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ओवेरियन सिस्ट के कारण, लक्षण और इलाज — Ovarian Cyst In Hindi
ओवरी (Ovary) को हिंदी में अंडाशय कहा जाता है। यह गर्भाशय के दोनों तरफ निचली ओर स्थित होता है। यह महिलाओं में प्रजनन का एक प्रमुख हिस्सा है। महिलाओं के शरीर में दो अंडाशय पाए जाते हैं जिनका कार्य दो प्रमुख तरह के हार्मोन बनाना है। ये अंडे एस्ट्रोजन (Estrogen) और प्रेजोस्टेरोन (Progesterone) हार्मोन तैयार करते हैं जो गर्भावस्था के लिए बहुत जरूरी होता है।
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अंडाशयों में बनने वाले सिस्ट को ओवेरियन सिस्ट कहा जाता है। ओवेरियन सिस्ट को अंडाशय सिस्ट या ओवरी में गाँठ के नाम से भी जाना जाता है। ओवेरियन सिस्ट एक थैली में भरे हुए तरल पदार्थ यानी की एक गाँठ की तरह होते हैं। महिलाओं में दो अंडाशय होते हैं, ये दोनों गर्भाशय के दोनों तरफ स्थित होते हैं। यही कारण है की अंडाशय में सिस्ट बनने की वजह से अंडे बाहर नहीं आ पाते हैं। अंडों के बाहर नहीं आने के कारण महिलाओं में बांझपन की समस्या पैदा होती है।
ओवेरियन सिस्ट की समस्या होने पर आपको तुरंत किसी अच्छे गायनेकोलॉजिस्ट से मिलना चाहिए। समय पर इस बीमारी का उचित इलाज न कराने या इसे नजरअंदाज करने पर दूसरी और ढेरों गंभीर बीमारियां पैदा होने की संभावना बढ़ जाती है। इस लेख के जरिए हम आपको ओवेरियन सिस्ट से जुड़ी हर संभव जानकारी से अवगत कराएंगे।
एक नजर
- ओवेरियन सिस्ट का इलाज दो तरीकों से किया जाता है|
- जब उपचार से सिस्ट नष्ट नहीं होते हैं तब डॉक्टर सर्जरी करते हैं|
- मेनोपॉज (Menopause) के बाद ओवेरियन सिस्ट की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है|
Table of Contents
ओवेरियन सिस्ट के लक्षण — Symptoms of Ovarian Cyst in Hindi

ज्यादातर मामलों में ओवेरियन सिस्ट के लक्षण दिखाई नहीं देते हैं और थोड़े समय के बाद यह अपने आप ही ठीक हो जाते हैं। लेकिन जब अंडाशय में सिस्ट की लम्बाई 5 सेंटीमीटर से ज्यादा होती है तब कई लक्षण सामने आते हैं।
- भूख ना लगना – Low Appetite During Ovarian Cyst in Hindi

भूख ना लगना या फिर थोड़ा सा खाने के बाद ही पेट भरा-भरा लगना सिस्ट का एक लक्षण है। इस दौरान पेट में जलन की समस्या भी होती है।
- संभोग करते वक्त असहनीय पीड़ा – Unbearable Pain While Sexual Intercourse During Ovarian Cyst in Hindi

ओवेरियन सिस्ट की समस्या होने पर अगर आप संभोग करते हैं तो आपको भारी दर्द का सामना करना पड़ता है। दरअसल, यह सेक्स के दौरान ओवरी में पड़ रहे दबाव के कारण होता है।
- असामान्य पीरियड्स – Irregular Periods During Ovarian Cyst in Hindi

पीरियड्स का समय पर ना होना या फिर पीरियड्स में अधिक रक्तस्राव होना ओवेरियन सिस्ट के कारण हो सकते हैं।
- पेट में सूजन और दर्द — Inflammation and Pain in Abdomen During Ovarian Cyst in Hindi

पेट के निचले हिस्से में सूजन और दर्द की समस्या ओवेरियन सिस्ट के कारण हो सकती है। ओवेरियन सिस्ट होने पर गर्भाशय के आसपास दर्द की स्थिति बनी रहती है।
- पेशाब करते वक्त दर्द — Pain While Urinating During Ovarian Cyst in Hindi

ओवेरियन सिस्ट के लक्षण में पेशाब करते वक्त दर्द या फिर यूरिनेशन (Urination) की समस्या भी शामिल है। यह ब्लैडर (Bladder) में दबाव उत्पन्न करता है जिससे पेशाब करते वक्त पीड़ा उत्पन्न होती है।
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ओवेरियन सिस्ट के कारण और प्रकार — Types and Causes of Ovarian Cyst in Hindi
- फॉलिकल सिस्ट — Follicle Cyst in Hindi
पीरियड्स के दौरान महिलाओं के ओवरी में अंडो का निर्माण होता है जिसे फॉलिकल (Follicle) कहते हैं। यह एक थैली की तरह अंडाशय के अंदर मौजूद होते हैं जो समय आने पर फट जाते हैं। लेकिन कभी कभी यह थैली नहीं फटती और इसके अंदर मौजूद लिक्विड मटेरियल जमा होकर सिस्ट का निर्माण करते हैं।
- कॉर्पस ल्यूटियम सिस्ट — Corpus Luteum Cyst in Hindi
अंडों के निकलने के बाद फॉलिकल स्वयं नष्ट हो जाते हैं। अगर यह खत्म नहीं होते तो इनके अंदर मौजूद पदार्थ लगातार बढ़ते हुए एक जगह इकट्ठा होते हैं। इन्हीं पदार्थों का अतिरिक्त मात्रा में इकट्ठा हो जाना कार्पस ल्यूटियम सिस्ट (Corpus Luteum Cyst) कहलाता है। यह सिस्ट हर महीने ओवुलेशन (Ovulation) के बाद उत्पन्न होता है और एक-दो हफ्ते में नष्ट हो जाता है। कई बार यह सिस्ट 2 से 3 महीने तक भी बना रहता है जिसके कारण अंदर ही अंदर रक्तस्राव होने लगता है।
अन्य प्रकार के ओवेरियन सिस्ट — Other Types of Ovarian Cyst in Hindi
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कॉम्प्लेक्स सिस्ट – Complex Cyst in Hindi
कॉम्प्लेक्स सिस्ट सामान्य नहीं है और इनका आपके मेंस्ट्रुअल साइकिल से कोई संबंध नहीं है। कॉम्प्लेक्स सिस्ट तीन प्रकार के होते हैं जिन्हे हम डर्मोइड सिस्ट, सिस्टाडेनोमास सिस्ट और एंडोमेट्रियोमा सिस्ट के नाम से जानते हैं।
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सिंपल सिस्ट – Simple Cyst in Hindi
सिंपल सिस्ट बहुत ही सामान्य समस्या हैं। जब आपका अंडाशय अंडे को रिलीज नहीं कर पाता है या फिर अंडे को रिलीज करने के बाद जब आपके अंडाशय में एक कूप का विकास होता है तब सिंपल सिस्ट भी विकसित होते हैं। यह आपकी नार्मल मेंस्ट्रुअल साइकिल के कारण होते हैं इसलिए इन्हे फंक्शनल सिस्ट भी कहा जाता है। आमतौर पर फंक्शनल सिस्ट के लक्षण नहीं होते हैं।
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सिस्टाडेनोमास सिस्ट - Cystadenomas Cyst in Hindi
ये सिस्ट अंडाशय के अंदर नहीं बल्कि बाहरी सतह पर मौजूद होते हैं। इस तरह के सिस्ट से कैंसर होने का खतरा नहीं होता है।
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एंडोमेट्रियोमा सिस्ट - Endometrioma Cyst in Hindi
गर्भाशय के अंदर बनने वाले टिश्यू का लिंक कभी कभी गर्भाशय के बाहर भी हो जाता है। यह टिश्यू ओवरी से जुड़े होते हैं जिसके कारण सिस्ट बनते हैं|
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डर्मोइड सिस्ट - Dermoid Cyst in Hindi
ओवेरियन सिस्ट का यह एक ऐसा प्रकार है जिसमें थैली के भीतर बाल, वसा और अन्य टिश्यू मौजूद हो सकते हैं| जब ओवरी में अधिक मात्रा में छोटे छोटे सिस्ट बनने लगते हैं तब ओवरी का आकार बड़ा होने लगता है। इसे ही पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (Polycystic ovary syndrome) कहते हैं। यह बहुत खतरनाक समस्या है तथा इसका सही समय पर इलाज नहीं किया गया तो यह बांझपन का कारण बन सकती है। पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम होने पर असामान्य तरीके से वजन बढ़ने लगता है।
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पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम – Polycystic Ovary Syndrome
पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम बहुत खतरनाक समस्या है तथा इसका सही समय पर इलाज नहीं किया गया तो यह बांझपन का कारण बन सकती है। पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम होने पर असामान्य तरीके से वजन बढ़ने लगता है।
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चॉकलेट सिस्ट – Chocolate Cyst in Hindi
एंडोमेट्रियोसिस से पीड़ित होने की स्थिति में हर मासिक चक्र के दौरान ओवरी में खून जमा हो जाता है। जो आगे जाकर चॉकलेट सिस्ट का कारण बनता है। चॉकलेट सिस्ट होने पर मासिक धर्म के समय काफी दर्द होता है तथा गर्भाधारण में भी शिकायत आती है। लेप्रोस्कोपिक सर्जरी इसका सबसे बढ़िया इलाज है।
ओवेरियन सिस्ट कैंसर तो नहीं — Is Not Ovarian Cyst Cancer in Hindi

महिलाओं में ओवेरियन कैंसर की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। ओवेरियन सिस्ट कैंसर नहीं है लेकिन यह कैंसर की वजह अवश्य बन सकता है। जब गर्भाशय में मौजूद ट्यूब नष्ट और अंडाशय में अतिरिक्त मात्रा में छोटे छोटे सिस्ट उत्पन्न होने लगते हैं तब ओवेरियन कैंसर की समस्या होती है। ओवेरियन सिस्ट और ओवेरियन कैंसर के बीच में अंतर का पता लगा पाना मुश्किल होता है क्योंकि यह एक ही जगह बनते रहते हैं। ओवेरियन कैंसर का पता तब चलता है जब यह पूरे पेल्विक फ्लोर (Pelvic Floor) को अपनी गिरफ्त में ले लेता है। अगर सही समय पर इसका पता लग जाए तो इलाज संभव है।
मेनोपॉज के बाद अंडाशय की कार्य क्षमता पर भारी प्रभाव पड़ता है जिससे ओवेरियन कैंसर होने का खतरा रहता है। जो महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) की समस्या से पीड़ित है, उन्हें भी ओवेरियन कैंसर हो सकता है। ओवेरियन कैंसर का खतरा तब और ज्यादा बढ़ जाती है जब आप 30 वर्ष की उम्र में पहली बार मां बनती है। ओवेरियन कैंसर प्रेगनेंसी के दौरान भी हो सकता है। अगर समय समय पर पेल्विक जांच कराई जाए तो ओवेरियन कैंसर की समस्या से बचा जा सकता है।
ओवेरियन सिस्ट और ओवेरियन कैंसर के बहुत से लक्षण सामान्य होते हैं इसलिए महिलाएं इसे नजरंदाज कर देती हैं। लक्षणों के आधार पर ओवेरियन कैंसर का अनुमान लगाना गलत होगा, क्योंकि जांच के बाद ही इसका सटीक पता लगाया जा सकता है। परीक्षण के बाद अगर कैंसर होने की आशंका दिखाई देती है तो कीमोथेरेपी (Chemotherapy), रेडियोथेरेपी (Radiotherapy) या फिर सर्जरी के माध्यम से इलाज किया जाता है।
ओवेरियन सिस्ट का परीक्षण — Diagnosis of Ovarian Cyst in Hindi

पेल्विक जांच करने के बाद अगर आपके अंडाशय में सूजन दिखाई देता है तो यह ओवेरियन सिस्ट हो सकता है। सूजन दिखने पर अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) की मदद से सिस्ट ज्ञात किया जाता है। अल्ट्रासाउंड डिवाइस के जरिए हाई फ्रिकवेंसी साउंड वेव (High Frequency Sound Wave) शरीर के अंदर डाली जाती है जिससे शरीर के आंतरिक बनावट की सारी जानकारी कंप्यूटर स्क्रीन पर मिल जाती है।अल्ट्रासाउंड के अलावा, सीटी स्कैन (CT Scan) और एमआरआई (MRI) टेस्ट भी किया जा सकता है।
ओवरी में सिस्ट का पता लगने के बाद डॉक्टर तुरंत इलाज के लिए नहीं कहते हैं। सिस्ट का साइज छोटा होने पर यह कुछ हफ्तों में खुद नष्ट हो सकते हैं। डॉक्टर कुछ हफ्ते बाद आपको दोबारा चेकअप कराने के लिए कह सकते हैं। अगर सिस्ट नष्ट नहीं हो रहे हैं और इनका आकार लगातार बढ़ता जा रहा है तो प्रेगनेंसी टेस्ट, ओवेरियन कैंसर टेस्ट और हार्मोन टेस्ट किया जाता है और फिर उसके बाद डॉक्टर उचित इलाज के माध्यम का चुनाव करते हैं।
ओवेरियन सिस्ट का पक्का इलाज एवं उपचार — Cure and Treatment of Ovarian Cyst in Hindi

कई बार ओवेरियन सिस्ट स्वयं ही सिकुड़ जाते हैं और अंडाशय पूरी तरह सामान्य हो जाता है। इसलिए अगर आपके सिस्ट बड़े आकार के नहीं हैं तो डॉक्टर आपको कुछ महीने इन्तजार करने के लिए कह सकते हैं। इस दौरान आपको पेल्विक अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह भी दे सकते हैं जिससे वह सिस्ट के आकार में हुए कोई भी परिवर्तन को माप सके। अगर फिर भी सिस्ट का आकार छोटा नहीं होता है तो इसका पक्का इलाज डॉक्टर दो तरीके से कर कर सकते हैं। सिस्ट का इलाज करने के लिए डॉक्टर किस मेथड का चयन करते हैं यह पूरी तरह से आपके सिस्ट के आकार और संख्या पर निर्भर करता है।
- हार्मोनल पिल्स – Hormonal Pills in Hindi

आपके सिस्ट के आकार और संख्या को मापते हुए डॉक्टर आपको कुछ हार्मोनल पिल्स जैसे की गर्भ निरोधक गोलियां खाने की सलाह दे सकते हैं| हालांकि, यह गोलियां सिस्ट के आकार को कम नहीं करती हैं लेकिन नए सिस्ट का निर्माण भी नहीं होने देती हैं| इसके अलावा, इन गोलियों से ओवेरियन कैंसर होने का भी खतरा बहुत कम होता है| आमतौर पर ओवेरियन कैंसर का खतरा उन महिलाओं को ज्यादा होता है जो प्रजनन उम्र को पार कर चुकी हैं और उनकी रजोनिवृत्ति (Menopause) हो चुकी होती है|
- सर्जरी — Surgery For Ovarian Cyst in Hindi

अगर सिस्ट का आकार और संख्या एब्नार्मल (Abnormal) है तो डॉक्टर के पास सर्जरी के अलावा कोई दूसरा आप्शन नहीं बचता है| ओवेरियन सिस्ट को नष्ट करने के लिए दो प्रकार की सर्जरी मौजूद हैं।
- लेप्रोस्कोपिक सर्जरी — Laparoscopic Surgery For Ovarian Cyst in Hindi
- लैप्रोटोमी सर्जरी ‘या’ ओपन सर्जरी — Laparotomy Surgery or Open Surgery For Ovarian Cyst in Hindi
ओवेरियन सिस्ट के लिए लेप्रोस्कोपिक सर्जरी — Laparoscopic Surgery For Ovarian Cyst in Hindi

अगर सिस्ट का आकार ज्यादा बड़ा नहीं है तो इसे लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की मदद से खत्म किया जाता है। सर्जरी करने से पहले गायनेकोलॉजिस्ट रोगी को जेनेरल एनेस्थीसिया देते हैं ताकि सर्जरी के दौरान रोगी को दर्द का सामना न करना पड़े। सर्जन, नाभि के ठीक नीचे एक छोटा होल बनाते हैं। जिसके जरिए वे रोगी के पेट में लेप्रोस्कोप डालते हैं। लैप्रोस्कोप एक मेडिकल मशीन है जो एक पतली ट्यूब की तरह होती है जिसके अंत में एक कैमरा होता है। अंगों को बेहतर तरीके से देखने के लिए पेट में कार्बन-डाइऑक्साइड गैस डाली जाती है और फिर सिस्ट का पता लगाने के लिए लैप्रोस्कोप उपकरण का इस्तेमाल किया जाता है।
सिस्ट का पता लगने के बाद गायनेकोलॉजिस्ट कट लगाते हैं और फिर लैप्रोस्कोप को उस कट के जरिए मरीज के शरीर के अंदर डालते हैं। कैंसर पाने की स्थिति में दोनों अंडाशय को हटाने की आवश्यकता पड़ सकती है। सिस्ट को खत्म करने के बाद लैप्रोस्कोप को भी मरीज के शरीर से बाहर निकाल लिया लाता है और कट वाली जगह को टाँके या स्टेपल की मदद से बंद कर दिया जाता है। सर्जरी की इस प्रक्रिया के तुरंत बाद मरीज को पूर्ण रूप से ठीक होने के लिए आइवी (IV) के जरिए तरल पदार्थ और दवाए दी जाती हैं।
ओवेरियन सिस्ट के लिए लैप्रोटोमी सर्जरी या ओपन सर्जरी — Laparotomy Surgery or Open Surgery For Ovarian Cysts in Hindi
बड़े सिस्ट को हटाने के लिए इस सर्जरी का इस्तेमाल किया जाता है। ओपन सर्जरी के दौरान सर्जन मरीज के पेट में एक बड़ा सा कट लगाते हैं ताकि वह शरीर के सभी अंगों को आसानी से देख सकें। यही कारण है की इस प्रक्रिया को ओपन सर्जरी भी कहा जाता है। सर्जरी करने से पहले गायनेकोलॉजिस्ट मरीज को जेनेरल एनेस्थीसिया देकर बेहोश कर देते हैं ताकि सर्जरी के दौरान मरीज को किसी भी तरह की कोई दिक्कत या परेशानी न आए।
इस प्रकिया में एब्डोमेन में एक बड़ा चीरा लगाया जाएगा और एब्डोमिनल मसल्स को हटाकर आपके पेट को खोल दिया जाता है। फिर डॉक्टर आसानी से आपके सिस्ट को हटा देते हैं। वहीं अगर ओवेरियन कैंसर की समस्या हुई तो गायनेकोलॉजिस्ट ओवरी को ही बाहर निकाल देते हैं। सर्जरी पूरी होने के बाद टांके या स्टेपल की मदद से चीरा को बंद कर दिया जाता है।
सर्जरी को पूरा होने में लगभग 1-2 घंटे का समय लगता है। सर्जरी के बाद आपको सात से आठ दिन तक पेट में हल्के दर्द की समस्या हो सकती है। इससे निपटने के लिए डॉक्टर मरीज को कुछ खास तरह की दवाएं देते हैं। सर्जरी के बाद मरीज को पूरी तरह से ठीक होने में लगभग दो सप्ताह तक का समय लग सकता है।
ओवेरियन सिस्ट की सर्जरी के रिस्क — Risks of Ovarian Cyst Surgery in Hindi
चाहे कोई भी सर्जरी हो, दोनों ही सर्जरी में कुछ रिस्क होने की संभावना होती है। इसमें कुछ चीजें शामिल हैं जैसे की:-
- संक्रमण
- रक्तस्त्राव
- दोबारा सिस्ट होना
- दोनों अंडाशय को भी हटाया जा सकता है
- बांझपन
- खून के थक्के आ जाना
- अन्य अंगों को नुकसान होना
इसके अलावा, अगर आपकी पहले कोई एब्डोमिनल सर्जरी हो चुकी है या फिर आप प्रेग्नेंट हैं तो रिस्क और भी ज्यादा हो सकते हैं।
सर्जरी के बाद कि सावधानियां — Precautions After Surgery For Ovarian Cyst in Hindi

- जब तक डॉक्टर न कहे आप व्यायाम न करें।
- बिना डॉक्टर की सलाह के आपको सेक्स नहीं करनी चाहिए। डॉक्टर आपको लगभग 2-3 हफ्ते तक सेक्स से दूरी बनाए रखने की सलाह दे सकते हैं।
- सभी दवाइयों का सही समय पर सेवन करें।
- डॉक्टर के निर्देशानुसार बीच बीच में अल्ट्रासाउंड टेस्ट करवाते रहें।
- इन्फेक्शन से बचने के लिए अपनी साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। साफ कपड़ा पहने, खाने के पहले हाथों को अच्छी तरह से धोएं इत्यादि।
- चीरा वाली जगह को बार बार न खुद छुएं और नाही किसी और को छूने दें।
ओवेरियन सिस्ट के इलाज के लिए अच्छे हॉस्पिटल और डॉक्टर का चुनाव करें — Choose Best Hospital And Doctor For Ovarian Cyst Treatment
ओवेरियन सिस्ट एक गंभीर समस्या है जिसे जरा सा भी नजरअंदाज करना ढेरों परेशानियों का कारण बन सकता है। इसलिए इस दौरान आपको काफी सतर्क और सावधान रहने की आवश्यकता होती है। इसका इलाज करवाने के लिए आपको किसी अच्छे और अनुभवी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ताकि इलाज के दौरान या इलाज के बाद आपको किसी तरह की कोई परेशानी न हो। कई बार इलाज कराने के बाद आप खुद में काफी लक्षणों को महसूस कर सकती हैं। ऐसी स्थिति में आपको बिना देरी किए अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए। हम आपको नीचे इन्ही खास लक्षणों के बारे में बता रहे हैं।
- सीने में दर्द होना
- योनि से ब्लीडिंग होना
- पैरों में सूजन या दर्द बढ़ना
- कब्ज या पेट में सूजन होना
- मतली आना और उलटी होना
- खांसी या सांस लेने में तकलीफ होना
- सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द होना
- संक्रमण के लक्षण जैसे की बुखार और ठंड लगना
- अगर दी गई दवाइयों के सेवन के बाद भी दर्द कम न हो
- मूत्र संबंधी विकार या मूत्र एवं मल त्याग करने में सामान्य से ज्यादा दर्द होना
- चीरा वाले क्षेत्र में लालिमा, सूजन, दर्द, अत्यधिक रक्तस्राव या पस का स्राव होना
आपातकालीन स्थिति होने पर आपको तुरंत एम्बुलेंस को कॉल करना चाहिए। अगर सर्जरी की मदद से आप अपने ओवेरियन सिस्ट का परमानेंट इलाज करवाना चाहती हैं तो Pristyn Care एक बेहतर विकल्प है।
ओवेरियन सिस्ट की सर्जरी के लिए Pristyn Care क्यों चुनें
बहुत से ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से ओवेरियन सिस्ट की सर्जरी के लिए प्रिस्टीन केयर बेहतर एक बेहतर विकल्प माना जाता है।
प्रशिक्षित सर्जन की टीम — हमारे पास एक्सपीरियंस्ड सर्जन की टीम है जो ओवेरियन सिस्ट की सर्जरी सफाई से करते हैं जिससे रोगी के स्वस्थ होने की पूरी संभावना होती है|
एडवांसड टेक्नोलॉजी से इलाज होता है — हमारे सर्जन ओवेरियन सिस्ट की सर्जरी, नवीनतम और एडवांसड टेक्नोलॉजी की मदद से करते हैं। जिसकी वजह से मरीज को इलाज के दौरान या बाद में किसी भी तरह की कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है और इलाज के बाद रिकवरी भी बहुत तेज होती है।
सही चुनाव —हमारे सर्जन मरीज कि समस्या को अच्छे से समझने के बाद इस बात पर ध्यान देते हैं कि किस प्रक्रिया के जरिये ओवेरियन सिस्ट का इलाज किया जा सकता है| अगर ओवेरियन सिस्ट को बिना सर्जरी के ही खत्म किया जा सकता है तो डॉक्टर मरीज को कुछ दवाओं का सेवन करने कि सलाह देते हैं। वहीं अगर सिस्ट को खत्म करने के लिए सर्जरी की आवश्यकता पड़ती है तो हमारे सर्जन सर्जरी कि मदद से सिस्ट कि समस्या को हमेशा के लिए खत्म कर देते हैं।
अपने शहर में करा सकते हैं इलाज — हमारे सर्जन भारत के 20 से ज्यादा शहरों में मौजूद हैं। इसलिए आपको इलाज के लिए ज्यादा दूर जाने की आवश्यकता नहीं होगी|
प्राधान्य फॉलो-अप — सर्जरी के बाद हम अपने मरीज को प्राधान्य फॉलो-अप (Follow up) की सुविधा भी प्रदान करते हैं। इसके साथ मरीज के आने जाने का खर्चा भी उठाते हैं।
इंश्योरेंस की सुविधा — हमारे पास इंश्योरेंस की टीम है जिसकी मदद से आप ओवेरियन सिस्ट की सर्जरी 100% की छूट पर करा सकते हैं।
ओवेरियन सिस्ट से जुड़े कुछ सवाल-जवाब जो अक्सर पूछे जाते हैं
क्या ओवेरियन सिस्ट के दौरान गर्भावस्था संभव है — Is Pregnancy Possible During Ovarian Cyst in Hindi
ओवेरियन सिस्ट होने के बाद भी महिला गर्भवती हो सकती है| लेकिन यह सिस्ट के आकार पर निर्भर करता है। सिस्ट का आकार छोटा होने पर प्रेगनेंसी हो सकती है। हालांकि, प्रेगनेंसी के दौरान इसका आकार बढ़ सकता है। प्रेगनेंसी के दौरान सिस्ट की समस्या किसी भी तरह की डिलीवरी प्रॉब्लम (Delivery problem) को जन्म नहीं देती है। डिलीवरी के दौरान डॉक्टर सर्जरी कर सिस्ट को आसानी से निकल सकते हैं।
क्या ओवेरियन सिस्ट का घरेलू इलाज संभव है — Is Home Treatment of Ovarian Cysts Possible in Hindi
विशेषज्ञ घरेलू नुस्खे से ओवेरियन सिस्ट का इलाज करने की इजाजत बिलकुल भी नहीं देते हैं। इसके लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्त्री-रोग विशेषज्ञ से मिलकर उन्हें अपनी समस्या के बारे में बताना चाहिए।
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डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है| अगर आप किसी बीमारी से ग्रसित हैं तो कृपया डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें|