आंखें मनुष्य के शरीर के सबसे खास अंगों में से एक हैं। उम्र बढ़ने, आंखों में चोट लगने या दूसरे कारणों से आंखों में कई तरह की बीमारियां होती हैं। काला मोतियाबिंद भी उन्ही बीमारियों में से एक है। आमतौर पर काला मोतियाबिंद होने पर मरीज को शुरुआत में कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं, इसलिए लोग अक्सर इस बीमारी को इसकी शुरुआत में नहीं पहचान पाते हैं। लेकिन जब काला मोतियाबिंद गंभीर रूप ले लेता है तो इसके लक्षण दिखाई देने शुरू हो जाते हैं। मोतियाबिंद के बाद, काला मोतियाबिंद को पूरी दुनिया में अंधेपन का सबसे बड़ा कारण माना जाता है।
Table of Contents
काला मोतियाबिंद क्या है — Glaucoma In Hindi — What Is Glaucoma In Hindi — Glaucoma Kya Hai
काला मोतियाबिंद को काला मोतिया या ग्लोकोमा के नाम से भी जाना जाता है। आंखों में ऑप्टिक नर्व मौजूद होता है जिसका काम किसी भी वस्तु के प्रतिबिंब को दिमाग तक भेजना है जिसके बाद आपको चीजें साफ-साफ दिखाई पड़ती हैं। लेकिन काला मोतियाबिंद होने के कारण ऑप्टिक नर्व पर दबाव पड़ता है जिसकी वजह से ऑप्टिक नर्व डैमेज यानि खराब हो जाता है। ऑप्टिक नर्व के खराब होने के कारण, वह प्रतिबिंब को दिमाग तक भेजने में असमर्थ हो जाता है। नतीजतन आपको चीजें धुंधली दिखाई पड़ती हैं।
इसे पढ़ें: हाइपरोपिया क्या है — कारण, लक्षण, निदान और इलाज
आंखों में रोशनी आने के बाद, लेंस और कॉर्निया उसे रेटिना पर केंद्रित होने में मदद करते हैं। उसके बाद, रेटिना की कोशिकाएं उस रोशनी को इलेक्ट्रोकेमिकल आवेगों में परिवर्तित कर देती हैं जो आगे ऑप्टिक नर्व और फिर मस्तिष्क में स्थानांतरित हो जाती है। दृष्टि साफ होने के लिए लेंस, कॉर्निया, रेटिना और ऑप्टिक नर्व का स्वस्थ होना और सामान्य रूप से अपना काम करना आवश्यक है। जब लेंस में धुंधलापन आ जाता है तो उसे मेडिकल की भाषा में मोतियाबिंद कहा जाता है और कॉर्निया में किसी प्रकार की समस्या पैदा होने पर मायोपिया, हाइपरोपिया और एस्टिग्मेटिज्म जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। काला मोतियाबिंद एक गंभीर बीमारी है जिसका समय पर उचित जांच और इलाज आवश्यक है। इसके इलाज में लापरवाही अंधेपन का कारण भी बन सकता है।
काला मोतियाबिंद के कारण — Causes Of Glaucoma In Hindi — What Are The Causes Of Glaucoma In Hindi — Glaucoma Ke Kya Kaaran Hai
काला मोतियाबिंद के ढेरों कारण हैं, लेकिन इसके मुख्य कारणों में ऑप्टिक नर्व पर दबाव पड़ता या ऑप्टिक नर्व का खराब होना है। एकुअस ह्यूमर (Aqueous Humor) नामक तरल पदार्थ के निर्माण के कारण आंखों पर दबाव पड़ता है। यह तरल पदार्थ निर्माण के बाद लेंस और कॉर्निया के बीच बने एक कोण में जमा होता है। लेकिन इस तरल पदार्थ की मात्रा अधिक हो जाती है या द्रव निकासी प्रणाली (Fluid Drainage System) सही से काम नहीं करता है तो यह तरल पदार्थ सामान्य रूप से बाहर नहीं निकल पाता है जिसके कारण ऑप्टिक नर्व पर दबाव बढ़ जाता है। काला मोतियाबिंद के निम्नलिखित कारण हैं।
- बुढ़ापा
- अनुवांशिकी
- आंख की सर्जरी
- हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित होना
- कॉर्टिकोस्टेरॉइड दवाओं का सेवन
- डाइलेटिंग आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल
- आंखों में चोट लगना या जख्म होना
- ऑप्टिक नर्व में खुन के प्रवाह में कमी आना
- मायोपिया (दूर की चीजें धुंधली दिखाई देना)
काला मोतियाबिंद के लक्षण — Symptoms Of Glaucoma In Hindi — What Are The Symptoms Of Glaucoma In Hindi — Glaucoma Ke Kya Lakshan Hain
आमतौर पर काला मोतियाबिंद होने पर इसके कुछ खास लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। लेकिन जब यह बीमारी गंभीर रूप ले लेती है तह मरीज इसके लक्षणों को खुद में अनुभव करते हैं। हालांकि, काला मोतियाबिंद के निम्निलिखित संभावित लक्षण हैं।
- उल्टी होना
- जी मिचलाना
- चक्कर आना
- सिर में दर्द होना
- आंखें लाल होना
- माथे में दर्द होना
- आंखों में तेज दर्द होना
- रोशनी के चारों तरह एक गोलाकार परछाईं दिखाई देना
अगर आपकी उम्र 45 वर्ष से अधिक है, आपने हाल ही में अपने आंख की सर्जरी कराई है या हाल ही में आपकी आंखों में किसी प्रकार की चोट आई है और आप ऊपर बताए गए किसी भी लक्षण को खुद में अनुभव करते हैं तो आपको बिना देरी किए एक अनुभवी नेत्र रोग विशेषज्ञ से मिलकर अपने आंखों का उचित जांच और इलाज कराना चाहिए। लंबे समय तक काला मोतियाबिंद के लक्षणों को नज़रअंदाज़ करना या इसके इलाज में देरी करना अंधेपन का कारण बन सकता है।
काला मोतियाबिंद का निदान — Diagnosis Of Glaucoma In Hindi — Glaucoma Ka Nidaan Kaise Kiya Jata Hai
काला मोतियाबिंद एक गंभीर बीमारी है। इस बीमारी का इलाज शुरू करने से पहले नेत्र रोग विशेषज्ञ मरीज के आंखों की प्रॉपर जांच करते हैं ताकि काला मोतियाबिंद के कारण, प्रकार और गंभीरता को अच्छी तरह से समझ सकें। आंखों के आंतरिक दबाव को मापने के लिए टेनोमेट्री परीक्षण का इस्तेमाल किया जाता है। ऑप्थेल्मोस्कोपी परीक्षण की मदद से ऑप्टिक नर्व की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाता है। इस परीक्षण को शुरू करने से पहले डॉक्टर आपकी आंखों में आई ड्रॉप डालते हैं जिससे आंखों की पुतली फैल जाती है और ऑप्टिक नर्व के आकार तथा रंग का पता लगाने में मदद मिलती है। काला मोतियाबिंद के कारण आपकी दृष्टि को कितना नुकसान हुआ है इस बात का पता लगाने के लिए पेरिमेट्री परीक्षण किया जाता है। गोनियोस्कोपी परीक्षण की मदद से डॉक्टर इस बात का पता लगाते हैं कि कॉर्निया और लेंस के बीच का कोण खुला और चौड़ा है या बहुत ही पतला और बंद है। आवश्यकता पड़ने पर डॉक्टर इन सभी परीक्षणों के अलावा कुछ दूसरे टेस्ट करने का सुझाव भी दे सकते हैं।
इसे पढ़ें: मोतियाबिंद ऑपरेशन — प्रक्रिया और खर्च
काला मोतियाबिंद का इलाज — Treatment Of Glaucoma In Hindi — Kala Motiyabind Ka Ilaj Kaise Kiya Jata Hai
काला मोतियाबिंद के कारण दृष्टि को जो नुकसान हुआ है उसे ठीक नहीं किया जा सकता है। लेकिन इलाज की मदद से काला मोतियाबिंद के लक्षणों को कम और ऑप्टिक नर्व पर पड़ रहे दबाव को काफी कम किया जा सकता है जिससे भविष्य में आंखों को होने वाले नुकसान की संभावना को कम या खत्म किया जा सकता है। काला मोतियाबिंद का इलाज कई तरह से किया जाता है जिसमें दवाओं का सेवन और सर्जरी शामिल हैं। आमतौर पर काला मोतियाबिंद की जांच करने और इसके प्रकार तथा गंभीरता की पुष्टि के बाद नेत्र रोग विशेषज्ञ इलाज के माध्यम का चुनाव करते हैं। अगर आप खुद में काला मोतियाबिंद के लक्षणों को अनुभव करते हैं या इस बीमारी से पीड़ित हैं तो आपको बिना देरी किए एक अनुभवी और कुशल नेत्र रोग विशेषज्ञ से मिलना चाहिए।
इसे पढ़ें: काला मोतियाबिंद का आयुर्वेदिक इलाज
अगर आप काला मोतियाबिंद का बेस्ट सर्जिकल इलाज पाना चाहते हैं तो आपको प्रिस्टीन केयर से संपर्क करना चाहिए। प्रिस्टीन केयर में काला मोतियाबिंद की सर्जरी को बहुत ही अनुभवी और कुशल नेत्र सर्जन की देखरेख में पूरा किया जाता है। हमारे नेत्र सर्जन को काला मोतियाबिंद या दृष्टि से संबंधित दूसरी बीमारियां जैसे की मायोपिया, हाइपरोपिया और एस्टिग्मेटिज्म की गहरी समझ और मॉडर्न एवं एडवांस सर्जरी में महारत हासिल है। ये नेत्र सर्जन अब तक काला मोतियाबिंद की हजारों सफल सर्जरी कर चुके हैं। दूसरे क्लिनिक या हॉस्पिटल की तुलना में हमारे क्लिनिक में काला मोतियाबिंद की सर्जरी को काफी कम खर्च में किया जाता है। इतना ही नहीं, कम से कम खर्च में काला मोतियाबिंद का बेस्ट इलाज करने के साथ-साथ हम अपने मरीज़ों को ढेरों सुविधाएं भी प्रदान करते हैं जिसमें सर्जरी वाले दिन फ्री पिकअप और ड्रॉप, सभी डायग्नोस्टिक टेस्ट पर 30% छूट और सर्जरी के बाद प्राधान्य फॉलो-अप्स आदि शामिल हैं। अगर आप कम से कम खर्च और समय में काला मोतियाबिंद का बेस्ट इलाज कराना चाहते हैं तो अभी प्रिस्टीन केयर से संपर्क करें।
आगे पढ़ें
- चश्मा हटाने का सबसे बेहतरीन उपाय
- मोतियाबिंद सर्जरी के बाद क्या खाना चाहिए?
- लेसिक सर्जरी क्या है — प्रक्रिया, फायदे और नुकसान
डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है| अगर आप किसी बीमारी से ग्रसित हैं तो कृपया डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें|