक्षणों को कम तथा इस बीमारी को धीरे धीरे जड़ से खत्म करने का काम करते हैं। अगर आप वैरीकोसेल कि समस्या से परेशान हो चुके हैं तो आप इन आयुर्वेदिक दवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। जहां तक खुराक कि बात है तो वो डॉक्टर आपकी बीमारी और उसकी गंभीरता को देखने के बाद तय करते हैं। 

इसके अलावा, वैरीकोसेल कि समस्या होने पर डॉक्टर मुकुना प्र्यूयेंस जैसे हर्बल का इस्तेमाल करने कि भी सलाह देते हैं। क्योंकि इसमें कुछ ऐसे खास औषधीय गुण पाए जाते हैं जो स्पर्म कि संख्या को बढ़ाने तथा सीमेन से संबंधित दूसरी सभी समस्याओं को दूर करने में एक बड़ी भूमिका निभाते हैं। Varicocele Natural Treatment मुकुना प्र्यूयेंस पुरुषों के लिए एक नेचुरल हर्बल जो स्पर्म के उत्पादन के लिए टेस्टिस को उत्तेजित करता है। इसका इस्तेमाल आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। 

वैरीकोसेल में आयुर्वेद से फायदा नहीं होने पर क्या करें?

वैरीकोसेल एक गंभीर समस्या है जिसका समय पर उचित इलाज आवश्यक है। अगर आपको वैरीकोसेल की समस्या है तो आपको लंबे समय तक आयुर्वेदिक या होम्योपैथिक दवाओं और घरेलू नुस्खों के भरोसे नहीं रहना चाहिए बल्कि जल्द से जल्द एक अनुभवी यूरोलॉजिस्ट से परामर्श करना चाहिए। लंबे समय तक वैरीकोसेल के लक्षणों को नजरअंदाज करने या समय पर इसका सटीक इलाज नहीं कराने पर वैरीकोसेल पुरुष में बांझपन यानि इनफर्टिलिटी का कारण भी बन सकता है। अगर वैरीकोसेल अपनी शुरुआती स्टेज में है तो विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श करने के बाद कुछ दिनों तक होम्योपैथिक या आयुर्वेदिक दवाओं से इसका इलाज किया जा सकता है। लेकिन जब इन सब से कोई फायदा नहीं होता है या वैरीकोसेल के कारण बांझपन का खतरा बढ़ जाता है तो डॉक्टर सर्जरी का सुझाव देते हैं। लेप्रोस्कोपिक सर्जरी को वैरीकोसेल का बेस्ट इलाज माना जाता है।

क्या सर्जरी से वैरीकोसेल का बेस्ट इलाज संभव है?

हां. लेप्रोस्कोपिक सर्जरी से वैरीकोसेल का बेस्ट इलाज संभव है। लेप्रोस्कोपिक सर्जरी एक मॉडर्न और एडवांस सर्जिकल प्रक्रिया है जिससे किसी भी प्रकार के वैरीकोसेल का बेस्ट इलाज कम से कम समय में बहुत ही आसानी से किया जा सकता है। वैरीकोसेल की लेप्रोस्कोपिक सर्जरी को लेप्रोस्कोपिक वैरिकोसेलेक्टॉमी के नाम से भी जाना जाता है। इस सर्जरी को एक अनुभवी और कुशल यूरोलॉजिस्ट की देखरेख में पूरा किया जाता है। वैरीकोसेल की लेप्रोस्कोपिक सर्जरी को शुरू करने से पहले डॉक्टर मरीज को लोकल या जनरल एनेस्थीसिया देते हैं जिससे सर्जरी के दौरान होने वाले दर्द का खतरा लगभग शून्य हो जाता है।

एनेस्थीसिया देने के बाद, डॉक्टर मरीज के पेट या ऊपरी जांघ में एक छोटा सा कट लगाते हैं और सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट की मदद से खराब नस से खून के प्रवाह को बंद करके दूसरी स्वस्थ नस से जोड़ देते हैं। वैरीकोसेल की लेप्रोस्कोपिक सर्जरी को पूरा होने में लगभग आधे घंटे का समय लगता है। इस सर्जरी के दौरान मरीज को टांके नहीं आते हैं और ब्लीडिंग तथा दर्द भी नहीं होता है। यह एक दिन की सर्जिकल प्रक्रिया है, इसलिए सर्जरी के बाद मरीज को हॉस्पिटलाइजेशन की आवश्यकता भी नहीं पड़ती है। इस सर्जरी के खत्म होने के कुछ ही समय के बाद मरीज अपने घर जाने के लिए पूरी तरह से फिट हो जाते हैं। इतना ही नहीं, वैरीकोसेल की लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के मात्र दो दिन बाद से मरीज अपने दैनिक जीवन के कामों को फिर से शुरू भी कर सकते हैं।

क्या आप कम से कम खर्च में वैरिकोज वेन्स का बेस्ट इलाज चाहते हैं?

जहां आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों से वैरिकोज वेन्स का इलाज करने में महीनों और सालों का समय लग सकता है। वहीं, लेजर सर्जरी की मदद से वैरिकोज वेन्स को मात्र एक दिन के अंदर हमेशा के लिए दूर किया जा सकता है और वह भी बिना किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना किए। अगर आप वैरिकोज वेन्स से पीड़ित हैं और इसका बेस्ट इलाज पाना चाहते हैं तो आपको लेजर सर्जरी का चुनाव करना चाहिए। हमारे प्रिस्टीन केयर क्लिनिक में लेजर सर्जरी से वैरिकोज वेन्स का परमानेंट इलाज किया जाता है। वैरिकोज वेन्स की लेजर सर्जरी को बहुत ही अनुभवी और विश्वसनीय वैस्कुलर सर्जन की देखरेख में पूरा किया जाता है।

हमारे सर्जन को वैरिकोज वेन्स की गहरी समझ और लेजर सर्जरी में महारत हासिल है। ये सर्जन अब तक वैरिकोज वेन्स की हजारों सफल सर्जरी कर चुके हैं। दूसरे क्लिनिक या हॉस्पिटल की तुलना में हमारे क्लिनिक में वैरिकोज वेन्स की लेजर सर्जरी को काफी कम खर्च में किया जाता है। वैरिकोज वेन्स की लेजर सर्जरी वाले दिन हम अपने मरीज़ों को ढेरों सुविधाएं भी प्रदान करते हैं जिसमें सर्जरी वाले दिन फ्री पिकअप और ड्रॉप, सभी डायग्नोस्टिक टेस्ट पर 30% छूट और सर्जरी के बाद प्राधान्य फॉलो-अप्स आदि शामिल हैं। इतना ही नहीं, हमारे क्लिनिक में वैरिकोज वेन्स की लेजर सर्जरी कराने के और भी ढेरों फायदे हैं जिसमें निम्नलिखित शामिल हैं।

  • दर्द नहीं होता है
  • टांके नहीं आते हैं
  • कट नहीं लगता है
  • ब्लीडिंग नहीं होती है
  • लेजर इलाज किया जाता है
  • सभी बीमा कवर किए जाते हैं
  • रिकवरी बहुत तेजी से होती है
  • बहुत ही प्रभावशाली इलाज है
  • 100% इंश्योरेंस क्लेम कर सकते हैं
  • संक्षिप्त और सुरक्षित प्रक्रिया है
  • कोई एडवांस पेमेंट नहीं होता है
  • इंफेक्शन का खतरा शून्य होता है
  • 45 मिनट की सर्जिकल प्रक्रिया है
  • डीलक्स रूम की सुविधा उपलब्ध है
  • 48 घंटे के अंदर मरीज फिट हो जाते हैं
  • उसी दिन इलाज और डिस्चार्ज होता है
  • अनुभवी और कुशल वैस्कुलर सर्जन हैं
  • गोपनीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध है
  • दोबारा वैरिकोज वेन्स होने का खतरा शून्य होता है
  • बीमा अधिकारियों के पीछे भागने की आवश्यकता नहीं है
  • साइड इफेक्ट्स और जटिलताओं की संभावना नहीं होती है
  • प्रिस्टीन टीम हॉस्पिटल से जुड़े सभी पेपरवर्क को पूरा करती है

अगर आप कम से कम खर्च में मॉडर्न और एडवांस लेजर सर्जरी से वैरिकोज वेन्स का परमानेंट इलाज कराना चाहते हैं तो हमसे संपर्क करें। हमारे विश्वसनीय वैस्कुलर सर्जन अपने सालों के अनुभव और मॉडर्न मेडिकल टेक्नोलॉजी की मदद से आपकी बीमारी को कम से कम समय में बहुत ही आसानी से हमेशा के ठीक कर सकते हैं।

प्रिस्टीन केयर में वैरीकोसेल का बेस्ट इलाज कराएं

अगर आप वैरीकोसेल से पीड़ित हैं और इसका बेस्ट इलाज कराना चाहते हैं तो आपको प्रिस्टीन केयर से संपर्क करना चाहिए। प्रिस्टीन केयर क्लिनिक में वैरीकोसेल का इलाज लेप्रोस्कोपिक सर्जरी से किया जाता है। हमारे क्लिनिक में इस सर्जरी को अनुभवी और कुशल यूरोलॉजिस्ट के द्वारा पूरा किया जाता है। दूसरे क्लिनिक या हॉस्पिटल की तुलना में हमारे क्लिनिक में वैरीकोसेल की लेप्रोस्कोपिक सर्जरी को काफी कम खर्च में किया जाता है। इतना ही नहीं, कम से कम खर्च में वैरीकोसेल का बेस्ट इलाज करने के साथ-साथ हम अपने मरीजों को काफी सुविधाएं भी प्रदान करते हैं जिसमें वैरीकोसेल की लेप्रोस्कोपिक सर्जरी वाले दिन फ्री पिकअप और ड्रॉप, सभी डायग्नोस्टिक टेस्ट पर 30% छूट और सर्जरी के बाद प्राधान्य फॉलो-अप्स आदि शामिल हैं। अगर आप कम से कम खर्च और समय में वैरीकोसेल का बेस्ट इलाज पाना चाहते हैं तो अभी प्रिस्टीन केयर से संपर्क करें। हमारे यूरोलॉजिस्ट को वैरीकोसेल की गहरी समझ और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में महारत हासिल है। ये डॉक्टर अपने अनुभव और एडवांस मेडिकल टेक्नोलॉजी की मदद से आपकी बीमारी को मात्र एक दिन में बहुत ही आसानी से दूर कर सकते हैं।

वैरीकोसेल में खान पान — Diet For Varicocele In Hindi — Varicocele Me Khan Paan 

वैरीकोसेल से पीड़ित होने कि स्थिति में आपको अपने खान पान पर खास ध्यान देने कि आवश्यकता होती है। डॉक्टर का कहना है कि डाईट में बदलाव लाकर काफी हद तक वैरीकोसेल के लक्षणों को कंट्रोल किया जा सकता है। इस दौरान जहां आपको कुछ चीजों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए, वहीं कुछ चीजों के सेवन से बचना भी है। नीचे हम आपको उन चीजों के बारे में बता रहे हैं। 

वैरीकोसेल में इनका सेवन करें 

  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। खुद को हमेशा हाइड्रेट रखने कि कोशिश करें। इसके लिए आप पानी के साथ साथ फल के जूस का सेवन भी कर सकते हैं।    
  • फल हर तरह से शरीर को फायदा पहुंचाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि ताजे फल का सेवन वैरीकोसेल जैसे बीमारी में भी फायदेमंद होता है। विशेषज्ञ का मानना है कि नियमित रूप से फल का सेवन करने से वैरीकोसेल कि समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। 
  • वैरीकोसेल को दूर करने में हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन बहुत प्रभावशाली होता है। इसलिए आपको अपनी डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करना चाहिए।             
  • वैरीकोसेल से छुटकारा पाने में फैटी एसिड काफी लाभदायक साबित होता है। अगर आप भी अपनी परेशानी को दूर करना चाहते हैं तो आपको फैटी एसिड वाली चीजों का अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। 
  • अलसी का तेल औषधीय गुणों से भरपूर होता है। यही कारण है कि इसका इस्तेमाल कई तरह कि बीमारियों और लक्षणों को दूर करने के लिए किया जाता है। आप भी वैरीकोसेल को खत्म करने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। 
  • वैरीकोसेल कि स्थिति में साबुत अनाज का सेवन फायदेमंद होता है। इसके अंदर ढेरों ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो वैरीकोसेल ठीक करने में मदद करते हैं। 
  • मछली और मछली का तेल भी वैरीकोसेल कि परेशानी को दूर करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। आप इनका इस्तेमाल कर सकते हैं। 
  • जैतून के तेल का इस्तेमाल ढेरों परेशानियों को दूर करने के लिए किया जाता है। इन्ही परेशानियों में से एक वैरीकोसेल है। 

इन सबके अलावा, आपको अपनी डाइट में फ्लेवोनोइड्स को अवश्य शामिल करना चाहिए। क्यों यह ब्लड वेसेल्स को मजबूत बनाता है। 

वैरीकोसेल में इनका सेवन न करें   

  • जंक और प्रोसेस्ड फूड्स से दूर रहें। 
  • नकली मक्खन का सेवन करने से बचें। 
  • पशु के चर्बी से बनी चीजों का सेवन न करें। 
  • हाइड्रोजनकृत तेल के इस्तेमाल से बचना चाहिए। 
  • कैफीन का कम से कम सेवन करें या फिर इसे छोड़ दें। 
  • चीनी का सेवन वैरीकोसेल के लक्षणों को बढ़ावा देता है। इसलिए इसके सेवन से बचना चाहिए।  
  • शराब से खुद को दूर रखें। क्योंकि यह वैरीकोसेल कि समस्या को गंभीर बनाने का काम करता है।
  • वैरीकोसेल से पीड़ित होने कि स्थिति में आपको रिफाइंड सफेद आटा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए    

अगर आप ऊपर बताई गई बातों को फॉलो करते हैं तो आधे से ज्यादा आपकी बीमारी इनकी मदद से ही ठीक हो जाएगी। 

निष्कर्ष — Conclusion

वैरीकोसेल आज एक आम समस्या बन चुकी है जो 15-35 वर्ष के किसी  पुरुष को प्रभावित कर सकती है। लेकिन यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है इसलिए आपको ज्यादा घबराने या चिंता करने कि आवश्यकता नहीं है। इसका इलाज कई तरह से किया जा सकता है। अगर यह अपने शुरूआती स्टेज में है तो घरेलू नुस्खों या आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों कि मदद से इसे ठीक किया जा सकता है। लेकिन जब यह गंभीर रूप ले लेता है तब सर्जरी ही एकमात्र उपाय बचता है। 

अगर आप इस बीमारी से पीड़ित हैं या फिर इसके लक्षणों को खुद में अनुभव करते हैं तो आपको डॉक्टर से मिलकर इसकी जांच और इलाज करवानी चाहिए। इस बीमारी कि पुष्टि होने के बाद आप चाहें तो ऊपर बताए गए आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का इस्तेमाल कर इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे कि बिना डॉक्टर से परामर्श किए आप किसी भी जड़ी बूटी का किसी भी रूप में उपयोग न करें। डॉक्टर से परामर्श करने के बाद ही इलाज के किसी भी माध्यम को अपनाना चाहिए। अपने मन मुताबिक किसी भी चीज का सेवन करना नुकसानदायक  साबित हो सकता है। 

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डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है| अगर आप किसी बीमारी से ग्रसित हैं तो कृपया डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें|

 

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