location
Get my Location
search icon
phone icon in white color

कॉल करें

निःशुल्क परामर्श बुक करें

हाइड्रोसील उपचार: सर्जरी और लाभ

अगर हाइड्रोसील का इलाज समय पर नहीं होता है, तो यह एक विकराल समस्या का रूप धारण कर सकता है या फिर फट भी सकता है। भारत के सबसे अच्छे डॉक्टरों से सुरक्षित एवं कम से कम दर्द के साथ हाइड्रोसील का परमानेंट इलाज प्राप्त करें। हम किफायती कीमत दरों पर हर प्रकार के हाइड्रोसील का इलाज प्रदान करते हैं।

अगर हाइड्रोसील का इलाज समय पर नहीं होता है, तो यह एक विकराल समस्या का रूप धारण कर सकता है या फिर फट ... और पढ़ें

anup_soni_banner
डॉक्टर से सलाह लें
cost calculator
Anup Soni - the voice of Pristyn Care pointing to download pristyncare mobile app
i
i
i
i
Call Us
Call icon
स्टार रेटिंग
3 M+ संतुष्ट मरीज
200+ हॉस्पिटल
30+ शहर

आपके द्वारा दी गई जानकारी सुनिश्चित करने के लिए कृप्या ओटीपी डालें *

i

30+

शहर

Free Cab Facility

मुफ्त कैब सुविधा

No-Cost EMI

नो-कॉस्ट ईएमआई

Support in Insurance Claim

बीमा क्लेम में सहायता

1-day Hospitalization

सिर्फ एक दिन की प्रक्रिया

USFDA-Approved Procedure

यूएसएफडीए द्वारा प्रमाणित

हाइड्रोसील के इलाज के लिए सर्वश्रेष्ठ डॉक्टर

Choose Your City

It help us to find the best doctors near you.

अहमदाबाद

बैंगलोर

भुवनेश्वर

चंडीगढ़

चेन्नई

कोयंबटूर

दिल्ली

हैदराबाद

कोच्चि

कोलकाता

लखनऊ

मुंबई

पटना

पुणे

राँची

तिरुवनंतपुरम

विजयवाड़ा

विशाखापट्टनम

दिल्ली

हैदराबाद

पुणे

मुंबई

बैंगलोर

  • online dot green
    Dr. Naveenchandra Ravindra Acharya - Hydrocele Treatment Specialist in Pristyn Care ZOI Hospital, Ameerpet, Hyderabad, over 29  Years Experience

    Dr. Naveenchandra Ravind...

    MBBS, MS-General Surgery, M.CH- Urology
    29 Yrs.Exp.

    4.5/5

    29 Years Experience

    location icon Pristyn Care ZOI Hospital, Ameerpet, Hyderabad
    Call Us
    080-6542-3712
  • online dot green
    Dr. Praveen Kumar Krosuri - Hydrocele Treatment Specialist in Pristyn Care ZOI Hospital, Ameerpet, Hyderabad, over 15  Years Experience

    Dr. Praveen Kumar Krosur...

    MBBS, DNB-General Surgery, DNB-Urology
    15 Yrs.Exp.

    4.5/5

    15 Years Experience

    location icon Pristyn Care ZOI Hospital, Ameerpet, Hyderabad
    Call Us
    080-6542-3712
  • online dot green
    Dr. Mamidala Srinivas - Hydrocele Treatment Specialist in Pristyn Care ZOI Hospital, Ameerpet, Hyderabad, over 12  Years Experience

    Dr. Mamidala Srinivas

    MBBS, MS-General Surgery, M.Ch-Urology
    12 Yrs.Exp.

    4.5/5

    12 Years Experience

    location icon Pristyn Care ZOI Hospital, Ameerpet, Hyderabad
    Call Us
    080-6542-3712
  • online dot green
    Dr. Kankanampati Venkata Mounika - Hydrocele Treatment Specialist in Pristyn Care ZOI Hospital, Ameerpet, Hyderabad, over 10  Years Experience

    Dr. Kankanampati Venkata...

    MBBS, DNB-General Surgery
    10 Yrs.Exp.

    5.0/5

    10 Years Experience

    location icon Pristyn Care ZOI Hospital, Ameerpet, Hyderabad
    Call Us
    080-6542-3712

हाइड्रोसिलेक्टोमी क्या है? (Hydrocele in Hindi)

(Hydrocele treatment in hindi)हाइड्रोसील (अंडकोश) को हाइड्रोसेलेक्टॉमी के नाम से भी जाना जाता है। इस प्रक्रिया में अंडकोष में जमे तरल पदार्थ को निकालकर हाइड्रोसील का इलाज किया जाता है। कुछ मामलों में देखा गया है कि हाइड्रोसील अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन जब स्थिति लंबे समय तक ज्यों का त्यों रहती है तो सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है। सर्जरी को हाइड्रोसील का परमानेंट इलाज माना जाता है।

cost calculator

फ्री में अंडकोष में सूजन सर्जरी की कीमत जाने

वास्तविक कीमत जाननें के लिए जानकारी भरें

i
i
i

आपके द्वारा दी गई जानकारी सुनिश्चित करने के लिए कृप्या ओटीपी डालें *

i

हाइड्रोसेलेक्टॉमी के लिए सर्वश्रेष्ठ उपचार केंद्र

हम उन सभी रोगियों को हाइड्रोसील का परमानेंट इलाज (hydrocele ka ilaj) प्रदान करते हैं, जो इस समस्या से परेशान हैं और हमारी सहायता प्राप्त करना चाहते हैं। प्रिस्टीन केयर ने भारत के शीर्ष स्तरीय अस्पतालों को अपने साथ अपने पैनल में जोड़ा है, जो अपने अत्याधुनिक सुविधाएं और आधुनिक बुनियादी ढांचे के लिए जाने जाते हैं। हमारे अपने क्लीनिक भी हैं, जहां हम रोगियों को परामर्श प्रदान करते हैं।

पूरे भारत में हमारे पास हाइड्रोसील के इलाज (hydrocele ka operation)के लिए अनुभवी डॉक्टरों की एक टीम है, जिनके पास लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। हमारे डॉक्टर हाइड्रोसील का इलाज करने के लिए अत्यंत कुशल है और उन्होने अपने पूरे जीवन में कई लोगों की इस समस्या से निपटने में सहायता की है। आप उनके साथ एक फ्री में सलाह लें सत्र बुक कर सकते हैं और उपचार के सभी विकल्पों पर विस्तार से चर्चा कर सकते हैं।

क्या आप इनमें से किसी लक्षण से गुज़र रहे हैं?

यदि हाइड्रोसील का इलाज नहीं हुआ तो क्या होगा?

आमतौर पर हाइड्रोसील से किसी भी प्रकार की नुकसान नहीं होता है और इससे लोगों को कोई खतरा भी नहीं होता है। यदि हाइड्रोसील का लंबे समय तक इलाज नहीं किया जाए, तो इससे कई तरह की जटिलताएँ उत्पन्न हो सकती हैं। चलिए सभी जटिलताओं को एक एक करके समझते हैं। 

  • हाइड्रोसील का टूटना: समय के साथ, अंडकोष में जमे द्रव की मात्रा बढ़ जाती है। बड़ी मात्रा में तरल पदार्थ अंडकोष पर अतिरिक्त दबाव बनाते हैं और यह दबाव हाइड्रोसील के टूटने का कारण बन सकते हैं। कुछ मामलों में आपको अंडकोष में हर्निया का इलाज का रुख भी करना पड़ सकता है। 
  • हेमेटोसिल का बनना: यह हाइड्रोसील की सबसे गंभीर जटिलताओं की सूची में से एक है और इसके लिए उचित चिकित्सा की आवश्यकता होती है। अंडकोष के क्षेत्र के आसपास किसी भी चोट से इसके आस पास के क्षेत्र में बने थैली में रक्तस्राव हो सकता है। इसके कारण हेमेटोसिल का निर्माण होता है। यह शरीर के गुहा में रक्त का संग्रह है, जिसके कारण अंडकोष में सूजन आ जाती है। 
  • फॉरनियर गैंगरीन विकसित होने का जोखिम – ऐसे मामले बहुत कम देखे जाते हैं, जहां पर हाइड्रोसील फॉरनियर गैंगरीन के निर्मित होने के कारक के रूप में काम करता है। यह अंडकोष, लिंग, या पेरिनेम का एक तीव्र नेक्रोटिक संक्रमण (Acute necrotic Infection) है, जो इस क्षेत्र में ऊतकों की मृत्यु का कारण बन सकता है।
  • यौन रोग: यह हाइड्रोसील की सबसे आम जटिलताओं में से एक है। हाइड्रोसील की स्थिति शुक्राणुजनन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है और शुक्राणु की गुणवत्ता में भी गिरावट ला सकता है। हाइड्रोसील थैली में मौजूद तरल पदार्थ अंडकोष के तापमान में वृद्धि का कारण बन सकता है।
  • वृषण को स्थायी क्षति: अंडकोष पर किसी भी प्रकार के अतिरिक्त दबाव पड़ने पर वृषण में समस्या उत्पन्न हो सकती है। हाइड्रोसील की यह एक बहुत ही असुविधाजनक और जटिल स्थिति है, जिसके लिए तत्काल प्रभाव से अंडकोष में हर्निया का इलाज का सहारा लेना पड़ता है, क्योंकि यह वृषण को स्थायी नुकसान पहुंचाने की क्षमता सकता है। 
  • टेस्टिकुलर एट्रोफी: बड़े लंबे समय से रक्त का बहाव बाधित रहने के कारण टेस्टिकुलर एट्रोफी की संभावना बन जाती है, जिसके परिणामस्वरूप अंततः बांझपन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

हाइड्रोसील का ऑपरेशन कैसे होता है?

निदान

हाइड्रोसील का निदान करने के लिए, डॉक्टर शुरुआत में एक शारीरिक जांच करने का सुझाव देते हैं। यदि आपको भी हाइड्रोसील है, तो आपके अंडकोष में सूजन तो होगी, लेकिन आप किसी भी तरह की असुविधा का अनुभव नहीं करेंगे, जो बहुत विचित्र सी स्थिति बनाता है। डॉक्टर ट्रांसिल्यूमिनेशन नामक एक प्रक्रिया द्वारा अंडकोष की जांच कर सकते हैं। इसके द्वारा वह इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि आपके अंडकोष में तरल पदार्थ का संग्रह हुआ है या नहीं। इसके अलावा, डॉक्टर अन्य कारकों की पुष्टि करने के लिए पेट पर दबाव डालते हैं और आपको खड़े होने, किसी भी प्रकार का जोर लगाने या खांसने के लिए कह सकते हैं। वह ऐसा करने के लिए इसलिए कहते हैं क्योंकि, इनगुइनल हर्निया के मामले में भी समान लक्षण देखने को मिलते हैं। यदि लक्षण हर्निया के हैं तो अंडकोष में हर्निया का ऑपरेशन का सुझाव आपके डॉक्टर आपको दे सकते हैं। 

शारीरिक जांच के बाद, डॉक्टर अक्सर कुछ टेस्ट का सुझाव देते हैं, जो हाइड्रोसील के इलाज में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। 

  • रक्त परीक्षण – ऑपरेशन से पहले आपके रक्त की पूर्ण जांच अनिवार्य है। ब्लड टेस्ट से एपिडिडीमाइटिस जैसे संभावित एवं गंभीर संक्रमण का पता लगाया जा सकता है।
  • मूत्र परीक्षण – हाइड्रोसील के कारणों और किसी संक्रमण के खतरे का पता लगाने के लिए, डॉक्टर आपको मूत्र परीक्षण का सुझाव दे सकते हैं। 
  • अल्ट्रासाउंड – हर्निया, ट्यूमर, या अंडकोष में सूजन जैसी संभावित जटिलताओं का पता लगाने के लिए डॉक्टर आपको अल्ट्रासाउंड की सलाह दे सकते हैं।

सर्जरी

  • सर्जरी से पहले एनेस्थीसिया या आसान भाषा में कहें तो बेहोशी की दवा दी जाती है। मुख्य रूप से, सामान्य एनेस्थीसिया का उपयोग किया जाता है, जिसके कारण रोगी सो जाता है। 
  • सर्जन फिर अंडकोष में एक छोटा चीरा लगाते हैं।
  • संचित द्रव को उसी समय बाहर निकाला जाता है, और फिर हाइड्रोसील पर बनने वाले ऊतकों को हटा दिया जाता है या उसकी जगह बदल दी जाती है।
  • द्रव को बाहर निकालने के लिए एक पतली ट्यूब का उपयोग किया जाता है। हाइड्रोसील को पूरी तरह से निकालने के बाद ट्यूब को हटा दिया जाता है।
  • एक बार सर्जरी पूरी हो जाने के बाद चीरे को टांके या सूचर्स की सहायता से बंद कर दिया जाता है।

जोखिम और जटिलताएं

अन्य सर्जिकल प्रक्रियाओं की तरह, हाइड्रोसील सर्जरी के दौरान भी कुछ जटिलताएं उत्पन्न होने की संभावना रहती है। इस सर्जरी में भी कुछ जटिलताएं उत्पन्न होंगी, जैसे – 

  • एनेस्थीसिया से एलर्जी होने की संभावना
  • नसों को किसी भी तरह का नुकसान
  • कई तरह के संक्रमण का खतरा
  • रक्त के थक्के या अत्यधिक रक्तस्राव
  • अंडकोष और आस-पास के क्षेत्र में चोट

सर्जरी के बाद प्रिस्टीन केयर द्वारा दी जाने वाली निःशुल्क सेवाएँ

भोजन और जीवनशैली से जुड़े सुझाव

Post-Surgery Recovery Follow up

मुफ्त कैब सुविधा

24*7 सहायता

सर्जरी के लिए कैसे तैयारी करें?

  • ज्यादातर सर्जरी में आपको ऑपरेशन से लगभग 8 घंटे पहले तक कुछ भी खाने पीने को मना किया जाता है।
  • यदि आप किसी भी प्रकार की दवा का सेवन कर रहे हैं, तो आपको सलाह दी जाती है कि आप सर्जरी से पहले इसकी सूचना सर्जन को दे दें। ऐसा करने से आप इस प्रक्रिया में उत्पन्न होने वाली बहुत सारी जटिलताओं से खुद को बचा सकते हैं। 
  • आपको कुछ टेस्ट जैसे रक्त और मूत्र परीक्षण से गुजरना पड़ सकता है जो इस बात की पुष्टि करेंगे कि आपका शरीर सर्जरी से गुजरने के लिए स्वस्थ है। 
  • ऑपरेशन से पहले आपको स्नान कर लेना चाहिए, क्योंकि प्रक्रिया के बाद सर्जरी वाले क्षेत्र को सूखा रखने की सलाह दी जाती है, जो ऑपरेशन के बाद संक्रमण के होने के खतरे से आपको बचा सकता है। 
  • यदि आपको एनेस्थीसिया से किसी भी प्रकार की एलर्जी है तो तुरंत सर्जन को इस बारे में सूचित करें। ऐसा करने से आप गंभीर जटिलताओं से खुद को बचा सकते हैं जैसे – सांस लेने में तकलीफ, निम्न रक्तचाप और असामान्य हृदय की गति।

हाइड्रोसिल के ऑपरेशन के बाद क्या उम्मीद कर सकते हैं?

सर्जरी के खत्म होने के बाद आप थोड़ा विचलित महसूस कर सकते हैं। इसके पश्चात आपको नर्स की निगरानी में तब तक रखा जाता है, जब तक आप एनेस्थिया के प्रभाव में रहते हैं। 

जब आप पूरी तरह से स्वस्थ हो जाते हैं तो आपको रिकवरी रूम में ले जाया जाता है, जहां समय समय पर नर्स और डॉक्टर आपके सेहत का जायजा लेते हैं। अंडकोष में सूजन को कम करने के लिए रोगी को आइस पैक दिया जाता है। आपके स्वास्थ्य की स्थिति के आधार पर, आपको छुट्टी दी जाती है। अधिकतर मामलों में उसी दिन छुट्टी मिल जाती है। 

हाइड्रोसील सर्जरी के प्रकार

ओपन हाइड्रोसिलेक्टोमी-

यह हाइड्रोसील का उपचार करने की पारंपरिक प्रक्रिया है, जिसमें डॉक्टर अंडकोष में सर्जिकल ब्लेड से चीरा लगाकर उपचार करते हैं। यह एक इनवेसिव प्रक्रिया है। प्रक्रिया के समय रक्तस्राव और रिकवरी के दौरान असहजता हो सकती है। यही वजह है कि अब अंडकोष वृद्धि का उपचार करने के लिए इस सर्जरी का बहुत कम इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, हाइड्रोसील के कुछ ऐसे भी मामले होते हैं जिसके उपचार के लिए ओपन सर्जरी का चयन करना पड़ता है।

 प्रक्रिया

  • डॉक्टर लोकल/जनरल एनेस्थीसिया देंगे।
  • अंडकोष की थैली में कट लगाकर तरल पदार्थ बाहर निकालेंगे।
  • अब सर्जिकल ब्लेड की मदद से थैली को काटेंगे।
  • कुछ मामलों में तरल पदार्थ से भरी थैली हटाई जा सकती है।
  • अब डॉक्टर टांके लगाकर सर्जरी की प्रक्रिया पूरी करते हैं।

लेजर हाइड्रोसिलेक्टोमी-

यह हाइड्रोसील की दर्द रहित, रक्त रहित एवं आधुनिक प्रक्रिया है, जिसमें लेजर डिवाइस का इस्तेमाल करके 30 से 40 मिनट में हाइड्रोसील से छुटकारा मिल जाता है। इस सर्जरी के बाद रिकवरी जल्दी होती है और इन्फेक्शन होने की संभावना बहुत कम होती है। यही कारण है कि डॉक्टर अंडकोष वृद्धि का ऑपरेशन के लिए लेजर सर्जरी की सलाह देते हैं।

 प्रक्रिया

  • डॉक्टर पेशेंट को जनरल/लोकल एनेस्थीसिया देंगे।
  • अब लेजर की मदद से अंडकोष पर कट लगाएंगे। 
  • अंडकोष की अंतिम थैली में लेजर से एक गोलाकार कट लगाकर वैक्यूम की मदद से पानी या कहो तरल को बाहर निकालेंगे।
  • अब लेजर से थैली को काटेंगे और टांके लगाकर सर्जरी को पूरा करेंगे।

हाइड्रोसील ऑपरेशन के बाद सावधानियां

हाइड्रोसीलोक्टोमी के बाद पूरी तरह से ठीक होने में लगभग 2 से 3 सप्ताह का समय लग सकता है। सर्जरी के बाद, आप अपने कमर या अंडकोष में चोट या सूजन का अनुभव कर सकते हैं। डॉक्टर आपको कुछ सुझाव देंगे। उन सुझावों का पालन कर आप होने वाली संभावित जटिलताओं को टाल सकते हैं। 

उचित देखभाल और स्वस्थ आहार के साथ, आप एक सप्ताह के भीतर अपने दैनिक दिनचर्या पर वापस आ जाएंगे। एक बार रिकवरी पूरी हो जाए तो आप कठोर गतिविधियां जैसे साइकिल चलाना, बाइक चलाना, एवं जिम में व्यायाम कर सकते हैं। 

सर्जरी के ठीक बाद आप सफल परिणाम देख पाएंगे। सूजन और चोट लगने के कारण आप असहज महसूस कर सकते हैं। इस बात की संभावना है कि आप थोड़ी परेशानी का सामना करेंगे, लेकिन कुछ दिनों में वह भी ठीक हो जाएगी। आपको सर्जरी के बाद, एक या दो बार डॉक्टर से परामर्श लेने आना होगा। उस परामर्श के दौरान डॉक्टर इस बात का पता लगाएंगे कि आप इस रोग से पूरी तरह से रिकवर हो गए हैं या नहीं। हाइड्रोसील की सर्जरी के बाद इस रोग के दोबारा होने की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है।

केस स्टडी

एक 34 वर्षीय व्यक्ति ने 14 अक्टूबर को अंडकोष में सूजन के संबंध में प्रिस्टीन केयर से संपर्क किया। स्थिति को पूरी तरह से समझने के बाद, उन्हें अंडकोष में सूजन (24cm × 20cm × 10cm) (huge hemi-scrotal swelling) बताया गया। वह इस स्थिति से काफी लंबे समय से जूझ रहे थे और इस बात की पुष्टि खुद रोगी ने की थी। सूजन हाल ही में काफी बढ़ गई और उसके दिनचर्या में बाधा उत्पन्न करने लगी।

हमारे डॉक्टर ने रोगी को संपूर्ण उपचार की प्रक्रिया को आसान भाषा में समझाया। उन्हें हाइड्रोसिलोक्टोमी के बारे में पूर्ण जानकारी दी, और उसे उपचार के लाभ, हानि और परिणाम की अपेक्षाओं के बारे में बताया। 16 अक्टूबर को मरीज का हाइड्रोसिलोक्टोमी किया गया। इस प्रक्रिया में लगभग 35 मिनट लगे और मरीज को 2 घंटे तक निगरानी में रखा गया। बाद में मरीज को उसी दिन छुट्टी दे दी गई।

इसके पश्चात वह रोगी डॉक्टर से परामर्श लेने के लिए दो बार आए और मात्र 2 सप्ताह में वह इस रोग से पूर्ण रूप से रिकवर हो गया। 

Community member 1 Community member 2 Community member 3
+5k

Connect. Share. Heal.

Because healing is better together.

जलवृषण के इलाज के बारे में जानकारी - FAQs

हाइड्रोसील का सबसे अच्छा इलाज क्या है?

हाइड्रोसील का सबसे अच्छा इलाज सर्जिकल रिपेयर है। सर्जरी के द्वारा, अंडकोष को ठीक से निकाला जाता है, और फिर तरल यानी पानी के संचय को रोकने के लिए अंडकोष और पेट के बीच के खुले चैनल को भी बंद कर दिया जाता है।

भरता में हाइड्रोसील का ऑपरेशन का खर्च कितना है?

भारत में हाइड्रोसील ऑपरेशन का खर्च लगभग 30,000 से शुरू हो कर 65,000 रुपये तक हो सकता है। ये खर्च अस्पताल, सर्जन, सर्जरी के बाद की दवाइयों और शहर के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।

बच्चों के लिए हाइड्रोसील का इलाज कैसे किया जाता है?

आमतौर पर बच्चों में हाइड्रोसील 6 से 12 महीने के अंदर अपने आप ही ठीक हो जाता है। इसलिए, सर्जिकल रिपेयर की शायद ही कभी ज़रूरत पड़े। अगर 12 महीनों के अंदर स्थिति का समाधान नहीं होता है, तो हाइड्रोसील से संबंधित जटिलताओं को रोकने के लिए सर्जरी की जाएगी।

हाइड्रोसील का ऑपरेशन के बाद कितने दिन में ठीक हो जाता है?

आमतौर पर डॉक्टर पुरे एक दिन के लिए बेड रेस्ट की सलाह देंगे। दर्द सहने योग्य होने पर अगले दिन से आप चलना, बैठना, सीढ़ियां चढ़ना आदि शुरू कर सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे की आप ज्यादा थकावट महसूस ना करें। 

हाइड्रोसील सर्जरी के दुष्प्रभाव (side effect) क्या हैं?

हाइड्रोसील सर्जरी के कुछ सामान्य दुष्प्रभाव हैं जैसे-

  • सर्जरी की जगह पर लाली पड़ना 
  • दर्द होना 
  • घाव से तरल पदार्थ निकलना 
  • सूजन होना 
  • बुखार आना 

 इनमें से ज़्यादातर दुष्प्रभाव सर्जरी के बाद अगले कुछ दिनों में ही ठीक हो जाएंगे। लेकिन, अगर ये प्रभाव एक हफ्ते के अंदर दूर नहीं होते हैं, तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

क्या बीमा से हाइड्रोसील सर्जरी का इलाज संभव है?

हां, हाइड्रोसील के ऑपरेशन के खर्च को स्वास्थ्य बीमा के तहत कवर किया जाता है। अगर कोई समस्यात्मक लक्षण मौजूद नहीं हैं, तो बीमा कंपनियां आपके दावे को अस्वीकार कर सकता है और आपको सर्जरी का खर्च अपनी जेब से भरना पड़ेगा। 

क्या हाइड्रोसील घरेलू इलाज संभव है?

हाइड्रोसील के शुरुआती चरणों में किसी भी प्रकार के लक्षण (Hydrocele symptoms in Hindi) नहीं दिखते हैं और यदि दिखते भी हैं तो आपको परेशान नहीं करते। ज्यादातर मामले डॉक्टर के पास तब पहुंचते हैं जब स्थिति अगले चरण पर चली जाती है। इस स्थिति में घरेलू इलाज प्रभावकारी इलाज साबित नहीं होता है। अधिक सहायता के लिए आपको जल्द से जल्द डॉक्टर से परामर्श लेने की आवश्यकता होगी। 

हमारे मरीज़ों के अनुभव

Based on 102 Recommendations | Rated 4.8 Out of 5
  • KE

    Keshav

    verified
    5/5

    The swelling reduced significantly and recovery was comfortable after surgery

    City : Kolkata
    Treated by : Dr. Sankarshan Saha
  • HA

    Harishankar

    verified
    5/5

    The treatment was smooth and recovery felt comfortable throughout

    City : Mumbai
    Treated by : Dr. Bineet Jha
  • KA

    Kartik

    verified
    5/5

    Swelling was worrying me for months. After treatment, everything became normal again.

    City : Indore
  • AN

    Ankur

    verified
    4/5

    Swelling issue resolved after surgery and healing was fine.

    City : Vijayawada
  • AR

    Aniket Rathi

    verified
    5/5

    The surgery was simple and good experience from the hospitals

    City : Delhi
    Treated by : Dr. Vipin Nagpal
  • UJ

    Ujjwal

    verified
    5/5

    The swelling reduced after surgery and recovery was smooth overall

    City : Pune
    Treated by : Dr. Pankaj Waykole